भोपाल। अंकुरित अनाज को सेहत के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। चना, मूंग, मूंगफली, मेथी दाना और जई जैसे अनाजों को अंकुरित कर खाने से प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं। खासतौर पर वेट लॉस करने वालों के लिए स्प्राउट्स एक बेहतरीन विकल्प […]
भोपाल। अंकुरित अनाज को सेहत के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। चना, मूंग, मूंगफली, मेथी दाना और जई जैसे अनाजों को अंकुरित कर खाने से प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं। खासतौर पर वेट लॉस करने वालों के लिए स्प्राउट्स एक बेहतरीन विकल्प हैं, क्योंकि यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर वजन कम करने में मदद करते हैं। हालांकि इसके सेवन में कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है, वरना यह सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है।
1. अनाज को अच्छे से धोना जरूरी
स्प्राउट्स बनाने से पहले दालों या बीन्स को दो से तीन बार अच्छी तरह धोना चाहिए। बाजार में बिकने वाले अनाज कई हाथों से होकर गुजरते हैं, साथ ही इन्हें प्रोसेसिंग के दौरान केमिकल पाउडर से भी गुजारा जाता है। ऐसे में बिना अच्छी तरह साफ किए इनका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
2. खराब स्प्राउट्स न खाएं
अगर अंकुरित अनाज से दुर्गंध आने लगे या उस पर फफूंद दिखे, तो उसे तुरंत फेंक देना चाहिए। खराब स्प्राउट्स खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है और पेट संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं।
3. पकाकर करें सेवन
अक्सर लोग स्प्राउट्स को कच्चा ही खाते हैं, लेकिन यह बदहजमी और पेट में गैस की समस्या पैदा कर सकता है। इसलिए हल्का उबालकर खाने की सलाह दी जाती है, जिससे इसमें मौजूद बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं और पाचन में भी आसानी होती है।
4. पैक्ड स्प्राउट्स से बचें
मार्केट में मिलने वाले डिब्बाबंद स्प्राउट्स सुविधाजनक जरूर होते हैं, लेकिन पूरी तरह सुरक्षित नहीं होते। इनकी ताजगी और गुणवत्ता पर संदेह बना रहता है, इसलिए घर पर ही ताजा स्प्राउट्स तैयार करना ज्यादा फायदेमंद होता है।
गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पाचन संबंधी समस्या से जूझ रहे लोगों को स्प्राउट्स का सेवन सोच-समझकर करना चाहिए। अगर इन्हें खाना हो तो हल्का पकाकर ही खाएं ताकि यह आसानी से पच सके और कोई समस्या न हो। स्प्राउट्स भले ही सेहत के लिए वरदान माने जाते हैं, लेकिन इन्हें सही तरीके से न खाने पर ये स्वास्थ्य के लिए उतने ही नुकसानदेह साबित हो सकते हैं।