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       <title>Today madhya pradesh chunav 2023 News | Latest madhya pradesh chunav 2023 News | Breaking madhya pradesh chunav 2023 News in English | Latest madhya pradesh chunav 2023 News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का madhya pradesh chunav 2023 समाचार:Today madhya pradesh chunav 2023 News ,Latest madhya pradesh chunav 2023 News,Aaj Ka Samachar ,madhya pradesh chunav 2023 समाचार ,Breaking madhya pradesh chunav 2023 News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.mp.inkhabar.com/tag/madhya-pradesh-chunav-2023</link>
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        <copyright>MP Inkhabar</copyright>
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            <title>Inkhabar</title>
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        </image><item><title>MP Politics: एमपी बीजेपी ने घोषणा पत्र समिति का किया ऐलान, इन नेताओं के नाम लिस्ट से बाहर</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/mp-bjp-announced-the-manifesto-committee-names-of-these-leaders-out-of-the-list/</link><pubDate>July 30, 2023, 8:21 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/Clipboard-39-1.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए BJP ने अपना मेनिफेस्टो यानी घोषणा पत्र तैयार करने वाली समिति का ऐलान कर दिया है. जयंत मलैया की अध्यक्षता वाली 19 सदस्यों की इस समिति में कई दिग्गज नेताओं को साइडलाइन किया गया है. घोषणा पत्र समिति में पार...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए BJP ने अपना मेनिफेस्टो यानी घोषणा पत्र तैयार करने वाली समिति का ऐलान कर दिया है. जयंत मलैया की अध्यक्षता वाली 19 सदस्यों की इस समिति में कई दिग्गज नेताओं को साइडलाइन किया गया है. घोषणा पत्र समिति में पार्टी के कई वरिष्ठ और दिग्गज नेताओं के नाम शामिल नहीं है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन नेताओं के नाम शामिल नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;लिस्ट में केंद्रीय मंत्री डॉक्टर वीरेंद्र खटीक, पूर्व सीएम उमा भारती, पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, केंद्रीय पार्लियामेंट बोर्ड के सदस्य सत्यनारायण जटिया, कृष्ण मुरारी मोघे, विक्रम वर्मा, गोपाल भार्गव, जयभान सिंह पवैया और पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा का नाम शामिल नहीं होने से सियासी सनसनी फैल गई है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या खटीक को पत्र लिखना पड़ा भारी?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के अनुसार एमपी से मोदी कैबिनेट में सभी मंत्रियों को मध्य प्रदेश इलेक्शन कमेटियों में जगह मिली है, लेकिन सिर्फ वीरेंद्र खटीक ही ऐसे मंत्री हैं, जिन्हें जगह नहीं मिली. अब इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या खटीक को पत्र लिखना भारी पड़ गया? दरअसल, कुछ दिनों पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक ने पत्र लिखकर 10 साल पुरानी घोषणाओं को पूरा करने का रिमाइंडर भेजा था. इस पत्र में साफ जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने लिखा था कि 2013 और 2018 इलेक्शन से ठीक पहले दो बार एक ही काम की घोषणा हुई, पर अब तक यह काम पूरे नहीं हुए हैं. यह पत्र काफी सुर्खियों में आया था. इसके बाद सरकार की किरकिरी भी हुई थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयंत मलैया ने कांग्रेस पर कसा तंज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;घोषणा पत्र समिति का अध्यक्ष बनने के बाद पूर्व मंत्री जयंत मलैया ने कहा कि घोषणा पत्र को लेकर सभी साथियों के साथ बैठकर चर्चा करेंगे. नौजवानों, महिलाओं, किसानों और शोषित-वंचित वर्गों के लिए बीजेपी हमेशा काम करती रही है. इस बार भी हम सब इसी दिशा में काम करेंगे. कांग्रेस के वचन पत्र से हमारा कोई लेना-देना नहीं है. हमारा घोषणापत्र हमारी अपनी सोच है. वहीं, कांग्रेस से मुकाबला करने के सवाल पर जयंत मलैया ने कहा कि पिछली बार जो वादे कांग्रेस ने किए थे, कर्जमाफी तक का वादा पूरा नहीं कर पाए, 2 लाख रुपए तक का कर्जा किसी का माफ नहीं हो पाया. कांग्रेस सिर्फ कहने के लिए वादे कर रही है. मैं उस समय वित्त मंत्री था. मुझे तो पता था कि सरकार की हालत ही ऐसी नहीं थी कि 2 लाख तक का कर्ज माफ हो सके.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: पीएम मोदी का आज शहडोल दौरा, आदिवासी समाज पर चलेंगे ये बड़ा दांव</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/pm-modis-visit-to-shahdol-today-this-will-be-a-big-bet-on-tribal-society/</link><pubDate>July 1, 2023, 5:12 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/Clipboard-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में आदिवासी वोट बैंक का कितना अधिक महत्व है, इसे समझना हो तो सिर्फ पीएम नरेंद्र मोदी के शहडोल दौरे की डिटेल को जान लीजिए. जी हां, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार यानी आज मध्यप्रदेश के शहडोल आ रहे हैं. यह दौरा 27 जू...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; मध्यप्रदेश की राजनीति में आदिवासी वोट बैंक का कितना अधिक महत्व है, इसे समझना हो तो सिर्फ पीएम नरेंद्र मोदी के शहडोल दौरे की डिटेल को जान लीजिए. जी हां, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार यानी आज मध्यप्रदेश के शहडोल आ रहे हैं. यह दौरा 27 जून को होना था लेकिन खराब मौसम की वजह से उनका यह दौरा टाल दिया गया था. अब 1 जुलाई को वे मध्यप्रदेश के शहडोल पहुंचेंगे. खुद पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है कि वे दाेपहर 3.30 बजे तक शहडोल आएंगे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आदिवासी समाज के साथ होगा भोजन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रधानमंत्री के इस दौरे को खास बनाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है. पहले तो प्रधानमंत्री से लालपुर में सिकलनेस एनीमिया मिशन को लांच कराया जाएगा. वे एक करोड़ पीवीसी आयुष्मान कार्ड का वितरण भी करेंगे. इसके बाद वे यहां के पकरिया गांव जाएंगे जहां पर वे आदिवासी समाज के बीच न सिर्फ मौजूद रहेंगे, बल्कि उनके साथ संवाद करेंगे और बैठकर भोजन भी करेंगे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन 47 सीटों का राजनीति में अहम रोल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि मध्यप्रदेश की 230 विधानसभा सीटों में से 47 सीटें सिर्फ आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित है. पिछले चुनाव के ट्रेंड बताते हैं कि 2005 से लेकर अब तक जितने भी चुनाव हुए हैं, उनमें इन 47 सीटों ने मध्यप्रदेश की राजनीति में अपना अहम रोल अदा किया है. जिस पार्टी को इन आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित 47 सीटों में से अधिकतम सीटें मिलती हैं, वही पार्टी मध्यप्रदेश की सत्ता के शिखर पर पहुंच पाती है. 2018 से पहले बीजेपी को अधिकतम सीटें मिलती रही तो 2018 में कांग्रेस को इन 47 सीटों में से 31 सीटें मिली थीं. जिसकी वजह से कांग्रेस की सरकार बनी थी. यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद आदिवासी समाज के बीच पहुंचकर एक बड़ा कार्यक्रम करने जा रहे हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शाम 5 बजे पहुंचेंगे लालपुर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि दोपहर 3.30 बजे लालपुर हेलीपैड पर उनका आगमन होगा. इसके बाद वे लालपुर की सभा में 5 बजे तक पहुंचेंगे. जिसके बाद वे लालपुर से पकरिया गांव जाएंगे जहां आदिवासी समाज के साथ उनका संवाद और भोजन होगा. शाम 6.30 बजे तक वे यहीं रहेंगे और उसके बाद वे पकरिया गांव से लालपुर हेलीपैड पर पहुंचेंगे और फिर शाम 6 बजकर 40 मिनट पर वे लालपुर हेलीपेड से वापसी के लिए रवाना होंगे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;संस्कृति से होंगे रुबरु&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आदिवासी समाज के साथ पीएम मोदी की बैठक को अहम माना जा रहा है क्याेंकि इसमे वे आदिवासी संस्कृति से रुबरु होंगे। यही नहीं, बैगा समाज की जोधईया बाई और डिंडोरी के अर्जुन सिंह के जरिए आदिवासी कला के उपहार पीएम नरेंद्र मोदी को भेंट किए जाएंगे. गोंड समाज द्वारा स्थानीय आदिवासी नृत्य से उनका स्वागत किया जाएगा. सैला नृत्य की प्रस्तुति भी पीएम नरेंद्र मोदी के समक्ष होगी. इसके बाद पीएम मोदी आदिवासी समाज के लोगों के साथ बैठकर भोजन करेंगे. भोजन में आदिवासी डिश प्रस्तुत की जाएंगी.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: कमलनाथ सीएम चेहरा होंगे या नहीं, इस मुद्दे को लेकर बढ़ रहा संशय</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/mp-politics-whether-or-not-kamal-nath-will-be-the-cm-face-increasing-doubt-about-this-issue/</link><pubDate>June 5, 2023, 3:29 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/06/Clipboard-4-1-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव आने से पहले कांग्रेस में एक बार फिर खींचतान का दौर शुरू हो गया है। एक तरफ जहां भावी मुख्यमंत्री को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो वही नेताओं की आपस में बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव आने से पहले कांग्रेस में एक बार फिर खींचतान का दौर शुरू हो गया है। एक तरफ जहां भावी मुख्यमंत्री को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो वही नेताओं की आपस में बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने पिछले दिनों राज्य में कांग्रेस के मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा, इस पर सीधे जवाब न देने के बाद से कांग्रेस के भीतर एक नए तरह की बहस छिड़ी हुई है। सबसे पहला सवाल नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने उठाया। उन्होंने कहा कि जिसे मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया जाएगा, अगर वही चुनाव हार गया तो फिर क्या होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूर्व मंत्री सज्जन ने गोविंद सिंह पर कसा था तंज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गोविंद सिंह का यह बयान सामने आने के बाद पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने गोविंद सिंह पर भूल जाने की आदत तक का जिक्र कर डाला। सज्जन सिंह ने कहा कि राहुल गांधी की मौजूदगी में राज्य के तमाम बड़े नेताओं की हुई बैठक में तय किया गया था कि कमलनाथ के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा। पहले गोविंद सिंह का बयान आया और उसके बाद सज्जन वर्मा का बयान आते ही राज्य की सियासत में हलचल मच गई। बीजेपी की ओर से चुटकियां ली जाने लगी। तभी गोविंद सिंह की सफाई आई और उन्होंने संविधान का हवाला दिया, साथ ही यह भी कहा कि दिल्ली में बड़े नेताओं की बैठक में तय हुआ था कि कमलनाथ के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राजनीतिक विश्लेषक- कांग्रेस में गुटबाजी और खींचतान आम बात&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इतना ही नहीं गोविंद सिंह ने संविधान और पार्टी की परंपरा का भी हवाला दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस में गुटबाजी और खींचतान आम बात रही है। कमलनाथ के अध्यक्ष बनने के बाद इस पर विराम लगा था, मगर अब स्थितियां चुनाव करीब आते ही बदल गई हैं। कई नेताओं की महत्वाकांक्षा हिलोरे मारने लगी हैं और यही कारण है कि गोविंद सिंह का बयान सामने आया है। विश्लेषकों ने कहा कि अभी तो शुरूआत है, आने वाले समय में और भी इसी तरह के बयान सामने आएं तो अचरज नहीं होगा। गौरतलब है कि एमपी कांग्रेस पहले ही यह घोषित कर चुकी है कि कमलनाथ के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे। साथ ही कांग्रेस के अधिकांश नेता उन्हें भावी मुख्यमंत्री बताते हैं। चुनाव नजदीक आते ही चेहरे पर रार की शुरुआत हो गई है। हालांकि प्रदेश के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह यह कहते रहे हैं कि सरकार आई तो कमलनाथ ही मुख्यमंत्री होंगे।&lt;/p&gt;
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