भोपाल। 16 मार्च को लोकसभा चुनावों की तारीखों के ऐलान होते ही पूरे देश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। पहले से चल रही योजनाओं का काम तो चलता रहेगा, लेकिन जो नई योजनाएं घोषित हुई थीं, उनका काम अटक सकता है। खास तौर पर पीएम श्री धार्मिक हेली सेवा और पीएम श्री […]
भोपाल। 16 मार्च को लोकसभा चुनावों की तारीखों के ऐलान होते ही पूरे देश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। पहले से चल रही योजनाओं का काम तो चलता रहेगा, लेकिन जो नई योजनाएं घोषित हुई थीं, उनका काम अटक सकता है। खास तौर पर पीएम श्री धार्मिक हेली सेवा और पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा फिलहाल उड़ान नहीं भर सकेंगी। इसी तरह भोपाल के GG फ्लाईओवर का औपचारिक उद्घाटन भी अब लोकसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद ही हो सकेगा।
बता दें कि आदर्श आचार संहिता लागू होते ही सरकारी कामकाज थम-सा जाता है। आचार संहिता का असर पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा और पीएम श्री धार्मिक हेली सेवा पर सीधे-सीधे पड़ेगा। इसका शुभारंभ हो चुका है लेकिन नियमित सेवा शुरू होने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि इन दोनों ही सेवाओं के संचालन के लिए निजी एजेंसी ने कई रुट को लेकर अनुमतियां नहीं ली हैं। इसके लिए विभाग ने एजेंसी को दो महीने का वक्त दिया है। यदि तय समय में एजेंसी को अनुमति मिल भी जाती है तो निर्वाचन आयोग की अनुमति से ही यह सेवा शुरू हो सकेगी। ऐसे में माना जा रहा है कि फिलहाल लोकसभा चुनावों के नतीजों तक का इंतजार करना पड़ सकता है।
भोपाल के GG फ्लाईओवर (गायत्री मंदिर से गणेश मंदिर तक) भी बनकर तैयार है। लोक निर्माण विभाग की योजना अप्रैल 2024 में इसका शुभारंभ करने की थी। इसका काम भी करीब-करीब पूरा हो गया है। अप्रैल के पहले हफ्ते में ट्रायल के लिए एक सप्ताह तक वाहनों के लिए फ्लाईओवर को खोला जाना है। ऐसे में औपचारिक लोकार्पण में जरूर वक्त लग सकता है।
सरकार ने प्रदेश के सभी जिला अस्पताल में नि:शुल्क शव वाहन रखने का निर्णय लिया है। प्रशासकीय स्वीकृति विभाग से जारी हो गई है। इसके बाद भी योजना के लिए टेंडर जारी नहीं हुए हैं। ऐसे में सरकार के अस्पतालों में नि:शुल्क शव वाहन उपलब्ध होने में भी समय लगेगा।
बता दें कि आदर्श आचार संहिता निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न होने तक लागू रहेगी। चुनावों की तारीखों की घोषणा के साथ ही आचार संहिता प्रभावी हो चुकी है। वोटों की गिनती के बाद ही अब यह हटेगी। इस दौरान आचार संहिता का पालन अनिवार्य है। उल्लंघन करने पर राजनेता या राजनीतिक दल के खिलाफ निर्वाचन आयोग कार्रवाई कर सकता है।