<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today MP Election News News | Latest MP Election News News | Breaking MP Election News News in English | Latest MP Election News News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का MP Election News समाचार:Today MP Election News News ,Latest MP Election News News,Aaj Ka Samachar ,MP Election News समाचार ,Breaking MP Election News News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.mp.inkhabar.com/tag/mp-election-news</link>
        <lastBuildDate>May 7, 2026, 3:36 pm</lastBuildDate>
        <copyright>MP Inkhabar</copyright>
        <generator>MP Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://www.mp.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Inkhabar</title>
            <link>https://www.mp.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>MP News: एमपी की पहली सोलर सिटी बनेगा सांची, इतने लाख की लागत से बना प्रोजेक्ट</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/sanchi-will-become-mps-first-solar-city-project-built-at-a-cost-of-so-many-lakhs/</link><pubDate>September 6, 2023, 4:05 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/Clipboard-7.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश का सांची वैसे तो टूरिज्म के लिए दुनियाभर में मशहूर है. लेकिन अब ये मध्य प्रदेश की पहली सोलर सिटी बनने जा रहा है. सांची पहली नेट जीरो सोलर सिटी बनेगा. विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल सांची में सोलर प्लांट का उद्घाटन होने वाला है. ब...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश का सांची वैसे तो टूरिज्म के लिए दुनियाभर में मशहूर है. लेकिन अब ये मध्य प्रदेश की पहली सोलर सिटी बनने जा रहा है. सांची पहली नेट जीरो सोलर सिटी बनेगा. विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल सांची में सोलर प्लांट का उद्घाटन होने वाला है. बुधवार यानी आज शाम 4 बजे सीएम शिवराज सिंह चौहान इसका उद्घाटन करेंगे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीएम शिवराज करेंगे उद्घाटन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट आत्म निर्भर भारत के तहत सांची मध्यप्रदेश की पहली और देश की दूसरी सोलर सिटी बनने जा रहा है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शाम 4 बजे हेलीकॉप्टर से सांची के ग्राम आमखेड़े पहुंचेंगे और सांची स्तूप पर बने व्यू पॉइंट से इस सोलर सिटी को देखेंगे. उसके बाद आमखेड़े में बने मंच से इसका उद्घाटन करेंगे और सांची वासियों को सोलर सिटी की सौगात सोपेंगे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कार्बन के उत्सर्जन में आएगी कमी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत सांची मध्यप्रदेश की पहली सोलर सिटी बनने जा रहा है. सांची के ग्राम नागोरी की पहाड़ी पर लगे बड़े-बड़े पैनल अब बिजली की आपूर्ति करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. पहाड़ी पर लगभग 5.5 हेक्टेयर भूमि में सोलर प्लांट लगाया गया है. इस प्रोजेक्ट पर लगभग 18 करोड़ 75 लाख रुपए की लागत आई है. करोड़ों की लागत से बने इस सोलर सिटी से 3 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा, जिससे सांची शहर तो रोशन होगा ही, लेकिन आसपास के गांवों में भी पर्याप्त मात्रा में बिजली प्राप्त हो सकेगी. वहीं इस सोलर प्लांट के लगने से कार्बन के उत्सर्जन में भी कमी आएगी और पैसे की भी बचत होगी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रोजेक्ट के DGM ने दी जानकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं इस प्रोजेक्ट के DGM नवनीत तिवारी ने बताया कि सांची में 3 मेगावाट बिजली देने वाली सोलर सिटी बनकर तैयार है. अब सांची के पास के ही ग्राम गुलगांव में भी 5 मेगावाट की बिजली देने का सोलर प्लांट भी बहुत जल्दी बनकर तैयार हो जाएगा. दोनों प्लांट के लागत की बात करें तो लगभग 49 करोड़ की लागत से दोनों प्लांट बनकर तैयार होंगे. सांची का प्लांट 18 करोड़ 75 लाख रुपए से बनकर तैयार हो चुका है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: गृहमंत्री अमित शाह ने एमपी में 150 सीटों का किया दावा</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/home-minister-amit-shah-claims-150-seats-in-mp/</link><pubDate>September 6, 2023, 1:55 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/Clipboard-5-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बारिश और खराब मौसम की वजह से श्योपुर में जन आशीर्वाद यात्रा को हरी झंडी दिखाने नहीं पहुंचे सके थे. उन्होंने मोबाइल के जरिए सभा को संबोधित किया. गृहमंत्री ने कहा कि ग्वालियर में बारिश की वजह से हेलिकॉप्टर श्योप...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बारिश और खराब मौसम की वजह से श्योपुर में जन आशीर्वाद यात्रा को हरी झंडी दिखाने नहीं पहुंचे सके थे. उन्होंने मोबाइल के जरिए सभा को संबोधित किया. गृहमंत्री ने कहा कि ग्वालियर में बारिश की वजह से हेलिकॉप्टर श्योपुर के लिए उड़ान नहीं भर पाया है. उन्होंने वादा करते हुए कहा कि मैं इसी चुनाव अभियान में श्योपुर जरूर आऊंगा. शाह ने कहा कि डबल इंजन की सरकार मध्य प्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है. 2003 से 2023 तक भाजपा ने एमपी को एक बीमारू राज्य से बेमिसाल राज्य बनाया है. उन्होंने जनता से जन आशीर्वाद यात्रा को आशीर्वाद देने की अपील की.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अमित शाह ने 150 सीटों का किया दावा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इससे पहले आदिवासी बहुल इलाके मंडला में जन आशीर्वाद यात्रा को हरी झंडी दिखाने गए गृहमंत्री अमित शाह ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि “मध्यप्रदेश में इस बार 150 सीटों के साथ भाजपा की सरकार बनने जा रही है.” शाह ने मंडला में भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. उन्होंने कहा कि आपके आशीर्वाद के साथ जन आशीर्वाद यात्रा शुरू कर रहे हैं. ऐसी पांच यात्रा प्रदेश की 210 विधानसभा क्षेत्र में घूमकर भोपाल जाएंगी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कांग्रेस पर बोला हमला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अमित शाह ने कहा कि “मैं आज दावे से कहने आया हूं कि बंटाधार जी (दिग्विजय सिंह) आप और करप्शन नाथ (कमलनाथ) दोनों सुन लो, जब 25 सितंबर को हमारी जन आशीर्वाद यात्रा समाप्त होगी, उसी दिन तय हो जाएगा कि मध्यप्रदेश में अगली बार 150 सीटों के साथ फिर से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी.” उन्होंने आगे कहा कि मध्य प्रदेश को बीमारू राज्य बनाकर श्रीमान बंटाधार छोड़ गए थे. दिग्विजय की सरकार को याद करिए. भ्रष्टाचार, लूट-घसोट, गढ्ढे से भरे हुए रोड, पानी बगैर किसान के खेत, बिजली के बिना गरीब का घर और महिलाओं की सुरक्षा का कहीं नामोनिशान नहीं.”&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: किंग मेकर मालवा-निमाड़ में इस साल कौन मार सकता है बाजी?</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/who-can-win-in-king-maker-malwa-nimar-this-year/</link><pubDate>July 18, 2023, 5:05 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/्ि्ोेि.JPG-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश में साल के अंत में होने वाले चुनाव की तैयारियों में सभी प्रमुख दल लगे हुए हैं. बीजेपी अपने गढ़ को वापस हासिल करने में जुटी है तो वहीं कांग्रेस पार्टी 2018 के विधानसभा चुनाव के नतीजों को 2023 में बरकरार रखने की प्लानिंग में है...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश में साल के अंत में होने वाले चुनाव की तैयारियों में सभी प्रमुख दल लगे हुए हैं. बीजेपी अपने गढ़ को वापस हासिल करने में जुटी है तो वहीं कांग्रेस पार्टी 2018 के विधानसभा चुनाव के नतीजों को 2023 में बरकरार रखने की प्लानिंग में है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मालवा-निमाड़ पर कांग्रेस की पैनी नजर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मालवा-निमाड़ के 15 जिले इंदौर, धार, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, देवास, नीमच और आगर में 66 विधानसभा सीटें हैं. मालवा निमाड़ को एमपी की सत्ता का रास्ता कहा जाता है. यहीं से होकर एमपी की सत्ता का रास्ता जाता है. यह रास्ता बीजेपी के लिए दुर्गम, जबकि कांग्रेस के लिए सुगम 2018 विधानसभा चुनाव में हुआ था. लिहाजा कांग्रेस पार्टी मालवा-निमाड़ में बढ़त बनाये रखने की तैयारी में जुटी हुई है, जबकि बीजेपी अपने गढ़ को वापस हासिल करने में जुटी हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मालवा निमाड़ में जयस की एंट्री&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मालवा-निमाड़ की राजनीति में जयस की एंट्री भी हो गई है, जिससे बीजेपी-कांग्रेस की चिंता बढ़ गई है. बता दें कि मालवा निमाड़ में जयस तकरीबन डेढ़ दर्जन आदिवासी आरक्षित सीटों पर एक्टिव हैं. यही वजह है कि बीजेपी का 2018 में खेल बिगड़ गया था. गौरतलब है कि मालवा-निमाड़ क्षेत्र में अच्छी खासी आदिवासियों की संख्या है. जयस की बात करें तो यह मुख्य रूप से आदिवासियों का संगठन है और 2018 के मुकाबले 2023 आते-आते जयस पहले से ज्यादा मजबूत हुई है. इसी के चलते अभी हाल ही में संपन्न हुए पंचायत चुनाव में जयस के कई प्रत्याशी चुनाव जीते थे तो इसलिए आने वाले विधानसभा चुनाव में जयस खासकर मालवा-निमाड़ में गेमचेंजर साबित हो सकती है. चूंकि मालवा निमाड़ को सत्ता की राह कहा जाता है. इसलिए जयस राज्य की दोनों प्रमुख पार्टियों का खेल भी बिगाड़ सकती है. चाहे जो हो मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनावों की तैयारियों में मालवा-निमाड़ क्षेत्र दोनों प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस और भाजपा का फोकस एरिया बना हुआ है. मालवा और निमाड़ की अहमियत इस चुनाव में क्यों बढ़ गई है, इसके लिए साल 2018 के विधानसभा चुनावों के परिणामों को जानना जरूरी है. मालवा-निमाड़ की ज्यादातर सीटें ग्रामीण क्षेत्रों की हैं. प्रदेश की कुल 230 सीटों में से एक चौथाई से ज्यादा ये 66 सीटें इंदौर और उज्जैन संभाग के 15 जिलों में हैं. 66 में से 22 सीटें अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2018 के चुनाव परिणाम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अब गौर करते हैं 2018 के परिणामों पर, इस वर्ष के विधानसभा चुनावों में मालवा-निमाड़ की 66 सीटों में से कांग्रेस ने 35 सीटों पर जीत दर्ज की थी. भारतीय जनता पार्टी केवल 28 प्रत्याशी ही जीतकर विधानसभा पहुंचे सके थे. यही वो परिणाम था जिसने कांग्रेस के 15 साल का वनवास खत्म करके पार्टी को सत्ता की चाभी सौंपी थी. कांग्रेस के लिए यह परिणाम इसलिए भी उत्साहजनक रहा, क्योंकि 2013 के विधानसभा चुनाव में स्थितियां बिल्कुल उलट थीं. भाजपा ने इस इलाके में एक तरफा जीत हासिल करते हुए 57 सीटों पर अपना झंडा बुलंद किया था. वहीं कांग्रेस को सिर्फ 9 सीटें ही हासिल हो सकी थीं. हालांकि 2020 में सत्ता परिवर्तन के बाद मालवा-निमाड़ में सीटों के लिहाज से भाजपा के लिए फायदे वाला रहा. 66 सीटों में से अब भाजपा के पास 33 और कांग्रेस के पास 30 सीटें हैं. वहीं 3 निर्दलीय विधायक हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मालवा-निमाड़ में 22 सीटें आदिवासी आरक्षित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि मध्यप्रदेश में कुल 47 आदिवासी आरक्षित सीटें हैं. इनमें से 22 मालवा-निमाड़ में हैं. पिछली बार इन सीटों में से 14 कांग्रेस और 7 भाजपा ने जीती थी. एक सीट खरगोन जिले की भगवानपुरा से निर्दलीय केदार चिड़ाभाई डावर विधायक चुने गए. हालांकि केदार कांग्रेस पृष्ठभूमि से हैं और अभी भी इनका समर्थन क्षेत्र के कद्दावर नेता अरुण सुभाष यादव के खेमे को है. वहीं मनावर सीट पर जय आदिवासी युवा शक्ति यानी जयस के संरक्षक डॉ. हिरालाल कांग्रेस के टिकट से पूर्व मंत्री रंजना बघेल को हराकर विजयी हुए थे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिवराज सरकार की योजनाओं का पड़ेगा असर?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं आदिवासियों को रिझाने के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार ने योजनाओं का पिटारा खोल दिया है. वर्ष 2021 से प्रदेश में 15 नवंबर को बिरसा मुंडा के जन्मोत्सव पर शासकिय अवकाश घोषित किया गया. 15 नवंबर को जनजातीय दिवस पर शहडोल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विशेष रूप से उपस्थित थीं. इसके अलावा सरकार ने जन नायक टंट्या भील ‘मामा’ की याद में टंट्या मामा गौरव यात्राएं भी निकाली थी. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद इन यात्राओं में शामिल हुए. आदिवासियों के लिए भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना शुरू की गई. इसमें 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी के साथ 50 लाख रुपए तक के लोन की सुविधा दी जाती है. मुख्यमंत्री आदिवासी विशेष योजना में कृषि, उद्यानिकी, मछलीपालन, पशुपालन, तकनीकी शिक्षा आदि के लिए सहायता राशि का प्रावधान किया गया. टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना में 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी के साथ 10 हजार से एक लाख रुपए तक लोन दिया जाता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;भारत जोड़ो यात्रा का भी प्रभाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं आदिवासी बहुल मालवा निमाड़ से राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का निकलना कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण रहा. भारत जोड़ो यात्रा खंडवा, खरगोन, इंदौर, उज्जैन और आगर-मालवा जिले से होकर गुजरी. ये सभी जिले मालवा-निमाड़ में आते हैं. इस तरह इलाके के कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह रहा. हालांकि देखना यह है कि कांग्रेस विधानसभा चुनावों तक यह उत्साह बरकरार रखने के लिए क्या-क्या करती है. जैसा कि मैने आपको बताया कि अभी भाजपा के पास 33 और कांग्रेस के पास 30 सीटें हैं. जबकि 3 निर्दलीय विधायक हैं. इस विधानसभा चुनाव में मालवा निमाड़ में कौन बाजी मारेगा, यह तो चुनाव परिणाम में ही सामने आएगा.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: चुनावी साल में कांग्रेस करेगी 230 विधानसभा सीटों पर सुंदरकांड पाठ, बड़ी आबादी को साधने की तैयारी</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/mp-politics-in-the-election-year-congress-will-conduct-sunderkand-recitation-on-230-assembly-seats-preparing-to-help-large-population/</link><pubDate>May 31, 2023, 3:23 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/Clipboard-6-2-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल। कर्नाटक चुनाव में बजरंग बली और बजरंग दल का मुद्दा जोर-शोर के साथ हर किसी को गूंजता हुआ दिखाई दिया, लेकिन अब मध्य प्रदेश में भी धार्मिक हलचल तेज हो गई है. विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने सभी 230 विधानसभा सीटों पर सुंदरकांड का पाठ करने ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;कर्नाटक चुनाव में बजरंग बली और बजरंग दल का मुद्दा जोर-शोर के साथ हर किसी को गूंजता हुआ दिखाई दिया, लेकिन अब मध्य प्रदेश में भी धार्मिक हलचल तेज हो गई है. विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने सभी 230 विधानसभा सीटों पर सुंदरकांड का पाठ करने की तैयारी कर ली है. हर एक विधानसभा सीट पर कांग्रेस के धर्म और उत्सव प्रकोष्ठ के पदाधिकारी सुंदरकांड का पाठ करेंगे. सप्ताह में मंगलवार और शनिवार के दिन सुंदरकांड का पाठ किया जाएगा, जिसमें मौजूदा विधायक, पूर्व विधायक, जनप्रतिनिधि से लेकर विधानसभा सीट के दावेदार भी शामिल होंगे. जानकारों का मानना है कि कांग्रेस धार्मिक आयोजन के माध्यम से बहु संख्यक हिंदू वोटरों को साधने की कोशिश में है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ऋचा गोस्वामी ने क्या कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कांग्रेस के धर्म और उत्सव प्रकोष्ठ की अध्यक्ष ऋचा गोस्वामी के अनुसार कांग्रेस हर साल धार्मिक आयोजन करती है. कई तरह के अनुष्ठान किए गए हैं. 2 साल से गठित प्रकोष्ठ के जरिए कई बड़े धार्मिक आयोजन किए गए और उसी कड़ी में अब 230 विधानसभा सीटों पर 108 सुंदरकांड के पाठ होंगे, जिसमें आम लोग भी शामिल होंगे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बीजेपी का कांग्रेस पर तंज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं चुनाव से पहले 230 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस के सुंदरकांड के पाठ करने पर बीजेपी ने निशाना साधा है. प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सुंदरकांड के पाठ किए जाए, धार्मिक आयोजन किया जाए, उसका स्वागत है, लेकिन कांग्रेस पार्टी के नेता मंदिर में लड़कियों को छेड़ने का बयान देते हैं. उनकी मानसिकता को समझा जा सकता है. चुनाव के समय कांग्रेसी धर्म की दुकान खोल लेते है, जो राजनीति का हिस्सा है और जनता इसे अच्छे से समझती है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुंदरकांड के जरिए बड़ी आबादी को साधने की तैयारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, कर्नाटक चुनाव में बजरंगबली की गूंज सुनाई दी. हालांकि इसका फायदा भी कांग्रेस को मिला और अब मध्य प्रदेश में कांग्रेस कमलनाथ को हनुमान भक्त बताने के साथ सुंदरकांड पाठ के जरिए बड़ी आबादी को साधने की तैयारी में लग गई है . इन दिनों वैसे भी प्रदेश भर में धार्मिक आयोजन हो रहे हैं, जिसमें कथावाचक नेताओं के बुलावे पर कथाओं का आयोजन कर रहे हैं. लेकिन अब इसको आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस पार्टी ने हर एक विधानसभा में सुंदरकांड पाठ के आयोजन की तैयारी की है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: दबाव की राजनीति कांग्रेस-बीजेपी के लिए बन रही मुश्किल, ये पार्टियां जनाधार नेताओं पर दांव चलने का बना रही मन</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/mp-politics-politics-of-pressure-is-becoming-difficult-for-congress-bjp-these-parties-are-planning-to-bet-on-mass-base-leaders/</link><pubDate>May 22, 2023, 6:22 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/Clipboard-2023-05-22T115105.083-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले प्रेशर पॉलिटिक्स का खेल शुरू हो गया है। भाजपा हो या कांग्रेस, दोनों ही दलों के नेता अपनी हैसियत को बताने और उम्मीदवारी तय कराने के लिए दबाव की राजनीति का दांव चल रहे हैं। जो विधानसभा का खुद चुनाव लड...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले प्रेशर पॉलिटिक्स का खेल शुरू हो गया है। भाजपा हो या कांग्रेस, दोनों ही दलों के नेता अपनी हैसियत को बताने और उम्मीदवारी तय कराने के लिए दबाव की राजनीति का दांव चल रहे हैं। जो विधानसभा का खुद चुनाव लड़ना चाहते हैं या अपने करीबियों को उम्मीदवार बनाना चाहते हैं उन्होंने अभी से दबाव बनाना शुरू कर दिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आसान नहीं लग रहा सत्ता का रास्ता !&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि राज्य में इसी साल विधानसभा चुनाव होने है। फिलहाल राज्य के दोनों प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस को सत्ता का रास्ता आसान नजर नहीं आ रहा है। इस स्थिति को तमाम राजनेता भी समझ रहे हैं। लिहाजा वे अपनी उम्मीदवारी तय कराने के मामले में पीछे नहीं रहना चाहते हैं। इस स्थिति में उन्हें सबसे बेहतर तरीका पार्टी पर दबाव बनाना नजर आ रहा है। यही कारण है कि तमाम राजनेता दबाव के हथियार का इस्तेमाल करने में पीछे नहीं हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दबाव की राजनीति में पहला नाम दीपक जोशी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दबाव की राजनीति में पहला नाम पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे दीपक जोशी का आता है। उन्होंने अपने इलाके के भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाया। फिर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की चर्चा की। जब उनकी बात नहीं सुनी गई तो उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये नेता भी कर रहे दबाव&lt;/strong&gt; &lt;strong&gt;की राजनीति पर काम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;भाजपा में कई और नेता हैं जो लगातार दबाव की राजनीति पर काम कर रहे हैं। बीच-बीच में उनके बयान भी आ जाते हैं जो पार्टी को मुश्किल में डालने का काम करते हैं। इस मामले में पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा, पूर्व मंत्री अजय विश्नोई, अनूप मिश्रा जैसे कई नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दबाव&lt;/strong&gt; &lt;strong&gt;की राजनीति पार्टियों के लिए बन रही मुश्किल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;एक तरफ जहां भाजपा अपने नेताओं की दबाव वाली राजनीति से परेशान है तो दूसरी ओर कांग्रेस की स्थिति भी बहुत बेहतर नहीं है। अभी हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सत्यप्रकाश सख्वार ने भाजपा का दामन थामा है। इसके अलावा भी कई नेता हैं जो दबाव की राजनीति पर काम कर रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस के बगावती तेवर अपनाने वाले नेताओं पर बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और आप की खास नजर है। ये तीनों ही दल ऐसे नेताओं पर दांव लगाने का मन बना रहे हैं जिनका जनाधार है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: प्रदेश की इन 66 सीटों पर कांग्रेस को लगातार मिल रही हार, चुनाव जीतने के लिए पार्टी बना रही रणनीति</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/mp-news-congress-is-continuously-getting-defeated-in-these-66-seats-of-the-state-the-party-is-making-strategy-to-win/</link><pubDate>May 16, 2023, 9:41 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/Clipboard-2023-05-16T150952.351-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जीत से उत्साहित कांग्रेस को अब मध्य प्रदेश में भी अपने लिए बेहतर संभावनाएं दिख रही हैं। पार्टी का प्रदेश नेतृत्व दोगुने उत्साह से चुनाव की तैयारियों में जुट गया है। इसमें कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व भी उसे हर...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जीत से उत्साहित कांग्रेस को अब मध्य प्रदेश में भी अपने लिए बेहतर संभावनाएं दिख रही हैं। पार्टी का प्रदेश नेतृत्व दोगुने उत्साह से चुनाव की तैयारियों में जुट गया है। इसमें कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व भी उसे हर संभव मदद कर रहा है। विधानसभा की सभी 230 सीटों के लिए खास रणनीति बन रही है। पार्टी की उन 66 सीटों पर खास नजर है जहां पिछले पांच चुनावों में उसे हार मिली है। इन सीटों की जिम्मेदारी राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को दी गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हारी हुई सीटों पर बनी सहमति&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सोमवार को प्रदेश प्रभारी जेपी अग्रवाल और कमलनाथ के बीच बैठक में हारी हुई सीटों के लिए स्पेशल प्लान पर सहमति बन चुकी है। एआईसीसी ने मध्य प्रदेश के लिए चार ऑब्जर्वर नियुक्त किए हैं। इन सीटों पर जीत की रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी इन नेताओं को दी गई है। वे इन सीटों का फीडबैक लेकर स्थानीय नेताओं से विचार-विमर्श करेंगे। फिर अपनी रिपोर्ट पीसीसी को सौंपेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;भोपाल संभाग के सीटों की जिम्मेदारी सुभाष चोपड़ा पर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके सुभाष चोपड़ा को भोपाल संभाग की सीटों की जिम्मेदारी दी गई है। महाकौशल और विंध्य क्षेत्र में हारी हुई सीटों पर जीत की रणनीति उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप टम्टा तैयार करेंगे। इसी तरह, ग्वालियर-चंबल अंचल की जिम्मेदारी कुलदीप राठौर जबकि मालवा-निवाड़ की जिम्मेदारी अर्जुन मोरवड़िया को दी गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;66 सीटों पर जीत के लिए कांग्रेस की तैयारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कांग्रेस की पहुंच से दूर रही इन 66 सीटों पर जीत के लिए पार्टी इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ इनमें से 40 सीटों पर पिछले तीन महीने में पहुंच चुके हैं। उन्होंने जिला पदाधिकारी, मंडलम और सेक्टर प्रभारियों के साथ मीटिंग की है। दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह आम कार्यकर्ताओं से मिलकर उन्हें मिलकर काम करने का संदेश दे रहे हैं।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>