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       <title>Today Prahlad Patel News | Latest Prahlad Patel News | Breaking Prahlad Patel News in English | Latest Prahlad Patel News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Prahlad Patel समाचार:Today Prahlad Patel News ,Latest Prahlad Patel News,Aaj Ka Samachar ,Prahlad Patel समाचार ,Breaking Prahlad Patel News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        <copyright>MP Inkhabar</copyright>
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        </image><item><title>MP Assembly Election 2023: नरेंद्र सिंह तोमर को टिकट देने के पीछे ये है सबसे बड़ी वजह</title><link>https://mp.inkhabar.com/election/this-is-the-biggest-reason-behind-giving-ticket-to-narendra-singh-tomar/</link><pubDate>September 26, 2023, 11:44 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/Clipboard-9-1.jpg</image><category>चुनाव</category><excerpt>भोपाल. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को बीजेपी 15 साल बाद विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका दे रही है. बीते दिनों बीजेपी ने अपनी दूसरी सूची जारी कर 39 उम्मीदवारों को विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिए गए हैं. पीएम नरेंद्र मोदी की कैबिनेट मे...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को बीजेपी 15 साल बाद विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका दे रही है. बीते दिनों बीजेपी ने अपनी दूसरी सूची जारी कर 39 उम्मीदवारों को विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिए गए हैं. पीएम नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में लगातार 9 साल से मंत्री बने हुए नरेंद्र सिंह तोमर को दिमनी विधानसभा सीट से टिकट दिया गया है. आपको बता दें कि नरेंद्र सिंह तोमर वर्तमान में मुरैना-श्योपुर संसदीय सीट से सांसद हैं और दिमनी विधानसभा इसी संसदीय सीट के अंतर्गत आती है. लेकिन राजनीतिक हलकों में नरेंद्र सिंह तोमर को दिमनी सीट से टिकट देने के पीछे कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दिमनी में कांग्रेस मजबूत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल जिस दिमनी विधानसभा सीट से नरेंद्र सिंह तोमर को बीजेपी ने चुनावी मैदान में खड़ा किया है, वह कांग्रेस के कब्जे वाली मजबूत सीट है. वर्तमान में इस सीट पर कांग्रेस के विधायक रविंद्र सिंह तोमर काबिज हैं. 2013 से दिमनी सीट बीजेपी से दूर है. यहां पर 2013 में एक बार बसपा और शेष सभी चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है. ऐसे में जिस सीट पर कांग्रेस का कब्जा मजबूती से है, उस सीट पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बनाकर बड़े संकेत दिए हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;1998 से 2008 तक दिमनी सीट पर थी बीजेपी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;तो चलिए पहले दिमनी सीट का चुनावी गणित समझते हैं. बता दें कि 1998 से लेकर 2008 तक दिमनी सीट बीजेपी के कब्जे में रही. तब यह आरक्षित सीट हुआ करती थी. 2008 में जब यह सीट सामान्य हो गई तब भी सीट पर बीजेपी उम्मीदवार जीत दर्ज करते रहे. लेकिन 2013 के चुनाव में बसपा उम्मीदवार बलबीर सिंह दंडोतिया विजयी रहे. 2018 के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार गिर्राज दंडोतिया जीते, जो सिंधिया समर्थक हैं लेकिन सिंधिया के कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी में आने के बाद वे भी बीजेपी में आ गए थे. 2020 के उप-चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी रविंद्र सिंह तोमर विजयी रहे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दिमनी सीट पर कुल मतदाता 2,01,517&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कुल मतदाताओं की बात की जाए तो दिमनी सीट पर कुल 2,01,517 वोटर्स है. लेकिन इनमें सबसे निर्णायक वोटर हैं तोमर राजपूत. इनकी संख्या करीब 65 हजार से भी ऊपर है. दूसरे नंबर पर ब्राह्मण और एससी वोटर्स हैं. दिमनी सीट को इसलिए तंवरघार भी कहा जाता है. क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार विनोद त्रिपाठी का कहना है कि कांग्रेस के कब्जे और प्रभाव वाली दिमनी सीट पर नरेंद्र सिंह तोमर को लाने की वजह ही उनका तोमर होना और दिमनी में तोमर वोटरों का निर्णायक होना है. वही दूसरी बड़ी वजह नरेंद्र सिंह तोमर बड़े नेता हैं. ऐसा माना जा रहा है कि उनके चंबल के अंदर चुनाव लड़ने के कारण चंबल क्षेत्र की दूसरी सीटों पर भी बीजेपी प्रत्याशियों के लिए एक माहौल बनेगा. बीजेपी हर हाल में ग्वालियर-चंबल से अधिक सीटें जीतना चाहती है, क्योंकि यहां की 34 में से 26 सीटें जीतकर ही कांग्रेस ने 2018 में अपनी सरकार बना ली थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बड़े नेता खुलकर बोलने से बच रहे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वही नरेंद्र सिंह तोमर को दिमनी सीट पर लाने को लेकर बीजेपी के अंदरखाने की बड़ी सूचना ये हैं कि नरेंद्र सिंह तोमर पार्टी में बड़े नेता है और उनके जैसे सभी बड़े नेताओं को इस बार बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने जीत की जिम्मेदारी दी है. बीजेपी संगठन चाहता है कि जो नेता मोदी लहर में लोकसभा के चुनाव जीतते रहे हैं वे अपने दम पर अब पार्टी को विधानसभा चुनाव जिताकर दें. इसके पीछे के बड़े संकेत मध्यप्रदेश में अब नई लीडरशिप की तैयारी को लेकर भी दिए गए हैं लेकिन इसे लेकर बीजेपी के अंदर बड़े नेता फिलहाल खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: बैरिकेड लांघकर मंच पर पहुंचे वीडी शर्मा, विपक्ष ने कसा तंज</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/vd-sharma-crossed-the-barricade-and-reached-the-stage-opposition-taunted/</link><pubDate>September 11, 2023, 2:35 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/Clipboard-21-1-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल: भिंड में जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान सभा में पहुंचने के लिए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को बैरिकेड लांघना पड़ा. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी मंच तक पहुंचने के लिए मशक्कत करनी पड़ी. अब वीडी शर्मा और सिंधिय...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल: &lt;/strong&gt;भिंड में जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान सभा में पहुंचने के लिए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को बैरिकेड लांघना पड़ा. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी मंच तक पहुंचने के लिए मशक्कत करनी पड़ी. अब वीडी शर्मा और सिंधिया का इस तरह कार्यक्रम में पहुंचने का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे लेकर विपक्ष तंज कस रहा है. दरअसल बीजेपी की जन आशीर्वाद यात्रा बीते 2 दिन से भिंड में चल रही है. जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान खंडा रोड पर एक सभा का आयोजन किया गया. भीड़ बहुत अधिक थी, इसलिए सभा स्थल पर मंच से कुछ दूरी पर बैरिकेड भी लगाए गए थे, जिसकी वजह से सभा करने वाले नेता भी मुश्किल से मंच पर पहुंच पाए.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वीडी शर्मा ने लांघा बैरिकेड&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जन आशीर्वाद यात्रा जब खंडा रोड पर पहुंची तो मंच पर पहुंचने के लिए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को मशक्कत करनी पड़ी. वीडी शर्मा को बैरिकेड लांघना पड़ा. सुरक्षा कर्मियों की मदद से वह ऐसा कर पाए और इसके बाद मंच पर पहुंचे. इसके बाद सिंधिया भी मंच पर पहुंचने के लिए मशक्कत करते हुए नजर आए. उन्हें वीडी शर्मा ने अपने हाथों से सहारा देकर मंच पर चढ़ाया. इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो को लेकर पीयूष बबेले ने ट्वीट कर कटाक्ष किया कि लगता है, वीडी शर्मा जी का जन्म अपमान झेलने के लिए ही हुआ है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सिंधिया- जनता का मिल रहा प्रेम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं इस मौके पर सिंधिया ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि जनता का अपार प्रेम मिल रहा है. सिंधिया ने कहा कि ‘जनता का अभूतपूर्व स्नेह और आशीर्वाद मिल रहा है. जैसे मेरी आजी अम्मा और पूज्य पिताजी और भारतीय जनता पार्टी ने सदैव क्षेत्र के विकास के नए सोपान बनाए, इस तरह मैं भी क्षेत्र के विकास के लिए कार्य करता रहूंगा. ‘&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: प्रदेश अध्यक्ष को लेकर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के नाम की फैली अफवाह, जानिए पूरा मामला</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/mp-politics-rumors-spread-about-the-name-of-union-minister-prahlad-patel-regarding-the-state-president-know-the-whole-matter/</link><pubDate>May 27, 2023, 1:22 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/Clipboard-11-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल। मध्य प्रदेश भाजपा में बदलाव की सुगबुगाहट ने जोर पकड़ लिया है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात के बाद तो अटकलों का बाजार गरमा गया ह...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश भाजपा में बदलाव की सुगबुगाहट ने जोर पकड़ लिया है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात के बाद तो अटकलों का बाजार गरमा गया है। इस दौरान शुक्रवार को यह बात फैल गई कि पार्टी नेतृत्व ने प्रहलाद पटेल को प्रदेश भाजपा की कमान सौंप दी है। हालांकि, इस संबंध में कोई अधिकृत आदेश जारी नहीं हुआ है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रहलाद पटेल ने दिया जवाब&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष बनने या दावेदारी को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि यह सब काल्पनिक और मनगढंत है. प्रहलाद ने कहा कि वे अभी जबलपुर में हैं. यहां से नए संसद भवन के 28 मई को होने वाले लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए वे दिल्ली जा रहे हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रहलाद पटेल का नाम चर्चा में क्यों बना ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मंगलवार को सागर के मंत्रियों गोविंद राजपूत, भूपेंद्र सिंह और गोपाल भार्गव की आपसी लड़ाई का मसला सामने आया था। बताया जा रहा है कि दो विधायकों के साथ राजपूत और भार्गव ने भूपेंद्र सिंह की शिकायत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से की है। इसके बाद बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर शिवराज सिंह चौहान ने प्रहलाद पटेल, नरेंद्र सिंह तोमर और कैलाश विजयवर्गीय के साथ बैठक की थी। इसके बाद पटेल ने ट्वीट करते हुए कहा कि &amp;#8216;मैं अपने पुराने मित्रों शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह तोमर और कैलाश विजयवर्गीय जी का ह्दय से आभार व्यक्त करता हूं। जिन्होंने मेरी इस मन:स्थिति से उबरने और सक्रियता के लिए एक पुराना प्रयोग कर संबल दिया। संघर्ष के समय में आपस के प्रेम और विश्वास का अहसास हुआ।&amp;#8217; इस ट्वीट के बाद से पटेल का नाम चर्चा में आ गया। पटेल एक समय प्रदेश में बहुत सक्रिय थे। उमा भारती के साथ भारतीय जनशक्ति पार्टी में गए थे और फिर लौट आए। तब से ही वे प्रदेश की राजनीति से दूर ही रहे थे। ऐसे में उनका नाम चर्चा में आना नए समीकरणों के संकेत देता है।&lt;/p&gt;
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