<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today madhya pradesh high court News | Latest madhya pradesh high court News | Breaking madhya pradesh high court News in English | Latest madhya pradesh high court News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का madhya pradesh high court समाचार:Today madhya pradesh high court News ,Latest madhya pradesh high court News,Aaj Ka Samachar ,madhya pradesh high court समाचार ,Breaking madhya pradesh high court News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.mp.inkhabar.com/tag/madhya-pradesh-high-court</link>
        <lastBuildDate>May 6, 2026, 12:53 am</lastBuildDate>
        <copyright>MP Inkhabar</copyright>
        <generator>MP Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://www.mp.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Inkhabar</title>
            <link>https://www.mp.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>MP News: 8 पैरामेडिकल कॉलेजों पर गिरी गाज, छात्रवृत्ति घोटाले में 7.87 करोड़ की गई वसूली</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/mp-news-crackdown-on-8-paramedical-colleges-7-87-crore-recovered-in-scholarship-scam/</link><pubDate>May 11, 2023, 8:10 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/Clipboard-2023-05-11T133931.133.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बहुचर्चित पैरामेडिकल छात्रवृत्ति घोटाले पर सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. बुधवार को हाई कोर्ट को सौंपी स्टेटस रिपोर्ट में शासन की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि अब तक घोटाले में शामिल 55 कालेजों से 7 करोड...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बहुचर्चित पैरामेडिकल छात्रवृत्ति घोटाले पर सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. बुधवार को हाई कोर्ट को सौंपी स्टेटस रिपोर्ट में शासन की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि अब तक घोटाले में शामिल 55 कालेजों से 7 करोड़ 87 लाख रुपये की वसूली कर ली गई है. आठ कॉलेजों पर कुर्की की कार्रवाई की गई है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सरकार ने क्या कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;चीफ जस्टिस रवि मलिमठ और जस्टिस विशाल मिश्रा की खंडपीठ ने सरकार के जवाब को रिकॉर्ड किया और कुर्की वाले मामलों में आगे की कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए हैं. याचिका पर अगली सुनवाई समर वेकेशन के बाद होगी. दरअसल, इस मामले में सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया था कि घोटाले बाज पैरामेडिकल कालेजों से 24 करोड़ रुपये की वसूली करनी थी.अभी भी 37 संस्थाओं से लगभग 16 करोड़ की वसूली बाकी है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;100 से अधिक कॉलेज पर हुई थी FIR&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मध्य प्रदेश लॉ स्टूडेन्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता विशाल बघेल ने जनहित याचिका दायर करते हुए पैरा मेडिकल कालेजों के छात्रवृत्ति घोटाले पर कार्यवाही की मांग की थी. याचिकाकर्ता के अनुसार साल 2010 से 2015 तक प्रदेश के सैकड़ों निजी पैरामेडिकल कॉलेज संचालकों ने फर्जी छात्रों का प्रवेश दिखाकर सरकार से करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति की राशि हड़प ली थी. इस मामले में शिकायतों के बाद जब जांच हुई तो पाया गया कि जिन छात्रों के नाम पर राशि ली गई थी, वो कभी एग्जाम में बैठे ही नहीं थे. इसके अलावा एक ही छात्र के नाम पर कई कॉलेजों में एक ही समय में छात्रवृत्ति निकाली गई थी. मामले में जांच के बाद प्रदेश भर में 100 से अधिक कॉलेज संचालकों पर एफआईआर दर्ज की गई थी.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>हाईकोर्ट को मिले 7 नए न्यायाधीश, सोमवार को दिलजाएगा शपत</title><link>https://mp.inkhabar.com/states/high-court-gets-7-new-judges-will-take-oath-on-monday/</link><pubDate>April 30, 2023, 4:18 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/download-6-2-300x150.png</image><category>राज्य</category><excerpt>भोपाल: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में नए सात न्यायाधीश सोमवार को शपत लेंगे। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि मलिमथ सोमवार को उच्च न्यायालय के सात नए न्यायाधीशों को शपथ दिलाएंगे। हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रामकुमार चौबे ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल:&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में नए सात न्यायाधीश सोमवार को शपत लेंगे। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि मलिमथ सोमवार को उच्च न्यायालय के सात नए न्यायाधीशों को शपथ दिलाएंगे। हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रामकुमार चौबे के अनुसार सात नए न्यायाधीशों के जुड़ जाने से न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 37 हो जाएगी। आपको बता दे कि मध्य प्रदेश में न्यायधीशों की स्वीकृत संख्या 53 है नए न्यायाधीशों के आने के बाद भी स्वीकृत संख्या पूरी नहीं होगी।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सोमवार को होगा सप्तग्रहण&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;उच्च न्यायालय के प्रशासनिक आदेश के अनुसार सात नए न्यायाधीशों के नाम हैं, रूपेश चंद्र वार्ष्णेय, अनुराधा शुक्ला, संजीव सुधाकर कलगांवकर, प्रेम नारायण सिंह, अचल कुमार पालीवाल, हिरदेश और अवनींद्र कुमार सिंह।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: हाई कोर्ट ने PFI के 19 सदस्यों की जमानत याचिका को किया रद्द, आरोपियों ने दिए थे ये तर्क</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/mp-news-the-high-court-canceled-the-bail-plea-of-19-members-of-pfi-the-accused-had-given-these-arguments/</link><pubDate>April 26, 2023, 4:53 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/Clipboard-77-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जबलपुर। प्रतिबंधित संगठन PFI जमील समेत 19 आरोपियों ने अंतरिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में अपील की थी। जबकि प्रतिबंधित संगठन के एक अन्य सदस्य अब्दुल रूउफ द्वारा मेडिकल ग्राउंड के आधार पर याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट जस्टिस डी के पालीवार ने सुनवाई...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जबलपुर। &lt;/strong&gt;प्रतिबंधित संगठन PFI जमील समेत 19 आरोपियों ने अंतरिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में अपील की थी। जबकि प्रतिबंधित संगठन के एक अन्य सदस्य अब्दुल रूउफ द्वारा मेडिकल ग्राउंड के आधार पर याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट जस्टिस डी के पालीवार ने सुनवाई के बाद दोनों जमानत याचिकाओं को रद्द कर दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;19 सदस्यों ने गिरफ्तारी के खिलाफ दायर की थी याचिका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि जेल में बंद पीएफआई के 19 सदस्यों की ओर से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि उनकी गिरफ्तारी में विधि प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ है। जिसके खिलाफ उन्होंने अपील की है। इसके अलावा उनके विरूद्ध न्यायालय में चालान प्रस्तुत कर दिया गया है। याचिका में कहा गया था कि विधि प्रक्रिया के पालन नहीं किये जाने के संबंध में दायर याचिका पर अंतिम निर्णय नहीं होता है, तब तक उन्हें अंतरित जमानत का लाभ प्रदान किया जाना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;उप महाधिवक्ता ब्रह्मदत्त सिंह ने क्या कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राज्य शासन की तरफ से उप महाधिवक्ता ब्रह्मदत्त सिंह व शासकीय अधिवक्ता प्रदीप गुप्ता ने जमानत याचिका का विरोध किया। साथ ही उन्होंने कहा कि आरोपी प्रतिबंधित संगठन पीएफआई का मेंबर हैं। गिरफ्तारी के दौरान उनके पास से आपत्ति जनक सामग्री पाई गई है। वे देश के विरूद्ध युद्ध और संविधान का विरोध कर रहे हैं। एसटीएफ व एटीएस ने जांच के उपरांत बीते वर्ष सितम्बर में उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। देशद्रोह सहित अन्य धाराओं के अंतर्गत उनके खिलाफ अपराध दर्ज है। विधि प्रक्रिया को चुनौती देना जमानत का आधार कदा भी नहीं है। एकलपीठ को बताया गया कि जेल में अब्दुल रूउफ को मेडिकल सुविधा दी जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट के हवाले से कहा कि उन्हें ऐसी कोई गंभीर बीमारी नहीं है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;याचिकाकर्ताओं ने दिए तर्क&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि प्रकरण में आरोपियों से रिमांड अवधि में पूछताछ हो चुकी है। वे बहुत दिनों से न्यायिक अभिरक्षा में हैं। इसलिए उन्हें जमानत का लाभ मिलना चाहिए। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद दोनों जमानत याचिकाओं को रद्द कर दिया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में होगी 7 नए जजों की नियुक्ति, पढ़िए पूरी खबर</title><link>https://mp.inkhabar.com/states/mp-news-7-new-judges-will-be-appointed-in-madhya-pradesh-high-court-read-full-news/</link><pubDate>April 13, 2023, 1:39 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/Clipboard-4-1-300x169.jpg</image><category>राज्य</category><excerpt>भोपाल। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए सात जिला जजों के नाम की सिफारिश जारी की है। इन जजों में रूपेश चंद्र वार्ष्णेय, अन...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए सात जिला जजों के नाम की सिफारिश जारी की है। इन जजों में रूपेश चंद्र वार्ष्णेय, अनुराधा शुक्ला, संजीव सुधाकर कलगांवकर, प्रेम नारायण सिंह, अचल कुमार पालीवाल, हृदयेश और अरविंद कुमार सिंह को शामिल किया गया हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वरिष्ठतम सहयोगियों ने दिया परामर्श&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कॉलेजियम ने अपने प्रस्ताव में कहा कि 23 नवंबर, 2022 को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने अपने दो वरिष्ठतम सहयोगियों के परामर्श से इन सात न्यायिक अधिकारियों को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जज के रूप में नियुक्त करने के लिए कहा था। राज्य के मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने सिफारिशों का समर्थन किया और फाइल सात अप्रैल को न्याय विभाग से सुप्रीम कोर्ट में प्राप्त हुई। ज्ञापन प्रक्रिया के संदर्भ में, हाईकोर्ट में नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों की फिटनेस और योग्यता का पता लगाने के लिए, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मामलों से परिचित सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के साथ सलाह मशवरा किया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;उम्मीदवारों की योग्यता के आंकलन के लिए जांची गई फाइल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कॉलेजियम के अनुसार हाईकोर्ट में नियुक्ति के लिए कैंडिडेट की योग्यता का आकलन करने के मकसद से रिकॉर्ड फाइल की जांच की गई है, जिसमें न्याय विभाग द्वारा की गई टिप्पणियों के साथ-साथ उम्मीदवारों के खिलाफ प्राप्त शिकायतें भी सम्मिलित थीं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: स्वास्थ्य सहायक प्रबंधक पदों पर नियुक्तियां रहेगी हाईकोर्ट आदेश के अधीन</title><link>https://mp.inkhabar.com/national/mp-news-appointments-to-the-posts-of-health-assistant-manager-will-be-subject-to-high-court-order/</link><pubDate>March 18, 2023, 3:03 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/03/Clipboard-18-300x169.jpg</image><category>देश</category><excerpt>भोपाल। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा स्वास्थ्य सहायक प्रबंधक पदों पर की जाने वाली नियुक्तियों को याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रखने के निर्देश जारी किए हैं। जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने पीएससी, स्वास्थ्य एवं परिवार क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा स्वास्थ्य सहायक प्रबंधक पदों पर की जाने वाली नियुक्तियों को याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रखने के निर्देश जारी किए हैं। जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने पीएससी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य आयुक्त, बरकतुल्ला विश्वविद्यालय के कुलसचिव सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इनकी ओर से दर्ज हुई याचिका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि ये मामले सीहोर निवासी जूही ताम्रकार, टीकमगढ़ निवासी विनीता नाग समेत अन्य की ओर से दाखिल किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि योग्यता होने के बावजूद उन्हें साक्षात्कार देने से वंचित किया गया है। याचिकाकर्ताओं की तरफ से कहा गया कि पीएससी ने 7 जुलाई 2021 को स्वास्थ्य सहायक प्रबंधक के 64 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया था। इसके लिए पीजी के साथ डिप्लोमा इन हॉस्पिटल मैनेजमेंट करना जरुरी था। याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा दी और सफल हुए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;28 फरवरी 2023 को अयोग्य करार दिया था&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दायर याचिका के तहत सभी योग्यताएं होने के बावजूद उन्हें 28 फरवरी 2023 को अयोग्य करार दिया गया था। याचिकाकर्ताओं ने एक मार्च को संबंधित विभागों में अभ्यावेदन पेश कर बताया कि उनके पास निर्धारित योग्यता के साथ अतिरिक्त योग्यता भी है। जब इस मामले को लेकर कोई सुनवाई नहीं की गई तो हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की गई। इतना ही नहीं न्यायालय को बताया गया कि उक्त पदों के लिए 20 मार्च से इंटरव्यू होने हैं। सुनवाई के बाद न्यायालय ने उक्त निर्देश देते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर व विनायक शाह ने अपना पक्ष रखा।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>