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                    <title><![CDATA[अमेरिका में टमाटर खाना जानलेवा, FDA ने जारी किया आदेश]]></title>
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                    <description><![CDATA[भोपाल। अमेरिका के टमाटर में एक खतरनाक बैक्टीरिया होने की खबर सामने आई है। इस खबर ने पूरी दुनिया में दहशत फैला दी है। एफडीए ने चेतावनी दी है कि कई राज्यों में बेचे जाने वाले टमाटर जानलेवा हो सकते हैं। इन दिनों अमेरिका में टमाटर न खाने की सलाह दी जा रही है। साथ [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/06/Clipboard-16.jpg"/><strong>भोपाल।</strong> अमेरिका के टमाटर में एक खतरनाक बैक्टीरिया होने की खबर सामने आई है। इस खबर ने पूरी दुनिया में दहशत फैला दी है। एफडीए ने चेतावनी दी है कि कई राज्यों में बेचे जाने वाले टमाटर जानलेवा हो सकते हैं। इन दिनों अमेरिका में टमाटर न खाने की सलाह दी जा रही है। साथ ही कहा जा रहा है कि टमाटर बाजारों से न खरीदे।
<h2><strong>टमाटर को लेकर जारी आदेश</strong></h2>
कहा जा रहा है कि अमेरिका के टमाटरों में एक बैक्टीरिया होने का पता चला है। वह बैक्टीरिया कई खतरनाक वैरायटी में पनप रहा है। देश की स्वास्थ्य एजेंसी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें शंका है कि टमाटरों में साल्मोनेला हो सकता है। इसकी खबर आने के बाद अमेरिका के 14 राज्यों में 2 तरह के टमाटरों को दुकानों से हटवाया गया है। एफडीए ने बताया कि इससे पहले 2 मई को एक आदेश जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि दुकानों से टमाटरों को वापस लिया जाए। इसके बाद से स्थिति और बिगड़ती जा रही है। एफडीए ने अपने जारी आदेश में कहा कि स्वास्थ्य एजेंसी लोगों से अपील करती है कि जिन्होंने बाजारों से टमाटर खरीदे हैं,वह उन्हें अपने खाने में इस्तेमाल न करें।
<h3><strong>3 राज्यों में बेचे गए टमाटर</strong></h3>
वे या तो इन टमाटरों को वापस कर दें या फिर उन्हें फेंक दें। अधिकारियों ने यह भी बताया कि जिन लोगों ने प्रभावित टमाटर का सेवन किया है, उनमें भी बैक्टीरिया के लक्षण पाए गए हैं। जिन लोगों ने टमाटरों को खाया है, वे जल्दी जाकर अस्पताल को इसकी सूचना दें। एफडीए एजेंसी ने बताया कि बैक्टीरिया से संक्रमित टमाटर 3 राज्यों में बेचे जा चुके हैं। इनमें जॉर्जिया, साउथ कैरोलिना और नॉर्थ कैरोलिना का नाम शामिल है। एफडीए ने बताया कि इन राज्यों में 23 अप्रैल से 28 अप्रैल के बीच जानलेवा टमाटरों को बेचा गया है। हालांकि इस खाने से अभी तक किसी के मारे जाने की खबर सामने नहीं आई है, लेकिन अधिकारियों ने सावधानी बरतने को कहा है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>June 3, 2025, 8:52 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[शनिवार को होगा पोप फ्रांसिस का निधन, वेटिकन में अंतिम संस्कार की तैयारी शुरु]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/world/pope-francis-will-die-on-saturday-preparations-for-funeral-begin-in-vatican/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। पोप फ्रांसिस का अंतिम संस्कार शनिवार की सुबह किया जाएगा। वेटिकन ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरु हो गई है। ताबूत में लेटे पोप फ्रांसिस की पहली तस्वीर सामने आई है। तस्वीर में पोप फ्रांसिस के पास वेटिकन राज्य सचिव प्रार्थना करते दिखाई दे रहे हैं। वेटिकन के मुताबिक पोप फ्रांसिस का अंतिम संस्कार [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/06/Clipboard-16.jpg"/><strong>भोपाल।</strong> पोप फ्रांसिस का अंतिम संस्कार शनिवार की सुबह किया जाएगा। वेटिकन ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरु हो गई है। ताबूत में लेटे पोप फ्रांसिस की पहली तस्वीर सामने आई है। तस्वीर में पोप फ्रांसिस के पास वेटिकन राज्य सचिव प्रार्थना करते दिखाई दे रहे हैं। वेटिकन के मुताबिक पोप फ्रांसिस का अंतिम संस्कार सुबह 10 बजे किया जाएगा।
<h2><strong>विधानसभा में शोक प्रस्ताव पारित</strong></h2>
अंतिम संस्कार की प्रक्रिया कार्डिनल्स कॉलेज के डीन कराएंगे। वहीं कार्डिनल्स ने सेंट पीटर्स बेसिलिका में पोप फ्रांसिस के सार्वजनिक दर्शन बुधवार सुबह से शुरू हो जाएंगे। वहीं तमिलनाडु सरकार की ओर से मंत्री एसएम नासर और डॉ. एस इनिगो इरुदयाराज पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेंगे। तमिलनाडु विधानसभा ने पोप फ्रांसिस को श्रद्धांजलि दी। साथ ही एक शोक प्रस्ताव पारित किया।
<h3><strong>अपने आवास पर ली आखिरी सांस</strong></h3>
पोप फ्रांसिस का 21 अप्रैल को निधन हो गया। उन्होंने 88 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्हें 'पीपुल्स पोप' (लोगों के प्रिय पोप) कहा जाता था। वे लैटिन अमेरिका से पोप बनने वाले पहले व्यक्ति थे। उन्होंने वेटिकन के कासा सांता मार्टा स्थित अपने आवास पर सुबह 7.30 बजे आखिरी सांस ली। जानकारी के मुताबिक वे लंबे समय से निमोनिया के बीमारी से जूझ रहे थे। बीते दिन ईस्टर के मौके पर लंबे समय के बाद वे लोगों से रुबरु हुए।]]></content:encoded>
                    <pubDate>June 3, 2025, 8:52 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[ईसाइयों के सबसे बड़े धर्म गुरु पोप फ्रांसिस का निधन, दुनियाभर में शोक की लहर]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/world/pope-francis-the-greatest-religious-leader-of-christians-passed-away-wave-of-mourning-across-the-world/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। पोप फ्रांसिस का 88 साल की उम्र में निधन हो गया। वैटिकन ने उनके निधन की पुष्टि की है।  वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे।  वैटिकन ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि रोमन कैथोलिक चर्च के पहले लैटिन अमेरिकी पोप फ्रांसिस ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। फेफड़ों में [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/06/Clipboard-16.jpg"/><strong>भोपाल।</strong> पोप फ्रांसिस का 88 साल की उम्र में निधन हो गया। वैटिकन ने उनके निधन की पुष्टि की है।  वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे।  वैटिकन ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि रोमन कैथोलिक चर्च के पहले लैटिन अमेरिकी पोप फ्रांसिस ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है।
<h2><strong>फेफड़ों में न्यूमोनिया</strong></h2>
उनके दोनों फेफड़ों में न्यूमोनिया था, जिसकी वजह से उनकी हालत गंभीर थी। गंभीर रुप से बीमार होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हाल में ही अस्पताल से डिस्चार्ज हुए थे]]></content:encoded>
                    <pubDate>June 3, 2025, 8:52 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[यमन पर अमेरिका का हवाई हमला, हूतियों को बनाया अपना निशाना]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/world/us-air-strike-on-yemen-targetting-houthis/</link>
                    <description><![CDATA[राजस्थान। अमेरिका ने एक बार फिर यमन पर हमला किया है। अमेरिका ने यमन के तेल बंदरगाह रास ईसा पर हवाई हमला किया। इस बंदरगाह पर हूतियों का कब्जा था। हूतियों का कहना है कि अमेरिकी द्वारा किए गए हमले में 38 लोगों की मौत हो गई। वहीं 102 लोग घायल हो गए हैं। अमेरिकी [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/06/Clipboard-16.jpg"/><strong>राजस्थान।</strong> अमेरिका ने एक बार फिर यमन पर हमला किया है। अमेरिका ने यमन के तेल बंदरगाह रास ईसा पर हवाई हमला किया। इस बंदरगाह पर हूतियों का कब्जा था। हूतियों का कहना है कि अमेरिकी द्वारा किए गए हमले में 38 लोगों की मौत हो गई। वहीं 102 लोग घायल हो गए हैं। अमेरिकी सेना ने इस हमले की पुष्टि की है।
<h2><strong>हूतियों के अड्डे को बनाया निशाना</strong></h2>
अमेरिका लगातार हूतियों को अपना निशाना बना रही है। यमन की राजधानी सना में लगातार अमेरिकी सैन्य विमान हूतियों के अड्डों पर हमला कर रहे हैं। ऐसा पहली बार है जब किसी हमले में इतनी बड़ी संख्या में हूतियों की मौत हुई है। हूतियों ने बंदरगाह पर हमले के बाद की स्थिति का वीडियो जारी किया। इसमें घटनास्थल पर लाशें बिखरी हुई दिखाई दे रही थीं। इसने कहा कि बंदरगाह पर पैरामेडिक और नागरिक कर्मचारी हमले में मारे गए। इससे भीषण विस्फोट हुआ और आग लग गई।
<h2><strong>ईंधन के स्रोत को खत्म करना</strong></h2>
वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिकी बलों ने ईरान समर्थित हूतियों के लिए ईंधन के स्रोत को खत्म करने के लिए यह कार्रवाई की है। साथ ही अवैध राजस्व से वंचित रखने के लिए भी यह हमला किया गया है। इसने 10 सालों से ज्यादा समय तक पूरे क्षेत्र में हूती के प्रभावों को बढ़ाने के लिए पोषित किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि इस हमले का उद्देश्य यमन के लोगों को हानि पहुंचाना नहीं था। इसका मकसद हूती शासन को उतार फेंकना था ताकि वहां के लोग शांति से रहें।
<h2><strong>तेल टैंकों का केंद्र</strong></h2>
वहीं अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस का आरोप है कि चांग गुआंग सैटेलाइट टेक्नोलॉजी कंपनी ने अमेरिकी हितों के लिए हूती विद्रोहियों पर हमलों का सीधा समर्थन किया है। यमन का बंदरगाह तीन तेल टैंकों और रिफाइनिंग उपकरणों का केंद्र है। यह यमन के लाल सागर के किनारे स्थित है। नासा के उपग्रहों ने कामरान द्वीप के पास स्थित इस स्थल पर भीषण आग देखी। हूतियों ने कहा कि यह पूरी तरह से अनुचित आक्रमण है।
<h2><strong>लोगों पर साधा निशाना</strong></h2>
यह हमला यमन की संप्रभुता और स्वतंत्रता का घोर उल्लंघन है। अमेरिका पूरे यमनी लोगों को सीधे निशाना बनाता है। यह एक महत्वपूर्ण नागरिक सुविधा को निशाना बनाना है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>June 3, 2025, 8:52 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[पीएम मोदी 2 दिवसीय थाईलैंड दौरे पर, पीएम पाइतोंग्तार्न से करेंगे मुलाकात]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/world/pm-modi-on-2-day-visit-to-thailand-will-meet-pm-paitongtarn/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी गुरुवार को 2 दिन के लिए थाईलैंड दौरे पर गए हैं। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक पहुंचकर उन्होंने एयरपोर्ट पर भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की। इसके बाद पीएम मोदी ने थाई रामायण का मंचन देखा। यहां रामायण को रामाकेन कहा जाता है। BIMSTEC सम्मेलन में लेंगे हिस्सा इसके [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/06/Clipboard-16.jpg"/><strong>भोपाल।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी गुरुवार को 2 दिन के लिए थाईलैंड दौरे पर गए हैं। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक पहुंचकर उन्होंने एयरपोर्ट पर भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की। इसके बाद पीएम मोदी ने थाई रामायण का मंचन देखा। यहां रामायण को रामाकेन कहा जाता है।
<h2><strong>BIMSTEC सम्मेलन में लेंगे हिस्सा</strong></h2>
इसके बाद PM मोदी थाईलैंड की पीएम पाइतोंग्तार्न शिनवात्रा से मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों देश व्यापारिक संबंधों पर चर्चा करेंगे। पाइतोंग्तार्न (38 साल) फिलहाल दुनिया की सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री हैं। यात्रा के दूसरे दिन यानी कल PM मोदी BIMSTEC सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन के बाद संभावना है कि वे बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया यूनुस खान से मुलाकात करें। यूनुस के मुख्य सलाहकार खलीलुर रहमान ने बुधवार को मुलाकात को लेकर संभावना जताई।
<h2><strong>वात फो मंदिर में करेंगे दर्शन</strong></h2>
बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद दोनों देशों के प्रमुख नेताओं की यह पहली मुलाकात होगी। मोदी शुक्रवार को थाईलैंड के राजा महा वजीरालोंगकोर्न और रानी सुथिदा से भी मिलेंगे। गुरुवार को PM मोदी थाईलैंड के ऐतिहासिक वात फो मंदिर भी जाएंगे। वात फो मंदिर बैंकॉक में स्थित है। यह मंदिर अपने विशाल लेटे बुद्ध (रिक्लाइनिंग बुद्धा) प्रतिमा के लिए जाना जाता है। वात फो थाईलैंड के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है। इसमें 1,000 से ज्यादा बुद्ध प्रतिमाएं और 90 से अधिक स्तूप हैं।
<h2><strong>थाईलैंड की पहली आधिकारिक यात्रा</strong></h2>
साल 2024 में थाक्सिन शिनवात्रा की बेटी पाइतोंग्तार्न शिनवात्रा थाईलैंड की प्रधानमंत्री बनीं। अक्टूबर 2024 में वियतनाम में आसियान शिखर सम्मेलन के दौरान उनकी मोदी से पहली मुलाकात हुई थी। इससे पहले प्रधानमंत्री 2016 में थाईलैंड के नौवें राजा भूमिबोल अदुल्यादेज को श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे थे। इसके बाद वे 2019 में आसियान शिखर सम्मेलन के लिए थाईलैंड गए थे। उनकी यह तीसरी, लेकिन पहली आधिकारिक यात्रा है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>June 3, 2025, 8:52 am</pubDate>
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                  </item><item>
                    <title><![CDATA[धरती पर वापसी के बाद सामने आया सुनीता विलियम्स का पहला रिएक्शन, नासा ने जारी किया वीडियो]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/world/sunita-williams-first-reaction-came-after-returning-to-earth-nasa-released-the-video/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स धरती पर लौट आई हैं। 9 महीने 14 दिन अंतरिक्ष में रहने के बाद सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की धरती पर वापसी हो गई है। बुधवार को भारतीय समय के मुताबिक सुबह 3 बजकर 27 मिनट पर स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन कैप्सूल ने फ्लोरिडा के तट के पास समुद्र में [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/06/Clipboard-16.jpg"/><strong>भोपाल।</strong> अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स धरती पर लौट आई हैं। 9 महीने 14 दिन अंतरिक्ष में रहने के बाद सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की धरती पर वापसी हो गई है। बुधवार को भारतीय समय के मुताबिक सुबह 3 बजकर 27 मिनट पर स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन कैप्सूल ने फ्लोरिडा के तट के पास समुद्र में स्प्लैशडाउन किया।
<h2>कैप्सूल को रिकवरी वेसल पर चढ़ाया</h2>
कैप्सूल की सफलतापूर्वक लैंडिंग के बाद कैप्सूल को रिकवरी वेसल पर चढ़ाया गया। इसके बाद कैप्सूल को अच्छे से धोया गया। कैप्सूल खोलने के बाद एक-एक कर सबको बाहर लाया गया। सबसे पहले अलेक्जेंडर गोरबुनोव बाहर आए फिर सुनीता विलियम्स बाहर आईं। सबसे आखिरी में बुच विल्मोर बाहर आए। जैसे ही सुनीता विलियम्स बाहर आईं। उनके चेहरे पर एक अलग ही मुस्कान थीं। धरती पर वापस आते ही उन्होंने ग्रैविटी को महसूस किया। कैप्सूल से बाहर आने के बाद रिकवरी टीम के दो सदस्यों ने उन्हें उठाया और स्ट्रेचर पर बैठाया।
<h2><strong>सुनीता ने खड़े होने की कोशिश की</strong></h2>
गौर करने वाली बात यह है कि उन्होंने खड़े होने की कोशिश की लेकिन, ग्रैविटी पर नियंत्रण न बना पाने के कारण वो लड़खड़ा गईं। इसके बाद सुनीता विलियम्स का मेडिकल चेकअप और कई अन्य टेस्ट किए गए। डॉक्टर ने बताया कि वो पूरी तरह से स्वस्थ हैं। सुनीता, बुच के अतिरिक्त अलेक्जेंडर गोरबुनोव और निक हेग ने भी धरती पर वापसी की। समुद्र में उतरने के बाद स्पेसक्राफ्ट में बैठे चारों यात्रियों का नासा ने स्वागत किया।
<h2><strong>नासा ने अंतरिक्ष यात्रियों का किया स्वागत</strong></h2>
अंतरिक्ष यात्रियों का स्वागत नियंत्रण केंद्र से इस संदेश के साथ किया गया, "निक, एलेक, बुच, सुनी - स्पेसएक्स की ओर से घर में आपका स्वागत है।" कमांडर निक हेग ने जवाब दिया, "क्या शानदार यात्रा रही।" बता दें कि 5 जून 2024 को बोइंग के नए स्टारलाइनर क्रू कैप्सूल के जरिए सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर, 8 दिनों के लिए स्पेस स्टेशन पर रवाना हुए थे, लेकिन स्टारलाइनर क्रू कैप्सूल में गड़बड़ी होने के कारण दोनों ISS पर फंस गए।
<h2><strong>ISS में रहते हुए बनाया नया रिकॉर्ड</strong></h2>
अंतरिक्ष स्टेशन पर 286 दिन तक रहने के बाद दोनों की धरती पर सुरक्षित वापसी हुई। बता दें कि स्पेस स्टेशन पर रहते हुए सुनीता विलियम्स और उनकी टीम ने 900 घंटे का रिसर्च पूरा किया। उन्होंने ISS पर रहते हुए 150 से अधिक प्रयोग किए और एक नया रिकॉर्ड बनाया।
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Being stranded at the International Space Station for 9 months, Sunita Williams is back on Earth with a smile

Today, NASA's SpaceX Crew-9 - astronauts Nick Hague, Butch Wilmore, Sunita Williams, and Roscosmos cosmonaut Aleksandr Gorbunov returned to Earth after the… <a href="https://t.co/mdZIQTG4SN">pic.twitter.com/mdZIQTG4SN</a></p>
— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1902132963762172410?ref_src=twsrc%5Etfw">March 18, 2025</a></blockquote>
<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>]]></content:encoded>
                    <pubDate>June 3, 2025, 8:52 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[अमेरिका खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने रक्षा मंत्री से की मुलाकात, बांग्लादेश के मुद्दों को बताया चिंताजनक]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/world/us-intelligence-director-tulsi-gabbard-met-the-defense-minister-described-bangladesh-issues-as-worrying/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड इस समय भारत दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। भारत दौरे पर गबार्ड ने बांग्लादेश को लेकर बड़ा बयान दिया है। गबार्ड ने बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न पर गंभीर चिंता व्यक्त की और वहां की युनूस सरकार को [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/06/Clipboard-16.jpg"/><strong>भोपाल।</strong> अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड इस समय भारत दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। भारत दौरे पर गबार्ड ने बांग्लादेश को लेकर बड़ा बयान दिया है। गबार्ड ने बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न पर गंभीर चिंता व्यक्त की और वहां की युनूस सरकार को सुना दिया।
<h2><strong>बांग्लादेश की स्थिति पर जताई चिंता</strong></h2>
गबार्ड ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं, बौद्धों, ईसाइयों और अन्य के साथ लंबे समय से दुर्भाग्यपूर्ण उत्पीड़न, हत्या और दुर्व्यवहार हो रहा है। अमेरिका के लिए ये हमेशा से चिंता का विषय रहा है। उन्होंने बांग्लादेश में धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे पर जोर दिया। बांग्लादेश में हिंदुओं और दूसरे धर्मों पर हमलों का मुद्दा लगातार उठता रहा है। भारत ने कई बार वहां की सरकार के सामने इस मुद्दे को उठाया है। अब यूएस इंटेल चीफ तुलसी गबार्ड ने भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर चिंता जताई है।
<h2>इस्लामिक आतंकवाद चिंता की वजह</h2>
मीडिया बात करते हुए उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के साथ हो रही हिंसा अमेरिका के लिए चिंता का विषय है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनका प्रशासन इस मुद्दे पर लगातार बातचीत कर रहा है। गबार्ड ने आगे कहा कि बांग्लादेश के साथ वार्ता के दौरान ये मुद्दा केंद्र में होगा। धार्मिक अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न, उनके साथ अत्याचार हमेशा से एक चिंता का विषय रहा है। इस्लामिक आतंकवाद दुनिया के लिए चिंता की बड़ी वजह है।
<h2><strong>रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा</strong></h2>
रूस-यूक्रेन जंग के पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप खुद इस मुद्दे को देख रहे हैं। शांति के लिए हर संभव कोशिशे की जारी है। तुलसी गबार्ड ने भारत दौरे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। सोमवार को हुई मुलाकात में दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। गबार्ड तीन दिन की यात्रा पर भारत में रहेंगे। जानकारी के मुताबिक राजनाथ सिंह और तुलसी गबार्ड के बीच बैठक में रक्षा संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई।
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> दिल्ली: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड से मुलाकात की। <a href="https://t.co/eLyqOT7B91">pic.twitter.com/eLyqOT7B91</a></p>
— ANI_HindiNews (@AHindinews) <a href="https://twitter.com/AHindinews/status/1901533811554615544?ref_src=twsrc%5Etfw">March 17, 2025</a></blockquote>
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                    <pubDate>June 3, 2025, 8:52 am</pubDate>
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                  </item><item>
                    <title><![CDATA[विदेशों में भी होली का खुमार, इस नामों के साथ खेलते हैं रंग]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/religious/holi-is-celebrated-in-foreign-countries-too-people-play-with-these-colours/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। पूरा देश एक दिन पहले ही होली के रंगो में डूबा हुआ है। हर कोई इस त्योहार में डूबकर जश्न मना रहा है। शहर हो या गांव हर जगह उत्साह का माहौल है। बाजारों में अबीर, गुलाल और रंग बाजार में दिखने लगे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि होली अपने देश के [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/06/Clipboard-16.jpg"/><strong>भोपाल।</strong> पूरा देश एक दिन पहले ही होली के रंगो में डूबा हुआ है। हर कोई इस त्योहार में डूबकर जश्न मना रहा है। शहर हो या गांव हर जगह उत्साह का माहौल है। बाजारों में अबीर, गुलाल और रंग बाजार में दिखने लगे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि होली अपने देश के अलावा और किन देशों में खेली जाती है। आइए जानते हैं कि रंगों के त्योहार को और किन नामों से जाना जाता है। साथ ही इस कलर को विदेशों में कैसे खेला जाता है।
<h2><strong>यूरोप में द कलर रन</strong></h2>
यूरोपीय देशों में होली को त्योहार को 'द कलर रन' नाम से जाना जाता है। रंगों की चकाचौंध लंदन में ज्यादा देखने को मिलती है। इस त्योहार में लोग व्हाइट शर्ट पहनकर 5 किलोमीटर तक दौड़ते हुए दिखते है। उन पर रंग छिड़के जाते हैं। हर किलोमीटर पर लोगों को सिर से पैर तक रंग दिया जाता है। लंदन, ग्लासगो, मैनचेस्टर और बर्मिंघम जैसी सिटीज में इस फेस्टिवल की धूम रहती है।
<h2><strong>फ्लोरिडा में लाइफ इन कलर</strong></h2>
फ्लोरिडा के एक कॉलेज में कलर पार्टी मनाई गई। अब फ्लोरिडा के देश में होली को 'लाइफ इन कलर' नाम से मनाया जाता है। यह पार्टी होली से ही इंस्पायर है। इसे खेलने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। इस फेस्टिवल की तैयारियां काफी पहले से शुरू हो जाती हैं।
<h2><strong>फेस्टिवल ऑफ कलर</strong></h2>
होली की तरह ही एक त्योहार हिप्पियों के लिए बेहद खास होता है। इसे 'फेस्टिवल ऑफ कलर' नाम से जाना जाता है। इस दिन लोग खूब नाचते-झूमते और गाते हैं। इसकी मस्ती देखने लायक होती है। इस दिन लोग रंगों के साथ मस्ती करते हैं।
<h2>केपटाउन में होली वन</h2>
केपटाउन में भी होली से प्रेरित एक त्योहार मनाया जाता है, जिसका नाम 'होली वन' है। होली वन त्योहार का वहां के लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं। इसे खेलने के लिए दूर-दूर से लोग एक जगह इकट्ठा होते हैं। होली वन में भी रंगों के साथ मस्ती की जाती है।
<h2><strong>टेक्सर में कलरजाम</strong></h2>
टेक्सर में लोग नाच गाने के साथ-साथ रंगों के साथ होली खेलते हैं। यह त्योहार एकदम होली की तरह ही मनाया जाता है। होली को टेक्सर में कलरजाम कहते है। यह फेस्टिवल दुनियाभर में काफी प्रसिद्ध है। लोग इस त्योहार को काफी खूब एंजॉय करते हैं।
<h2><strong>स्पेन में गार्डेन फेस्टिवल</strong></h2>
स्पेन में भी होली मनाई जाती है। इबिज़ा शहर में होली की तरह ही 'होली गार्डेन फेस्टिवल' सेलिब्रेट किया जाता है। बड़ी संख्या में लोग इसमें हिस्सा लेने के लिए दूर-दूर से आते है। इसे भव्य बनाने के लिए काफी पहले ही तैयारियां शुरू हो जाती हैं।]]></content:encoded>
                    <pubDate>June 3, 2025, 8:52 am</pubDate>
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                  </item><item>
                    <title><![CDATA[आइए जानते है क्या होता है रेसिप्रोकल टैक्स और इसके नुकसान]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/world/lets-know-what-is-reciprocal-tax-and-its-disadvantages/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार सुबह-सुबह भारत को एक बड़ा झटका दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी संसद (कांग्रेस) के जॉइंट सेशन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत हमसे 100 फीसदी से ज्यादा का टैरिफ वसूलता है, हम भी अगले महीने से ऐसा ही करेंगे। 2 अप्रैल से भारतीय प्रोडक्ट्स पर [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/06/Clipboard-16.jpg"/><strong>भोपाल।</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार सुबह-सुबह भारत को एक बड़ा झटका दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी संसद (कांग्रेस) के जॉइंट सेशन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत हमसे 100 फीसदी से ज्यादा का टैरिफ वसूलता है, हम भी अगले महीने से ऐसा ही करेंगे। 2 अप्रैल से भारतीय प्रोडक्ट्स पर डोनाल्ड ट्रंप रेसिप्रोकल टैरिफ नीति लागू करेंगे।
<h2><strong>जानें कब लगता है रेसिप्रोकल टैक्स</strong></h2>
अमेरिकी संसद के अपने 1 घंटा 44 मिनट के भाषण में ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने 43 दिन में जो किया, वह कई सरकारें अपने लंबे कार्यकाल में नहीं कर पाईं। चलिए, अब आपको बताते हैं कि आखिर रेसिप्रोकल टैरिफ क्या होता है, कोई देश किसी दूसरे देश पर कब लगाता है।
<h2>क्या है रेसिप्रोकल टैक्स</h2>
रेसिप्रोकल शब्द का मतलब होता है प्रतिशोधात्मक। आम भाषा में कहे तो जैसे को तैसा वाली नीति। रेसिप्रोकल टैरिफ एक ऐसा टैक्स या व्यापार प्रतिबंध है जो एक देश दूसरे देश पर तब लगाता है, जब वह देश भी उसी तरह का टैक्स या प्रतिबंध पहले देश पर लगाता हो। यानी अगर एक देश दूसरे देश के सामान पर 100 फीसदी टैक्स लगाता है, तो दूसरा देश भी उस पर उतना ही टैक्स लगा सकता है। इसका उद्देश्य व्यापार में संतुलन बनाना होता है।
<h2><strong>रेसिप्रोकल टैक्स का उद्देश्य</strong></h2>
रेसिप्रोकल टैक्स व्यापार में संतुलन तो लाता है। साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि कोई देश दूसरे देश के सामान पर ज्यादा टैक्स तो नहीं लगा रहा ना। रेसिप्रोकल टैक्स से स्थानीय उद्योगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाती है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में विदेशी सामान महंगा होने से स्थानीय उद्योगों को फायदा मिलता है। व्यापार वार्ता का हिस्सा भी इसका मुख्य उद्देश्य होता है। कई बार देश इसे एक वार्ता के तौर पर इस्तेमाल करते हैं ताकि दूसरा देश टैक्स को कम करें।
<h2><strong>रेसिप्रोकल टैक्स के नुकसान</strong></h2>
रेसिप्रोकल टैक्स का सबसे नुकसान यह है कि व्यापार युद्ध का खतरा होता है। अगर दोनों देश एक-दूसरे पर टैक्स लगाते रहें, तो यह व्यापार युद्ध बदल सकता है। महंगाई बढ़ने की संभावना ज्यादा हो जाती है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में विदेशी सामान महंगा होने से उपभोक्ताओं को हानि होती है। रेसिप्रोकल टैक्स से आपूर्ति श्रृंखला में बाधा आती है। व्यापार युद्ध से वैश्विक आपूर्ति की श्रृंखला प्रभावित होती है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>June 3, 2025, 8:52 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/world/lets-know-what-is-reciprocal-tax-and-its-disadvantages/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Viral Video: गे प्राइड सेलिबेशन में मचा बवाल,सड़कों पर घसीटा गया]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/world/viral-video-%e0%a4%97%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a1-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। न्यूयॉर्क सिटी में गे प्राइड सेलिब्रेशन के दौरान वाशिंगटन स्क्वायर पार्क में लोग आपस में ही लड़ पड़े। सेलिब्रेशन के लिए इकट्ठे हुए लोगों के बीच मार-पीट हो गई। महिलाएं सेलिब्रेशन के दौरान एक-दूसरे के बाल खींचते और सड़क पर एक- दूसरे को घसीटती नजर आई। एक बीस वर्ष के युवक को कई गोलियां [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/06/Clipboard-16.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p>भोपाल। न्यूयॉर्क सिटी में गे प्राइड सेलिब्रेशन के दौरान वाशिंगटन स्क्वायर पार्क में लोग आपस में ही लड़ पड़े। सेलिब्रेशन के लिए इकट्ठे हुए लोगों के बीच मार-पीट हो गई। महिलाएं सेलिब्रेशन के दौरान एक-दूसरे के बाल खींचते और सड़क पर एक- दूसरे को घसीटती नजर आई। एक बीस वर्ष के युवक को कई गोलियां लगने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना में 22 लोगों की गिरफ्तारी की खबर सामने आई हैं। जिनमें से कई लोगों को छोड़ दिया गया हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>सेलिब्रेशन रेसलिंग मैच में बदल गया</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>अमेरिका के न्यू यॉर्क स्थित वाशिंगटन स्क्वायर पार्क में आयोजित गे प्राइड सेलिब्रेशन रेसलिंग मैच में परिवर्तित हो गया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमे महिला और पुरुष आपस में भिड़ गए। वीडियो में देखा जा सकता है कि पार्टी करने वाले एक समूह आपस में लड़ रहे हैं। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि महिलाएं एक-दूसरे के बाल खींच रही हैं। एक -दूसरे को धक्का दे रही हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरान 20 साल के लड़के को गोली भी लगी हैं। घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>लोगों के बीच भयंकर झड़प हो गई</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>अमेरिका में जून के आखिरी रविवार को 'Gay Pride Day' के रूप में मनाया जाता है। जून के महीने को प्राइड मंथ के नाम से भी जाना जाता है। जिसको वह सिविल राइट्स और LGBTQ समुदाय के लिए समानता के अधिकार की लड़ाई के याद करते है। न्यूयॉर्क सिटी में गे प्राइड सेलिब्रेशन के मौके पर इकट्ठा हुए लोगों के बीच भयंकर झड़प हो गई। सेलिब्रेशन का माहौल रेसलिंग मैच में बदल गया। जहां चारों तरफ लोग घेरा बनाकर खड़े है और घेरे के बीच में लड़ाई चल रही है। कुछ महिलाएं एक-दूसरे से लड़ रही है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>June 3, 2025, 8:52 am</pubDate>
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                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[online killer: हायर किया ऑनलाइन हत्यारा, बिटकॉइन में दी सुपारी]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/world/online-killer-hired-an-online-killer-gave-the-contract-in-bitcoin/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। व्यक्तिगत तौर पर किसी की हत्या करवाने के लिए उसे सुपारी दी जाती है। सुपारी के नाम पर हत्यारों कों पैसे दिए जाते है। इस तरह की हत्या को कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के नाम से जाना जाता है। वर्तमान में टैक्नोलॉजी ने लोगों के रहन-सहन, खानपान जैसे तरीकों को आधुनिक कर दिया है। इसी प्रकार [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/06/Clipboard-16.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> व्यक्तिगत तौर पर किसी की हत्या करवाने के लिए उसे सुपारी दी जाती है। सुपारी के नाम पर हत्यारों कों पैसे दिए जाते है। इस तरह की हत्या को कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के नाम से जाना जाता है। वर्तमान में टैक्नोलॉजी ने लोगों के रहन-सहन, खानपान जैसे तरीकों को आधुनिक कर दिया है। इसी प्रकार हत्या के तरीके भी आधुनिक हो गए है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>ऑनलाइन दी हत्या की सुपारी</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>आजकल डार्क वेब और बिटकॉइन जैसे क्रिप्टों करेंसी का उपयोग करके हत्या जैसे संगीन जुर्म को अंजाम दिया जा रहा है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक मामला सुर्खियां बटोर रहा है। जहां 1 महिला ने डार्क वेब का सहारा लेकर एक ऑनलाइन किलर को हायर किया। उसे एक व्यक्ति को जान से मारने की धमकी दी। टैक्नोलॉजी की भाषा में कहे तो बिटकॉइन में उसे सुपारी दी। यह मामला अमेरिका के नॉक्सविल का बताया जा रहा है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>महिला को मारने की दी सुपारी</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>जहां एक 48 साल की महिला जिसका नाम मैलोडी सैंसर है। उसका एक शादीशुदा व्यक्ति के साथ अफेयर था। जिसके बाद उसकी पत्नी को रास्ते से हटाने और अपने प्रेमी से शादी करने के लिए एक हिटमैन को हायर किया। सैंसर ने साल 2023 में डार्क वेब पर करीबन 10 लाख रूपए की बिटकॉइन में हिटमैन को सुपारी दी थी। महिला ने डार्कवेब से ऑनलाइन किलर्स मार्केट का उपयोग किया। जहां उसकी पहचान गोपनीय रह सकती थी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>पुलिस ने किया ट्रैस</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>उसने हिटमैन के जरिए अपने प्रेमी की पत्नी को जान से मरवा दिया। महिला की हरकतों में बदलाव और हिटमैन द्वारा बार-बार मैसेज करने की वजह से पुलिस ने उसे ट्रैस कर लिया। पुलिस को इस महिला के पास से एक जर्नल और कई आपराधिक दस्तावेज बरामद हुए है। जिसके बाद सैंसर को 8 साल की सजा सुनाई है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>June 3, 2025, 8:52 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/world/online-killer-hired-an-online-killer-gave-the-contract-in-bitcoin/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Debate: प्रेसिडेंशियल डिबेट में अहम बना रहा गर्भपात का मुद्दा, दोनों उम्मदीवारों की तीखी नोक-झोंक]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/world/debate-the-issue-of-abortion-remained-important-in-the-presidential-debate-heated-exchanges-between-the-two-candidates/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस के बीच चल रही तीखी बहस खत्म हो गई है। दोनों उम्मीदवारों की पूरी डिबेट में गर्भपात का मुद्दा अहम बताया जा रहा है। इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने गर्भपात के मुद्दे पर डेमोक्रेट्स को &#8216;कट्टरपंथी&#8217; करार दिया है। दोनों उम्मीदवारों [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/06/Clipboard-16.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल। </strong>अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस के बीच चल रही तीखी बहस खत्म हो गई है। दोनों उम्मीदवारों की पूरी डिबेट में गर्भपात का मुद्दा अहम बताया जा रहा है। इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने गर्भपात के मुद्दे पर डेमोक्रेट्स को 'कट्टरपंथी' करार दिया है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>दोनों उम्मीदवारों की तीखी बहस</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>दूसरी ओर कमला हैरिस ने ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि ट्रंप राष्ट्रीय गर्भपात प्रतिबंध योजना पर काम कर रहे हैं। गरमागरम बहस में ट्रंप ने डेमोक्रेटिक गर्भपात नीतियों का विरोध किया , जबकि हैरिस ने उनके गर्भपात विरोधी सुप्रीम कोर्ट की नियुक्तियों पर प्रकाश डाला। आइए जानते हैं किन-किन मुद्दों पर हुई दोनों की चर्चा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>इन मुद्दों पर हुई बहस</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस के बीच लंबी बहस चली। बहस गर्भपात के अधिकार, सीमा मुद्दों और अर्थव्यवस्था को लेकर गहन चर्चा हुई।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>अमेरिका में जनता के लिए सबसे जरूरी मुद्दों में से एक गर्भपात पर चर्चा करते हुए पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि डेमोक्रेट इस मुद्दे पर कट्टरपंथी है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>दोनों नेताओं के हाथ मिलाने से शुरू हुई चर्चा की शुरूआत अर्थव्यवस्था से संबंधित एक सवाल से हुई। जिसका पहला जवाब कमला हैरिस ने दिया। उन्होंने कहा कि उनकी योजना अवसर अर्थव्यवस्था बनाने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप अरबपतियों और निगमों के लिए टैक्स में कटौती करेंगे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>अपराध के मामले पर कमला हैरिस ने ट्रंप को घेरते हुए कहा कि बाइडेन प्रशासन में अपराध में वृद्धि की बात कही जा रही है। बल्कि संघीय आंकड़े इससे उल्टे है। हैरिस ने कहा कि ट्रंप के ऊपर राष्ट्रीय सुरक्षा अपराध आर्थिक अपराध और चुनाव में दखल के लिए केस चल रहा है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति के रूप में जो बाइडेन पर हमला बोला है। कमला हैरिस ने कहा कि ट्रंप को याद रखना चाहिए कि वे जो बाइडेन नहीं बल्कि कमला हैरिस के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>यूक्रेन युद्ध पर बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन और रूस युद्ध समाप्त कराने में कमला हैरिस नाकाम रही है। हैरिस ने कहा कि नाटो सहयोगी खुश है कि ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति नहीं है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>June 3, 2025, 8:52 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/world/debate-the-issue-of-abortion-remained-important-in-the-presidential-debate-heated-exchanges-between-the-two-candidates/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Oldest Women: 2 विश्व युद्ध देखने वाली दुनिया की सबसे बुजुर्ग महिला की मौत]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/world/oldest-women-the-worlds-oldest-woman-who-witnessed-world-war-2-dies/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। आजकल इंसान की जिंदगी कम साल की होती है। इंसान ज्यादा से ज्यादा 100 साल तक जीता है। जब इंसान एक लंबी जिंदगी गुजारकर दुनिया छोड़ता है तो इस बात की संतुष्टि होती है कि उसने एक अच्छा और लंबा जीवन जिया। कई तरह के अनुभव देखे। साथ ही परिवार वालों में अपना प्यार [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/06/Clipboard-16.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> आजकल इंसान की जिंदगी कम साल की होती है। इंसान ज्यादा से ज्यादा 100 साल तक जीता है। जब इंसान एक लंबी जिंदगी गुजारकर दुनिया छोड़ता है तो इस बात की संतुष्टि होती है कि उसने एक अच्छा और लंबा जीवन जिया। कई तरह के अनुभव देखे। साथ ही परिवार वालों में अपना प्यार बांटा। ऐसी ही एक लंबी जिंदगी जी स्पेन की महिला ने। जिसने 117 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। वो दुनिया की सबसे बुजुर्ग महिला थी। जाते-जाते उसके आखिरी शब्दों में बहुत दर्द था।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>टोमिको इटूका बने सबसे बुजुर्ग</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>रिपोर्ट के मुताबिक स्पेन की मारिया ब्रान्यास मोरेरा की हाल ही में मौत हो गई। वह दुनिया की सबसे बुजुर्ग महिला थी। वह 117 साल की थीं और उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने उन्हें 2023 में दर्ज था। मारिया को दुनिया की सबसे बुजुर्ग महिला होने का दर्जा प्राप्त था। इससे पहले ये रिकॉर्ड फ्रांस की पूर्व नन लुसाइल रैंडम के नाम था जिन्होंने 118 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया था। मारिया की मौत के बाद अब दुनिया के सबसे बुजुर्ग इंसान जापान के टोमिको इटूका बन गए हैं जो फिलहाल 116 साल के हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>2 विश्वयुद्ध को देखा</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>मारिया का जन्म 1907 में अमेरिका में हुआ था। 1915 में उनका परिवार स्पेन लौट गया। वह बार्सिलोना में रहने लगे जहां मारिया ने 1931 में एक डॉक्टर से शादी कर ली थी। मारिया और उनके पति को 4 दशक तक साथ रहे, लेकिन 72 की उम्र में उनके पति की मृत्यु हो गई। मारिया के 3 बच्चे है, 11 नाती-पोते और कई पर-नाती, साथ ही कई पर-पोते भी है। सबसे ज्यादा हैरान कर देने वाली बात ये है कि उन्होंने 2 विश्व युद्ध को अपनी आंखों से देखा है। कई तरह की महामारियों को भी झेला।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>June 3, 2025, 8:52 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/world/oldest-women-the-worlds-oldest-woman-who-witnessed-world-war-2-dies/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Racial Identity: कमला हैरिस की नस्लीय पहचान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने कही बड़ी बात, जानिए पूरा मामला?]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/world/racial-identity-donald-trump-said-a-big-thing-about-kamala-harriss-racial-identity-know-the-whole-matter/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता एक दूसरे पर जमकर हमला बोल रहे हैं। आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी है। अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से विवादित बयान [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/06/Clipboard-16.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता एक दूसरे पर जमकर हमला बोल रहे हैं। आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी है। अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>कमला हैरिस को लेकर कही बड़ी बात</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने नेशनल एसोसिएशन ऑफ ब्लैक जर्नलिस्ट्स के सालाना सम्मेलन में कमला हैरिस पर बड़ा हमला बोला है। अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कमला हैरिस की नस्‍लीय पहचान को लेकर सवाल उठाया है। ट्रंप ने बुधवार को एक इंटरव्‍यू के दौरान सवाल किया कि क्या कमला हैरिस वास्तव में अश्वेत हैं या वह इसे राजनीतिक सुविधा के रूप में उपयोग कर रही हैं। अमेरिका के राष्‍ट्रपति चुनाव को लेकर छिड़े मुकाबले से इस बयान ने हर किसी को हैरान कर दिया है। ट्रंप ने शिकागो में नेशनल एसोसिएशन ऑफ ब्लैक जर्नलिस्ट्स कांफ्रेंस में इंटरव्‍यू करने वालों के एक पैनल से कमला हैरिस को लेकर कहा, "वह हमेशा से भारतीय विरासत की थीं और केवल भारतीय विरासत को बढ़ावा दे रही थीं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>पद पर आसीन पहली महिला</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>कुछ साल पहले तक मुझे यह नहीं पता था कि वह अश्‍वेत हैं, लेकिन बाद में वह अश्‍वेत हो गईं।" उन्‍होंने कहा, "मैं इनमें से किसी एक का सम्मान करता हूं, लेकिन आमतौर पर वह नहीं करती है, क्योंकि वह पूरी तरह से भारतीय थीं और फिर अचानक उन्‍होंने मोड़ लिया और वह अश्वेत बन गई। "व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन-पियरे ने पत्रकारों से कहा, "किसी को भी यह बताने का कोई अधिकार नहीं है कि वे कौन हैं, कैसे पहचानी जाती है" पियरे इस पद पर आसीन होने वाली पहली अश्वेत महिला हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>June 3, 2025, 8:52 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/world/racial-identity-donald-trump-said-a-big-thing-about-kamala-harriss-racial-identity-know-the-whole-matter/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Ambani Family: मुकेश अंबानी के तीन समधियों से मिलिए, जानें सबसे अमीर कौन?]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/top-news/ambani-family-meet-three-associates-of-mukesh-ambani-know-who-is-the-richest/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल : मुकेश अंबानी और नीता अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी की शादी इस हफ्ते मुंबई में राधिका मर्चेंट से हुई। मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी की शादी अजय पीरामल के बेटे आनंद पीरामल से हुई है। मुकेश अंबानी के बड़े बेटे आकाश अंबानी की शादी अरुण रसेल मेहता की बेटी श्लोका मेहता [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/06/Clipboard-16.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल </strong>: मुकेश अंबानी और नीता अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी की शादी इस हफ्ते मुंबई में राधिका मर्चेंट से हुई। मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी की शादी अजय पीरामल के बेटे आनंद पीरामल से हुई है। मुकेश अंबानी के बड़े बेटे आकाश अंबानी की शादी अरुण रसेल मेहता की बेटी श्लोका मेहता से हुई है। आइए जानते हैं मुकेश अंबानी के तीन समधियों के बारे में, तीनों में सबसे अमीर कौन है?</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>अजय पीरामल</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>मुकेश अंबानी के समधियों में अजय पीरामल सबसे अमीर हैं। वे पीरामल ग्रुप के चेयरमैन हैं, जो 30 से ज्यादा देशों में फाइनेंस, हेल्थ और फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री में काम करता है। अजय पीरामल की शादी स्वाति पीरामल से हुई है और उनका एक बेटा आनंद पीरामल है, जिसकी शादी मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी से हुई है। फोर्ब्स के मुताबिक, अजय पीरामल की कुल संपत्ति करीब 2.8 बिलियन डॉलर यानी 23,170 करोड़ रुपये के आसपास है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>अरुण रसेल मेहता</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>अरुण रसेल मेहता, एक प्रमुख भारतीय उद्यमी, श्लोका मेहता के पिता हैं, जिनकी शादी मुकेश अंबानी के बड़े बेटे आकाश अंबानी से हुई है। वह रोजी ब्लू के निदेशक हैं, जो एक प्रसिद्ध हीरा आभूषण ब्रांड है जो 12 देशों में काम करता है। कंपनी के भारत के 26 शहरों में 36 से अधिक स्थान हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अरुण रसेल मेहता की कुल संपत्ति करीब 3,000 करोड़ रुपये है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>वीरेन मर्चेंट</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>वीरेन मर्चेंट, राधिका मर्चेंट के पिता हैं, मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी से राधिका मर्चेंट की शादी हुई हैं, वीरेन मर्चेंट एक दवा कंपनी एनकोर हेल्थकेयर के CEO हैं। वह मेनी अदर क्रिएशन्स के निदेशक के रूप में भी काम करते हैं। मीडिया अध्ययनों के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति करीब 755 करोड़ रुपये है। अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी शुक्रवार को हुई और उसके बाद शनिवार को आशीर्वाद समारोह हुआ। इस समारोह का आज रविवार को भव्य 'रिसेप्शन' के साथ समापन होगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>June 3, 2025, 8:52 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/top-news/ambani-family-meet-three-associates-of-mukesh-ambani-know-who-is-the-richest/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[German Women Patient: जर्मनी की महिला ने 5 महीने भोपाल में कराया इलाज, भारतीय उपचार पद्धति पर दुनिया ने दिखाया विश्वास]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/world/german-women-patient-german-woman-got-treatment-in-bhopal-for-5-months-the-world-showed-faith-in-indian-treatment-system/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। कई रोगों का एलोपैथी में तमात तरीके के इलाज और सर्जरी के बाद भी मरीजों को किसी तरह का आराम नहीं मिल रहा हैं। ऐसे में भारतीय आयुष पद्धति लाभकारी सिद्ध हो रही है। एम्स के आयुष विभाग में जर्मनी से आई 32 वर्षीय महिला का क्षार सूत्र पद्धति से फिस्टुला बीमारी की सफल [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/06/Clipboard-16.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> कई रोगों का एलोपैथी में तमात तरीके के इलाज और सर्जरी के बाद भी मरीजों को किसी तरह का आराम नहीं मिल रहा हैं। ऐसे में भारतीय आयुष पद्धति लाभकारी सिद्ध हो रही है। एम्स के आयुष विभाग में जर्मनी से आई 32 वर्षीय महिला का क्षार सूत्र पद्धति से फिस्टुला बीमारी की सफल इलाज सफल साबित हुआ।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>5 महीने भोपाल में इलाज कराकर अपने देश वापस गई</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>जानकारी के मुताबिक इलाज और सर्जरी कराने के बाद भी बीमारी से राहत नहीं मिली। लोगों को एलोपैथी पद्धति से बीमारी में कोई सुधार नहीं दिख रहा था। जिसके बाद महिला आयुर्वेद पद्धति के बारे में जानकारी लेकर भारत आई और 5 महीने भोपाल में रुककर इलाज कराया। जिसके सफल उपचार के बाद ठीक होकर वह अपने देश रवाना हो गई। एम्स भोपाल के आयुष विभाग में बवासीर, फिस्टुला, फिशर और पाइलोनिडल साइनस जैसी समस्याओं के लिए आयुर्वेद ओपीडी में क्षार सूत्र पद्धति से इलाज किया जाता है। यह उपचार अब विदेशों तक प्रसिद्ध हो रहा है। जिससे एम्स भोपाल अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाते जा रहा है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>अन्य पद्धति से आयुर्वेद की पद्धति बेहतर है</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>जर्मनी की 32 वर्षीय महिला फिस्टुला से पीड़ित थी। जिसने भोपाल एम्स में आयुर्वेद की पद्धति से अपना सफल इलाज कराया। अपने इलाज का अनुभव बताते हुए मरीज ने बताया कि फिस्टुला का इलाज क्षार सूत्र विधि द्वारा केवल भारत में ही किया जाता है। एम्स भोपाल में बीमारी का बेहतर इलाज मिला है। क्षार सूत्र विधि द्वारा इलाज में समय जरुर लगता है, लेकिन आयुर्वेद पद्धित से उपचार बाकी पद्धतियों में इलाज की तुलना में बेहतर इलाज होता है और कम भी तकलीफ होती है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>June 3, 2025, 8:52 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/world/german-women-patient-german-woman-got-treatment-in-bhopal-for-5-months-the-world-showed-faith-in-indian-treatment-system/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Elon Musk: 12वें बच्चे के पिता बने एलन मस्क! कई बार खटखटा चुके कोर्ट का दरवाजा]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/world/elon-musk-elon-musk-becomes-father-of-12th-child-knocked-the-door-of-the-court-many-times/</link>
                    <description><![CDATA[जयपुर : दुनिया के सबसे धनी व्यक्ति यानी टेस्ला के CEO एलन मस्क आजकल सुर्ख़ियों में हैं। वो अपने 12वें बच्चे के पिता बने हैं। बता दें कि ये बच्चा उन्हें अपनी कंपनी न्यूरालिंक की मैनेजर शिवॉन जिलिस (Shivon Zilis) से हुआ है। एक अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस साल की स्टार्टिंग में ही [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/06/Clipboard-16.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>जयपुर </strong>: दुनिया के सबसे धनी व्यक्ति यानी टेस्ला के CEO एलन मस्क आजकल सुर्ख़ियों में हैं। वो अपने 12वें बच्चे के पिता बने हैं। बता दें कि ये बच्चा उन्हें अपनी कंपनी न्यूरालिंक की मैनेजर शिवॉन जिलिस (Shivon Zilis) से हुआ है। एक अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस साल की स्टार्टिंग में ही इस बच्चे ने जन्म लिया है लेकिन अब तक इस जानकारी को सीक्रेट रखा गया था। हालांकि ये सूचना की पुष्टि अभी तक एलन मस्क या न्यूरालिंक (Neuralink) की कार्यकारी शिवॉन ज़िलिस की ओर से नहीं की गई है। बता दें कि एलन मस्क (Elon Musk) जिलिस के साथ हुए 2 जुड़वां बच्चों के पिता बन चुके हैं। जिन्होंने वर्ष 2021 में जन्म लिया था। सार्वजनिक तौर पर मस्क के 11 बच्चे पहले से हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>जिलिस से तीसरे बच्चे को लेकर किया गया सवाल</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>वहीं मीडिया ने तीसरे बच्चे के जन्म के बारे में जब जिलिस से सवाल किए तो इसपर उनका कोई जवाब नहीं आया। सार्वजनिक रिकॉर्ड के अनुसार मस्क ने जिलिस के दो बच्चों के नाम बदलने के लिए कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। अब इस तीसरे बच्चे के होने की रिपोर्ट वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के कुछ दिनों बाद ही सामने आई। जिसमें कहा गया कि मस्क (Elon Musk) ने स्पेसएक्स में महिला कर्मचारियों के साथ गलत तरीके से संबंध बनाए हैं। स्पेसएक्स (SpaceX) के एक पूर्व कर्मचारी ने कहा था कि मस्क अक्सर कहते हैं वो उनके बच्चे को जन्म दें। अगर ये महिला कर्मचारी मस्क की बात नहीं मानती तो उनकी सैलरी में इजाफा नहीं होती थी जिसके बाद उन्हें कंपनी से इस्तीफा देनी पड़ती है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>मस्क का परिवार काफी बड़ा</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>एलन मस्क का परिवार बड़ा है लेकिन, उनके बच्चों की सटीक संख्या की अभी तक कोई सही पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन कई रिपोर्ट्स की माने तो एलन मस्क के 11 बच्चे थे। जिनमें संगीतकार ग्रिम्स के साथ उनके 3 बच्चे हैं, और उनकी पूर्व पत्नी, लेखक जस्टिन मस्क के साथ 5 बच्चे हैं। अब हाल की रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने अपनी कंपनी न्यूरालिंक की कार्यकारी शिवोन ज़िलिस के साथ एक तीसरे बच्चे को जन्म दिया है जिसकी भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>June 3, 2025, 8:52 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/world/elon-musk-elon-musk-becomes-father-of-12th-child-knocked-the-door-of-the-court-many-times/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[मतदान के बाद क्यों लगाई जाती है नीली स्याही जानें, कनेक्शन]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/world/know-why-blue-ink-is-applied-after-voting-connection/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। भारत में वोट करने के बाद नीली रंग की स्याही लगा दी जाती है। जिसके दाग़ जल्दी मिटते नहीं है। शुरू में यह बैंगनी (पर्पल) रंग की नज़र आती है, लेकिन समय बीतने के साथ ही यह काली (ब्लैक) पड़ जाती है. इसे अमिट स्याही या इंडेलिबल इंक के नाम से जाना जाता है.स्याही [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/06/Clipboard-16.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> भारत में वोट करने के बाद नीली रंग की स्याही लगा दी जाती है। जिसके दाग़ जल्दी मिटते नहीं है। शुरू में यह बैंगनी (पर्पल) रंग की नज़र आती है, लेकिन समय बीतने के साथ ही यह काली (ब्लैक) पड़ जाती है. इसे अमिट स्याही या इंडेलिबल इंक के नाम से जाना जाता है.स्याही लगाने का एक फ़ायदा तो यह है कि इससे जानकारी लग जाती है कि इस व्यक्ति ने मतदान कर दिया है. दूसरा फायदा यह कि वो व्यक्ति फिर से वोट नहीं कर सकता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>कई देशों में लगाई जाती है स्याही</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>भारत ही नहीं दुनिया के कई देशों में वोट करने के बाद स्याही (इंक) से चिन्हित किया जाना जरुरी है. बता दें कि दुनिया के अधिकांश देशों में यह स्याही (इंक) भारत से ही जाती है.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>कैसे काम करती है यह इंक?</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>चुनाव के दौरान बैंगनी रंग की इस स्याही को बाएं हाथ की तर्जनी यानी अगूठे के पास वाली फिंगर पर लगाया जाता है. चुनावी स्याही में 10 से 18 फीसदी मात्रा सिल्वर नाइट्रेट केमिकल की होती है.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>खास बात यह है कि पानी के संपर्क में आने के बाद इसका रंग ब्लैक हो जाता है. आप चाहे जितना भी पाउडर, साबुन या तेल से मिटाने की कोशिश करे, ये छूटेगा नहीं. इसका दाग कम-से-कम 72 घंटे तक त्वचा से मिटाया नहीं जा सकता.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>कब से इसका इस्तेमाल हो रहा है?</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>चुनाव आयोग के मुताबिक़ 2014 के आम चुनाव के दौरान 21 लाख बॉटल स्याही का ऑर्डर दिया गया था, जो 2019 के आम चुनावों में बढ़कर 26 लाख तक पहुंच गया था. इसका इस्तेमाल 1960 के दशक (Decade) से हो रहा है.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>कहां लगाई जाती है स्याही?</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>चुनाव आयोग की ओर से मार्च 2015 में जारी हुए एक आदेश के मुताबिक़ स्याही बाएं हाथ की तर्जनी उंगली के नाखून के आख़िरी सिरे से प्रथम जोड़ के नीचे तक ब्रश से लगाई जाएगी. जिस ब्रश से यह स्याही लगाई जाती है, उसका निर्माण भी मैसूर पेंट्स एंड वार्निश लिमिटेड ही करता है.मतदान अधिकारी जो ईवीएम कंट्रोल यूनिट के प्रभारी होते हैं, उनका काम यह सुनिश्चित करना होता है कि कंट्रोल बैलेट का बटन दबाने से पहले मतदाता की उंगली पर स्याही का निशान पूरी तरह से लगा हो.</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>June 3, 2025, 8:52 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/world/know-why-blue-ink-is-applied-after-voting-connection/</guid>
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                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[एस्ट्राजेनेका ने दुनियाभर से कोविड वैक्सीन वापस मंगाई, टीके की सुरक्षा को लेकर उठे थे सवाल]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/world/astrazeneca-recalled-covid-vaccine-from-all-over-the-world-questions-were-raised-regarding-the-safety-of-the-vaccine/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। दुनियाभर में कोरोनावायरस महामारी के दौरान लोगों को टीके मुहैया कराने वाली कंपनी एस्ट्राजेनेका ने अपनी कोविड वैक्सीन वापस मंगा ली है। कंपनी ने कहा है कि वह दुनियाभर से अपनी वैक्सजेवरिया वैक्सीन को वापस मंगा रही है। गौरतलब है कि एस्ट्राजेनेका के लाइसेंस वाली कोविशील्ड वैक्सीन ही भारत में भी कोरोना से बचाव [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/06/Clipboard-16.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल</strong>। दुनियाभर में कोरोनावायरस महामारी के दौरान लोगों को टीके मुहैया कराने वाली कंपनी एस्ट्राजेनेका ने अपनी कोविड वैक्सीन वापस मंगा ली है। कंपनी ने कहा है कि वह दुनियाभर से अपनी वैक्सजेवरिया वैक्सीन को वापस मंगा रही है। गौरतलब है कि एस्ट्राजेनेका के लाइसेंस वाली कोविशील्ड वैक्सीन ही भारत में भी कोरोना से बचाव के लिए दी गई थी। भारत में लगाई गई कोविशील्ड वैक्सीन भी उसी फार्मूले पर बनी है, जिस पर वैक्सजेवरिया वैक्सीन बनी है। भारत में कोविशील्ड का निर्माण सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने किया था, लेकिन अभी तक भारत में कोरोना वैक्सीन वापस लेने का कोई फैसला नहीं हुआ है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>रिपोर्ट में बताया गया</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, एस्ट्राजेनेका ने दावा किया है कि वैक्सीन का अपडेट संस्करण उपलब्ध है, ऐसे में वैक्सीन के पुराने स्टॉक को वापस मंगाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने 5 मार्च को ही वैक्सीन वैक्सजेरवरिया को वापस मंगाने का फैसला कर लिया था, लेकिन यह आदेश 7 मई से प्रभावी हुआ। ब्रिटिश-स्वीडिश फार्मास्यूटिकल कंपनी एस्ट्राजेनेका का यह कदम ऐसे वक्त सामने आया है, जब कंपनी ने बीते दिनों ही स्वीकार किया है कि कुछ मामलों में कोविड वैक्सीन के साइड इफेक्ट सामने आए हैं और इसकी वजह से कुछ लोगों में थ्रंबोसिस थ्रंबोसाइटोपीनिया सिंड्रोम बीमारी के लक्षण देखे गए हैं, जिसमें लोगों में खून के थक्के जमने लग जाते हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>कंपनी के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>एस्ट्राजेनेका कंपनी कोविड वैक्सीन को लेकर कई मुकदमों का सामना कर रही है। आरोप है कि कोविड वैक्सीन लगने के बाद कई लोगों की जान गई है। जैमी स्कॉट नामक एक व्यक्ति ने एस्ट्राजेनेका के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। स्कॉट का आरोप है कि वैक्सीन लेने के बाद उसके शरीर में खून के थक्के जमने की समस्या हुई और दिमाग में भी ब्लीडिंग हुई। इससे उसके मस्तिष्क को नुकसान हुआ। ऐसे ही कंपनी के खिलाफ 50 से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं। कंपनी ने भी कोर्ट में लिखित दस्तावेजों में स्वीकार किया कि कोरोना वैक्सीन के कुछ दुर्लभ मामलों में साइड इफेक्ट दिख सकते हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>भारत में भी उठी चिंताएं</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>एस्ट्राजेनेका ने यूरोप और दुनिया के अन्य देशों से ही कोविड वैक्सीन वापस मंगाने का फैसला किया है। भारत में सीरम इंस्टीट्यूट की तरफ से अभी तक ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है। भारत में भी कोविशील्ड को लेकर चिंता उठ रही है वहीं दूसरी तरफ साइड इफेक्ट्स की खबरे भी सामने आ रही है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है और वैक्सीन की सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर सुनवाई की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट भी सुनवाई के लिए सहमत हो गया है, लेकिन अभी तक तारीख तय नहीं हुई है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एस्ट्राजेनेका ने इस साल 5 मार्च को वैक्सीन वापस लेने का आवेदन किया गया था। यह मंगलवार (7 मई) से लागू हो गया। अब यूरोपीय संघ में वैक्सीन का उपयोग नहीं किया जा सकता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>June 3, 2025, 8:52 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/world/astrazeneca-recalled-covid-vaccine-from-all-over-the-world-questions-were-raised-regarding-the-safety-of-the-vaccine/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Pakistan Lunar Mission: पाकिस्तान आज चांद पर जाने का कर रहा तैयारी, चीन का है पूरा सपोर्ट]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/world/pakistan-lunar-mission-pakistan-is-preparing-to-go-to-the-moon-today-china-has-full-support/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल: दुनिया भर में सभी देश का सपना होता है, चांद और अन्य ग्रह के सतह पर पहुंचना। कुछ समय पहले ही भारत अपने च्रद्रायण को चांद पर भेजने में सफलता हासिल किया था। (Pakistan Lunar Mission) इस दौरान अब पड़ोसी देश पाकिस्तान आज 3 मई को &#8216;ऐतिहासिक&#8217; मून मिशन आई क्यूब-क्यू (iCube-Q) लॉन्च करने [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/06/Clipboard-16.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल:</strong> दुनिया भर में सभी देश का सपना होता है, चांद और अन्य ग्रह के सतह पर पहुंचना। कुछ समय पहले ही भारत अपने च्रद्रायण को चांद पर भेजने में सफलता हासिल किया था। (Pakistan Lunar Mission) इस दौरान अब पड़ोसी देश पाकिस्तान आज 3 मई को 'ऐतिहासिक' मून मिशन आई क्यूब-क्यू (iCube-Q) लॉन्च करने जा रहा है. आज शुक्रवार दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर इसे लॉन्च किया जाएगा। खास बात यह है कि चीन इस कार्य में पाकिस्तान के साथ है। पाकिस्तान यह 'ऐतिहासिक' मून मिशन चीन के हैनान से चैंग 6 (Chang’e 6) ल्यूनर प्रोब के साथ रवाना करने वाला है। इसकी सूचना बीते 30 अप्रैल को इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस टेक्नोलॉजी (आईएसटी) की तरफ से दी गई थी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>क्या कहता है इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस टेक्नोलॉजी ?</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस टेक्नोलॉजी के मुताबिक, पाकिस्तान अपने 'ऐतिहासिक' मून मिशन आई क्यूब-क्यू को अपने नेशनल स्पेस एजेंसी सुपारको और चीन की शंघाई यूनिवर्सिटी एसजेटीयू के साथ मिलकर तैयार किया है। (Pakistan Lunar Mission) बता दें कि पाकिस्तान के आई क्यूब-क्यू में दो ऑप्टिकल कैमरा लगाए गए है। जो चांद पर पहुंचने बाद वहां की तस्वीरों को कैप्चर करेगा। हालांकि इसकी सफल टेस्टिंग भी की गई है। इसके बाद आईक्यूब-क्यू अब चीन के चैंग-6 मिशन के साथ इंटीग्रेट किया गया है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>कहां देख सकते है लाइव लॉन्चिंग ?</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>आज हो रहे पाकिस्तान और चीन के मिशन लॉन्चिंग का लाइव टेलिकास्ट आईएसटी की वेबसाइट के साथ आईएसटी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी देख सकते है, जबकि इस कड़ी में प्रमुख टीवी न्यूज चैनल्स पर भी इससे जुड़ी ख़बरें प्रसारित होंगे.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>इस तरह दिखता है पाकिस्तान का 'ऐतिहासिक' मून</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बता दें कि चीन का चैंग-6 छठा मून मिशन है। जो चांद पर भेजने की तैयारी है। (Pakistan Lunar Mission) जहां से चीन रहस्य्मय जानकारी को पता करने की कोशिश करेगा। इस मिशन के माध्यम से चीन चांद पर मौजूद कुछ सैंपल्स जुटाएगा। इसके बाद पृथ्वी पर उसका रिसर्च करेगा। चीन का यह मिशन अति खास है क्योंकि अपने साथ यह मिशन पाकिस्तान के 'ऐतिहासिक' मून मिशन आई क्यूब-क्यू को साथ लेकर मून तक जाएगा। इसे आईएसटी ने डिजाइन और डेवलप किया है. क्यूबसैट सैटेलाइट एक प्रकार के मिनिएचर सैटेलाइट हैं, जिसका आकार छोटा है और डिजाइन स्टैंडर्ड। इन्हें क्यूब के आकार का डिजाइन दिया गया है और इनमें मॉड्यूलर कंपोनेंट्स बनाए गए हैं. ऐसे वजन की बात करें तो इसका वजन कुछ किलोग्राम में है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>भारत 2023 में पूरा किया था मून मिशन चंद्रयान-3</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>पाकिस्तान का मकसद स्पेस पहुंच कर साइंस और रिसर्च के क्षेत्र में सफलता हासिल करना है। (Pakistan Lunar Mission) इसकी तैयारी भी पाकिस्तान चीन के साथ मिल कर कर रहा है। हालांकि भारत ने इससे पहले अगस्त 2023 में मून मिशन चंद्रयान-3 के माध्यम चांद के साउथ पोल (दक्षिणी ध्रुव) पर पहुंच कर दुनिया भर में इतिहास बना दिया था. इस प्रकार इंडिया वहां पहुंचने वाला पहला देश बना था.</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>June 3, 2025, 8:52 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/world/pakistan-lunar-mission-pakistan-is-preparing-to-go-to-the-moon-today-china-has-full-support/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[World Wetlands Day: प्रकृति संरक्षण के बारे में भारत से सीखे दुनिया- डॉ. मुसोंदा मुम्बा]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/world/world-wetlands-day-the-world-should-learn-from-india-about-nature-conservation-dr-musonda-mumba/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल: विश्व वेटलैंड्स दिवस(World Wetlands Day) 2024 का मुख्य कार्यक्रम इंदौर के रामसर साइट सिरपुर में शुक्रवार को आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राज्य मंत्री अश्विनी चौबे और रामसर सचिवालय की महासचिव [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/06/Clipboard-16.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल: </strong>विश्व वेटलैंड्स दिवस(World Wetlands Day) 2024 का मुख्य कार्यक्रम इंदौर के रामसर साइट सिरपुर में शुक्रवार को आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राज्य मंत्री अश्विनी चौबे और रामसर सचिवालय की महासचिव डॉ. मुसोंदा मुम्बा विशिष्ट अतिथि रहे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>पहली बार भारत आईं डॉ. मुसोंदा मुम्बा</strong></p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>रामसर सचिवालय की महासचिव डॉ. मुसोंदा मुम्बा ने कहा की वह पहली बार भारत आईं हैं। इसके साथ ही इंदौर आने का मौका मिला। इंदौर आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। यह बहुत प्यारा शहर है। भारत से दुनिया को सीखना चाहिए कि कैसे प्रकृति संरक्षण का किया जाता है? जल्द ही इंदौर वेटलैंड सिटी बनेगा। इंदौर वेटलैंड प्रोजेक्ट के तहत बहुत अच्छा काम कर रहा है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>दुनिया में सिर्फ भारत को माता कहते हैं- सीएम मोहन</strong></p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>सभा को संबोधित करते हुए सीएम मोहन ने कहा कि दुनिया में 200 से ज्यादा देश है लेकिन सिर्फ भारत ही वह देश है जिसको माता कहा जाता है। प्रकृति संरक्षण की शुरुआत हमारे धर्म से ही हो जाती है। समय के साथ हुए बदलावों ने हमारे तालाबों और जल स्रोतों को दूषित किया लेकिन अब नहीं जागे तो देर हो जाएगी। वहीं, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा की सिरपुर तालाब को जनसहयोग से संवारना चाहिए। हमारे धर्म में ही नदी, तालाबों और प्रकृति का विशेष महत्व बताया गया है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>02 फरवरी को विश्व वेटलैण्ड्स दिवस</strong></p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बता दें, प्रतिवर्ष 02 फरवरी को विश्व वेटलैण्ड्स दिवस (World Wetlands Day) मनाया जाता है। इस दिन 1971 में ईरान के रामसर शहर में तालाबों को बचाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे। उक्त दिवस को उत्साह और तालाबों के प्रति जागृति लाने के उद्देश्य से ये दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष विश्व वेटलैण्ड्स दिवस की थीम ‘‘Wetlands and Human Wellbeing’’है । इसका मुख्य उद्देश्य इस बात को रेखांकित करना है कि तालाबों का संरक्षण और मनुष्यों का कल्याण दोनों का अंर्तसंबंध है और ये दोनों परस्पर रूप से एक दूसरे पर निर्भर हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>June 3, 2025, 8:52 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/world/world-wetlands-day-the-world-should-learn-from-india-about-nature-conservation-dr-musonda-mumba/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item></channel></rss>