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        <title></title>
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        <lastBuildDate>May 6, 2026, 1:16 am</lastBuildDate>
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            <title>Inkhabar</title>
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                    <title><![CDATA[आतंकी हमले के बाद दहशत में लोग, तेजी से कैंसिल कर रहे अपना कश्मीर टूर]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/desh-pradesh/people-are-in-panic-after-the-terrorist-attack-they-are-rapidly-cancelling-their-kashmir-tour/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। गर्मियों के मौसम में बड़ी संख्या में इंदौर के लोग उत्तर भारत के ठंडे प्रदेशों में छुट्टियां मनाने के लिए जाते हैं। अधिकांश लोगों को गर्मियों के मौसम में कश्मीर जाना पसंद होता हैं। इसके लिए बुकिंग अप्रैल के आखिरी सप्ताह से जून के बीच सबसे ज्यादा की जाती है। 20 फीसदी लोगों ने [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><strong>भोपाल।</strong> गर्मियों के मौसम में बड़ी संख्या में इंदौर के लोग उत्तर भारत के ठंडे प्रदेशों में छुट्टियां मनाने के लिए जाते हैं। अधिकांश लोगों को गर्मियों के मौसम में कश्मीर जाना पसंद होता हैं। इसके लिए बुकिंग अप्रैल के आखिरी सप्ताह से जून के बीच सबसे ज्यादा की जाती है।
<h2><strong>20 फीसदी लोगों ने ट्रिप करी कैंसिल</strong></h2>
श्रीनगर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद इंदौर के लोगों ने अपना कश्मीर टूर कैंसिल कर लिया है। ट्रैवल एजेंटों के मुताबिक अभी तक लगभग 20 फीसदी लोगों ने अपना कश्मीर टूर कैंसिल करवा लिया है। वहीं कई लोग निरस्त कराने पर विचार कर रहे हैं। श्रीनगर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद लोग कश्मीर न जाने के बारे में सोच रहे हैं। विमान कंपनियों ने भी टिकट पर री-बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई है।
<h3><strong>कश्मीर प्लान कर रहे कैंसिल</strong></h3>
ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष हेमेन्द्र सिंह जादौन ने बताया कि बुधवार को इंदौर से श्रीनगर जाने वाले बहुत सारे टूरिस्टों ने अपने कश्मीर टूर को निरस्त कर दिया है। होटल बुकिंग और अन्य ट्रिप प्लान भी तेजी से रद्द हो रहे हैं। इसके अलावा, जो लोग अभी नहीं जा रहे हैं, वे अपनी यात्रा मई के अंत या जून तक के लिए टाल रहे हैं। जो पर्यटक पहले से ही श्रीनगर में मौजूद हैं, वे किसी भी कीमत पर इंदौर लौटने के लिए तैयार हैं। कई लोगों का तो कहना है कि चाहे जितना मर्जी पैसा लगे, लेकिन हमें जैसे-तैसे अपने घर जाना है।
<h3><strong>विमान कंपनियां दे रही लुभावने ऑफर</strong></h3>
कश्मीर में हुए आतंकी हमले के कारण विमान कंपनियां लोगों को लुभावने ऑफर दे रही हैं ताकि वे ट्रिप आगे बढ़ासकें। इंडिगो कंपनी ने 22 अप्रैल से पहले की सभी बुकिंग को 30 अप्रैल तक दोबारा बुकिंग करने का ऑफर जारी किया है। वहीं एयर इंडिया ने यह सुविधा बढ़ाकर 15 मई कर दी है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बुकिंग को 30 अप्रैल तक चेंज करने की सुविधा उपलब्ध कराई है। ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया कश्मीर में टूरिस्टों की मदद के लिए जुटा हुआ है।
<h3><strong>पर्यटकों को दी जा रही सुविधाएं</strong></h3>
होटल और अन्य सुविधाएं उनके लिए जुटाई जा रही हैं। इसके साथ ही भोजन, पानी और ट्रैवल की व्यवस्था भी पर्यटकों को दी जा रही है। ट्रैवल एजेंट लगातार यात्रियों को राहत देने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं।]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/desh-pradesh/people-are-in-panic-after-the-terrorist-attack-they-are-rapidly-cancelling-their-kashmir-tour/</guid>
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                  </item><item>
                    <title><![CDATA[मंदिर में जारी दलाली से बचने के लिए समिति ने उठाया कदम, फॉर्म के जरिए मिलेगी एंट्री]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/tourism/the-committee-has-taken-steps-to-avoid-brokerage-going-on-in-the-temple-entry-will-be-through-a-form/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। शिव भक्तों के आकर्षण का केंद्र मानी जाने वाली उज्जैन नगरी में दलाली की जा रही है। उज्जैन में महाकाल की भस्म आरती को दलालों से बचाने के लिए मंदिर समिति ने नई प्रक्रिया की शुरूआत की है। इस प्रक्रिया के तहत 3 दिनों में बनने वाली भस्म आरती अब 1 दिन में बनकर [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> शिव भक्तों के आकर्षण का केंद्र मानी जाने वाली उज्जैन नगरी में दलाली की जा रही है। उज्जैन में महाकाल की भस्म आरती को दलालों से बचाने के लिए मंदिर समिति ने नई प्रक्रिया की शुरूआत की है। इस प्रक्रिया के तहत 3 दिनों में बनने वाली भस्म आरती अब 1 दिन में बनकर तैयार होगी। इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं को सुविधा देने के लिए मंदिर समिति ने कई और ठोस कदम उठाए हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>1 दर्जन से ज्यादा लोग गिरफ्तार</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती और दर्शन को लेकर दलाली के बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में अबतक 1 दर्जन से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं कुछ लोग फरार बताए जा रहे हैं। पूरे मामले में अभी तक महाकाल थाना पुलिस ने 14 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की है। इनमें महाकालेश्वर मंदिर समिति के कर्मचारी, सुरक्षा कर्मचारी और अन्य दलाल शामिल हैं। मंदिर समिति के एडीएम अनुकूल जैन ने बताया कि भस्म आरती में होने वाली दलाली को रोकने के लिए मंदिर समिति ने बड़ा कदम उठाया है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>ऑफलाइन अनुमति दी जाएगी</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>महाकालेश्वर मंदिर समिति के कर्मचारी, सुरक्षा कर्मी और अन्य दलाल शामिल हैं। महाकालेश्वर मंदिर समिति के एडीएम अनुकूल जैन ने बताया कि भस्म आरती में होने वाली दलाली को रोकने के लिए मंदिर समिति ने यह कदम उठाया है। अब मंदिर समिति द्वारा 300 श्रद्धालुओं को ऑफलाइन अनुमति शाम 7:00 से दी जाएगी। महाकालेश्वर मंदिर समिति ने नये नियम बनाए हैं, जिसके तहत शाम 7:00 बजे श्रद्धालुओं को नदी द्वार से फॉर्म दिए जाएंगे, जिसे 8:00 बजे तक जमा करना होगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/tourism/the-committee-has-taken-steps-to-avoid-brokerage-going-on-in-the-temple-entry-will-be-through-a-form/</guid>
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                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[चित्रकूट में बन रहा रामायण एक्सपीरियंस पार्क, भगवान राम की मूर्ति होगी आकर्षण का केंद्र]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/tourism/ramayana-experience-park-is-being-built-in-chitrakoot-the-statue-of-lord-rama-will-be-the-center-of-attraction/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट के विकास का प्लान बनाया है। चित्रकूट में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस प्रोजेक्ट की लागत 750 करोड़ रुपये है। चित्रकूट में रामायण एक्सपीरियंस पार्क का निर्माण किया जाएगा। जिसका डिज़ाइन तैयार हो चुका है। [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> मध्य प्रदेश सरकार ने श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट के विकास का प्लान बनाया है। चित्रकूट में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस प्रोजेक्ट की लागत 750 करोड़ रुपये है। चित्रकूट में रामायण एक्सपीरियंस पार्क का निर्माण किया जाएगा। जिसका डिज़ाइन तैयार हो चुका है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>रामायण काल को जीवंत करना</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>यह परियोजना 80 एकड़ की भूमि पर बनाई जाएगी। इस भव्य पार्क का मकसद रामायण काल को आधुनिक तकनीक के माध्यम से जीवंत करना है। दरअसल, रामायण पार्क का प्रमुख आकर्षण भगवान राम की 151 फीट ऊंची प्रतिमा होगी। जिसके चारों ओर पार्क का निर्माण किया जाएगा। भगवान राम के साथ माता सीता और भगवान लक्ष्मण की विशाल प्रतिमाएं भी स्थापित होगी। पार्क में रामायण काल की प्रमुख घटनाओं जैसे रावण-जटायु युद्ध, सीताहरण, लंका दहन और राम-रावण युद्ध को 3डी और 5डी एनिमेशन के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>इन फेस्लिटी की मिलेगी सुविधा</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इतना ही नहीं लेजर शो और लाइट एंड साउंड शो भी दिखाए जाएंगे। रामायण पार्क में कई आकर्षक और आध्यात्मिक सुविधाएं होंगी, जिसमें एग्जीबिट कॉम्प्लेक्स,एक थीम पार्क, आध्यात्मिक लाइब्रेरी, गोशाला, हर्बल गार्डन, संतों के लिए अध्यात्म और ध्यान केंद्र, फेसिलिटी सेंटर, रहने के लिए कॉटेज, मंदाकिनी नदी पर नया हैंगिंग पुल, रामायण के प्रमुख स्थलों की प्रतिकृतियां जैसे सती अनुसुइया मंदिर, मोकामगढ़ किला, कादमगिरि पर्वत, जानकी कुंड और स्फटिक शिला बनाई जाएंगी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>लोगों को मिलेगा रोजगार</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>मध्य प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी का कहना है कि ‘यशस्वी मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में हमारी सरकार चित्रकूट को विश्वस्तरीय धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास कर रही है। रामायण पार्क बनने से हमारी युवा पीढ़ी श्री राम और रामायण के बारे में अच्छे से जान पाएगी। साथ ही भगवान श्री राम की शिक्षाओं को भी अपनाएगी, जिससे राम राज्य की अवधारणा भी साकार होगी। जिस तरह से धार्मिक पर्यटन का चलन बढ़ रहा है, उससे बड़ी संख्या में रोजगार भी मिलेगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/tourism/ramayana-experience-park-is-being-built-in-chitrakoot-the-statue-of-lord-rama-will-be-the-center-of-attraction/</guid>
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                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Tigress: भोपाल राष्ट्रीय उद्यान में एकमात्र सफेद बाघिन की मौत, 2 दिन से खाना नहीं खाया था]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/tourism/tigress-the-only-white-tigress-died-in-bhopal-national-park-had-not-eaten-food-for-2-days/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल की लगभग 15 साल की सफेद बाघिन रिद्धि की 18-19 सितंबर की रात को मृत्यु हो गई है। आदान-प्रदान योजना के तहत सफेद बाघिन रिद्धि को पिछले साल 28 दिसंबर को इंदौर चिड़ियाघर से वन विहार लाया गया था। उस समय इसकी उम्र केवल 4 साल थी। अब यह [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल की लगभग 15 साल की सफेद बाघिन रिद्धि की 18-19 सितंबर की रात को मृत्यु हो गई है। आदान-प्रदान योजना के तहत सफेद बाघिन रिद्धि को पिछले साल 28 दिसंबर को इंदौर चिड़ियाघर से वन विहार लाया गया था। उस समय इसकी उम्र केवल 4 साल थी। अब यह 15 साल की हो चुकी थी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>बाघिन को दर्शनाथ डिस्पले बाड़े में रखा था</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में सफेद बाघिन को पर्यटकों को दर्शनार्थ डिस्प्ले बाड़े में रखा गया था। बीते 2 दिन दिवस से वृद्ध सफेद बाघिन रिद्धि ने खाना नहीं खाया था। ऐसा वह आमतौर पर करती है। कल को वह अपने घर में सामान्य घर में ही थी, लेकिन सुबह करीबन 7 बजे अपने हाउसिंग में संदिग्ध अवस्था में पाई गई। सुबह ही वन्य प्राणी चिकित्सक वन विहार डॉ हमजा नदीम फारूखी, सहायक वन्य प्राणी चिकित्सक और डॉ. रजत कुलकर्णाी , वाल्ड लाइफ एसओएस वन विहार की तरफ से संयुक्त रूप से किया गया है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>मृत्यु का कारण अंगों का काम न कर पाना</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>मृत्यु का कारण वृद्ध होने जाने के कारण अंगों का काम न करना बताया गया है। मृत सफेद बाघिन के सैंपल इकट्ठा करके परीक्षण के लिए भेजा गया है। जांच के लिए लाइफ फॉरेंसिक हेल्थ जबलपुर भेजा गया हैं। पोस्टमार्टम के बाद मृत बाघिन का नियम के मुताबिक वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वन सरंक्षक भोपाल , संचालक वन विहार और अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजदूगी में अंतिम संस्कार कर दिया गया।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/tourism/tigress-the-only-white-tigress-died-in-bhopal-national-park-had-not-eaten-food-for-2-days/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Railway: एमपी वासियों के लिए बड़ी सौगात, श्राद्धपक्ष के लिए स्पेशल ट्रेन, जबलपुर से गया के लिए होगी रवाना]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/tourism/railway-big-gift-for-mp-residents-special-train-for-shraddha-paksha-will-leave-from-jabalpur-for-gaya/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। भारतीय रेलवे में यात्रा करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। श्राद्धपक्ष के अवसर पर पश्चिम मध्य रेलवे ने पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन का परिचालन करने का फैसला लिया है। पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन के चलने से मध्य प्रदेश के जबलपुर और गया के बीच यात्रियों का सफर आसान होगा। कई स्टेशनों से गुजरती [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> भारतीय रेलवे में यात्रा करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। श्राद्धपक्ष के अवसर पर पश्चिम मध्य रेलवे ने पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन का परिचालन करने का फैसला लिया है। पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन के चलने से मध्य प्रदेश के जबलपुर और गया के बीच यात्रियों का सफर आसान होगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>कई स्टेशनों से गुजरती हुई गया पहुंचेगी</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन का परिचालन जबलपुर से गया के लिए 3 ट्रिप में और गया से जबलपुर के लिए 4 ट्रिप होगा। यह ट्रेन 18 सितंबर, 23 सिंतबर और 28 सितंबर को जबलपुर से रवाना होगी और गया से 17, 22, 27 सितंबर और 2 अक्टूबर को वापस आएगी। ये ट्रेन जबलपुर से रात 07:35 में निकलकर सिहोरा रोड (08:18 बजे पर पहुंचेगी। इसके बाद कटनी 09:10 बजे तक पहुंचेगी, फिर मैहर (10:10 बजे पहुंचेगी, फिर सतना 10:45 बजे पहुंचेगी, उसके बाद मानिकपुर 12:10 बजे अगले दिन पहुंचेगी, फिर प्रयागराज छिवकी 01:55 बजे पहुंचेगी, फिर मिर्जापुर 03:10 बजे पहुंचेगी, यंगा से पंडित दीनदयाल उपाध्याय 05:10 बजे पहुंचेगी, फिर सासाराम 06:30 बजे, फिर डेहरी ऑनसोन 06:53 बजे, फिर अनुग्रह नारायण रोड 07:18 बजे आदि स्टेशन होते हुए गया स्टेशन पहुंचेगी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>जबलपुर के लिए रवाना होगी</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>यह ट्रेन गया से 15:10 बजे निकलकर अनुग्रह नारायण रोड 04:13 बजे, फिर डेहरी ऑनसोन 04 :25 बजे, सासाराम 04:40 बजे, पंडित दीनदयाल उपाध्याय 06:35 बजे, मिर्जापुर 08:00 बजे, प्रयागराज छिवकी 09:40 पर, मानिकपुर 12:40 बजे अगले दिन, सतना 02:30 बजे, उसके बाद मैहर (02:58 बजे, कटनी 05:05 बजे, सिहोरा रोड 06:00 बजे होते हुए 08:00 बजे जबलपुर स्टेशन पहुंचेगी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/tourism/railway-big-gift-for-mp-residents-special-train-for-shraddha-paksha-will-leave-from-jabalpur-for-gaya/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Leopard: कूनो नेशनल पार्क में हुई 1 शावक चीते की मौत,अब केवल 24 चीते शेष]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/tourism/leopard-1-cub-leopard-died-in-kuno-national-park-now-only-24-leopards-left/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। कूनो नेशनल पार्क से एक दुखद खबर सामने आई है। नेशनल पार्क में एक चीते की अचानक से मौत की हो गई। वन विभाग के हवाले से सूचना मिली कि नामीबियाई नर चीता &#8216;पवन&#8217; की मौत हो गई है। इससे पहले 5 अगस्त को भी अफ्रीकी चीता &#8216;गामिनी&#8217; के 5 महीने के शावक की [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> कूनो नेशनल पार्क से एक दुखद खबर सामने आई है। नेशनल पार्क में एक चीते की अचानक से मौत की हो गई। वन विभाग के हवाले से सूचना मिली कि नामीबियाई नर चीता 'पवन' की मौत हो गई है। इससे पहले 5 अगस्त को भी अफ्रीकी चीता 'गामिनी' के 5 महीने के शावक की मौत हो गई थी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>मृत अवस्था में पाया गया</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>कूनो नेशनल पार्क में 'पवन' नामक चीता मंगलवार सुबह 10:30 बजे एक उफनती नहर के पास झाड़ियों में बेसुद पाया गया। इस घटना की जानकारी वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक और लायन प्रोजेक्ट के निदेशक उत्तम शर्मा के कार्यालय से जारी की गई। जब उसके पास जाकर देखा गया तो उसकी मृत्यु हो चुकी थी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>केवल 24 बचे है</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>जानकारी के मुताबिक चीते के शव को जब बरामद किया गया तो उस समय चीते का सिर पानी के अंदर था। शरीर पर कहीं भी बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। प्रारंभिक जांच के मुताबिक मौत का संभावित कारण उसका डूबना माना जा रहा है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पूरी जानकारी मिल पाएगी। 'पवन' की मौत के बाद कूनो नेशनल पार्क में अब केवल 24 चीते बचे हुए हैं। जिनमें 12 वयस्क और 12 शावक शामिल हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/tourism/leopard-1-cub-leopard-died-in-kuno-national-park-now-only-24-leopards-left/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Tourism: मॉनसून में घूमने चाहते है हिल स्टेशन,एक्सप्लोर करें MP के खूबसूरत नजारें]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/tourism/tourism-if-you-want-to-visit-hill-stations-during-monsoon-explore-the-beautiful-sights-of-mp/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। यदि आप मॉनसून में हिल स्टेशन घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आप एमपी के मशहूर हिल स्टेशन आ सकते हैं। एमपी के पचमढ़ी हिल स्टेशन जा सकते हैं। यहां का प्राकृतिक दृश्य आपको मंत्र-मुग्ध कर देगा। पचमढ़ी में घूमने के लिए बहुत सी खूबसूरत जगहें है। मॉनसून के हिल स्टेशन जब भी [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> यदि आप मॉनसून में हिल स्टेशन घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आप एमपी के मशहूर हिल स्टेशन आ सकते हैं। एमपी के पचमढ़ी  हिल स्टेशन जा सकते हैं। यहां का प्राकृतिक दृश्य आपको मंत्र-मुग्ध कर देगा। पचमढ़ी में घूमने के लिए बहुत सी खूबसूरत जगहें है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>मॉनसून के हिल स्टेशन</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>जब भी हिल स्टेशन पर घूमने की बात आती है तो लोगों के मन में सबसे पहले नाम उत्तराखंड या हिमाचल प्रेदश का आता है, लेकिन मॉनसून के मौसम में ऐसी जगहों पर जाना खतरनाक हो सकता है। इससे बेहतर है कि आप एसपी के हिल स्टेशन पर जाएं। यह मॉनसून में घूमने लायक एकदम बढ़िया जगह है। मध्य प्रदेश पर्यटकों के लिए एक खूबसूरत राज्य माना जाता है। यहां देश-विदेश से सैलानी घूमने के लिए आते हैं। यदि आप एमपी आए तो इन जगहों पर जरुर जाएं</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>धूपगढ़</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>धूपगढ़ सतपुड़ा पर्वतमाला की सबसे ऊंची चोटी है। यह 1352 की मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पर आप सूर्यास्त(SUNSET) का मनमोहक नजारा देखने को मिलता है। इसके अलावा रात के समय ऊंचाई से पूरा शहर लाइटों से जगमगाता है। यह नजारा तो देखने ही बनता है। पचमढ़ी बस स्टेशन से धूपगढ़ करीबन 111 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>महादेव हिल्स</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>अगर आप घूमने के लिए किसी शांत और प्रकति से भरपूर जगह पर जाना चाहते है तो महादेव हिल्स आपके लिए सही रहेगा। महादेव हिल्स बैतूल, छिंदवाड़ा और सिवनी जिलों से पूर्व और पश्चिम की ओर फैली है। यह विशाल बलुआ पत्थर की पहाड़ी है। यहां आस-पास खूबसूरत जंगल और घाटियां है जो आपका मन मोह लेगी। इसके अलावा यहां प्राचीन शिव मंदिर और कुछ गुफाएं मौजूद है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले में स्थित है। सतपुड़ा पर्वतमाला पूरी तरह से सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान को चारों ओर से घेरती है। अगर आप जानवर और प्रकृति दोनों को देखना चाहते है तो आप सफारी पर भी जा सकते है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p></p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/tourism/tourism-if-you-want-to-visit-hill-stations-during-monsoon-explore-the-beautiful-sights-of-mp/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[MP Tourism Board : एमपी पर्यटन बोर्ड का बड़ा फैसला, सिनेमा हॉल बनाने पर मिलेगी 75 लाख रुपए तक की छूट]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/top-news/mp-tourism-board-big-decision-of-mp-tourism-board-discount-of-up-to-rs-75-lakh-will-be-available-on-building-a-cinema-hall/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल: मध्य प्रदेश में सिनेमा की उन्नति और फिल्म देखने के अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा बनाई गई फिल्म पर्यटन नीति भारतीयों को सिनेमा में निवेश करने के लिए बढ़ावा दे रही है. फिल्म पर्यटन फिल्म नीति 2020 के तहत युवाओं को मल्टीप्लेक्स और सिनेमा हॉल निर्माण के [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल</strong>: मध्य प्रदेश में सिनेमा की उन्नति और फिल्म देखने के अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा बनाई गई फिल्म पर्यटन नीति भारतीयों को सिनेमा में निवेश करने के लिए बढ़ावा दे रही है. फिल्म पर्यटन फिल्म नीति 2020 के तहत युवाओं को मल्टीप्लेक्स और सिनेमा हॉल निर्माण के लिए 75 लाख रुपए तक का अनुदान दिया जा रहा है. सिंगल स्क्रीन सिनेमा हॉल (सिनेमा हॉल) की स्थापना के लिए 50 लाख रुपए, कंटेंपररी सिनेमा हॉल के लिए 75 लाख रुपए और मल्टीप्लेक्स की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए 75 लाख रुपए का अनुदान दिया जा रहा है.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>प्रदेश को फिल्म शूटिंग हब बनाने की तैयारी</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव और मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में एमपी को फिल्म शूटिंग हब के रूप में बनाया जाएगा. इसके साथ ही फिल्म से जुड़ी संस्थाओं के विकास के लिए भी काम किया जा रहा है. मध्य प्रदेश फिल्म पर्यटन नीति राज्य में सिनेमा से संबंधित बुनियादी ढांचे को विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। साथ ही स्थानीय फिल्म उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>सिंगल स्क्रीन सिनेमा व मल्टीप्लेक्स बनाने में दी जायेगी प्रोत्साहन</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>प्रदेश में सिंगल स्क्रीन सिनेमा हॉल स्थापित करने के लिए 50 लाख रुपये की लागत पर 15% अनुदान दिया जाएगा। बता दें कि प्रति सिनेमा हॉल अनुदान की अधिकतम सीमा 50 लाख रुपये है। 2 साल में बंद हो चुके सिनेमा हॉल को पुनर्जीवित या बेहतर बनाने के लिए 25 लाख रुपये की लागत पर 15% राशि का अनुदान दिया जाएगा। इस अनुदान की अधिकतम सीमा 75 लाख रुपये प्रति सिनेमा हॉल है। इसके साथ ही मल्टीप्लेक्स की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए एक करोड़ रुपये के न्यूनतम पूंजीगत व्यय पर 15% अनुदान दिया जा रहा है। इस अनुदान की अधिकतम सीमा 75 लाख रुपये प्रति सिनेमा हॉल है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>सीएम यादव ने अरबाज खान से की मुलाकात</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बता दें कि कुछ दिन पहले ही प्रदेश के मुखिया मोहन यादव ने मुंबई दौरे के दौरान अभिनेता और निर्देशक अरबाज खान से भेंट की थी। इस कड़ी सीएम यादव ने कहा कि एमपी में फिल्मों के लिए अधिक संभावनाएं हैं. इस दौरान उन्होंने एमपी को फिल्म हब बनाने को लेकर जोर दिया था।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>इस तरह करें आवेदन</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इच्छुक निवेशक और सिनेमा हॉल मालिक सरल प्रक्रिया के जरिए अनुदान के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए आधिकारिक पोर्टल https://filmcell.mponline.gov.in/sws/login से आवेदन पत्र डाउनलोड करना होगा. आवेदन पत्र में जरूरी जानकारियों और लेखों की सूची दी गई है. आवेदन पत्र के साथ कमर्शियल प्लान, वित्तीय विवरण और संपत्ति के स्वामित्व के प्रमाण के साथ जरूरी दस्तावेज एमपी टूरिज्म बोर्ड के कार्यालय में जमा करने होंगे. आवेदन पत्र के जरूरी मूल्यांकन के बाद उचित अनुदान दिया जाएगा.</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/top-news/mp-tourism-board-big-decision-of-mp-tourism-board-discount-of-up-to-rs-75-lakh-will-be-available-on-building-a-cinema-hall/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Pilgrimage: ब्रज भूमि के बाद अब श्री कृष्ण भक्तों के लिए बनाया जाएगा नया तीर्थ]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/tourism/pilgrimage-after-braj-bhoomi-now-a-new-pilgrimage-will-be-built-for-shri-krishna-devotees/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। ब्रज भूमि के बाद एमपी में श्री कृष्ण भक्तों के लिए नया तीर्थ बनने जा रहा है। मोहन सरकार श्री कृष्ण पाथेय के रूप में इस तीर्थ का आरंभ करने जा रही है। भगवान श्रीकृष्ण प्रदेश में जिन शहरों से होकर गुजरे,वहांप्राचीन मंदिर व तीर्थ मौजूद है। नए स्थानों पर इस्कॉन प्रबंधन द्वारा मंदिर [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> ब्रज भूमि के बाद एमपी में श्री कृष्ण भक्तों के लिए नया तीर्थ बनने जा रहा है। मोहन सरकार श्री कृष्ण पाथेय के रूप में इस तीर्थ का आरंभ करने जा रही है। भगवान श्रीकृष्ण प्रदेश में जिन शहरों से होकर गुजरे,वहां<br>प्राचीन मंदिर व तीर्थ मौजूद है। नए स्थानों पर इस्कॉन प्रबंधन द्वारा मंदिर बनाया जाएगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong> पथ के रूप में चिहित कर मदिंर बनाए जाएंगे</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>श्री कृष्ण के प्रचार-प्रसार के लिए इस्कॉन प्रबंधन द्वारा 17 स्थानों से रथ यात्रा निकाली जा रही है। इस्कॉन मंदिर के पीआरओ राघव पंडित दास प्रभु का कहना है कि भगवान श्री कृष्ण उज्जैन के सांदीपनि आश्रम ग्राम नारायणा, धार के अमझेरा और बदनावर भी आए थे। भगवान के जहां-जहां चरण पड़े,उन स्थानों को भगवान श्री कृष्ण पाथेय योजना के तहत राज्य सरकार विकसित करेगी। एमपी के सीएम डॉ मोहन यादव की घोषणा के बाद इन स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस्कॉन मंदिर प्रबंधन भी श्री कृष्ण गमन पथ के रूप में चिह्नित प्रदेश के प्रमुख शहरों में मंदिर निर्माण की योजना बना रहा है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:image {"id":9899,"sizeSlug":"full","linkDestination":"none"} -->
<figure class="wp-block-image size-full"><img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/07/xzcv.png" alt="" class="wp-image-9899"/></figure>
<!-- /wp:image -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>बदनवार में मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बदनवार में मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जल्द ही सागर व बीना में मंदिर निर्माण का काम शुरू किया जाएगा। प्रदेश में श्री कृष्ण भक्ति के प्रचार और प्रसार के लिए इस साल 17 जगहों से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाएगी। परम पूज्य भक्त प्रेम स्वामीजी महाराज के नेतृत्व में निकाली जा रही इन यात्राओं की शुरूआत 7 जुलाई को उज्जैन से हुई। 8 जुलाई को बदनवार व बीना, 9 जुलाई को टीकमगढ़, 10 जुलाई को छिंदवाड़ा में यात्रा निकाली जा चुकी है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/tourism/pilgrimage-after-braj-bhoomi-now-a-new-pilgrimage-will-be-built-for-shri-krishna-devotees/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[MP News: मोहन सरकार का बड़ा फरमान, इस जगह होगा धार्मिक मुख्यालय]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/top-news/mp-news-big-order-of-mohan-government-religious-headquarters-will-be-at-this-place/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल : मध्य प्रदेश की मोहन सरकार 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ की तैयारियों में जुटी हुई है. प्रदेश की यादव सरकार अभी से सारे इंतजाम कर रही है ताकि उज्जैन कुंभ सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो. इसी बीच मोहन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल </strong>: मध्य प्रदेश की मोहन सरकार 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ की तैयारियों में जुटी हुई है. प्रदेश की यादव सरकार अभी से सारे इंतजाम कर रही है ताकि उज्जैन कुंभ सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो. इसी बीच मोहन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने शासन के धार्मिक न्यास और धार्मिक कार्य विभाग को भोपाल से उज्जैन स्थानांतरित करने का निणर्य लिया है. इसके लिए गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>भोपाल से उज्जैन किया गया शिफ्ट</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बता दें कि प्रदेश की यादव सरकार ने धार्मिक न्यास और धार्मिक कार्य विभाग को भोपाल से उज्जैन स्थानांतरित कर दिया है. एमपी में धार्मिक और सांस्कृतिक मेलों का आयोजन और श्रद्धालुओं को दर्शन कराने वाला सरकार का धार्मिक न्यास और धार्मिक कार्य विभाग अब भोपाल की जगह उज्जैन से संचालित होगा.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>जारी नोटिफिकेशन के अनुसार</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>वहीं अधिसूचना के अनुसार अब धार्मिक विभाग के संचालक, विभागाध्यक्ष तथा संचालक धार्मिक न्यास एवं धार्मिक कार्य विभाग, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना सतपुड़ा भवन को वर्तमान पदस्थ अमले के साथ उज्जैन स्थानांतरित किया जाएगा, अब से यह विभाग उज्जैन में सिंहस्थ मेला प्राधिकरण, उज्जैन के भवन में संचालित किया जाएगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:image {"id":9880,"sizeSlug":"full","linkDestination":"none"} -->
<figure class="wp-block-image size-full"><img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/07/image.png" alt="" class="wp-image-9880" /></figure>
<!-- /wp:image -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/top-news/mp-news-big-order-of-mohan-government-religious-headquarters-will-be-at-this-place/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[MP Tourism: मध्य प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देगी मोहन सरकार]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/tourism/mp-tourism-mohan-government-will-promote-tourism-in-madhya-pradesh/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। उज्जैन में महाकाल लोक की सफलता के बाद मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार एक नई पहल की तैयारी करने में जुट गई है। राज्य में पहले से मौजूद धार्मिक स्थलों के अतिरिक्त मोहन सरकार 3 और नए धार्मिक स्थल विकसित करेगी। जिससे धार्मिक स्थल को बढ़ावा मिलेगा। महाकाल लोक के शुभारंभ से पर्यटन [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> उज्जैन में महाकाल लोक की सफलता के बाद मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार एक नई पहल की तैयारी करने में जुट गई है। राज्य में पहले से मौजूद धार्मिक स्थलों के अतिरिक्त मोहन सरकार 3 और नए धार्मिक स्थल विकसित करेगी। जिससे धार्मिक स्थल को बढ़ावा मिलेगा। महाकाल लोक के शुभारंभ से पर्यटन को काफी बढ़ावा मिला है। भारत को पर्यटन विभाग से होने वाला लाभ 2022 में 32.1 मिलियन से बढ़कर 2023 में 112 मिलियन हो गया हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>महिला यात्रियों के लिए गंतव्य को बढ़ावा देना है</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>राज्य सरकार तीन नए धार्मिक पर्यटन केंद्र स्थापित करने की योजना बना रही है। सलकनपुर में देवी लोक, छिंदवाड़ा में हनुमान लोक और ओरछा में राम राजा लोक के विकास के कारण पर्यटको की वृद्दि में इजाफा हुआ है। इन विकासों का उद्देश्य अधिक पर्यटकों को आकर्षित करना और धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में राज्य की अपील को बढ़ाना है। मुखर्जी ने पर्यटकों की सुरक्षा में सुधार के प्रयासों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, "अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय पर्यटकों की सुरक्षा बढ़ाने को लेकर काम किया जा रहा है। हमने निर्भया फंड के माध्यम से 10,000 से अधिक महिलाओं को विभिन्न आजीविका क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया है।" इस पहल का उद्देश्य मध्य प्रदेश को अकेली महिला यात्रियों के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाना है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>उत्सवों ने पर्यटकों का ध्यान आकर्षित किया है</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>स्कैंडिनेवियाई देशों ने खजुराहो नृत्य महोत्सव और तानसेन महोत्सव जैसे स्थानीय उत्सवों में महत्वपूर्ण रुचि दिखाई है। मुखर्जी ने कहा कि इन उत्सवों ने अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का ध्यान आकर्षित किया है, जिससे राज्य के पर्यटन प्रोफाइल को और बढ़ावा मिला है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/tourism/mp-tourism-mohan-government-will-promote-tourism-in-madhya-pradesh/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Bhopal News: रवींद्र भवन में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में होगी, कई तरह की गतिविधियां]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/tourism/bhopal-news-many-types-of-activities-will-be-organized-in-the-program-organized-at-ravindra-bhawan/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। 28 जून यानी आज के दिन शहर में कई तरह की गतिविधियों का आयोजन होने जा रहा है। इस आयोजन में कलात्मक, सामाजिक सांस्कृतिक, धार्मिक और खेल आदि गतिविधियों का सिलसिला लगातार जारी है। इन कार्यक्रमों का आयोजन रवींद्र भवन में किया जा रहा है। इन अलग-अलग तरीके की गतिविधियों का आप आनंद उठा [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> 28 जून यानी आज के दिन शहर में कई तरह की गतिविधियों का आयोजन होने जा रहा है। इस आयोजन में कलात्मक, सामाजिक सांस्कृतिक, धार्मिक और खेल आदि गतिविधियों का सिलसिला लगातार जारी है। इन कार्यक्रमों का आयोजन रवींद्र भवन में किया जा रहा है। इन अलग-अलग तरीके की गतिविधियों का आप आनंद उठा सकते है। यहां हम कुछ ऐसे ही चुंनिदा कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। जिसे पढ़ने के बाद आप अपने हिसाब से अपने निजी कार्य की योजना बनाकर इन कार्यक्रमों को देखने जा सकते है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>4 दिवसीय छायचित्र प्रदर्शनी</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>वीरांगना रानी दुर्गावती के शहीद दिवस पर 4 दिवसीय छायचित्र प्रदर्शनी का आयोजन जीपी बिड़ला संग्रहालय में किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक देखा जा सकता है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में माह का प्रादर्श की श्रृंखला के तहत जून के प्रादर्श के रूप में गुजरात के कच्छ से मेघवाल समुदाय से संकलित संदारी पानी की एक खाल से निर्मित थैली को प्रदर्शित किया जाएगा। वीथी संकुल में इस थैली को सुबह 11 बजे से शाम के 6 बजे तक देखा जा सकता है।मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में गोंड चित्रकार रेशमा श्याम के चित्रों की प्रदर्शनी की खरीदी भी कि जा सकती है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>नेशनल डिफेंस एकेडमी की प्रदर्शनी</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>50 वीं शलाका चित्र प्रदर्शनी को दोपहर 12 बजे से रात से 8 बजे तक प्रदर्शनी लगी रहेगी। शौर्य स्मारक के मुक्ताकाश मंच पर सैन्य फिल्म नेशनल डिफेंस एकेडमी की प्रदर्शनी शाम के 6 बजे तक लगी रहेगी। यह फिल्म नेशनल डिफेंस के छात्रों पर आधारित है। फिल्म्स डिवीजन आफ इंडिया के माध्यम से प्रस्तुत इस फिल्म का निर्माण मोहन भवनानी और निर्देशन केएल खंडपुर ने किया है। संस्कृति विभाग और संगीत नाटक अकादमी की तरफ से गाने-बजाने के कार्यक्रम पर आधारित प्रणति रवींद्र भवन के अंजनी सभागार में किया जा रहा है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/tourism/bhopal-news-many-types-of-activities-will-be-organized-in-the-program-organized-at-ravindra-bhawan/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Tourist Places Of MP: अगर आप घूमने का बना रहे हैं प्लान, तो एमपी के इन 5 जगहों का उठाएं लुफ्त]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/tourism/tourist-places-of-mp-if-you-are-planning-to-travel-then-enjoy-these-5-places-of-mp/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल : मध्यप्रदेश को भारत का दिल कहा जाता है। यहां के एक-एक शहर का अपना एक अलग इतिहास है जो यहां के मंदिरों में आपको देखने को मिलता है। बता दें कि मध्यप्रदेश (Tourist Places of MP) की प्राकृतिक सुंदरता भी बेमिसाल है। इस प्रदेश का नाम भारत की टॉप टूरिस्ट पैलेस की लिस्ट [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p>भोपाल : मध्यप्रदेश को भारत का दिल कहा जाता है। यहां के एक-एक शहर का अपना एक अलग इतिहास है जो यहां के मंदिरों में आपको देखने को मिलता है। बता दें कि मध्यप्रदेश (Tourist Places of MP) की प्राकृतिक सुंदरता भी बेमिसाल है। इस प्रदेश का नाम भारत की टॉप टूरिस्ट पैलेस की लिस्ट में शामिल है। जहां हर वर्ष लाखों टूरिस्ट घूमने के लिए पहुंचते हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>भारत की सबसे खूबसूरत शहरों में से एक</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>एमपी को भारत की सबसे खूबसूरत शहरों में से एक माना जाता है। अगर आप अभी तक यहां का दीदार नहीं किए हैं तो अपने छुट्टियों को यादगार बनाने के लिए एक बार जरूर एमपी का दौरा करें। अगर आप एमपी जाएंगे तो यहां के नज़ारे आपका दिल जीत लेंगे। इस राज्य को सांस्कृतिक और प्राकृतिक प्रदेश भी कहा जाता है। यहां बहुत सारी प्राचीन जगहें, वाईल्ड लाइफ सैंचुरी, और ऐतिहासिक नगर हैं। अगर आप इस माह यानी जून जुलाई में कही घूमने का प्लान कर रहे हैं तो एमपी जरूर घूमे। ऐसे में चलिए जानते हैं एमपी में कुछ घूमने की जगह के बारे में।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>ग्वालियर</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>ग्वालियर एमपी का एक बहुत ही प्रसिद्ध सिटी है। यहां ग्वालियर किला और सास-बहु मंदिर जैसे प्रमुख आकर्षण के कई केंद्र बनाएं गए हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>भिंड</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>भिंड एमपी का एक जाना माना शहर है। इस सिटी में स्थित भिंड किला बहुत खूबसूरत है, जहां हमेशा टूरिस्ट्स की भीड़ लगी रहती है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>भोपाल</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>यह एमपी की राजधानी है।अगर कोई एमपी घूमने का प्लान बना रहे है, तो आप भोपाल जरूर जाएं। भोपाल नगर में भरत भवन, ताजुल मस्जिद और उप्पेर लेक जैसे कई आकर्षक स्थल हैं, जो घूमने के लिए बहुत अच्छे माने जाते हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>उज्जैन</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>उज्जैन शहर का एक ऐसा शहर जिसे महराजा की नगरी कहा जाता है। यह धार्मिक स्थलों के लिए जाता जाता है। यहां हर 12 साल में एक बार कुंभ के मेले का आयोजन होता है, जिसमें भक्तों का तांता लगा रहता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/tourism/tourist-places-of-mp-if-you-are-planning-to-travel-then-enjoy-these-5-places-of-mp/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[MP News: मॉनसून के आगमन पर शुरू होगी हेरिटेज ट्रेन]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/tourism/mp-news-heritage-train-will-start-on-arrival-of-monsoon/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। इंदौर(MP News) और आस-पास के क्षेत्र में अभी प्री-मानसून की गतिविधियां चल रही हैं। इंदौर की महू तहसील में बारिश के बाद प्राकृतिक सौंदर्य खिलकर सामने आने लगा है। पातालपानी झरना भी बहने लगा है। इधर, रेलवे ने भी हेरिटेज ट्रेन के संचालन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि इस ट्रेन का [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> इंदौर(MP News) और आस-पास के क्षेत्र में अभी प्री-मानसून की गतिविधियां चल रही हैं। इंदौर की महू तहसील में बारिश के बाद प्राकृतिक सौंदर्य खिलकर सामने आने लगा है। पातालपानी झरना भी बहने लगा है। इधर, रेलवे ने भी हेरिटेज ट्रेन के संचालन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि इस ट्रेन का संचालन मॉनसून के शबाब पर आने पर ही शुरू किया जाएगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>इंदौर से पातालपानी के लिए चलाई जाएगी ट्रेन</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>महू-पातालपानी रेलखंड पर ब्राडगेज लाइन का काम भी लगभग पूरा हो गया है। जल्द ही रेल संरक्षा आयुक्त दल द्वारा ब्राडगेज लाइन का निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद इंदौर से सीधे पातालपानी तक के लिए ट्रेन का संचालन किया जा सकेगा। रतलाम मंडल द्वारा 25 दिसंबर 2018 से प्रदेश की पहली हेरिटेज ट्रेन का संचालन शुरू हुआ था। पातालपानी से कालाकुंड तक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई तरह के काम भी किए गए थे। ट्रेन का सबसे बड़ा स्टापेज कालाकुंड रेलवे स्टेशन पर है, इसलिए यहां गार्डन, सर्किट हाउस जैसी सुविधाएं भी पर्यटकों के लिए शुरू की गई। इसके साथ ही कालाकुंड में रेल रेस्टोरेंट शुरू करने के लिए मीटरगेज के दो कोच भी खड़े किए हैं। इसमें पर्यटक हेरिटेज ट्रेन से कालाकुंड आकर रात में जंगलों के बीच रुक सकते थे। साथ ही रेस्त्रां में खानपान की सुविधा भी रहती है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>डीआरएम का बयान</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>डीआरएम रजनीश कुमार ने बताया कि फिलहाल हमारा फोकस गेज परिवर्तन को लेकर है। हेरिटेज के लिए रैक का मेंटनेंस करने के लिए कहा जा रहा है। तैयारी पूरी होते ही ट्रेन ता संचालन शुरू हो जाएगा। इंदौर से सीधे पातालपानी पिछले सीजन में हेरिटेज ट्रेन के सफर के लिए पर्यटक सीधे पातालपानी वाटरफॉल पहुंचते थे, लेकिन पातालपानी का मार्ग कच्चा है और बारिश के दौरान यहां यातायात प्रभावित हो जाता है। इस बार मंडल ने महू से पातालपानी तक ब्राडगेज लाइन डाल दी है। आगामी माह तक इस लाइन का रेल संरक्षा आयुक्त दल द्वारा निरीक्षण किया जाना है। इसके बाद इंदौर-महू डेमू ट्रेन को पातालपानी तक विस्तारित कर दिया जाएगा। इससे पहले पातालपानी में ब्राडगेज के लिहाज से प्लेटफार्म बनना होगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/tourism/mp-news-heritage-train-will-start-on-arrival-of-monsoon/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[साइक्लिस्ट महेंद्र सिंह परमार को पड़ा दिल का दौरा, गुना में मिला शव]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/tourism/cyclist-mahendra-singh-parmar-suffers-heart-attack-dead-body-found-in-guna/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। गुजरात के भावनगर निवासी 71 साल के महेंद्र सिंह परमार, जो देशभर के 12 ज्योतिर्लिंगों की साईकल यात्रा पर निकले थे। रविवार को गुना में सड़क किनारे मृत पाए गए। पुलिस ने बताया कि परमार जो सूरत के एक वॉटर बॉटलिंग प्लांट से सेवानिवृत्त सुपरवाइजर थे, 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए साईकल यात्रा [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> गुजरात के भावनगर निवासी 71 साल के महेंद्र सिंह परमार, जो देशभर के 12 ज्योतिर्लिंगों की साईकल यात्रा पर निकले थे। रविवार को गुना में सड़क किनारे मृत पाए गए। पुलिस ने बताया कि परमार जो सूरत के एक वॉटर बॉटलिंग प्लांट से सेवानिवृत्त सुपरवाइजर थे, 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए साईकल यात्रा पर निकले थे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>गुना में मिला शव</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बता दें कि अपनी लंबी साईकल यात्रा के साथ महेंद्र सिंह पिछले दिनों गुना शहर पहुंचे। और फिर कैंट पुलिस थाना क्षेत्र के पास आराम करने के लिए रुक गए। मौजूद लोगों ने उन्हें पहले वहीं बैठे हुए देखा और फिर कुछ ही देर के बाद वे वहीं लेट गए। लोगों को लगा की वे आराम कर रहे होंगे पर वह फिर नहीं उठे। उनकी इस हालत को देखकर स्थानीय नागरिकों ने फौरन पुलिस को पूरे मामले की सूचना दी। पुलिस प्रशासन ने डॉक्यूमेंट के आधार पर मृत महेंद्र सिंह परमार की पहचान की।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>पत्नी का कहना</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>परमार की पत्नी नैना बेन, बेटे और बेटी को सूचना दी गई जो सोमवार सुबह गुना पहुंचे। नैना बेन ने कहा कि उनके पति एक धार्मिक व्यक्ति थे, जिन्होंने पैदल ही नर्मदा परिक्रमा की थी। सोमवार को जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट में मौत का कारण दिल का दौरा बताया गया है। पुलिस जांच चल रही है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>भीषण गर्मी में लंबी यात्रा के दौरान रखे ध्यान</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>यह घटना उन लोगों के लिए चेतावनी है जो अपनी जान की परवाह नहीं करते है और भीषण गर्मी में भी लंबी यात्रा पर निकलते हैं। बदलते मौसम और हीट वेव से लेकर भीषण गर्मी के कारण भी शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ते हैं। ऐसे समय में एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि नियमित रूप से शरीर को आराम दें और स्वास्थ्य से लापरवाही न करे। कई स्थानीय लोगों ने भी परमार को श्रद्धांजलि दी है। उनमें से एक ने कहा कि वह एक प्रेरणा थे। उनकी सादगी और समर्पण ने सभी को प्रभावित किया है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/tourism/cyclist-mahendra-singh-parmar-suffers-heart-attack-dead-body-found-in-guna/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[MP Tourism: गर्मियों में अगर घूमने का बना रहे हैं प्लान तो करें मध्य प्रदेश की इन ख़ूबसूरत जगहों की सैर]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/tourism/mp-tourism-if-you-are-planning-to-travel-in-summer-then-visit-these-beautiful-places-of-madhya-pradesh/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। इस समय गर्मी का मौसम चल रहा है। ऐसे में हर कोई दो पल की शांति के लिए किसी ठंडी जगह पर जाकर बस प्रकृति की गोद में समय बिताना चाहता है। अगर आप भी इन गर्मियों में कहीं घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं तो मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थल (MP Tourism) [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> इस समय गर्मी का मौसम चल रहा है। ऐसे में हर कोई दो पल की शांति के लिए किसी ठंडी जगह पर जाकर बस प्रकृति की गोद में समय बिताना चाहता है। अगर आप भी इन गर्मियों में कहीं घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं तो मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थल (MP Tourism) आपके लिए बढ़िया विकल्प हो सकते हैं। मध्य प्रदेश में जहाँ एक तरफ प्राकृतिक ख़ूबसूरती है तो वहीं दूसरी ओर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल भी देखने को मिलेंगे। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के उन चार पर्यटन स्थलों के बारे में जहां अपने दोस्तों और परिवार के साथ प्रकृति का आनंद ले सकते हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>रायसेन</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>मध्य प्रदेश (MP Tourism) के रायसेन की प्राकृतिक ख़ूबसूरती को रायसेन का पुराना किला बखूबी बढ़ाता है। यहां पहुंचने के लिए आप रायसेन से चलने वाली किसी भी बस में बैठकर आसानी से पहुंच सकते हैं। रायसेन के किले को घूमने के लिए किसी टिकट की ज़रूरत नहीं पड़ती। ये किला भले ही बहुत पुराना है, लेकिन इसकी ख़ूबसूरती में जरा भी कमी नहीं आई है। इसके अलावा आप यहां का तितली गार्डेन भी घूम सकते हैं जो कि पूरे भारत में मशहूर है। यहां पर करीब 65 प्रकार की तितलियाँ पाई जाती हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>मांडू</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>प्रदेश मे स्थित मांडू, मध्य प्रदेश की एकलौती ऐसी जगह है, जहाँ के राजा-रानी की प्रेम की कहानी आज भी लोगों को याद है। इसे दुनिया का सबसे बड़ा किलों का शहर भी कहा जाता है। मांडू का पुराना नाम मांडव था। यहां पर गर्मी और बरसात के समय घूमने आना अच्छा होता है। इसके अलावा यहां का जहाज़ महल, मांडू का किला, रानी रुपमती का महल देखने लायक है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>पंचमढ़ी</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इसके अलावा पंचमढ़ी घूमने आना आपके लिए एक बढ़िया विकल्प हो सकता है। पंचमढ़ी, मध्य प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन है। जिसे क्वीन ऑफ़ सतपुड़ा के नाम से भी जाना जाता है। पंचमढ़ी के चारों ओर सुंदर और हरी-भरी पहाड़ियां स्थित हैं, जिसे यहाँ के लोग प्यार से रानी कहते हैं। इसके अलावा कहा जाता कि ज्ञातवास के दौरान पांडवों ने अपना अधिकतर समय यहां पर बिताया था, इसी वजह से इसका नाम पंचमढ़ी पड़ा। यही नहीं यहां का मौसम इतना सुहावना होता है कि लोग देश भर से यहां घूमने आते हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>कान्हा किसली</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>मध्य प्रदेश में स्थित कान्हा किसली देश के बड़े नेशनल पार्क में से एक है। यहां आप विभिन्न प्रकार के जंगली जानवरों को देख सकते हैं। कान्हा किसली में आपको इतिहास से जुड़ी कई चीज़ें भी देखने को मिलती हैं। बता दें कि ये नेशनल पार्क करीब 2,051 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। यहाँ एक बाघ अभ्यारण्य भी है। जहां आप सबसे ख़ास तरह के बाघ और बारहसिंगा देख सकते हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/tourism/mp-tourism-if-you-are-planning-to-travel-in-summer-then-visit-these-beautiful-places-of-madhya-pradesh/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[World Wetlands Day: प्रकृति संरक्षण के बारे में भारत से सीखे दुनिया- डॉ. मुसोंदा मुम्बा]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/world/world-wetlands-day-the-world-should-learn-from-india-about-nature-conservation-dr-musonda-mumba/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल: विश्व वेटलैंड्स दिवस(World Wetlands Day) 2024 का मुख्य कार्यक्रम इंदौर के रामसर साइट सिरपुर में शुक्रवार को आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राज्य मंत्री अश्विनी चौबे और रामसर सचिवालय की महासचिव [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल: </strong>विश्व वेटलैंड्स दिवस(World Wetlands Day) 2024 का मुख्य कार्यक्रम इंदौर के रामसर साइट सिरपुर में शुक्रवार को आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राज्य मंत्री अश्विनी चौबे और रामसर सचिवालय की महासचिव डॉ. मुसोंदा मुम्बा विशिष्ट अतिथि रहे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>पहली बार भारत आईं डॉ. मुसोंदा मुम्बा</strong></p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>रामसर सचिवालय की महासचिव डॉ. मुसोंदा मुम्बा ने कहा की वह पहली बार भारत आईं हैं। इसके साथ ही इंदौर आने का मौका मिला। इंदौर आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। यह बहुत प्यारा शहर है। भारत से दुनिया को सीखना चाहिए कि कैसे प्रकृति संरक्षण का किया जाता है? जल्द ही इंदौर वेटलैंड सिटी बनेगा। इंदौर वेटलैंड प्रोजेक्ट के तहत बहुत अच्छा काम कर रहा है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>दुनिया में सिर्फ भारत को माता कहते हैं- सीएम मोहन</strong></p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>सभा को संबोधित करते हुए सीएम मोहन ने कहा कि दुनिया में 200 से ज्यादा देश है लेकिन सिर्फ भारत ही वह देश है जिसको माता कहा जाता है। प्रकृति संरक्षण की शुरुआत हमारे धर्म से ही हो जाती है। समय के साथ हुए बदलावों ने हमारे तालाबों और जल स्रोतों को दूषित किया लेकिन अब नहीं जागे तो देर हो जाएगी। वहीं, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा की सिरपुर तालाब को जनसहयोग से संवारना चाहिए। हमारे धर्म में ही नदी, तालाबों और प्रकृति का विशेष महत्व बताया गया है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>02 फरवरी को विश्व वेटलैण्ड्स दिवस</strong></p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बता दें, प्रतिवर्ष 02 फरवरी को विश्व वेटलैण्ड्स दिवस (World Wetlands Day) मनाया जाता है। इस दिन 1971 में ईरान के रामसर शहर में तालाबों को बचाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे। उक्त दिवस को उत्साह और तालाबों के प्रति जागृति लाने के उद्देश्य से ये दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष विश्व वेटलैण्ड्स दिवस की थीम ‘‘Wetlands and Human Wellbeing’’है । इसका मुख्य उद्देश्य इस बात को रेखांकित करना है कि तालाबों का संरक्षण और मनुष्यों का कल्याण दोनों का अंर्तसंबंध है और ये दोनों परस्पर रूप से एक दूसरे पर निर्भर हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/world/world-wetlands-day-the-world-should-learn-from-india-about-nature-conservation-dr-musonda-mumba/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[MP News: कूनो नेशनल पार्क में अब टूरिस्ट कर पाएंगे विदेशी चीतों का दीदार]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/tourism/mp-news%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%a8%e0%a5%8b-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%85%e0%a4%ac-%e0%a4%9f/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। मध्यप्रदेश के श्योपुर में स्थित कूनो नेशनल पार्क से एक बड़ी खुशखबरी निकल कर सामने आई है। जहां कूनो नेशनल पार्क की सैर करने वाले पर्यटक अब चीतों को आसानी से देख सकेंगे। कूनो फेस्टिवल के औपचारिक शुभारंभ के दौरान दो नर चीतों वायु और अग्नि को खुले जंगल में छोड़ा गया है। दोनों [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल</strong>। मध्यप्रदेश के श्योपुर में स्थित कूनो नेशनल पार्क से एक बड़ी खुशखबरी निकल कर सामने आई है। जहां कूनो नेशनल पार्क की सैर करने वाले पर्यटक अब चीतों को आसानी से देख सकेंगे। कूनो फेस्टिवल के औपचारिक शुभारंभ के दौरान दो नर चीतों वायु और अग्नि को खुले जंगल में छोड़ा गया है। दोनों ही चीते अन्य चीतों की तरह बाड़े मे बंद थे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>पर्यटक कर सकेंगे चीतों का दीदार</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>रविवार को दो चीते वायु और अग्नि को पर्यटन जोन पारोंद वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया है। जो अहेरा गेट से प्रवेश करने वाले टूरिस्ट को दिखाई दे सकते हैं। दोनों चते पूर्ण रूप से स्वस्थ्य हैं। साथ ही इनकी ट्रेकिंग के लिए चीता मॉनिटरिंग टीम एवं वन परिक्षेत्र की मोबाइल टीम को भी एक्टिव कर दिया गया है। जो उनकी हरकत पर पैनी नजर रखेगी। साथ ही चीतों के गले में रेडियो एक्टिव कॉलर पर ID लगाई गई है। जिससे चीतों की लोकेशन का पता लगाया जा सकेगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>चीता का पुर्नस्थापना दिवस</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>पिछले साल 17 सितम्बर 2022 को पीएम नरेन्द्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर देश को चीता पुर्नस्थापना प्रोजेक्ट की सौगात दी थी। दो चरणों में 20 चीते भारत को दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से मिले थे। प्रोजेक्ट चीता खट्टे मीठे अनुभव के साथ आगे बढ़ता रहा, इस दौरान 6 वयस्क एवं 3 शावक बीमारी के चलते मृत्यु का शिकार हो गये।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>कूनो फॉरेस्ट फेस्टिवल की शुरुआत</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बता दें, श्योपुर मे सोमवार को कूनो नेशनल पार्क मे फॉरेस्ट फेस्टिवल की शुरुआत की गई रविवार को दो चीते खुले में छोड़े गए ताकि पर्यटक चीतों को असानी से देख सकें। कूनो को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए एमपी टूरिज्म बोर्ड द्वारा कूनो फारेस्ट फेस्टिवल के पहले संस्करण का आयोजन किया जा रहा है। अत्य़ाधुनिक सुविधाओं से लैस टेंट सिटी में पर्यटक लग्जरी ग्लेम्पिंग का आनंद ले सकेंगे। साथ ही यहां आयोजित होने वाली हॉट एयर बलूनिंग, पैरामोटरिंग, जंगल सफारी जैसी गतिविधियों से खुद को रोमांचित कर पाएंगे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/tourism/mp-news%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%a8%e0%a5%8b-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%85%e0%a4%ac-%e0%a4%9f/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[दमोह मे बनेगा देश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व, केन्द्र सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/tourism/the-countrys-largest-tiger-reserve-will-be-built-in-damoh-central-government-issued-notification/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। मध्य प्रदेश के दमोह में देश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनने जा रहा है।एमपी और दमोह के लिए यह गौरव की बात है।बता दें, केंद्र सरकार ने टाइगर रिजर्व को बनाने को लेकर नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। इस टाइगर रिजर्व का एरिया 2300 वर्ग किलोमीटर मे फैला होगा. देश के सबसे [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल</strong>। मध्य प्रदेश के दमोह में देश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनने जा रहा है।एमपी और दमोह के लिए यह गौरव की बात है।बता दें, केंद्र सरकार ने टाइगर रिजर्व को बनाने को लेकर नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। इस टाइगर रिजर्व का एरिया 2300 वर्ग किलोमीटर मे फैला होगा. देश के सबसे बड़े टाइगर रिजर्व में सागर के अलावा दमोह और नरसिंहपुर क्षेत्र को भी शामिल किया जाएगा</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>दमोह मे बनेगा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>एमपी और दमोह के लिए यह गौरव की बात है कि केंद्र सरकार ने टाइगर रिजर्व को बनाने को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। टाइगर रिजर्व का एरिया 2300 वर्ग किलोमीटर मे फैला होगा। बता दें, एमपी को टाइगर स्टेट का दर्जा प्राप्त है। टाइगर रिजर्व को बनाने के लिए सागर, दमोह और नरसिंहपुर के जंगली क्षेत्रों को मिलाया जाएगा। इस टाइगर रिजर्व के बनने से एमपी और दमोह में रोजगार और पर्यटन दोनो को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>टाइगर हो रहे थे विलुप्त</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>प्रदेश में टाइगर धीरे- धीरे विलुप्त हो रहे थे। इसे देखते हुए टाइगर के पुनर्वास के लिए 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर लॉन्च किया गया था। मध्य प्रदेश अब सबसे ज्यादा टाइगर वाला राज्य है।इंटरनेशनल टाइगर डे पर जारी रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश के छह नेशनल पार्क सहित राज्य में 785 टाइगर पाए गए, जो देश में सबसे ज्यादा हैं.एमपी के कान्हा नेशनल पार्क में 129 बांधवगढ़ नेशनल पार्क में सबसे ज्यादा 165 टाइगर हैं.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने एक्स पर किया पोस्ट</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>देश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनाने को लेकर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए , केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि यह गौरव का विषय है। दमोह ने पर्यावरण के क्षेत्र में बड़ा योगदान दिया है और वह अपनी विरासत को सहेजे हुए है। इसलिए उसे ये अवसर मिला है, अब आने वाले दिनों में इस इलाके में पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी और क्षेत्र उन्नति करेगा.</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/tourism/the-countrys-largest-tiger-reserve-will-be-built-in-damoh-central-government-issued-notification/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[MP News: ग्वालियर में हाथों से बने गणेश और लक्ष्मी के कैलेंडरों के राष्ट्रपति और पीएम मुरीद]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/tourism/president-and-pm-admire-the-calendars-of-ganesh-and-lakshmi-made-by-hand-in-gwalior/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल: आज दिवाली का त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। आज के दिन सभी अपने घरों में भगवान गणेश और लक्ष्मी जी की पूजा करते हैं। साथ ही आज लोग गणेश और लक्ष्मी जी का कैलेंडर भी घर ले जाते हैं। लेकिन आपको जानकार हैरानी होगा कि ग्वालियर जिले के एक [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल:</strong> आज दिवाली का त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। आज के दिन सभी अपने घरों में भगवान गणेश और लक्ष्मी जी की पूजा करते हैं। साथ ही आज लोग गणेश और लक्ष्मी जी का कैलेंडर भी घर ले जाते हैं। लेकिन आपको जानकार हैरानी होगा कि ग्वालियर जिले के एक परिवार के द्वारा हाथों से तैयार किए गणेश-लक्ष्मी के कैलेंडर की डिमांड देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>266 वर्षों से बना रहे हैं कैलेंडर</strong></p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>ग्वालियर शहर के चितेराओली में रहने बाले बुजुर्ग पति-पत्नी कन्हैयालाल और पवन कुमारी ने बताया है कि सिंधिया राजवंश के द्वारा साल 1757 में हमारे परिवार के लोग बुंदेलखंड से ग्वालियर आए थे। तब से वह इसी चितेरा ओली में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक वक़्त था जब चितेराओली में हर-घर में इस कलाकृति का काम होता था। लेकिन अब यह कला सिर्फ कुछ परिवारों में ही सिमट कर रह गई है। 85 साल के कलाकार कन्हैयालाल और उनकी पत्नी पवन कुमारी दीपावली के त्योहार पर इन कैलेंडरों को अपने हाथों से तैयार करते हैं। पवन कुमारी ने बताया कि पति दीपावली के त्योहार पर घर-घर जाकर गणेश लक्ष्मी जी की कलाकृति तैयार करते हैं। उन्होंने कलाकृति बनाना 11 साल की उम्र में अपने पिताजी से सीखी थी। अभी इस कला को बनाने वाले शहर में जितने कलाकार हैं, उसमें से दस कलाकार हमारे परिवार से हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>प्राकृतिक रंगों का उपयोग</strong></p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>पति कन्हैयालाल के साथ कैलेंडर को तैयार करने वाली पवन कुमारी ने बताया है कि वे इन कैलेंडरों को अपने हाथों से तैयार करते हैं। इसे बनाने के लिए प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया जाता है। आम जन के जीवन में खशहाली आए इसलिए इस रंग में गंगाजल मिलाया जाता है। इसे बनाने का काम 45 पहले ही शुरू हो जाता है। आगे उन्होंने बताया कि इसकी मांग प्रदेश समेत देश विदेश में भी बहुत है। इसलिए मांग को ध्यान में रखते हुए कैलेंडर बनाया जाता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने की तारीफ</strong></p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बता दें कि हाल में ग्वालियर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ग्वालियर प्रवास पर आई थी। इस दौरान उन्होंने हाथों से बनी इस कलाकृति को राष्ट्रपति को भेंट किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने उनकी कला को खूब सराहा। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ग्वालियर दौरे पर आए तो उस दौरान कन्हैया लाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाथ से उनकी फोटो बनाई थी, जिसे उन्हें भेंट की थी। यह तस्वीर पीएम नरेंद्र मोदी को बेहद पसंद आई और पीएम ने उनकी कला की प्रशंसा की।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/tourism/president-and-pm-admire-the-calendars-of-ganesh-and-lakshmi-made-by-hand-in-gwalior/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[MP Tourist News: मध्य प्रदेश में है मिनी गोवा ! आप भी लें इस अद्भुत दृश्य का आनंद]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/tourism/mini-goa-is-in-madhya-pradesh-enjoy-this-amazing-view/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। कहा जाता है कि भारत की इस पवित्र धरती में कई रहस्य दफ़न हैं. वहीं यहां के प्राकृतिक सौंदर्य का तो क्या कहना। जी हाँ बात सिर्फ यही ख़त्म नहीं होती है. आज हम आपको मध्य प्रदेश की एक ऐसी जगह के बारे में बताएंगे जिसका नजारा हूबहू गोवा की तरह दिखाई देता है… [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल। </strong>कहा जाता है कि भारत की इस पवित्र धरती में कई रहस्य दफ़न हैं. वहीं यहां के प्राकृतिक सौंदर्य का तो क्या कहना। जी हाँ बात सिर्फ यही ख़त्म नहीं होती है. आज हम आपको मध्य प्रदेश की एक ऐसी जगह के बारे में बताएंगे जिसका नजारा हूबहू गोवा की तरह दिखाई देता है… गोवा देश दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहों में शुमार है. गोवा का रेतीला बीच देखने के लिए दूर-दूर से लोग जाते हैं. सब कहते हैं कि गोवा जैसा नजारा कहीं नहीं दिखाई देता, लेकिन मध्य प्रदेश में एक ऐसा गांव है, जिसका नजारा हूबहू गोवा की तरह दिखाई देता है. नदी के किनारे बसे ‘मिनी गोवा’ गांव में लोग बीच की तरह मजा लेने के लिए जाते हैं.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>कहां स्थित है यह जगह?</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बता दें कि गोवा की तरह नजर आने वाला मध्य प्रदेश का ये गांव मंदसौर जिले में स्थित है. मंदसौर जिले में स्थित कंवला गांव चंबल नदी के तट पर स्थित है. यहां चंबल का किनारा इतना चौड़ा है कि उस पार नजर नहीं आता है. इस मिनी गोवा में 2 बड़ी चट्टानें हैं, जो नदी के बीच किसी आईलैंड की तरह दिखाई देती हैं. इस वजह से इसका नजारा समुद्र की तरह दिखाई देता है. बारिश के दिनों में यहां टूरिस्ट का जमावड़ा लगा रहता है.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>यहां के सनसेट का लें आनंद</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>वहीं कंवला में सनसेट देखने का भी अलग ही मजा है. यह बहुत शांतिपूर्ण जगह है, जहां प्राकृतिक नजारों का दीदार कर सकते हैं. यहां दिन में कैंप लगाकर भी रुक सकते हैं. चंबल नदी के किनारे खूबसूरत लहरों को टकराते हुए देख सकते हैं. गांव की आबादी क्षेत्र से दूर है. चंबल के तट पर दो विशाल शिलाखंड स्थित हैं. इन शिलखंडो में एबाबिल पक्षी के मिट्टी से बने सुन्दर घरौंदे होने के कारण इन्हें गांव में ” चिड़ी वाला पत्थर “भी कहते हैं. बताया जाता है कि कंवला जून 2020 में चंबल के प्राकृतिक सौंदर्य, लहरों की अटखेलियों के दृश्य और एक नदी के तट की अद्भुत छटा लिए दुनिया के सामने आया. हालांकि ये कोई बड़े टूरिस्ट स्पॉट के रूप में विकसित नहीं हुआ है, इसलिए यहां पास में बाजार जैसी चीजें नहीं मिलेंगी. इसलिए आप अपने साथ खाना-पीना ले जाकर पिकनिक की तरह एंजॉय कर सकते हैं.</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/tourism/mini-goa-is-in-madhya-pradesh-enjoy-this-amazing-view/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[MP News: CM शिवराज ने संगीत सम्राट तानसेन की जन्म स्थली का नाम बदला, बेहट गांव हुआ तानसेन नगर]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/tourism/mp-news-cm-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a4-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9f-%e0%a4%a4/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संगीत सम्राट तानसेन की जन्म स्थली का नाम बदलने का ऐलान किया है।उनकी जनस्थली बेहटा गांव को अब तानसेन नगर के नाम से जाना जाएगा। बता दें कि गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ग्वालियर में थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान संगीत सम्राट तानसेन की जन्मस्थली बेहट गांव पहुंचे। [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल:</strong> मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संगीत सम्राट तानसेन की जन्म स्थली का नाम बदलने का ऐलान किया है।उनकी जनस्थली बेहटा गांव को अब तानसेन नगर के नाम से जाना जाएगा। बता दें कि गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ग्वालियर में थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान संगीत सम्राट तानसेन की जन्मस्थली बेहट गांव पहुंचे। गांव पहुंच कर बेहट गांव का नाम बदलकर तानसेन नगर रखने का ऐलान किया।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>पर्यटन स्थल में शामिल</strong></p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>ग्वालियर से 45 किलोमीटर दूर बेहट गांव संगीत सम्राट तानसेन की जन्म स्थली है। यहीं पर वह बकरी चराने के लिए जाते थे। इसी गांव में उन्होंने संगीत सीखने की शुरुआत की थी उनसे जुड़ी तमाम चीज संगीत सीखने वालों के लिए तीर्थस्थल है। यही कारण है कि संगीत सम्राट तानसेन की जन्मस्थली को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। हाल ही मैं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बेहट गांव को पर्यटन स्थल में शामिल किया है। मध्य प्रदेश के सांस्कृतिक विभाग की तरफ से हर साल विश्व संगीत का आयोजन करती है। इस विश्व के तमाम संगीतकार इकट्ठा होते हैं। आगे मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहट गांव के विकास के लिए जितने पैसे की जरुरत पड़ेगी उतना पैसा लगया जाएगा। लेकिन बेहट गांव विश्व पर्यटक पटल पर लाया जाएगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/tourism/mp-news-cm-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a4-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9f-%e0%a4%a4/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[विदेशी चीतों को मिला देशी नाम, जाने कैसे हुआ नामकरण]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/tourism/foreign-cheetahs-got-native-name-know-how-it-was-named/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल: नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों का भारतीय नामकरण कर दिया गया है। अब इन चीतों को भारतीय नाम से ही जाना जाएगा। चीतों के नए नामों का चुनाव ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित कर के किया गया है। दरसल नामीबिया से 8 और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 12 चीतों को अब तक [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल:</strong> नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों का भारतीय नामकरण कर दिया गया है। अब इन चीतों को भारतीय नाम से ही जाना जाएगा। चीतों के नए नामों का चुनाव ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित कर के किया गया है। दरसल नामीबिया से 8 और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 12 चीतों को अब तक उनके विदेशी नामों से ही जाना जाता था। लेकिन अब इन्हें भारतीय नाम मिल गए है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>कैसे हुआ नामकरण</strong></p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>विदेशी चीतों के भारतीय नामकरण के लिए केंद्रसरकार द्वारा एक ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमे देश के हजारों लोगो ने हिस्सा लिया और नाम के सुझाव दिए। सुझावों के आधार पर इनका भारतीय नामकरण हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 सितंबर को मन की बात कार्यक्रम में देशवसियों से आह्वान किया था कि इनके कुछ भारतीय नाम का सुझाव दें। जिसके बाद केंद्र सरकार द्वारा mygov पोर्टल पर एक प्रतियोगिता आयोजित की गई। यह प्रतियोगिता 26 सितंबर को शुरू हुई और 31 अक्टूबर तक चली थी। प्रतियोगिता में विजेताओं के नाम की घोषणा कर दी गई है। इसकी जानकारी केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने ट्वीट कर के दी है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:image {"id":1330,"sizeSlug":"full","linkDestination":"none"} -->
<figure class="wp-block-image size-full"><img src="https://inkhabarmp.com/wp-content/uploads/2023/04/tweet-by-bhupendra-yadav-1.jpg" alt="" class="wp-image-1330" /></figure>
<!-- /wp:image -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>नामीबिया से लाए गए चीतों के नाम में बदलाव</strong></p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>पुराना नाम       -              नया नाम</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>ओबान        -                 पवन<br>सवाना         -                नाभा<br>सियाया      -                  ज्वाला<br>आशा         -                आशा<br>एल्टन         -                गौरव<br>फ्रेडी          -                शौर्य<br>तिब्लिसी       -                धात्री</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>साउथ अफ्रीका से लाए गए चीतों के बदले नाम</strong></p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>पुराना नाम                           नया नाम</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>फिंडा -                                 दक्ष<br>मापेसू -                                 निर्वा<br>फिंडा (व्यस्क-1) -                    वायु<br>फिंडा(व्यस्क-2) -                     अग्नि<br>स्वालू (मादा) -                         गामिनी<br>तस्वालू (व्यस्क नर) -                  तेजस<br>तस्वालू (उप व्यस्क मादा) -           वीरा<br>तस्वालू(उप व्यस्क नर) -              सूरज<br>वाटरबर्ग जीवमंडल ( मादा) -         धीरा तो<br>वाटरबर्ग जीवमंडल ( नर) -           उदय<br>वाटरबर्ग बायोस्फीयर (नर-2) -       प्रभाष<br>वाटरबर्ग बायोस्फीयर (नर-3) -       पावक</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/tourism/foreign-cheetahs-got-native-name-know-how-it-was-named/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
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                    <title><![CDATA[मध्य प्रदेश: कान्हा टाइगर रिजर्व में 9 साल की बाघिन ने 5 शावकों को दिया जन्म, तस्वीरें हो रही वायरल]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/tourism/madhya-pradesh-9-year-old-tigress-gives-birth-to-5-cubs-in-kanha-tiger-reserve-pictures-going-viral/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। खबर मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व की है। जिसमें एक बाघिन ने 5 शावकों को जन्म दिया है। टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने पांच शावकों के जन्म की पुष्टि की है। कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र निदेशक एस के सिंह ने जानकारी दी है कि टी-27 नाम की बाघिन ने पांच शावकों को [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-13.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> खबर मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व की है। जिसमें एक बाघिन ने 5 शावकों को जन्म दिया है। टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने पांच शावकों के जन्म की पुष्टि की है। कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र निदेशक एस के सिंह ने जानकारी दी है कि टी-27 नाम की बाघिन ने पांच शावकों को जन्म दिया है। इन शावकों को पहली बार शनिवार को देखा गया है। ये पांचों शावक मांडला जिले के टाइगर रिजर्व के मुक्की जोन में देखे गए थें।</p>
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<!-- wp:heading {"level":3} -->
<h3><strong>डीजे नाम से मशहूर है बाघिन</strong></h3>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>अंदाजा लगाया जा रहा है कि टी-27 नाम की बाघिन ने इन बच्चों को पिछले साल नवंबर में जन्म दिया होगा। क्योंकि ये शावक करीब तीन महीने के है। एसके सिंह ने बताया कि यह बाघिन डीजे के नाम से मशहूर हैं और इसे पांच शावकों के साथ देखकर पर्यटक भी बहुत खुश हैं। डीजे की पांच शावकों के साथ की तस्वीरें सोशल मीडिया पर धूम मचा रही हैं। डीजे नाम की इस बाघिन ने एक साथ पांच शावकों को जन्म देकर रिकॉर्ड बना दिया है। ऐसा पहली बार हुआ हैं कि किसी बाघिन ने एकसाथ पांच शावकों को जन्म दिया हो और पांचों शावक स्वस्थ हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading {"level":3} -->
<h3><strong>सबसे ज्यादा बाघ मध्य प्रदेश में</strong></h3>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>विदित हैं कि मध्य प्रदेश में पूरे देश में सर्वाधिक 526 बाघ है। अखिल भारतीय बाघ जनगणना रिपोर्ट के अनुसार भारत में सबसे ज्यादा बाघ मध्य प्रदेश में पाए जाते है। यहां कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा और पन्ना सहित कई टाइगर रिजर्व हैं। कान्हा टाइगर रिजर्व में डीजे, नीलम, नैना सहित आधा दर्जन से अधिक बाघिन के शावक व्यस्क होने के बाद सैलानियों को खासा उत्साहित करेंगे।</p>
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                    <pubDate>April 24, 2025, 7:01 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/tourism/madhya-pradesh-9-year-old-tigress-gives-birth-to-5-cubs-in-kanha-tiger-reserve-pictures-going-viral/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
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