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       <title>Today political analysis News | Latest political analysis News | Breaking political analysis News in English | Latest political analysis News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का political analysis समाचार:Today political analysis News ,Latest political analysis News,Aaj Ka Samachar ,political analysis समाचार ,Breaking political analysis News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>MP Politics: जानें कमलनाथ के गढ़ का चुनावी इतिहास, इस बार किसके पक्ष में होगा परिणाम</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/know-the-election-history-of-kamal-naths-stronghold-this-time-the-result-will-be-in-whose-favor/</link><pubDate>September 30, 2023, 5:13 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/Clipboard-15-2.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. अगर आप राजनीति में रुचि रखते हैं तो छिंदवाड़ा का नाम सुनते ही आपके दिमाग में सबसे पहले नाम आता है कमलनाथ का और खास बात ये है कि वर्तमान में इस विधानसभा सीट से विधायक हैं, इसलिए ये राज्य की सबसे वीआईपी सीटों में से एक है. इस सीट पर पिछले ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;अगर आप राजनीति में रुचि रखते हैं तो छिंदवाड़ा का नाम सुनते ही आपके दिमाग में सबसे पहले नाम आता है कमलनाथ का और खास बात ये है कि वर्तमान में इस विधानसभा सीट से विधायक हैं, इसलिए ये राज्य की सबसे वीआईपी सीटों में से एक है. इस सीट पर पिछले कुछ चुनावों की बात करें तो वोर्टस ने कांग्रेस और बीजेपी दोनों का बटन दबाया है तो आइए जानते हैं इस सीट के आंकड़े, समीकरण और इतिहास.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानिए पिछले कुछ चुनावों का परिणाम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;छिंदवाड़ा विधानसभा सीट पर पिछले चार चुनावों में, कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा सामने आई है. 2008 के चुनाव में, कांग्रेस के दीपक सक्सेना 64,740 वोटों के साथ विजयी हुए, उन्होंने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा के चौधरी चंद्रभान सिंह को हराया था. यहां मुकाबला बहुत करीबी था. दीपक सक्सेना ने 3,444 वोटों से जीत हासिल की थी. वहीं, 2013 के चुनाव में, भाजपा के चौधरी चंद्रभान सिंह ने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी, कांग्रेस के दीपक सक्सेना की तुलना में 24,778 अधिक वोट प्राप्त करके, अधिक अंतर से सीट जीती थी. 2018 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो कांग्रेस के दीपक सक्सेना ने एक बार फिर 50% वोट शेयर हासिल करते हुए 104,034 वोटों के साथ जीत दर्ज की. जबकि, उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा के चौधरी चंद्रभान सिंह को 89, 487 वोट मिले, जिसके चलते सक्सेना की जीत का अंतर 14,547 वोटों का रहा. हालांकि, 2018 में कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद दीपक सक्सेना ने ये कमलनाथ के लिए छोड़ दी. जिसके बाद 2019 के उपचुनाव में कमलनाथ ने 1,14,459 वोट पाकर बड़ी जीत हासिल की थी. उन्होंने बीजेपी के विवेक बंटी साहू को 25, 837 वोटों के अंतर से हराया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये है सियासी इतिहास&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;छिंदवाड़ा के सियासी इतिहास की बात करें तो राजनीतिक परिदृश्य में पिछले कुछ वर्षों में BJP और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखी गई है. 1972 से 1993 तक कांग्रेस का दबदबा रहा, 1990 में थोड़ी रुकावट आई जब भाजपा ने यह सीट जीत ली. कांग्रेस के दीपक सक्सेना ने 1993 में इस सीट पर दोबारा कब्जा किया और 2008 और 2018 में भी इस पर जीत हासिल. वहीं, इससे पहले 2013 में, भाजपा के चंद्रभान सिंह चौधरी ने जीत हासिल की थी. 2019 के उपचुनाव में कमल नाथ ने ये सीट जीतकर अपने नाम की थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;SC-ST वोटर्स तय करते हैं हार-जीत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं छिंदवाड़ा विधानसभा सीट पर जनता एक-एक बार बीजेपी और कांग्रेस को मौका देती रही है. खास बात यह है कि यहां किसी भी उम्मीदवार की जीत में एसटी और एससी मतदाता अहम भूमिका निभाते हैं. जो इस निर्वाचन क्षेत्र में नतीजे तय करते हैं. साथ ही गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और बसपा की उपस्थिति इस विधानसभा सीट पर है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: गुना सीट पर इस बार कांग्रेस-बीजेपी किसे देगी मौका? इन नामों पर लग रहे कयास</title><link>https://mp.inkhabar.com/election/whom-will-congress-bjp-give-a-chance-on-guna-seat-this-time-there-are-speculations-on-these-names/</link><pubDate>September 25, 2023, 11:29 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/Clipboard-2-3-300x169.jpg</image><category>चुनाव</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में सूबे की दोनों बड़ी पार्टियां बीजेपी और कांग्रेस सत्ता में आने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही हैं. 5 साल बाद फिर से प्रदेश की जनता को अपने पसंद का उम्मीदवार चुनने का मौका मिलेगा. एमपी की 230 विध...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में सूबे की दोनों बड़ी पार्टियां बीजेपी और कांग्रेस सत्ता में आने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही हैं. 5 साल बाद फिर से प्रदेश की जनता को अपने पसंद का उम्मीदवार चुनने का मौका मिलेगा. एमपी की 230 विधानसभा सीटों में से एक है गुना विधानसभा सीट. चंबल अंचल में आने वाली गुना विधानसभा सीट सूबे की महत्वपूर्ण सीट है. 2018 में बीजेपी के प्रत्याशी गोपीलाल जाटव ने कांग्रेस के चंद्र प्रकाश अहिरवार को भारी मतों के अंतर से हराया था. लेकिन इस बार क्या होगा ये तो परिणामों के बाद ही पता चलेगा. तो चलिए अब बात करते है गुना सीट के सियासी समीकरणों की.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2018 में पड़े थे 57 प्रतिशत वोट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के अनुसार गुना विधानसभा में करीब 2 लाख से ज्यादा मतदाता है. जिसमें पुरूष वोटर्स की संख्या लगभग एक लाख तो वहीं महिला वोटर्स भी करीब एक लाख से अधिक है. ये आंकड़े 2018 के विधानसभा चुनाव के अनुसार है. ये मतदाता तय करेंगे कि गुना में इस बार कौन बाजी मारेगा. आपको बता दें कि पिछले चुनाव में कुल 57 प्रतिशत वोट पड़े थे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बीजेपी-कांग्रेस के बीच होती है टक्कर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गुना विधानसभा सीट के सियासी ताने बाने पर गौर करें तो यह पूरा शहरी क्षेत्र हैं, बीजेपी कांग्रेस के अलावा यहां बीएसपी का भी वोट बैंक माना जाता है. लेकिन चुनाव आते-आते इस वोट बैंक में बिखराव भी दिखता है. इस बार भी यहां बीएसपी जोर लगा रही है, ऐसे में मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद लगाई जा रही है. जानकारी के लिए आपको बता दें कि गुना से गोपीलाल जाटव विधायक हैं. उन्होंने 2018 में कांग्रेस के चंद्र प्रकाश अहिरवार को 33,667 वोटों के अंतर से हराया था&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गुना का राजनीतिक इतिहास&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;तो चलिए अब एक नजर गुना के राजनीतिक इतिहाल पर डालते हैं. 1977 में JNP के धर्मस्वरूप सक्सेना, 1980 में कांग्रेस के शिव प्रताप सिंह, 1985 में कांग्रेस के शिवप्रताप सिंह, 1990 में BJP के भाग चंद्र सोगानी, 1993 में कांग्रेस के शिव प्रताप सिंह, 1998 में कांग्रेस के शिव प्रताप सिंह, 2003 में BJP के कन्हैया लाल अग्रवाल, 2008 में भारतीय जन शक्ति के राजेंद्र सिंह सलूजा, 2013 में BJP के पन्नालाल शाक्य और 2018 में BJP के गोपीलाल जाटव 33, 667 वोटों से जीतें थे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस बार किसी तीसरे को मिलेगा मौका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;फिलहाल ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार के चुनाव में बीजेपी-कांग्रेस किसी और को मौका दे सकती हैं. बीजेपी में जाटव के साथ-साथ नीरज निगम, पूर्व विधायक पन्ना लाल शाक्य, अनूसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश मंत्री सुनील मालवीय और चंद्रप्रकाश अहिरवार का नाम आ रहा हैं तो वहीं कांग्रेस से वरिष्ठ नेता कन्हैयाराम अहिरवार, हरिओम खटीक और वीरू खटीक का नाम आ रहा है. अब देखते हैं कि दोनों ही दल किसे मौका देते है और जनता किसे चुनती हैं. वहीं बीजेपी विधायक गोपीलाल जाटव के अनुसार क्षेत्र में कई काम हुए हैं. गुना में इस बार टिकट बदलाव होने के आसार साफ दिख रहे हैं. जाटव भी मानकर चल रहे हैं कि किसी नए दावेदार को टिकट मिलना तय है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Assembly Election 2023: जानिए पाटन विधानसभा का जातीय समीकरण</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/know-the-caste-equation-of-patan-assembly/</link><pubDate>September 24, 2023, 12:19 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/Clipboard-59-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के पाटन विधानसभा क्षेत्र में पिछले कुछ चुनावों में भाजपा और कांग्रेस को जनता ने बारी-बारी मौका दिया और यहां पर दिलचस्प मुकाबला हुआ है. पाटन विधानसभा की बात करें तो यहां भारतीय जनता पार्टी के नेता अजय विश्नोई वि...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल.&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के पाटन विधानसभा क्षेत्र में पिछले कुछ चुनावों में भाजपा और कांग्रेस को जनता ने बारी-बारी मौका दिया और यहां पर दिलचस्प मुकाबला हुआ है. पाटन विधानसभा की बात करें तो यहां भारतीय जनता पार्टी के नेता अजय विश्नोई विधायक हैं. 2018 में अजय विश्नोई ने यहां से कांग्रेस के तत्कालीन विधायक नीलेश अवस्थी को चुनाव में हराया था. आपको बता दें कि इससे पहले 2013 के चुनाव में अजय विश्नोई को यहां से कांग्रेस के नीलेश अवस्थी ने हराया था, तो चलिए यहां कि सीट का विश्लेषण करते हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अजय विश्नोई हैं विधायक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि पाटन विधानसभा से वर्तमान विधायक भाजपा के अजय विश्नोई हैं. उन्होंने 2018 के चुनाव में कांग्रेस के तत्कालीन विधायक नीलेश अवस्थी को हराकर सीट जीती थी. 2018 में अजय विश्नोई की जीत से पहले 2013 के चुनाव में कांग्रेस के नीलेश अवस्थी ने इस सीट पर जीत हासिल की थी. वहीं 2008 के चुनाव में अजय विश्नोई ने बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए जीत हासिल की थी. आपको बता दें कि मौजूदा बीजेपी विधायक अजय विश्नोई कई मुद्दों पर अपनी ही सरकार के खिलाफ मुखर रहते हैं. उन्होंने हाल ही में शिवराज सरकार के कैबिनेट विस्तार पर भी सवाल उठाए थे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कांग्रेस-बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पाटन विधानसभा क्षेत्र में हाल के वर्षों में भाजपा और कांग्रेस के बीच आर-पार की लड़ाई देखी गई है. कांग्रेस के नीलेश अवस्थी 2013 में जीतने में कामयाब रहे, लेकिन भाजपा के अजय विश्नोई ने 2018 में जीत हासिल की, जिससे सीट वापस भाजपा की झोली में आ गई.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2018 के चुनाव परिणाम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;2018 के चुनाव परिणाम की बात करें तो बीजेपी से अजय विश्नोई ने 100,443 वोटों के साथ जीत दर्ज की थी. वहीं कांग्रेस से नीलेश अवस्थी को 73,731 वोटों के साथ हार का सामना करना पड़ा था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कुल जनसंख्या 3,33,357&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं जातीय समीकरण पर नजर डाले तो पाटन विधानसभा क्षेत्र की कुल जनसंख्या 3,33,357 है, जिसमें मतदाताओं की संख्या 2,35,000 है. कुल जनसंख्या का 85.94% ग्रामीण निवासी हैं, जबकि 14.06% शहरी क्षेत्रों में रहते हैं. आबादी में, 15.77% आदिवासी मूल के हैं और 16.95% दलित समुदाय से हैं. 2013 के विधानसभा चुनाव में 77.63% मतदान हुआ था. गौरतलब है कि इस निर्वाचन क्षेत्र में किसी एक जाति का बहुमत नहीं है. कटंगी क्षेत्र में कम जनसंख्या में मुस्लिम उपस्थिति के साथ राजपूत ठाकुर, ब्राह्मण, बनिया, लोधी कुर्मी और जैन समुदाय सह-अस्तित्व में हैं.&lt;/p&gt;
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