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       <title>Today MP Assembly Election News | Latest MP Assembly Election News | Breaking MP Assembly Election News in English | Latest MP Assembly Election News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का MP Assembly Election समाचार:Today MP Assembly Election News ,Latest MP Assembly Election News,Aaj Ka Samachar ,MP Assembly Election समाचार ,Breaking MP Assembly Election News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        <lastBuildDate>May 3, 2026, 8:22 pm</lastBuildDate>
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        </image><item><title>MP Politics: जानें कमलनाथ के गढ़ का चुनावी इतिहास, इस बार किसके पक्ष में होगा परिणाम</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/know-the-election-history-of-kamal-naths-stronghold-this-time-the-result-will-be-in-whose-favor/</link><pubDate>September 30, 2023, 5:13 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/Clipboard-15-2.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. अगर आप राजनीति में रुचि रखते हैं तो छिंदवाड़ा का नाम सुनते ही आपके दिमाग में सबसे पहले नाम आता है कमलनाथ का और खास बात ये है कि वर्तमान में इस विधानसभा सीट से विधायक हैं, इसलिए ये राज्य की सबसे वीआईपी सीटों में से एक है. इस सीट पर पिछले ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;अगर आप राजनीति में रुचि रखते हैं तो छिंदवाड़ा का नाम सुनते ही आपके दिमाग में सबसे पहले नाम आता है कमलनाथ का और खास बात ये है कि वर्तमान में इस विधानसभा सीट से विधायक हैं, इसलिए ये राज्य की सबसे वीआईपी सीटों में से एक है. इस सीट पर पिछले कुछ चुनावों की बात करें तो वोर्टस ने कांग्रेस और बीजेपी दोनों का बटन दबाया है तो आइए जानते हैं इस सीट के आंकड़े, समीकरण और इतिहास.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानिए पिछले कुछ चुनावों का परिणाम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;छिंदवाड़ा विधानसभा सीट पर पिछले चार चुनावों में, कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा सामने आई है. 2008 के चुनाव में, कांग्रेस के दीपक सक्सेना 64,740 वोटों के साथ विजयी हुए, उन्होंने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा के चौधरी चंद्रभान सिंह को हराया था. यहां मुकाबला बहुत करीबी था. दीपक सक्सेना ने 3,444 वोटों से जीत हासिल की थी. वहीं, 2013 के चुनाव में, भाजपा के चौधरी चंद्रभान सिंह ने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी, कांग्रेस के दीपक सक्सेना की तुलना में 24,778 अधिक वोट प्राप्त करके, अधिक अंतर से सीट जीती थी. 2018 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो कांग्रेस के दीपक सक्सेना ने एक बार फिर 50% वोट शेयर हासिल करते हुए 104,034 वोटों के साथ जीत दर्ज की. जबकि, उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा के चौधरी चंद्रभान सिंह को 89, 487 वोट मिले, जिसके चलते सक्सेना की जीत का अंतर 14,547 वोटों का रहा. हालांकि, 2018 में कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद दीपक सक्सेना ने ये कमलनाथ के लिए छोड़ दी. जिसके बाद 2019 के उपचुनाव में कमलनाथ ने 1,14,459 वोट पाकर बड़ी जीत हासिल की थी. उन्होंने बीजेपी के विवेक बंटी साहू को 25, 837 वोटों के अंतर से हराया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये है सियासी इतिहास&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;छिंदवाड़ा के सियासी इतिहास की बात करें तो राजनीतिक परिदृश्य में पिछले कुछ वर्षों में BJP और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखी गई है. 1972 से 1993 तक कांग्रेस का दबदबा रहा, 1990 में थोड़ी रुकावट आई जब भाजपा ने यह सीट जीत ली. कांग्रेस के दीपक सक्सेना ने 1993 में इस सीट पर दोबारा कब्जा किया और 2008 और 2018 में भी इस पर जीत हासिल. वहीं, इससे पहले 2013 में, भाजपा के चंद्रभान सिंह चौधरी ने जीत हासिल की थी. 2019 के उपचुनाव में कमल नाथ ने ये सीट जीतकर अपने नाम की थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;SC-ST वोटर्स तय करते हैं हार-जीत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं छिंदवाड़ा विधानसभा सीट पर जनता एक-एक बार बीजेपी और कांग्रेस को मौका देती रही है. खास बात यह है कि यहां किसी भी उम्मीदवार की जीत में एसटी और एससी मतदाता अहम भूमिका निभाते हैं. जो इस निर्वाचन क्षेत्र में नतीजे तय करते हैं. साथ ही गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और बसपा की उपस्थिति इस विधानसभा सीट पर है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: शिवपुरी विधानसभा सीट पर नहीं पड़ता जातीय समीकरण का कोई असर</title><link>https://mp.inkhabar.com/election/caste-equation-has-no-impact-on-shivpuri-assembly-seat/</link><pubDate>September 25, 2023, 12:47 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/Clipboard-3-2-300x169.jpg</image><category>चुनाव</category><excerpt>भोपाल. एमपी में बीजेपी-कांग्रेस सत्ता पर अपना कब्जा जमाने के लिए पूरे दमखम के साथ लगी हुई हैं. ऐसे में खबरें सामने आ रही है कि अगले महीने चुनाव की तारीख तय हो सकती है. वहीं विधानसभा चुनाव के रंग में रंगी पार्टियां दावेदारों के आंकड़ें खंगाल रही...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;एमपी में बीजेपी-कांग्रेस सत्ता पर अपना कब्जा जमाने के लिए पूरे दमखम के साथ लगी हुई हैं. ऐसे में खबरें सामने आ रही है कि अगले महीने चुनाव की तारीख तय हो सकती है. वहीं विधानसभा चुनाव के रंग में रंगी पार्टियां दावेदारों के आंकड़ें खंगाल रही हैं. तो आइये अब समझते हैं कि 25 साल से बीजेपी के कब्जे में बनी हुई शिवपुरी विधानसभा के बारे में, जहां राजघराने का ही प्रभाव रहा है. शिवपुरी में जब से यशोधरा राजे सिंधिया की एंट्री हुई तब से बीजेपी कभी नहीं हारी. तो चलिए अब जानते हैं शिवपुरी विधानसभा के सियासी और जातीय समीकरण के बारे में.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;25 साल से बीजेपी की पकड़&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ऐसा कहा जाता है कि शिवपुरी में सिंधिया राजघराने का ही वर्चश्व रहा है. 1980 और 1985 में यहां माधव राव सिंधिया के करीबी रहे गणेश गौतम ने जीत दर्ज की थी. उसके बाद यहां राजघराने के सदस्य की बीजेपी के टिकट पर सीधी एंट्री होती है और तब से लेकर आज तक बीजेपी यहां से नहीं हारी. हालांकि, बीच में 5 साल के लिए जब यशोधरा राजे सिंधिया सांसद बनी तो बीजेपी ने दूसरा उम्मीदवार उतारा, फिर उन्होंने भी जीत हासिल की. इसी कारण कहा जाता है कि शिवपुरी में राजघराने ने बीजेपी की पकड़ मजबूत की है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राजनीतिक इतिहास&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;चुनावी इतिहास की बात की जाए तो 1998 में यशोधरा राजे सिंधिया ने हरिवल्लभ शुक्ला को 7300 वोटों से हराया, 2003 में दूसरी बार राजे ने गणेशराम गौतम को करीब 25 हजार मतों से हराया, 2008 में बीजेपी के माखनलाल राठौर ने वीरेंद्र रघुवंशी को 1751 मतों से मात दी, 2013 में राजे एक बार फिर लौटीं और वीरेंद्र रघुवंशी को करीब 11,145 वोटों से हराया, 2018 में यशोधरा राजे सिंधिया ने कांग्रेस के सिद्धार्थ लाडा को 28,748 वोटों से पराजित किया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जातीय समीकरण नहीं डालते प्रभाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शिवपुरी विधानसभा सीट में सिंधिया घराने के प्रभाव की वजह से जातीय आंकड़े ज्यादा प्रभावित नहीं करते. ऐसा कहा जाता है कि परिवार का सदस्य होने के कारण अभी तक कांग्रेस यहां से तगड़ा प्रत्याशी भी नहीं उतारती थी. वैसे जातियों के प्रभाव के बारे में देखा जाए तो सबसे ज्यादा वैश्य वोटर्स उसके बाद आदिवासी वोटर्स हैं. इनकी संख्या 50 हजार के आसपास है. वहीं 20 हजार के आसपास ब्राह्मण वोटर्स हैं.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: गुना सीट पर इस बार कांग्रेस-बीजेपी किसे देगी मौका? इन नामों पर लग रहे कयास</title><link>https://mp.inkhabar.com/election/whom-will-congress-bjp-give-a-chance-on-guna-seat-this-time-there-are-speculations-on-these-names/</link><pubDate>September 25, 2023, 11:29 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/Clipboard-2-3-300x169.jpg</image><category>चुनाव</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में सूबे की दोनों बड़ी पार्टियां बीजेपी और कांग्रेस सत्ता में आने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही हैं. 5 साल बाद फिर से प्रदेश की जनता को अपने पसंद का उम्मीदवार चुनने का मौका मिलेगा. एमपी की 230 विध...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में सूबे की दोनों बड़ी पार्टियां बीजेपी और कांग्रेस सत्ता में आने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही हैं. 5 साल बाद फिर से प्रदेश की जनता को अपने पसंद का उम्मीदवार चुनने का मौका मिलेगा. एमपी की 230 विधानसभा सीटों में से एक है गुना विधानसभा सीट. चंबल अंचल में आने वाली गुना विधानसभा सीट सूबे की महत्वपूर्ण सीट है. 2018 में बीजेपी के प्रत्याशी गोपीलाल जाटव ने कांग्रेस के चंद्र प्रकाश अहिरवार को भारी मतों के अंतर से हराया था. लेकिन इस बार क्या होगा ये तो परिणामों के बाद ही पता चलेगा. तो चलिए अब बात करते है गुना सीट के सियासी समीकरणों की.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2018 में पड़े थे 57 प्रतिशत वोट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के अनुसार गुना विधानसभा में करीब 2 लाख से ज्यादा मतदाता है. जिसमें पुरूष वोटर्स की संख्या लगभग एक लाख तो वहीं महिला वोटर्स भी करीब एक लाख से अधिक है. ये आंकड़े 2018 के विधानसभा चुनाव के अनुसार है. ये मतदाता तय करेंगे कि गुना में इस बार कौन बाजी मारेगा. आपको बता दें कि पिछले चुनाव में कुल 57 प्रतिशत वोट पड़े थे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बीजेपी-कांग्रेस के बीच होती है टक्कर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गुना विधानसभा सीट के सियासी ताने बाने पर गौर करें तो यह पूरा शहरी क्षेत्र हैं, बीजेपी कांग्रेस के अलावा यहां बीएसपी का भी वोट बैंक माना जाता है. लेकिन चुनाव आते-आते इस वोट बैंक में बिखराव भी दिखता है. इस बार भी यहां बीएसपी जोर लगा रही है, ऐसे में मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद लगाई जा रही है. जानकारी के लिए आपको बता दें कि गुना से गोपीलाल जाटव विधायक हैं. उन्होंने 2018 में कांग्रेस के चंद्र प्रकाश अहिरवार को 33,667 वोटों के अंतर से हराया था&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गुना का राजनीतिक इतिहास&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;तो चलिए अब एक नजर गुना के राजनीतिक इतिहाल पर डालते हैं. 1977 में JNP के धर्मस्वरूप सक्सेना, 1980 में कांग्रेस के शिव प्रताप सिंह, 1985 में कांग्रेस के शिवप्रताप सिंह, 1990 में BJP के भाग चंद्र सोगानी, 1993 में कांग्रेस के शिव प्रताप सिंह, 1998 में कांग्रेस के शिव प्रताप सिंह, 2003 में BJP के कन्हैया लाल अग्रवाल, 2008 में भारतीय जन शक्ति के राजेंद्र सिंह सलूजा, 2013 में BJP के पन्नालाल शाक्य और 2018 में BJP के गोपीलाल जाटव 33, 667 वोटों से जीतें थे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस बार किसी तीसरे को मिलेगा मौका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;फिलहाल ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार के चुनाव में बीजेपी-कांग्रेस किसी और को मौका दे सकती हैं. बीजेपी में जाटव के साथ-साथ नीरज निगम, पूर्व विधायक पन्ना लाल शाक्य, अनूसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश मंत्री सुनील मालवीय और चंद्रप्रकाश अहिरवार का नाम आ रहा हैं तो वहीं कांग्रेस से वरिष्ठ नेता कन्हैयाराम अहिरवार, हरिओम खटीक और वीरू खटीक का नाम आ रहा है. अब देखते हैं कि दोनों ही दल किसे मौका देते है और जनता किसे चुनती हैं. वहीं बीजेपी विधायक गोपीलाल जाटव के अनुसार क्षेत्र में कई काम हुए हैं. गुना में इस बार टिकट बदलाव होने के आसार साफ दिख रहे हैं. जाटव भी मानकर चल रहे हैं कि किसी नए दावेदार को टिकट मिलना तय है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: देवतालाब विधानसभा में 25 सालों से खिल रहा कमल, इस बार क्या रहेगा माहौल</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/lotus-has-been-blooming-in-devtalab-assembly-for-25-years-what-will-be-the-atmosphere-this-time/</link><pubDate>September 24, 2023, 1:04 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/dsfarh.JPG-300x169.jpg</image><category>चुनाव</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. इससे पहले दलबदल और दावेदारी का दौर शुरू हो गया है. मऊगंज की VIP सीट देवतालाब से गिरीश गौतम विधायक हैं. देवतालाब की सबसे खास बात ये है कि यहां 25 साल से बीजेपी का कब्जा है. कांग्रेस ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल.&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. इससे पहले दलबदल और दावेदारी का दौर शुरू हो गया है. मऊगंज की VIP सीट देवतालाब से गिरीश गौतम विधायक हैं. देवतालाब की सबसे खास बात ये है कि यहां 25 साल से बीजेपी का कब्जा है. कांग्रेस 1985 में आखिरी बार यहां से चुनाव जीती थी. इसके बाद वो नंबर दो पर भी नहीं आ पाई. 1985 के बाद 2 बार बीएसपी और 5 बार से बीजेपी यहां से जीती है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सियासी समीकरण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;देवतालाब के सियासी समीकरण की बात करें तो विंध्य की ये सीट भी सामान्य वर्ग के वर्चस्व वाली है. लेकिन, OBC/ST/SC मिलाकर ये आंकड़ा 50 के पार हो जाता है. ऐसे में जीत उसी की होती है जिसके पक्ष में सामान्य या OBC वोट करते हैं. आंकड़ों पर गौर किया जाए तो OBC 34 फीसदी, सामान्य के 34 फासदी वोट हैं. इसके अलावा 18 फीसदी एससी और 10 फीसदी एसटी वोटर हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2018 का चुनावी परिणाम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अब गौर करते है 2018 के चुनावी परिणाम पर, बता दें कि विधानसभा चुनाव 2018 में यहां बीजेपी ने कब्जा जमाया था. ऐसा भाजपा ने लगातार 5वीं बार किया था. हालांकि, अंतर बहुत ज्यादा नहीं था. यहां से बीजेपी के गिरीश गौतम ने बीसपी की सीमा जयवीर को 1080 मतों से हराया था. इसके बाद गिरीश गौतम को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने के बाद ये सीट VIP हो गई.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;25 साल से बीजेपी के कब्जे में है सीट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पिछले कुछ चुनावों को देखा जाए तो यहां से कांग्रेस जब से हार रही है तब से दूसरे नंबर पर भी नहीं आ पा रही है. आखिरी बार 1985 में कांग्रेस ने देवतालाब से जीत हासिल की थी. इसके बाद दो बार BSP ने यहां कब्जा जमाया. अब 1998 से अभी तक यहां बीजेपी का कब्जा है. इसमें 2008 से अभी तक 3 चुनावों में गिरीश गौतम ने जीत हासिल की है. इससे पहले 1998 और 2023 में बीजेपी के ही पंचू लाल प्रजापति यहां से विधायक रहे. 1990 और 93 में बीएसपी के जयकरण और उससे पहले 1985 में कांग्रेस के बिंद्रा और 1980 में रामखेलवान ने जीत हासिल की थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2023 में कौन मारेगा बाजी?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;देवतालाब में OBC और सामान्य वर्ग की हिस्सेदारी बराबर की है. मुकाबला ज्यादातर बीएसपी और बीजेपी के बीच में ही होता आया है. अगर इस बार कांग्रेस ने यहां से कड़ी टक्कर दी तो मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है. हालांकि, ये तो जनता पार्टियों के प्रत्याशी जानने के बाद ही तय करेगी कि देवतालाब से भोपाल का सफर किसे कराना है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Assembly Election 2023: जानिए पाटन विधानसभा का जातीय समीकरण</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/know-the-caste-equation-of-patan-assembly/</link><pubDate>September 24, 2023, 12:19 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/Clipboard-59-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के पाटन विधानसभा क्षेत्र में पिछले कुछ चुनावों में भाजपा और कांग्रेस को जनता ने बारी-बारी मौका दिया और यहां पर दिलचस्प मुकाबला हुआ है. पाटन विधानसभा की बात करें तो यहां भारतीय जनता पार्टी के नेता अजय विश्नोई वि...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल.&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के पाटन विधानसभा क्षेत्र में पिछले कुछ चुनावों में भाजपा और कांग्रेस को जनता ने बारी-बारी मौका दिया और यहां पर दिलचस्प मुकाबला हुआ है. पाटन विधानसभा की बात करें तो यहां भारतीय जनता पार्टी के नेता अजय विश्नोई विधायक हैं. 2018 में अजय विश्नोई ने यहां से कांग्रेस के तत्कालीन विधायक नीलेश अवस्थी को चुनाव में हराया था. आपको बता दें कि इससे पहले 2013 के चुनाव में अजय विश्नोई को यहां से कांग्रेस के नीलेश अवस्थी ने हराया था, तो चलिए यहां कि सीट का विश्लेषण करते हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अजय विश्नोई हैं विधायक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि पाटन विधानसभा से वर्तमान विधायक भाजपा के अजय विश्नोई हैं. उन्होंने 2018 के चुनाव में कांग्रेस के तत्कालीन विधायक नीलेश अवस्थी को हराकर सीट जीती थी. 2018 में अजय विश्नोई की जीत से पहले 2013 के चुनाव में कांग्रेस के नीलेश अवस्थी ने इस सीट पर जीत हासिल की थी. वहीं 2008 के चुनाव में अजय विश्नोई ने बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए जीत हासिल की थी. आपको बता दें कि मौजूदा बीजेपी विधायक अजय विश्नोई कई मुद्दों पर अपनी ही सरकार के खिलाफ मुखर रहते हैं. उन्होंने हाल ही में शिवराज सरकार के कैबिनेट विस्तार पर भी सवाल उठाए थे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कांग्रेस-बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पाटन विधानसभा क्षेत्र में हाल के वर्षों में भाजपा और कांग्रेस के बीच आर-पार की लड़ाई देखी गई है. कांग्रेस के नीलेश अवस्थी 2013 में जीतने में कामयाब रहे, लेकिन भाजपा के अजय विश्नोई ने 2018 में जीत हासिल की, जिससे सीट वापस भाजपा की झोली में आ गई.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2018 के चुनाव परिणाम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;2018 के चुनाव परिणाम की बात करें तो बीजेपी से अजय विश्नोई ने 100,443 वोटों के साथ जीत दर्ज की थी. वहीं कांग्रेस से नीलेश अवस्थी को 73,731 वोटों के साथ हार का सामना करना पड़ा था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कुल जनसंख्या 3,33,357&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं जातीय समीकरण पर नजर डाले तो पाटन विधानसभा क्षेत्र की कुल जनसंख्या 3,33,357 है, जिसमें मतदाताओं की संख्या 2,35,000 है. कुल जनसंख्या का 85.94% ग्रामीण निवासी हैं, जबकि 14.06% शहरी क्षेत्रों में रहते हैं. आबादी में, 15.77% आदिवासी मूल के हैं और 16.95% दलित समुदाय से हैं. 2013 के विधानसभा चुनाव में 77.63% मतदान हुआ था. गौरतलब है कि इस निर्वाचन क्षेत्र में किसी एक जाति का बहुमत नहीं है. कटंगी क्षेत्र में कम जनसंख्या में मुस्लिम उपस्थिति के साथ राजपूत ठाकुर, ब्राह्मण, बनिया, लोधी कुर्मी और जैन समुदाय सह-अस्तित्व में हैं.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: कमलनाथ ने उम्मीदवारों को लेकर दिया बयान, कहा- 100 नामों पर चर्चा हुई</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/kamal-nath-gave-a-statement-regarding-the-candidates-said-100-names-were-discussed/</link><pubDate>September 13, 2023, 8:35 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/Clipboard-31-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश में कांग्रेस के प्रत्याशियों की पहली लिस्ट को लेकर इंतजार बरकरार है. उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए लगातार बैठकें की जा रही हैं. मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में मध्य प्र...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश में कांग्रेस के प्रत्याशियों की पहली लिस्ट को लेकर इंतजार बरकरार है. उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए लगातार बैठकें की जा रही हैं. मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में मध्य प्रदेश की 100 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नामों को लेकर चर्चा की गई. आज फिर इन उम्मीदवारों के नामों को लेकर मंथन किया जाएगा, इसके बाद केंद्रीय चुनाव समिति इन पर मुहर लगा सकती है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लंबे समय से उम्मीदवारों के नाम पर मंथन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कांग्रेस में लंबे समय से उम्मीदवारों के नामों पर मंथन चल रहा है, लेकिन अब तक फाइनल नाम तय नहीं हो सके हैं. भाजपा, बसपा और आम आदमी पार्टी ने एक-एक लिस्ट जारी करके उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है, जबकि कांग्रेस में अभी भी प्रत्याशियों को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है. इसे लेकर भाजपा कांग्रेस को घेर रही है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मीटिंग में ये नेता रहे शामिल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि दिल्ली में मंगलवार को स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई, इसमें मध्य प्रदेश की 100 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नामों पर मंथन किया गया. ये बैठक करीब 4 घंटे तक चली. मीटिंग में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, पीसीसी चीफ कमलनाथ, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह मौजूद रहे नेता प्रतिपक्ष डॉ.गोविंद सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए. स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक के बाद कांग्रेस नेता कमलनाथ ने चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि 100 सीटों पर चर्चा हुई है. अभी तक कोई नाम फाइनल नहीं हुआ है. कल भी बैठक होगी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कौन होंगे उम्मीदवार?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक के बाद कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि प्रजातांत्रिक प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत की है. कई प्रकार की चर्चा हुई. मापदंडों पर चर्चा हुई, कौन सबसे बेहतर उम्मीदवार हो सकता है, जो जीत सकता है. कौन सा वो उम्मीदवार है जिसके पास सबसे अधिक जनमत है. कौन वो उम्मीदवार है जो मध्य प्रदेश में आदिवासियों, दलित, ओबीसी, गरीब, युवा, महिलाओं की आवाज जाति से ऊपर उठकर बुलंदी से उठा सकता है. सुरजेवाला ने कहा कि बहुत जल्द हम बेहतरीन से बेहतरीन उम्मीदवार लेकर आएंगे. हालांकि केन्द्रीय चुनाव समिति ही फाइनल निर्णय करेगी.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Assembly Election: इस दिन जारी हो सकती है एमपी बीजेपी के उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/second-list-of-mp-bjp-candidates-may-be-released-on-this-day/</link><pubDate>September 12, 2023, 9:19 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/Clipboard-27-1-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनावों को लेकर हलचल तेज है. सभी को उम्मीदवारों के नामों का बेसब्री से इंतजार है. बीजेपी ने पहली लिस्ट जारी कर 39 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है. जल्द ही दूसरी लिस्ट के उम्मीदवारों के नामों का ऐलान होने ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल.&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनावों को लेकर हलचल तेज है. सभी को उम्मीदवारों के नामों का बेसब्री से इंतजार है. बीजेपी ने पहली लिस्ट जारी कर 39 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है. जल्द ही दूसरी लिस्ट के उम्मीदवारों के नामों का ऐलान होने वाला है. बीजेपी उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बैठक बुलाई, जिसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत प्रदेश के कई नेता शामिल हुए और उम्मीदवारों के नामों पर मंथन किया गया.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बैठक में ये नेता रहे शामिल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर पर मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ी बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ, सीएम शिवराज, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा मौजूद रहे. जेपी नड्डा के आवास पर बीजेपी नेताओं की बैठक आयोजित की गई. जानकारी के अनुसार इस दौरान मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में उम्मीदवारों के नामों को लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने लंबा मंथन किया. दिल्ली में आलाकमान के साथ करीब 4 घंटे तक सीएम शिवराज समेत बीजेपी नेताओं की बैठक चली.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;17 अगस्त को जारी हुई थी पहली लिस्ट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के मुताबिक 13 सितंबर के बाद बीजेपी के उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट आ सकती है. दूसरी सूची में बीजेपी हारी हुई 64 सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर सकती है. बता दें कि 17 अगस्त को बीजेपी ने अपनी पहली लिस्ट घोषित की थी, जिसमें पार्टी ने 39 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया था.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: संत प्रमोद कृष्णम का कमलनाथ पर तंज- भाजपा प्रचारक की आरती उतारना कांग्रेस नेताओं को शोभा नहीं देता</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/saint-pramod-krishnams-taunt-on-kamal-nath-performing-aarti-of-bjp-campaigner-does-not-suit-congress-leaders/</link><pubDate>August 8, 2023, 12:52 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/Clipboard-78-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. छिंदवाड़ा में बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा कराने पर विपक्ष ने पूर्व सीएम कमलनाथ की घेराबंदी तो की ही, कांग्रेस समर्थक संत प्रमोद कृष्णम ने भी उनकी रामकथा पर तंज कसते हुए कहा कि शिवराज को भी बुला लेते. यही नहीं, उन्...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;छिंदवाड़ा में बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा कराने पर विपक्ष ने पूर्व सीएम कमलनाथ की घेराबंदी तो की ही, कांग्रेस समर्थक संत प्रमोद कृष्णम ने भी उनकी रामकथा पर तंज कसते हुए कहा कि शिवराज को भी बुला लेते. यही नहीं, उन्होंने यहां तक कह दिया कि जो व्यक्ति बुलडोजर की बात करता है, उसकी आरती कांग्रेस नेताओं को उतारना शोभा नहीं देता है. हालांकि इस पर कमलनाथ ने पलटवार करते हुए कहा कि मैं नहीं जानता किसके पेट में क्यों दर्द हो रहा है?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कथा को बताया छिंदवाड़ा का सौभाग्य&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कमलनाथ ने धीरेंद्र शास्त्री की कथा को छिंदवाड़ा का सौभाग्य बताया. बोले कि ‘जो सवाल उठा रहे हैं उनके पेट में दर्द क्यों’? कथा से कांग्रेस नेताओं की दूरी को गलत बताया और कहा कि कोई संतों से दूर नहीं है. कमलनाथ ने कहा कि बागेश्वर महाराज यहां आये, मैंने उनका स्वागत किया. उन्होंने तय किया कि उनको छिंदवाड़ा आना है. जब उन्होंने तय किया तो मैंने कहा कि मैं स्वागत करता हूं. छिंदवाड़ा की जनता का सौभाग्य होना चाहिए कि महाराज जी की कथा सुने और हम सबका सौभाग्य है कि महाराज जी छिंदवाड़ा में आए. कमलनाथ ने कांग्रेस नेताओं के सवाल पर कहा कि कौन से नेता दूर हैं? यहां तो सब हैं. आप देखिये, दिग्विजय सिंह उनसे मिलने गए थे. राघोगढ़ गए महाराज जी तो जयवर्धन के साथ उन्होंने खाना खाया. पचौरी जी, प्रियव्रत जी सब के साथ. तो कोई उनसे दूर नहीं है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बीजेपी ने कमलनाथ पर किया हमला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;छिंदवाड़ा में कांग्रेस के बड़े नेताओं के बागेश्वर सरकार की कथा में ना जाने पर बीजेपी ने हमला किया है. नरेंद्र सलूजा ने कहा, क्या कारण है कि छिंदवाड़ा में कमलनाथ जी द्वारा आयोजित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र शास्त्री जी की राम कथा के आयोजन से कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओ दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, अरुण यादव, अजय सिंह, गोविंद सिंह, कांतिलाल भूरिया सहित अन्य तमाम नेताओं ने बनाई दूरी…? कांग्रेस का एक भी बड़ा नेता कमलनाथ जी के साथ इस आयोजन में नजर नहीं आया? कांग्रेस के अंदर चर्चा जोरों पर है कि इस आयोजन को लेकर कांग्रेस के नेताओं के जल्द ही बयान सामने आएंगे. आचार्य प्रमोद कृष्णन का ट्वीट सामने आ चुका है और अन्य नेतागण के बयान भी जल्द सामने आएंगे.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: कमलनाथ ने सीएम शिवराज से कांग्रेस में शामिल होने को कहा, रखी ये शर्त</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/kamal-nath-asked-cm-shivraj-to-join-congress-kept-this-condition/</link><pubDate>August 7, 2023, 12:52 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/Clipboard-72-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा हाई हो गया है. जहां एक तरफ सत्तारुढ़ पार्टी भाजपा जनता को लुभाने का एक भी मौका नहीं छोड़ रही है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस अपने वादों से फिर से सत्ता में वापसी करने की फिराक मे...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा हाई हो गया है. जहां एक तरफ सत्तारुढ़ पार्टी भाजपा जनता को लुभाने का एक भी मौका नहीं छोड़ रही है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस अपने वादों से फिर से सत्ता में वापसी करने की फिराक में लगी हुई है. इसी बीच सूबे के पूर्व सीएम कमलनाथ ने सीएम शिवराज को लेकर एक बयान दिया जिसके बाद कांग्रेस पार्टी के नेता ठहाके लगाकर हंसने लगें. क्या आप जानते हैं कि कमलनाथ ने ऐसा क्या कहा?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीएम शिवराज को दिया ऑफर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल एमपी के पूर्व सीएम कमलनाथ ने सीएम शिवराज को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि शिवराज जी शामिल होना चाहें तो उन्हें भी कांग्रेस में शामिल कर लेंगे लेकिन हमारे स्थानीय संगठन की मंज़ूरी होनी चाहिए. बता दें कि कमलनाथ दूसरी पार्टी के नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कराकर कांग्रेस पार्टी का कुनबा बढ़ा रहे हैं इसी दौरान रविवार को पीसीसी कार्यालय पर कुछ नेताओं ने कांग्रेस पार्टी जॉइन की इसी दौरान सीएम ने हंसी-हंसी में ये बड़ी बात कह दी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कांग्रेस में शामिल हुए ये नेता&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए नेता पार्टी बदलने में लगे हुए हैं. बता दें कि रविवार को सागर जिले के पूर्व भाजपा नेता राजकुमार धनोरा और दतिया के पूर्व भाजपा नेता अवधेश नायक अपने साथियों के साथ कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए. कांग्रेस कार्यालय में प्रवेश के दौरान उन्हें पीसीसी चीफ कमलनाथ और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने सदस्यता दिलाई.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जनता को लुभाने में लगी पार्टियां&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;चुनावी साल में भाजपा कांग्रेस दोनों ही पार्टी के नेता जनता को लुभाने के लिए धार्मिक आयोजन भी करा रहे हैं. बता दें कि जहां एक तरफ कांग्रेस के गढ़ छिंदवाड़ा में धीरेंद्र शास्त्री की हनुमान कथा चल रही है. तो वहीं दूसरी तरफ 10 अगस्त से दतिया में पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा का आयोजन होगा. जिसको लेकर सियासी गलियारे में हलचल मची हुई है. भाजपा कांग्रेस दोनों पार्टी के नेता एक दूसरे पर तंज भी कस रहे हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चुनावी साल में पार्टियों का आरोप-प्रत्यारोप जारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ऐसे में बीते दिनों बीजेपी के कई नेताओं ने कांग्रेस और कमलनाथ को इच्छाधारी हिंदू तक बता दिया था, इस पर कमलनाथ ने पलटवार करते हुए कहा कि “मैंने हनुमान मंदिर बनाया, मैं मंदिर जाता हूं तो इनके पेट में क्यों दर्द होता है. इन्होंने ही क्या केवल ठेका ले रखा है? मेरी इच्छा थी मैंने आयोजन कराया, जिसमें करीब 4 लाख जनता शामिल हुई, इसी कारण बीजेपी को दर्द हो रहा है. वहीं BJP सांसद रामशंकर कठेरिया की सजा पर कमलनाथ ने कहा कि ‘कानून सभी पर लागू होता है. कठेरिया और राहुल गांधी पर लगे आरोप में बहुत अंतर है’ सेक्स रैकेट केस में सजा पा चुके हरदा के नेता रामकृष्ण पटेल के BJP जॉइन करने पर बोले कि ‘BJP के पास अब यही बचा है. एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष मजिस्ट्रेट अर्जुन ने उन्हें 2 साल की सजा और 50 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: एमपी बीजेपी की SC वोट बैंक पर नजर, 25 जुलाई को निकलेगी यह यात्रा</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/mp-bjps-eye-on-sc-vote-bank-this-trip-will-start-on-july-25/</link><pubDate>July 20, 2023, 11:10 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/Clipboard-9-1-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. बीजेपी ने आगामी मध्य प्रदेश चुनाव के मद्देनजर अब हर वर्ग पर फोकस करने की रणनीति तय कर ली है. यही वजह है कि आदिवासी वर्ग के बाद अब SC वर्ग को साधने के लिए BJP ने संत रविदास जन जागरण यात्रा निकालने का फैसला किया है. ये यात्रा प्रदेश के 5 स...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;बीजेपी ने आगामी मध्य प्रदेश चुनाव के मद्देनजर अब हर वर्ग पर फोकस करने की रणनीति तय कर ली है. यही वजह है कि आदिवासी वर्ग के बाद अब SC वर्ग को साधने के लिए BJP ने संत रविदास जन जागरण यात्रा निकालने का फैसला किया है. ये यात्रा प्रदेश के 5 स्थानों से निकलेगी, जो कि 25 जुलाई से शुरू हो रही है. अब इस यात्रा को लेकर राज्य में सियासत गरमा गई है. कांग्रेस और BJP के बीच बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;25 जुलाई को शुरू होगी यात्रा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;संत रविदास जन जागरण यात्रा की शुरुआत 25 जुलाई को शुरू होगी. इस यात्रा में संत रविदास मंदिर निर्माण के लिए जन-सामान्य से एक मुठ्ठी मिट्टी और नदियों का जल इकट्ठा किया जाएगा. यात्रा के दौरान संत रविदास के व्यक्तित्व और कृतित्व पर केंद्रित रथ भी चलेगा. रथ में संत रविदास जी का चित्र, पादुका और कलश भी रहेगा, जिनका जगह-जगह पर पूजन होगा. रथ पर सामाजिक समरसता की सूक्तियों का उल्लेख भी होगा. यात्रा 12 अगस्त को सागर में समाप्त होगी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन जिलों से होकर गुजरेगी यात्रा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि पहली यात्रा नीमच जिले की नीमच सिटी से शुरू होगी. दूसरी यात्रा धार जिले के मांडू से प्रारंभ होगी. तीसरी यात्रा की श्योपुर से शुरूआत होगी. चौथी यात्रा बालाघाट जिले के परसवाड़ा क्षेत्र के बीजाटोला से शुरू होगी. वहीं पांचवी यात्रा सिंगरौली जिले के बैढ़न से 25 जुलाई को प्रारंभ होगी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कांग्रेस ने साधा निशाना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बीजेपी की संत रविदास जन जागरण यात्रा पर कांग्रेस ने तंज कसा है. पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि 18 साल बाद इन्हें संत रविदास जी की याद आ रही है. 18 साल में रविदास जी, एससी-एसटी वोटर्स कोई याद नहीं आए. इनके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई है तो इनके केंद्रीय नेता भी आ रहे हैं और अब यह यात्रा भी शुरू कर रहे हैं. यहां चारों दिशाओं में इनकी यात्रा पिटेगी. महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों से जनता त्रस्त है और जनता चाहती है कि आज ही चुनाव हो और बीजेपी को घर बिठा दे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बीजेपी ने दिया जवाब&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया है. चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि बीजेपी हमेशा से ही जनता से जुड़ी रही है और जनता की समस्याओं का निदान करती है. मध्य प्रदेश देश में विकास और कल्याण के मामले में अव्वल है. कांग्रेस हमेशा चुनाव के मद्देनजर आयोजन करती है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: चुनावी साल में सीएम शिवराज मनाएंगे विकास पर्व, इन कार्यक्रमों का भी होगा आयोजन</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/cm-shivraj-will-celebrate-vikas-parv-in-the-election-year-these-programs-will-also-be-organized/</link><pubDate>July 15, 2023, 5:13 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/Clipboard-63-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. चुनावी साल में शिवराज सरकार विकास पर्व मनाने जा रही है. जिसके जरिए सरकार अपनी उपलब्धियों को सीधे जनता तक पहुंचाएगी. प्रदेश के हर जिले में 16 से 14 अगस्त के बीच विकास पर्व मनाया जाएगा. इस दौरान करीब 2 लाख करोड़ रुपये के नए विकास कार्यों क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;चुनावी साल में शिवराज सरकार विकास पर्व मनाने जा रही है. जिसके जरिए सरकार अपनी उपलब्धियों को सीधे जनता तक पहुंचाएगी. प्रदेश के हर जिले में 16 से 14 अगस्त के बीच विकास पर्व मनाया जाएगा. इस दौरान करीब 2 लाख करोड़ रुपये के नए विकास कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा. इसकी शुरुआत बड़वानी जिले से की जाएगी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चुनावों से पहले विकास पर्व की योजना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनावों से पहले विकास पर्व की योजना बनाई. चुनावी साल में इसे शिवराज सरकार का बड़ा दांव माना जा रहा है. दरअसल विकास पर्व का मकसद है कि पिछले 18 सालों के शासन के दौरान शिवराज सरकार ने जो विकास कार्य किए उनकी याद जनता को दिलाई जाए, साथ ही नए विकास कार्यों को शुरू किया जाए.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीएम जिलों का करेंगे दौरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;विकास पर्व के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान प्रदेशभर के जिलों के दौरे पर रहेंगे. वे हर जिले में जाएंगे और वहां विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास होगा. इस दौरान स्थानीय विधायक भी मौजूद रहेंगे. विकास पर्व के दौरान जनसेवा यात्राओं, आम सभाओं और स्थानीय स्तर पर जनता के साथ संवाद के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. विकास पर्व का मकसद विकास कार्यों के जरिए सीधे जनता तक पहुंचना है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विकास पर्व के दौरान होंगे ये काम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बीना रिफायनरी का विस्तार और केन बेतवा लिंक योजना के भूमिपूजन का शिलान्यास&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;83 सीएम राइज स्कूलों का शुभारंभ&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;7,245 करोड़ की 15 सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;36,348 करोड़ की 13 सिंचाई परियोजनाओं का भूमि पूजन&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;नव स्वीकृत मेडिकल कॉलेजों का भूमिपूजन&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्ग एवं सड़क निर्माण के 21900 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 1207 कार्यों का भूमि पूजन&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;अमृत 2.0 के अंतर्गत शहरी पेयजल परियोजनाओं के 3000 करोड़ रुपए की राशि के कार्य&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लगभग 4,00,000 हितग्राहियों का गृह प्रवेश&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;जल जीवन मिशन के अंतर्गत 28,471 करोड़ की राशि की 15,450 समूह पेयजल परियोजनाओं का भूमि पूजन&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;10 नवीन महाविद्यालयों का भूमिपूजन.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये कार्यक्रम भी होंगे आयोजित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;विकास पर्व के दौरान अलग-अलग योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों का सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा. इसमें गरीब कल्याण के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री भू अधिकार योजना, दीनदयाल रसोई योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, जल जीवन मिशन, स्वामित्व योजना संबल योजना के विभिन्न कार्यक्रम शामिल होंगे. इसके जरिए किसानों से भी जुड़ने की कोशिश की जाएगी. किसान कल्याण के अंतर्गत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री कृषक ब्याज माफी योजना के कार्यक्रम किए जाएंगे. वहीं महिलाओं के लिए खास महिला सशक्तिकरण, युवा कल्याण रोजगार एवं स्वरोजगार, कमजोर वर्ग कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुशासन के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन किए जाएंगे.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: 12 जून को बीजेपी और कांग्रेस करेगी विशाल जनसभा को संबोधित, पार्टियों के लिए यह दिन क्यों है खास</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/mp-politics-bjp-and-congress-will-address-a-huge-public-meeting-on-june-12-why-is-this-day-special-for-the-parties/</link><pubDate>June 10, 2023, 5:22 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/06/Clipboard-4-3-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां देश की प्रमुख पार्टी हैं और दोनों का 12 जून को एक साथ बड़े कार्यक्रम करना मध्यप्रदेश की राजनीति में कई सवाल पैदा कर रहा है। बताया जा रहा है कि बीजेपी की ओर से विजय राघवगढ़ विधायक संजय पाठक अपनी विधान...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां देश की प्रमुख पार्टी हैं और दोनों का 12 जून को एक साथ बड़े कार्यक्रम करना मध्यप्रदेश की राजनीति में कई सवाल पैदा कर रहा है। बताया जा रहा है कि बीजेपी की ओर से विजय राघवगढ़ विधायक संजय पाठक अपनी विधानसभा में श्रीहरि हर तीर्थ बनाने की तैयारियों में जुटे हैं। जहां एक साथ कई देवी-देवताओं के मंदिर और प्रतिमा स्थापित होंगे, जिसमें सबसे बड़ी भगवान परशुराम जी की मूर्ति बताई गई है, जो पूरे 108 फीट की होगी, वो भी अष्टधातु की।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कार्यक्रम में शामिल रहेंगे ये नेता&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पूरे कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नेता, अभिनेता सहित साधु-संत ग्राम बंजारी स्थित राजा पहाड़ पहुंचेंगे। इस दौरान प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान, वीडी शर्मा, भूपेंद्र सिंह, आशुतोष राणा, स्वामी रामभद्राचार्य, स्वामी अवधेशानंद गिरि, जगद्गुरु शंकराचार्य और श्री श्री रविशंकर सहित कई जानी मानी हस्तियां शामिल रहेंगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रियंका गांधी का स्वागत करेंगे ये नेता&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;देखा जाए तो इस कार्यक्रम के माध्यम से बीजेपी हिंदू वोटर्स को लुभाने की कोशिश करेगी। वहीं, विजयराघवगढ़ विधानसभा जो हाल-फिलहाल की स्थितियों में बीजेपी के लिए काफी कमजोर है, उसे भी मजबूत करने की कोशिश में है। वहीं, पूरे मध्यप्रदेश कांग्रेस में जान डालने और विधानसभा का चुनावी शंखनाद करने के लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी जबलपुर पहुंचेगी। इनके स्वागत में पूर्व सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी और विवेक तंखा सहित कई बड़े नेता मौजूद रहेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;150 सीटों का है कांग्रेस का लक्ष्य&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इनकी मौजूदगी में गोल बाजार में रोड शो के साथ आमसभा संबोधित की जाएगी। कांग्रेस के अनुसार उनका लक्ष्य 150 सीटों का है, जिसकी तैयारियां प्रियंका गांधी के साथ ही शुरू हो जाएगी। हालांकि, दोनों ही पार्टी के लिए 12 जून ही इतनी खास क्यों है। इसकी वजह अब तक साफ नहीं हो पाई है। देखना दिलचस्प होगा कि प्रियंका और शिवराज का चुनावी माहौल में जनता किस ओर नजर आती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: मंदिर की जमीन नीलाम कर पाएंगे पुजारी, सीएम शिवराज ने किया ऐलान</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/mp-news-priests-will-be-able-to-auction-temple-land-cm-shivraj-announced/</link><pubDate>April 23, 2023, 2:44 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/Clipboard-10-2-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल। चुनावी साल में मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ब्राह्मणों को लेकर बड़ी घोषणा की है. सीएम शिवराज ने भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में कहा है कि अब मंदिरों से लगी जमीनों की नीलामी कलेक्टर नहीं कर पाएंगे. बल्कि इन जमीनों की नीलामी अब म...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;चुनावी साल में मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ब्राह्मणों को लेकर बड़ी घोषणा की है. सीएम शिवराज ने भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में कहा है कि अब मंदिरों से लगी जमीनों की नीलामी कलेक्टर नहीं कर पाएंगे. बल्कि इन जमीनों की नीलामी अब मंदिर से जुड़े पुजारी ही कर सकेंगे. लंबे समय से यह मांग की जा रही थी कि मंदिरों में प्रशासन का दखल बंद होना चाहिए और पुजारियों को उनका हक दिया जाना चाहिए. इसके साथ ही सीएम शिवराज ने ब्राह्मण कल्याण बोर्ड बनाने का भी ऐलान किया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कथा कार्यक्रम में पहुंचे थे सीएम शिवराज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि सीएम शिवराज सिंह चौहान भोपाल में आयोजित कथा कार्यक्रम में पहुंचे हुए थे. इसमें कथा व्यास बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री थे. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को संबोधित करते हुए सीएम शिवराज ने बताया कि &amp;#8216;महाराज जी मैं आपको और आपके जरिए पूरे प्रदेश को बताना चाहता हूं कि अब मंदिर और उससे लगी जमीनों की नीलामी पुजारी कर पाएंगे. अब कलेक्टर के माध्यम से प्रशासन को इस मामले में दखल देने का अधिकार नहीं होगा, बल्कि पुजारियों का ही हक रहेगा कि वह जरूरत के हिसाब से जमीन की नीलामी कर पाएं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीएम शिवराज की ब्राह्मण वोट बैंक पर नजर !&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ब्राह्मणों के कल्याण के लिए एक संवैधानिक बोर्ड बनाने की घोषणा करते हुए सीएम शिवराज ने कहा कि इससे बोर्ड ब्राह्मणों को दिक्कतों से छुटकारा मिलेगा. चुनावी साल में शिवराज की इस घोषणा को ब्राह्मणों को साधने की रणनीति बताई जा रही है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>CM शिवराज ने की बड़ी घोषणा, मंदिर की जमीन अब नीलाम नहीं कर पाएंगे कलेक्टर</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/cm-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a5%9c%e0%a5%80-%e0%a4%98%e0%a5%8b%e0%a4%b7%e0%a4%a3%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6/</link><pubDate>April 22, 2023, 3:54 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/download-3-300x169.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंदिरो को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। भोपाल में आयोजिय एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर के जमीन को अब पुजारी ही नीलाम करेंगे, अब मंदिर की जमीन को कलेक्टर नीलाम नहीं कर पाएंगे। बहुत लम्बे से यह म...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल:&lt;/strong&gt; मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंदिरो को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। भोपाल में आयोजिय एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर के जमीन को अब पुजारी ही नीलाम करेंगे, अब मंदिर की जमीन को कलेक्टर नीलाम नहीं कर पाएंगे। बहुत लम्बे से यह मांग की जा रही थी कि मंदिर के जमीन पर प्रशासन का दखल न हो और यह सुनिचित किया जाए कि मंदिर के संसाधनों पर पुजारियों का हक हो।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मंदिर के जमीन पर पुजारी का हक होगा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;दरसल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक कथा कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम भोपाल में था और कथावाचक धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री मौजूद थे। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सीएम ने कहा कि मैं आपको और आपके माध्यम से प्रदेश की जनता को बताना चाहता हूँ कि अब मन्दिर की जमीन की नीलामी पुजारी कर सकेंगे। अब इसमें प्रशासन किसी भी तरीके से दखल नहीं देगा।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter&quot;&gt;&lt;div class=&quot;wp-block-embed__wrapper&quot;&gt;
&lt;blockquote class=&quot;twitter-tweet&quot; data-width=&quot;500&quot; data-dnt=&quot;true&quot;&gt;&lt;p lang=&quot;hi&quot; dir=&quot;ltr&quot;&gt;अब हमने एक निर्णय और लिया है कि मंदिरों की गतिविधियों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं रहेगा ।&lt;br&gt;&lt;br&gt;जितनी जमीन मंदिरों के नाम है, उनको कलेक्टर नीलाम नहीं करेंगे, बल्कि उनको पुजारी ही नीलाम कर सकेंगे।&lt;br&gt;&amp;#8211; माननीय मुख्यमंत्री श्री &lt;a href=&quot;https://twitter.com/ChouhanShivraj?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;@ChouhanShivraj&lt;/a&gt; जी &lt;a href=&quot;https://t.co/e3OzKBkoMh&quot;&gt;pic.twitter.com/e3OzKBkoMh&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Office of Shivraj (@OfficeofSSC) &lt;a href=&quot;https://twitter.com/OfficeofSSC/status/1649681852846989318?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;April 22, 2023&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;script async src=&quot;https://platform.twitter.com/widgets.js&quot; charset=&quot;utf-8&quot;&gt;&lt;/script&gt;
&lt;/div&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की घोसणा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक और घोसणा किया कि ब्राह्मणो के कल्याण के लिए एक संवैधानिक बोर्ड बनाया जाएगा। ये बोर्ड ब्राह्मण समाज के समस्यायों के निवारण का काम करेगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Madhya Pradesh: कांग्रेस दफ्तर भगवा झंडों से हुआ जगमग, धर्म को लेकर होगी चर्चा</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/madhya-pradesh-congress-office-lit-up-with-saffron-flags-there-will-be-discussion-on-religion/</link><pubDate>April 2, 2023, 6:01 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/Clipboard-2023-04-02T111359.750-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल। आज मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) कार्यालय पूरी तरह भगवा रंग से सजा हुआ नजर आ रहा है। आज कांग्रेस कार्यालय में धर्म संवाद का कार्यक्रम है। इस संवाद में प्रदेश भर के मठ मंदिरों के पुजारी, धर्माचार्य भी भाग लेंगे। संवाद में पूर्व सीएम कम...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; आज मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) कार्यालय पूरी तरह भगवा रंग से सजा हुआ नजर आ रहा है। आज कांग्रेस कार्यालय में धर्म संवाद का कार्यक्रम है। इस संवाद में प्रदेश भर के मठ मंदिरों के पुजारी, धर्माचार्य भी भाग लेंगे। संवाद में पूर्व सीएम कमलनाथ भी शामिल होंगे। इस कार्यक्रम से पूर्व पूरे पीसीसी कार्यालय में भगवा रंग के झंडे लगाए गए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कांग्रेस बीजेपी के हिन्दुत्व कार्ड का कैसे करेगी सामना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;एमपी की सत्ता में वापसी के लिए कांग्रेस इस बार बीजेपी के हिन्दुत्व कार्ड का सामना उसी की रणनीति के हिसाब से करने की तैयारी में है। एमपी कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ कई बार यह कह चुके हैं कि कांग्रेस का मुकाबला बीजेपी से नहीं बल्कि पार्टी संगठन से है। कमलनाथ के इस बयान का प्रभाव कांग्रेस पार्टी में भी दिखाई पड़ रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कार्यक्रम में होगी ये अहम बातचीत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आज पीसीसी में होने वाले धर्म संवाद में मध्य प्रदेश के मठ, मंदिरों के सरकारीकरण को लेकर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही मंदिरों पर सरकारी अफसरों द्वारा लगाई जा रही बंदिशों को रोकने के लिए भी अहम बातचीत होगी। पिछले कई सालों से साधु, संत, पुजारी मंदिरों और धार्मिक क्षेत्रों के सरकारीकरण पर विरोध जता रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस ने पुजारी प्रकोष्ठ की तरफ से पीसीसी में यह कार्यक्रम आयोजित किया है। इसमें प्रदेश भर से पुजारी, मठों के महंत, संतों को बुलाया गया हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुधीर भारती- मंदिर के पुजारी शिवराज सरकार से परेशान हैं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कांग्रेस कार्यालय पर भगवा झंडे लगाने के सवाल को लेकर मंदिर प्रकोष्ठ की युवा इकाई के अध्यक्ष सुधीर भारती ने कहा कि पीसीसी पर आखिर क्यों भगवा झंडा नहीं लगाया जा सकता। हम भी हिन्दू धर्म से हैं। हमारा भी धर्म पर पूरा अधिकार है। धर्म पर कोई कॉपीराइट थोड़ी लगा हुआ है। मंदिर के पुजारी शिवराज सरकार से बहुत परेशान हैं। मंदिरों पर कब्जा हो रहा है। मंदिरों से लगी जमीनों को कब्जाया जा रहा है। वहां समितियां बनाकर तथाकथित धार्मिक संगठन उन पर कब्जा कर रहे हैं। मंदिरों की जमीन को कलेक्टर नीलाम कर रहे हैं।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>