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       <title>Today MSP News | Latest MSP News | Breaking MSP News in English | Latest MSP News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का MSP समाचार:Today MSP News ,Latest MSP News,Aaj Ka Samachar ,MSP समाचार ,Breaking MSP News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Purchased: 1412 सेंटरों पर की जाएगी धान की खरीदारी, ऑनलाइन मोड में होगी निगरानी</title><link>https://mp.inkhabar.com/states/purchased-paddy-will-be-purchased-at-1412-centers-monitoring-will-be-done-in-online-mode/</link><pubDate>December 2, 2024, 8:19 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/U78M.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>भोपाल। मध्य प्रदेश में आज से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)2,300 रुपये प्रति क्विंटल पर धान का उपार्जन 1,412 केंद्रों पर किया जाएगा। इस बार धान की खरीदी का लक्ष्य 45 लाख टन रखा गया है। गुणवत्ता से भरपूर उपार्जन के लिए ऑनलाइन मोड निगरानी की जाएगी। ग...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश में आज से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)2,300 रुपये प्रति क्विंटल पर धान का उपार्जन 1,412 केंद्रों पर किया जाएगा। इस बार धान की खरीदी का लक्ष्य 45 लाख टन रखा गया है। गुणवत्ता से भरपूर उपार्जन के लिए ऑनलाइन मोड निगरानी की जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गुणवत्ता के आधार  पर होगा स्वीकार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;किसान जो फसल लेकर आएंगे, उसकी गुणवत्ता का आकलन कचरा, टूटन और नमी के आधार पर किया जाएगा। इसके बाद ही फसल को स्वीकार या अस्वीकार कर पर्ची बनाई जाएगी। अगर उपज में गुणवत्ता नहीं होगी तो उसे लौटा दिया जाएगा। साथ ही किसानों से ठीक करके लाने के लिए कहा जाएगा। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सामान्य किस्म की धान 2,300 और ग्रेड ए धान का समर्थन मूल्य 2,320 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदी जाएगी। गुणवत्ता से भरपूर फसलों की ही खरादारी की जाए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केवल गुणवत्ता फसलों की खरीदा जाएगा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गुणवत्तायुक्त फसलों की ही खरीदा जाए। इसके लिए ऑनलाइन निगरानी की व्यवस्था की गई है। राज्य और जिला स्तर पर उपार्जन पोर्टल पर दर्ज होने वाली फसल संबंधी जानकारी के आधार पर उनका आकलन किया जाएगा। अगर उपज में कचरा, टूटन या नमी अधिक पाई गई तो उसे वापिस कर दिया जाएगा। जब किसान उपज ठीक कराकर निर्धारित मापदंड के मुताबिक लेकर लाएगा, तब ही उसकी उपज को स्वीकार किया जाएगा। दरअसल, धान किसान से लेने के बाद उसे चावल बनाने के लिए मिलर्स को देते है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कई बार फसलों में शिकायत मिली&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उस समय कई बार नमी, कचरा और टूटन अधिक होने की शिकायत सामने आती है। ऐसी उपज मिलर्स नहीं लेते हैं क्योंकि प्रति क्विंटल धान से 67 किलोग्राम चावल लिया जाता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>मध्य प्रदेश: खराब गेहूं को प्रति क्विंटल 5-10 रूपए कम पर खरीदेगी सरकार, हकीकत कुछ और…</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/madhya-pradesh-government-will-buy-bad-wheat-at-rs-5-10-less-per-quintal-the-reality-is-something-else/</link><pubDate>April 11, 2023, 3:15 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/Clipboard-2023-04-11T081950.698-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल। मार्च महीने में हुई बारिश और ओलावृष्टि ने मध्य प्रदेश में किसानों के 10 लाख टन से ज्यादा गेहूं की चमक को उड़ा दिया है। इस आंकड़े में और बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि खरीद केंद्रों पर अभी गेहूं पहुंचना शुरू हो गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; मार्च महीने में हुई बारिश और ओलावृष्टि ने मध्य प्रदेश में किसानों के 10 लाख टन से ज्यादा गेहूं की चमक को उड़ा दिया है। इस आंकड़े में और बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि खरीद केंद्रों पर अभी गेहूं पहुंचना शुरू हो गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने आदेश जारी किया है कि 10 प्रतिशत तक दागी गेहूं को समर्थन मूल्य 2125 रुपए प्रति क्विंटल पर सरकार खरीदेगी। अगर गेहूं 80 प्रतिशत तक खराब हो गया है तो उसे प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य से 5-10 रूपए कम पर खरीदा जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सरकार का अनुमान- 15 से 20 फीसदी फसल को हुआ नुकसान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राज्य सरकार ने इन सभी दिक्कतों का प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजा था, जहां से स्वीकृति मिल चुकी है। स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पाेरेशन के एमडी तरुण पिथोड़े ने जानकारी देते हुए कहा कि चमक विहीन गेहूं लेते समय प्रावधान है कि प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य की एक प्रतिशत राशि काटी जाती है, लेकिन इस बार एक प्रतिशत का एक चौथाई पैसा ही काटा जाएगा। सरकार ने अनुमान लगाया है कि प्रदेश में कई बार हुई बारिश और ओलावृष्टि की वजह से 15 से 20 फीसदी फसल को नुकसान पहुंचा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष ने क्या कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;भारतीय किसान संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख राहुल धूत के अनुसार पहले हुई बारिश और ओलावृष्टि में 10-12 प्रतिशत तक गेहूं की फसल नष्ट हुई, लेकिन अब तक उसका सर्वे भी नहीं हुआ। इसी कारण 16 प्रतिशत तक नमी वाली और 10 प्रतिशत कम चमक वाली फसल ही ली जा रही है। मंडियों में गेहूं के 1700-1800 रुपए क्विंटल ही कीमत मिल रही हैं। आगे उन्होंने कहा कि बेहतर है, सर्वे सरकार की बजाय थर्ड पार्टी द्वारा किया जाए। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने बताया कि सरकार द्वारा कुछ भी आदेश दिया जाए, खरीद केंद्रों पर कोई भी स्पष्ट मानक नहीं हैं।&lt;/p&gt;
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