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       <title>Today MP Vidhan Sabha Chunav 2023 News | Latest MP Vidhan Sabha Chunav 2023 News | Breaking MP Vidhan Sabha Chunav 2023 News in English | Latest MP Vidhan Sabha Chunav 2023 News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का MP Vidhan Sabha Chunav 2023 समाचार:Today MP Vidhan Sabha Chunav 2023 News ,Latest MP Vidhan Sabha Chunav 2023 News,Aaj Ka Samachar ,MP Vidhan Sabha Chunav 2023 समाचार ,Breaking MP Vidhan Sabha Chunav 2023 News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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            <title>Inkhabar</title>
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        </image><item><title>MP Politics: एमपी बीजेपी ने घोषणा पत्र समिति का किया ऐलान, इन नेताओं के नाम लिस्ट से बाहर</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/mp-bjp-announced-the-manifesto-committee-names-of-these-leaders-out-of-the-list/</link><pubDate>July 30, 2023, 8:21 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/Clipboard-39-1.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए BJP ने अपना मेनिफेस्टो यानी घोषणा पत्र तैयार करने वाली समिति का ऐलान कर दिया है. जयंत मलैया की अध्यक्षता वाली 19 सदस्यों की इस समिति में कई दिग्गज नेताओं को साइडलाइन किया गया है. घोषणा पत्र समिति में पार...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए BJP ने अपना मेनिफेस्टो यानी घोषणा पत्र तैयार करने वाली समिति का ऐलान कर दिया है. जयंत मलैया की अध्यक्षता वाली 19 सदस्यों की इस समिति में कई दिग्गज नेताओं को साइडलाइन किया गया है. घोषणा पत्र समिति में पार्टी के कई वरिष्ठ और दिग्गज नेताओं के नाम शामिल नहीं है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन नेताओं के नाम शामिल नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;लिस्ट में केंद्रीय मंत्री डॉक्टर वीरेंद्र खटीक, पूर्व सीएम उमा भारती, पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, केंद्रीय पार्लियामेंट बोर्ड के सदस्य सत्यनारायण जटिया, कृष्ण मुरारी मोघे, विक्रम वर्मा, गोपाल भार्गव, जयभान सिंह पवैया और पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा का नाम शामिल नहीं होने से सियासी सनसनी फैल गई है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या खटीक को पत्र लिखना पड़ा भारी?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के अनुसार एमपी से मोदी कैबिनेट में सभी मंत्रियों को मध्य प्रदेश इलेक्शन कमेटियों में जगह मिली है, लेकिन सिर्फ वीरेंद्र खटीक ही ऐसे मंत्री हैं, जिन्हें जगह नहीं मिली. अब इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या खटीक को पत्र लिखना भारी पड़ गया? दरअसल, कुछ दिनों पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक ने पत्र लिखकर 10 साल पुरानी घोषणाओं को पूरा करने का रिमाइंडर भेजा था. इस पत्र में साफ जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने लिखा था कि 2013 और 2018 इलेक्शन से ठीक पहले दो बार एक ही काम की घोषणा हुई, पर अब तक यह काम पूरे नहीं हुए हैं. यह पत्र काफी सुर्खियों में आया था. इसके बाद सरकार की किरकिरी भी हुई थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयंत मलैया ने कांग्रेस पर कसा तंज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;घोषणा पत्र समिति का अध्यक्ष बनने के बाद पूर्व मंत्री जयंत मलैया ने कहा कि घोषणा पत्र को लेकर सभी साथियों के साथ बैठकर चर्चा करेंगे. नौजवानों, महिलाओं, किसानों और शोषित-वंचित वर्गों के लिए बीजेपी हमेशा काम करती रही है. इस बार भी हम सब इसी दिशा में काम करेंगे. कांग्रेस के वचन पत्र से हमारा कोई लेना-देना नहीं है. हमारा घोषणापत्र हमारी अपनी सोच है. वहीं, कांग्रेस से मुकाबला करने के सवाल पर जयंत मलैया ने कहा कि पिछली बार जो वादे कांग्रेस ने किए थे, कर्जमाफी तक का वादा पूरा नहीं कर पाए, 2 लाख रुपए तक का कर्जा किसी का माफ नहीं हो पाया. कांग्रेस सिर्फ कहने के लिए वादे कर रही है. मैं उस समय वित्त मंत्री था. मुझे तो पता था कि सरकार की हालत ही ऐसी नहीं थी कि 2 लाख तक का कर्ज माफ हो सके.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: किंग मेकर मालवा-निमाड़ में इस साल कौन मार सकता है बाजी?</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/who-can-win-in-king-maker-malwa-nimar-this-year/</link><pubDate>July 18, 2023, 5:05 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/्ि्ोेि.JPG-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश में साल के अंत में होने वाले चुनाव की तैयारियों में सभी प्रमुख दल लगे हुए हैं. बीजेपी अपने गढ़ को वापस हासिल करने में जुटी है तो वहीं कांग्रेस पार्टी 2018 के विधानसभा चुनाव के नतीजों को 2023 में बरकरार रखने की प्लानिंग में है...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश में साल के अंत में होने वाले चुनाव की तैयारियों में सभी प्रमुख दल लगे हुए हैं. बीजेपी अपने गढ़ को वापस हासिल करने में जुटी है तो वहीं कांग्रेस पार्टी 2018 के विधानसभा चुनाव के नतीजों को 2023 में बरकरार रखने की प्लानिंग में है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मालवा-निमाड़ पर कांग्रेस की पैनी नजर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मालवा-निमाड़ के 15 जिले इंदौर, धार, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, देवास, नीमच और आगर में 66 विधानसभा सीटें हैं. मालवा निमाड़ को एमपी की सत्ता का रास्ता कहा जाता है. यहीं से होकर एमपी की सत्ता का रास्ता जाता है. यह रास्ता बीजेपी के लिए दुर्गम, जबकि कांग्रेस के लिए सुगम 2018 विधानसभा चुनाव में हुआ था. लिहाजा कांग्रेस पार्टी मालवा-निमाड़ में बढ़त बनाये रखने की तैयारी में जुटी हुई है, जबकि बीजेपी अपने गढ़ को वापस हासिल करने में जुटी हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मालवा निमाड़ में जयस की एंट्री&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मालवा-निमाड़ की राजनीति में जयस की एंट्री भी हो गई है, जिससे बीजेपी-कांग्रेस की चिंता बढ़ गई है. बता दें कि मालवा निमाड़ में जयस तकरीबन डेढ़ दर्जन आदिवासी आरक्षित सीटों पर एक्टिव हैं. यही वजह है कि बीजेपी का 2018 में खेल बिगड़ गया था. गौरतलब है कि मालवा-निमाड़ क्षेत्र में अच्छी खासी आदिवासियों की संख्या है. जयस की बात करें तो यह मुख्य रूप से आदिवासियों का संगठन है और 2018 के मुकाबले 2023 आते-आते जयस पहले से ज्यादा मजबूत हुई है. इसी के चलते अभी हाल ही में संपन्न हुए पंचायत चुनाव में जयस के कई प्रत्याशी चुनाव जीते थे तो इसलिए आने वाले विधानसभा चुनाव में जयस खासकर मालवा-निमाड़ में गेमचेंजर साबित हो सकती है. चूंकि मालवा निमाड़ को सत्ता की राह कहा जाता है. इसलिए जयस राज्य की दोनों प्रमुख पार्टियों का खेल भी बिगाड़ सकती है. चाहे जो हो मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनावों की तैयारियों में मालवा-निमाड़ क्षेत्र दोनों प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस और भाजपा का फोकस एरिया बना हुआ है. मालवा और निमाड़ की अहमियत इस चुनाव में क्यों बढ़ गई है, इसके लिए साल 2018 के विधानसभा चुनावों के परिणामों को जानना जरूरी है. मालवा-निमाड़ की ज्यादातर सीटें ग्रामीण क्षेत्रों की हैं. प्रदेश की कुल 230 सीटों में से एक चौथाई से ज्यादा ये 66 सीटें इंदौर और उज्जैन संभाग के 15 जिलों में हैं. 66 में से 22 सीटें अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2018 के चुनाव परिणाम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अब गौर करते हैं 2018 के परिणामों पर, इस वर्ष के विधानसभा चुनावों में मालवा-निमाड़ की 66 सीटों में से कांग्रेस ने 35 सीटों पर जीत दर्ज की थी. भारतीय जनता पार्टी केवल 28 प्रत्याशी ही जीतकर विधानसभा पहुंचे सके थे. यही वो परिणाम था जिसने कांग्रेस के 15 साल का वनवास खत्म करके पार्टी को सत्ता की चाभी सौंपी थी. कांग्रेस के लिए यह परिणाम इसलिए भी उत्साहजनक रहा, क्योंकि 2013 के विधानसभा चुनाव में स्थितियां बिल्कुल उलट थीं. भाजपा ने इस इलाके में एक तरफा जीत हासिल करते हुए 57 सीटों पर अपना झंडा बुलंद किया था. वहीं कांग्रेस को सिर्फ 9 सीटें ही हासिल हो सकी थीं. हालांकि 2020 में सत्ता परिवर्तन के बाद मालवा-निमाड़ में सीटों के लिहाज से भाजपा के लिए फायदे वाला रहा. 66 सीटों में से अब भाजपा के पास 33 और कांग्रेस के पास 30 सीटें हैं. वहीं 3 निर्दलीय विधायक हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मालवा-निमाड़ में 22 सीटें आदिवासी आरक्षित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि मध्यप्रदेश में कुल 47 आदिवासी आरक्षित सीटें हैं. इनमें से 22 मालवा-निमाड़ में हैं. पिछली बार इन सीटों में से 14 कांग्रेस और 7 भाजपा ने जीती थी. एक सीट खरगोन जिले की भगवानपुरा से निर्दलीय केदार चिड़ाभाई डावर विधायक चुने गए. हालांकि केदार कांग्रेस पृष्ठभूमि से हैं और अभी भी इनका समर्थन क्षेत्र के कद्दावर नेता अरुण सुभाष यादव के खेमे को है. वहीं मनावर सीट पर जय आदिवासी युवा शक्ति यानी जयस के संरक्षक डॉ. हिरालाल कांग्रेस के टिकट से पूर्व मंत्री रंजना बघेल को हराकर विजयी हुए थे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिवराज सरकार की योजनाओं का पड़ेगा असर?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं आदिवासियों को रिझाने के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार ने योजनाओं का पिटारा खोल दिया है. वर्ष 2021 से प्रदेश में 15 नवंबर को बिरसा मुंडा के जन्मोत्सव पर शासकिय अवकाश घोषित किया गया. 15 नवंबर को जनजातीय दिवस पर शहडोल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विशेष रूप से उपस्थित थीं. इसके अलावा सरकार ने जन नायक टंट्या भील ‘मामा’ की याद में टंट्या मामा गौरव यात्राएं भी निकाली थी. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद इन यात्राओं में शामिल हुए. आदिवासियों के लिए भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना शुरू की गई. इसमें 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी के साथ 50 लाख रुपए तक के लोन की सुविधा दी जाती है. मुख्यमंत्री आदिवासी विशेष योजना में कृषि, उद्यानिकी, मछलीपालन, पशुपालन, तकनीकी शिक्षा आदि के लिए सहायता राशि का प्रावधान किया गया. टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना में 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी के साथ 10 हजार से एक लाख रुपए तक लोन दिया जाता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;भारत जोड़ो यात्रा का भी प्रभाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं आदिवासी बहुल मालवा निमाड़ से राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का निकलना कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण रहा. भारत जोड़ो यात्रा खंडवा, खरगोन, इंदौर, उज्जैन और आगर-मालवा जिले से होकर गुजरी. ये सभी जिले मालवा-निमाड़ में आते हैं. इस तरह इलाके के कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह रहा. हालांकि देखना यह है कि कांग्रेस विधानसभा चुनावों तक यह उत्साह बरकरार रखने के लिए क्या-क्या करती है. जैसा कि मैने आपको बताया कि अभी भाजपा के पास 33 और कांग्रेस के पास 30 सीटें हैं. जबकि 3 निर्दलीय विधायक हैं. इस विधानसभा चुनाव में मालवा निमाड़ में कौन बाजी मारेगा, यह तो चुनाव परिणाम में ही सामने आएगा.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: कांग्रेस की वचन पत्र समिति की बैठक पर नरोत्तम मिश्रा ने की तीखी प्रतिक्रिया</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/narottam-mishra-reacted-sharply-to-the-meeting-of-the-promissory-note-committee-of-congress/</link><pubDate>July 8, 2023, 10:19 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/Clipboard-34-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. प्रदेश में इसी साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी वचन पत्र तैयार कर रही है। इसको लेकर प्रदेश कांग्रेस में बैठकों का दौर चल रहा है। प्रदेश के गृहमंत्री और भाजपा नेता नरोत्‍तम मिश्रा ने कांग्रेस के वचन को लेकर ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल.&lt;/strong&gt; प्रदेश में इसी साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी वचन पत्र तैयार कर रही है। इसको लेकर प्रदेश कांग्रेस में बैठकों का दौर चल रहा है। प्रदेश के गृहमंत्री और भाजपा नेता नरोत्‍तम मिश्रा ने कांग्रेस के वचन को लेकर तंज कसा है। शनिवार को पत्रकारों के साथ चर्चा के दौरान उन्‍होंने कहा कि उनका पुराना वचन पत्र देख लें और अभी का देख लें। मेरी राय में तो बार-बार वचन पत्र समिति की बैठक करने से अच्‍छा है कि 2018 के वचन पत्र का कवर बदल दें और तारीख बदल दें। पूरा तो वही है। जब पिछले वचन पत्र में से कुछ नहीं पूरा किया, तो अब के वचन पत्र में क्‍या पूरा करेंगे, देश-प्रदेश की जनता यह जानती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नरोत्तम मिश्रा ने कसा तंज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मानहानि मामले में गुजरात हाइकोर्ट द्वारा सजा पर रोक लगाने की याचिका खारिज किए जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा था कि मैं लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ रहा हूं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि न तो लोकतंत्र खतरे में है और न ही संविधान। गांधी परिवार जब-जब खतरे में खुद को मानता है, तब-तब वो लोकतंत्र को खतरे में बता देता है। अदालत की टिप्‍पणी पर यही कहा जा सकता है कि &amp;#8216;सत्‍यमेय जयते&amp;#8217;।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: आदिवासियों का पारंपरिक भोजन कोदो भात और कुटकी की खीर का आनंद लेंगे पीएम मोदी, 27 जून है अहम</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/pm-modi-will-enjoy-kodo-bhaat-and-kutki-kheer-traditional-food-of-tribals-june-27-is-important/</link><pubDate>June 22, 2023, 8:57 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/06/Clipboard-11-3-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल। ऐसा पहली बार होने वाला है, जब देश का कोई प्रधानमंत्री देसी अंदाज में जनजातीय समुदाय के साथ जमीन पर बैठकर भोजन ग्रहण करेगा. PM मोदी अपने दौरे के दौरान आदिवासियों का पारंपरिक भोजन कोदो भात और कुटकी की खीर खाएंगे. उनके आगमन को लेकर जिले में...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;ऐसा पहली बार होने वाला है, जब देश का कोई प्रधानमंत्री देसी अंदाज में जनजातीय समुदाय के साथ जमीन पर बैठकर भोजन ग्रहण करेगा. PM मोदी अपने दौरे के दौरान आदिवासियों का पारंपरिक भोजन कोदो भात और कुटकी की खीर खाएंगे. उनके आगमन को लेकर जिले में तैयारियां जोरों पर हैं. बता दें कि 27 जून पीएम मोदी प्रदेश के शहडोल जिले पहुंचेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दुल्हन की तरह सज रहा गांव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पीएम मोदी वीरांगना रानी दुर्गावती बलिदान दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शहडोल आ रहे हैं. उस दिन वे लालपुर मैदान से जनसभा को संबोधित करेंगे. साथ ही 17 राज्यों के लिए सिकलसेल एनीमिया मिशन का शुभारंभ भी करेंगे. साथ ही कई योजना के हितग्राहियों को लाभ का वितरण करेंगे. उनके कार्यक्रम को देखते हुए पूरे गांव को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है. साथ ही पूरी व्यवस्था भारतीय परंपरा के अनुसार तैयार की जा रही है. इससे पहले साल 2018 में भी पीएम मोदी लालपुर मैदान पर जनसभा को संबोधित करने आए थे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पीएम मोदी खाएंगे कुटकी की खीर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि पीएम मोदी यहां मुख्य रूप से कोदो भात और कुटकी की खीर खाएंगे. प्रदेश सरकार इस पूरी व्यवस्था को भारतीय परंपरा के अनुसार तैयार करवा रही है. शहडोल के पकरिया पंचायत के जल्दी टोला में PM मोदी के लिए जो भोज तैयार किया जा रहा है उसका भी अंदाज ठेठ देहाती होगा. प्रदेश सरकार द्वारा तैयार किए गए भोज मेन्यू को पकाने से लेकर परोसने तक के लिए प्राचीन भारत वाले गांव की सभ्यता को ध्यान में रखा गया है. PM के भोज में मोटा अनाज को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस पार्टी की खामियों पर तोड़ी चुप्पी, कहा पोलिंग के दिन भी कमी रहती है</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/digvijay-singh-broke-his-silence-on-the-shortcomings-of-the-congress-party-said-that-there-is-a-shortage-even-on-the-day-of-polling/</link><pubDate>April 20, 2023, 12:08 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/Digvijaya_PTI_1200-1-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल: कांग्रेस के नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपनी ही पार्टी के खामियों पर चुप्पी तोड़ी है। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि &amp;#8216;हमें यह स्वीकार करने में कहीं भी एतराज नहीं है कि हमारी कांग्रेस पार्टी का...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल:&lt;/strong&gt; कांग्रेस के नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपनी ही पार्टी के खामियों पर चुप्पी तोड़ी है। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि &amp;#8216;हमें यह स्वीकार करने में कहीं भी एतराज नहीं है कि हमारी कांग्रेस पार्टी का जैसा संगठन होना चाहिए वैसा नहीं है। इसमें भी हमको एतराज नहीं है कि हमारा जो प्रबंधन है उसमे में भी कमियां है। पोलिंग के दिन भी कमी रहती है, वैसी तैयारी हमारी नहीं हैं जैसी होनी चाहिए। जनता हमें वोट तो देना चाहती है, लेकिन संगठन की कमजोरी की वजह से हम लोग उसे पूरा नहीं कर पाए।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए दिग्विजय सिंह को उन सीटों की ज़िम्मेदारी दी गई है जिन पर कांग्रेस को पिछले विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। इस संबंद में दिग्विजय सिंह उन जिलों का दौरा भी कर रहे है। इसी सिलसिले में दिग्विजय सिंह सीहोर जिले के दौरे पर है। जहां कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से बात करते हुए उन्होंने अपनी पार्टी की कमियों को स्वीकार किया।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कमलनाथ के प्लान का किया समर्थन&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ के चुनाव को लेकर जो योजना बनाई है उसकी तारीफ करते हुए कहा कि कमलनाथ जी ने बहुत अच्छे ढंग से पुरे प्रदेश की विधानसभा के सीटों को सेक्टर, मंडल में बांटा है। पुरे प्रदेश में घूम कर उन सीटों पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी जिन पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था।&lt;/p&gt;
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