भोपाल। भारतीय खाने की खास बात यह है कि इसमें डाली जाने वाले मसाले न केवल खाने को स्वादिष्ट बनाते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी लाभकारी होते हैं। मसाले के बिना लगभग हर पकवान अधूरा और फीका है। मसाले खाने में स्वाद लेकर आते हैं। साथ ही ढेर सारे फायदे जो सेहत के लिए […]
भोपाल। भारतीय खाने की खास बात यह है कि इसमें डाली जाने वाले मसाले न केवल खाने को स्वादिष्ट बनाते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी लाभकारी होते हैं। मसाले के बिना लगभग हर पकवान अधूरा और फीका है। मसाले खाने में स्वाद लेकर आते हैं। साथ ही ढेर सारे फायदे जो सेहत के लिए जरूरी हैं।
हमारे किचन में कई ऐसे मसाले मौजूद हैं, जो ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने के साथ ब्लड शुगर लेवल भी संतुलित करते हैं। आइए जानते हैं कि वे कौन से मसाले हैं, जिन्हें डाइट में शामिल करने से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल हो सकता है।
धनिया कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने का काम करता है। धनिए में भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट होता है जो पाचन तंत्र में सुधार लाने का काम करता है। इसके साथ शरीर को डिटॉक्सिफाई भी करता है। शोध के मुताबिक धनिए के बीज में ऐसे एंजाइम पाए जाते है, जो ब्लड से शुगर निकालने का काम करते है।
ब्लडस्ट्रीम में ग्लूकोज की मात्रा संतुलित करने के लिए दालचीनी बेहतर विकल्प है। ये सामान्य बॉडी वेट को मैनेज भी करता है। दालचीनी कार्डियोवैस्कुलर बीमारियां दूर करने की भी सक्षमता रखता है। दालचीनी इंसुलिन की फंक्शनिंग की तरह काम करता है और इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाता है।
मेथी फाइबर से भरपूर एक भारतीय मसाला है, जो कार्ब्स के अवशोषण का काम करता है। इसलिए ये ब्लड शुगर लेवल को भी नियंत्रित करता है। रात में भिगोए मेथी दाने का सेवन सुबह खाली पेट करने से ब्लड शुगर संतुलित बना रहता है। यह एक एंटी-डायबिटिक दवा की तरह काम करता है। यह फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज लेवल को कम करने में मदद करता है।
इसमें मौजूद करक्यूमिन के एंटी इन्फ्लेमेटरी गुणों के कारण कई बीमारियों से राहत मिलती है। हल्दी जोड़ों के दर्द को कम करता है। इम्यूनिटी में सुधार और ब्लड शुगर लेवल संतुलित करने का काम करता है। हल्दी इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाता है। इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करता है। इस तरह ये ब्लड शुगर लेवल को संतुलित बनाए रखता है।