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       <title>Today Shani Amavasya News | Latest Shani Amavasya News | Breaking Shani Amavasya News in English | Latest Shani Amavasya News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Shani Amavasya समाचार:Today Shani Amavasya News ,Latest Shani Amavasya News,Aaj Ka Samachar ,Shani Amavasya समाचार ,Breaking Shani Amavasya News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.mp.inkhabar.com/tag/shani-amavasya</link>
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        </image><item><title>आज है शनि अमावस्या, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि</title><link>https://mp.inkhabar.com/religious/today-is-shani-amavasya-know-the-auspicious-time-and-method-of-worship/</link><pubDate>March 29, 2025, 5:32 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-29T110227.189.jpg</image><category>अध्यात्म</category><excerpt>भोपाल। हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का बड़ा महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि अमावस्या तिथि को श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान इत्यादि से पितरों की नाराजगी दूर होती है। साथ ही पितृ दोष और काल सर्प दोषों से भी मुक्ति मिलती है। इस समय चैत्र का महीना चल र...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का बड़ा महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि अमावस्या तिथि को श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान इत्यादि से पितरों की नाराजगी दूर होती है। साथ ही पितृ दोष और काल सर्प दोषों से भी मुक्ति मिलती है। इस समय चैत्र का महीना चल रहा है। चैत्र माह की अमावस्या 29 मार्च को है।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;शनि अमावस्या का शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;इस दिन शनिवार पड़ने के कारण इसे शनिश्चरी अमावस्या भी कहा जाएगा। कहा जाता है कि शनिश्चरी अमावस्या के दौरान पितरों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने से पितरों के साथ शनिदेव की कृपा भी साधक पर बनी रहती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। शनि अमावस्या पर चैत्र कृष्ण अमावस्या की शुरूआत 7 बजकर 55 मिनट पर शुरू होगी। जिसकी समाप्ति 4 बजकर 27 मिनट पर होगी। वहीं स्नान-दान का शुभ मुहूर्त पूरे दिन है।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;शनिश्चरी अमावस्या की पूजा विधि&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;शनि अमावस्या पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए। अगर किसी नदी या सरोवर में जाकर स्नान करते है तो बहुत अच्छा होगा। स्नान के बाद घर के मंदिर में दीया जलाएं। मंदिर में दीया जलाने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें। आप चाहे तो इस दिन भी व्रत रख सकते हैं। इस दिन पितर संबंधित कार्य करना चाहिए। इस दिन हो सके तो भगवान का ध्यान करें। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से खास लाभ की प्राप्ति होती है।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पितरों का श्राद्ध करें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;शनि अमावस्या पर पवित्र नदी में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। शनि अमावस्या के दिन श्राद्ध-तर्पण करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। साथ ही कुंडली में ढैय्या, साढे़साती और शनि की बुरी दृष्टि से छुटकारा मिलता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>शनि अमावस्या के दिन करें ये काम, सारे पितृ दोष होंगे माफ</title><link>https://mp.inkhabar.com/religious/do-this-work-on-the-day-of-shani-amavasya-all-the-sins-of-ancestors-will-be-forgiven/</link><pubDate>March 26, 2025, 11:28 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-26T165824.178-300x169.jpg</image><category>अध्यात्म</category><excerpt>भोपाल। शनि अमावस्या 29 मार्च, शनिवार को है। इस बार शनि अमावस्या चैत्र माह में पड़ रही है। यह दिन शनि देव को समर्पित होता है। इस दिन शनि देव की विधि-विधान से पूजा की जाती है। साथ ही इस दिन शनि देव से जुड़े उपाय किए जाते हैं, ताकि पितृ दोष से मुक...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; शनि अमावस्या 29 मार्च, शनिवार को है। इस बार शनि अमावस्या चैत्र माह में पड़ रही है। यह दिन शनि देव को समर्पित होता है। इस दिन शनि देव की विधि-विधान से पूजा की जाती है। साथ ही इस दिन शनि देव से जुड़े उपाय किए जाते हैं, ताकि पितृ दोष से मुक्ति मिल सके।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पितृ दोषों से मिलती है मुक्ति&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;अगर आपकी कुंडली में शनि की अशुभ स्थिति, साढ़े साती, ढैय्या आदि चल रही है तो इनसे छुटकारा पाने के लिए कई तरह के टोटके अपनाए जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि शनि अमावस्या पर शनि देव की पूजा और शनि मंत्रों का जप करने से पितृ दोषों से मुक्ति मिलती है। अमावस्या पर दीपदान का भी खास महत्व होता है। शनि अमावस्या 29 मार्च को है। इस दिन शनि का गोचर होगा। वह मीन राशि में प्रवेश करेगा। वहीं अमावस्या तिथि पर माना जाता है कि पितृ धरती पर आते हैं। वहीं शनि अमावस्या पर पितरों को प्रसन्न करने का खास मौका होता है।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;शनि अमावस्या के दिन तर्पण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;पितरों की आत्मा की शांति और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए दीपदान, तर्पण किया जाता है। शनि अमावस्या पर मंदिर या गरीबों में तिल का दान किया जाता है। इसके अलावा गाय को चारा और पक्षियों को दाना डाला जाता है। माना जाता है कि इससे पितृ दोष दूर होते हैं। शनि देव को कर्म और न्याय का देवता कहा जाता है। ऐसे में सच्चे मन से शनि अमावस्या के दिन दान-पुण्य करने और सेवा करने से पितृ दोष शांत होता है। शनि अमावस्या के दिन हनुमान जी की उपासना करना उत्तम माना जाता है।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;छायादान भी कर सकते हैं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;इस दिन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड का पाठ और बजरंग बाण कराने से घर में शांति बनी रहती है। इस दिन पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने और शनि मंत्र का जाप करने से कुंडली में शनि ग्रह शांत होते हैं। शनि देव के मंत्र ऊं शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करना फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा छायादान भी कर सकते हैं।&lt;/p&gt;
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