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       <title>Today Kuno national park News | Latest Kuno national park News | Breaking Kuno national park News in English | Latest Kuno national park News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Kuno national park समाचार:Today Kuno national park News ,Latest Kuno national park News,Aaj Ka Samachar ,Kuno national park समाचार ,Breaking Kuno national park News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.mp.inkhabar.com/tag/kuno-national-park-2</link>
        <lastBuildDate>May 7, 2026, 4:30 pm</lastBuildDate>
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            <title>Inkhabar</title>
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        </image><item><title>गणतंत्र दिवस पर एमपी की झांकी में दिखे चीते, कूनों नदीं ने बिखेरी सुंदरता</title><link>https://mp.inkhabar.com/desh-pradesh/leopards-seen-in-mps-tableau-on-republic-day-koon-river-spread-beauty/</link><pubDate>January 26, 2025, 9:41 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/fdgchb.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>भोपाल। पूरा देश आज गणतंत्र दिवस मना रहा है। गणतंत्र दिवस का सबसे बड़ा कार्यक्रम नई दिल्ली में आयोजित हुआ। गणतंत्र दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कई देशों की झांकियां निकली । कर्तव्य पथ पर निकली झांकियों में मध्यप्रदेश की झांकी भी निकाली ग...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; पूरा देश आज गणतंत्र दिवस मना रहा है। गणतंत्र दिवस का सबसे बड़ा कार्यक्रम नई दिल्ली में आयोजित हुआ। गणतंत्र दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कई देशों की झांकियां निकली । कर्तव्य पथ पर निकली झांकियों में मध्यप्रदेश की झांकी भी निकाली गई। मध्य प्रदेश की झांकी ‘चीता द प्राइड ऑफ इण्डिया’ की थीम पर आधारित रही।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;झांकी का केंद्र बिंदु चीता&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;झांकी में मध्यप्रदेश में चीतों की ऐतिहासिक पुनर्स्थापना को प्रदर्शित किया। मध्य प्रदेश की झांकी में चीता केंद्र बिंदु में रहे। बता दें कि इस झांकी में चीते की वापसी की सफलता को खूबसूरती से दर्शाया गया है। झांकी के सामने के हिस्से में दो चीते और उनके छोटे बच्चे दिखाई दिए। झांकी के बीच में कूनो नदी बह रहती दिखाई दी। कूनों नदीं हरे-भरे जंगलों से घिरी दिखी। आसपास हिरण, बंदर और कई अन्य जानवरों के साथ चीते भी अपने प्राकृतिक घर में खुश दिखाई दिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कर्मचारियों की सफलता दिखी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;एमपी की झांकी बताती है कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान जैव विविधता के लिए एक बेहतरीन जगह है। जहां चीतों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसके पीछे के हिस्से में एक &amp;#8216;चीता मित्र&amp;#8217; पेड़ के नीचे बैठे हुए नजर आया। वह स्थानीय लोगों को चीतों की रक्षा और संरक्षण के बारे में सीखा रहा है। आखिरी हिस्से में वॉचटावर पर खड़े वनकर्मी और टीम के सदस्य चीतों की निगरानी करते दिखाए गए हैं। यह उनकी मेहनत और कर्तव्य को दर्शाता है। साथ ही इस प्रोजेक्ट में कर्मचारियों की सफलता को दर्शाता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Cheetah Day: अतंर्राष्ट्रीय दिवस चीता दिवस जंगल में छोड़े जाएंगे कूनो नेशनल पार्क के अग्नि और वायु</title><link>https://mp.inkhabar.com/desh-pradesh/cheetah-day-agni-and-vayu-of-kuno-national-park-will-be-released-in-the-forest-on-international-cheetah-day/</link><pubDate>December 2, 2024, 7:25 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/098-1-300x169.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>भोपाल। अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस के मौके पर कूनो नेशनल पार्क के चीतों को अब खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। पार्क के बड़े बाड़े में बंद चीतों को खुले जंगल में छोड़ने का समय आ गया है। अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस पर नर चीता जिसका नाम अग्नि और वायु है को जं...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस के मौके पर कूनो नेशनल पार्क के चीतों को अब खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। पार्क के बड़े बाड़े में बंद चीतों को खुले जंगल में छोड़ने का समय आ गया है। अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस पर नर चीता जिसका नाम अग्नि और वायु है को जंगल में छोड़ा जाएगा। इसके लिए तैयारी पूरी कर ली गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कूनों जंगल का क्षेत्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;चीतों को छोड़ने के दौरान चीता स्टीयरिंग कमेटी के सदस्यों के साथ कूनो पालपुर के सीनियर अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। पहले चीतों को जोड़े में छोड़ने की योजना थी, लेकिन फिलहाल नर चीतों को छोड़ा जाने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही अब पर्यटकों को चीते खुले जंगल में दिखाई देने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाएगी। वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक एक चीता के लिए लगभग 100 वर्ग किमी क्षेत्र काफी होता है। कूनो के जंगल का क्षेत्र लगभग 1200 वर्ग किमी का है। जिसमें 748 वर्ग किमी का मुख्य जोन में और 487 किमी बफर जोन बनाया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चीतों को बाड़े में रखा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;1 मार्च, 2023 को पहली बार चीता पवन और आशा को खुले जंगल में छोड़ा गया था। इसके कुछ ही दिन बाद ही चीता गौरव (एल्टन) और शौर्य (फ्रेडी) को जंगलों में छोड़ा गया था। इस दौरान कई बार चीते राजस्थान और मध्य प्रदेश के दूसरे जिलों तक पहुंच जाते थे। इन्हें ट्रैंकुलाइज करके वापस कूनो में लाया जाता। चीतों विशेषज्ञों के मुताबिक चीतों को बार-बार ट्रैंकुलाइज नहीं किया जाना चाहिए। कॉलर आईडी की रगड़ से गर्दन में हुए संक्रमण से हुई एक चीते की मौत के बाद बाहर घूम रहे सभी चीतों को सुरक्षित रखने के लिए बाड़े में बंद कर दिया गया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वनमंडल को सौंपी चीते की जिम्मेदारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इन्हीं कुछ शंकाओ के कारण चीतों को खुले जंगल में छोड़ने पर फैसला लंबे समय से टल रहा था। चीतों को खुले जंगल में छोड़ने से पहले निश्चित किया गया कि चीतों का मूवमेंट जिस राज्य या जिले में होगा तो उसके भोजन और निगरानी की जिम्मेदारी उस राज्य से संबंधित वनमंडल की होगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Leopard: कूनो नेशनल पार्क में हुई 1 शावक चीते की मौत,अब केवल 24 चीते शेष</title><link>https://mp.inkhabar.com/tourism/leopard-1-cub-leopard-died-in-kuno-national-park-now-only-24-leopards-left/</link><pubDate>August 28, 2024, 2:32 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/qwert-300x169.webp</image><category>पर्यटन</category><excerpt>भोपाल। कूनो नेशनल पार्क से एक दुखद खबर सामने आई है। नेशनल पार्क में एक चीते की अचानक से मौत की हो गई। वन विभाग के हवाले से सूचना मिली कि नामीबियाई नर चीता &amp;#8216;पवन&amp;#8217; की मौत हो गई है। इससे पहले 5 अगस्त को भी अफ्रीकी चीता &amp;#8216;गामिनी&amp;#82...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; कूनो नेशनल पार्क से एक दुखद खबर सामने आई है। नेशनल पार्क में एक चीते की अचानक से मौत की हो गई। वन विभाग के हवाले से सूचना मिली कि नामीबियाई नर चीता &amp;#8216;पवन&amp;#8217; की मौत हो गई है। इससे पहले 5 अगस्त को भी अफ्रीकी चीता &amp;#8216;गामिनी&amp;#8217; के 5 महीने के शावक की मौत हो गई थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मृत अवस्था में पाया गया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कूनो नेशनल पार्क में &amp;#8216;पवन&amp;#8217; नामक चीता मंगलवार सुबह 10:30 बजे एक उफनती नहर के पास झाड़ियों में बेसुद पाया गया। इस घटना की जानकारी वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक और लायन प्रोजेक्ट के निदेशक उत्तम शर्मा के कार्यालय से जारी की गई। जब उसके पास जाकर देखा गया तो उसकी मृत्यु हो चुकी थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केवल 24 बचे है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के मुताबिक चीते के शव को जब बरामद किया गया तो उस समय चीते का सिर पानी के अंदर था। शरीर पर कहीं भी बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। प्रारंभिक जांच के मुताबिक मौत का संभावित कारण उसका डूबना माना जा रहा है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पूरी जानकारी मिल पाएगी। &amp;#8216;पवन&amp;#8217; की मौत के बाद कूनो नेशनल पार्क में अब केवल 24 चीते बचे हुए हैं। जिनमें 12 वयस्क और 12 शावक शामिल हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: पर्यटकों के लिए आज से खुले कूनो नेशनल पार्क के दरवाजे</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/kuno-national-park-doors-open-for-tourists-from-today/</link><pubDate>October 1, 2023, 1:21 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/Clipboard-20-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल. मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क के दरवाजे आज फिर से खुल गए हैं, लेकिन पिछले सीजन की तरह पार्क का मुख्य गेट टिकटोली अभी बंद ही रहेगा. आज से पीपल बावड़ी और अहेरा गेट खुल गए हैं. जहां से पर्यटक कूनो का सौंदर्य और वन्यजीवों को न...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क के दरवाजे आज फिर से खुल गए हैं, लेकिन पिछले सीजन की तरह पार्क का मुख्य गेट टिकटोली अभी बंद ही रहेगा. आज से पीपल बावड़ी और अहेरा गेट खुल गए हैं. जहां से पर्यटक कूनो का सौंदर्य और वन्यजीवों को निहार सकेंगे. हालांकि पर्यटकों को चीतों का दीदार करने के लिए अभी इंतजार करना होगा, लेकिन बताया जा रहा है कि आगामी महीनों में खुले जंगल में छोड़े जाने वाले चीते पर्यटकों को देखने के लिए मिल सकते हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मुख्य गेट रहेगा बंद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बारिश के दिनों में राष्ट्रीय उद्यान और अभ्यारण्य तीन महीने के लिए बंद रहते हैं. इसी के तहत श्योपुर का कूनो नेशनल पार्क भी 1 जुलाई से 30 सितंबर के लिए बंद हो गया. जिसके बाद आज 1 अक्टूबर से नया पर्यटन सीजन शुरू हो गया है. यही वजह है कि कूनो पार्क के गेट भी खुल गए हैं. हालांकि इस नए सीजन में कूनो में पर्यटकों को प्रवेश तो मिलेगा, लेकिन मुख्य गेट टिकटोली से नहीं बल्कि, पिछले सीजन की तरह अहेरा गेट और पीपल बावड़ी गेट से ही प्रवेश कर पाएंगे. जबकि मुख्य गेट टिकटोली अभी बंद रखा गया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इसलिए बंद रहेगा मुख्य गेट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;देश की धरती पर बने चीतों के इकलौते घर कूनो पार्क के मुख्य गेट टिकटोली को फिलहाल बंद ही रखा गया है. इसके पीछे की वजह यह है कि इसी गेट के भीतर चीतों का बड़ा बाड़ा है. ऐसे में यहां से आवाजाही होने पर चीतों को स्ट्रेस हो सकता है, साथ ही उनकी सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दे भी हैं. इसलिए वन विभाग के अफसरों ने यह निर्णय लिया है कि फिलहाल यह गेट पर्यटकों के लिए बंद रखा जाए.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: कूनो वन्यप्राणी वनमंडल का बढ़ेगा दायरा, जानें पूरा मामला</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/scope-of-kuno-wildlife-forest-will-increase-know-the-whole-matter/</link><pubDate>August 22, 2023, 2:45 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/Clipboard-2-3-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल. कूनो नेशनल पार्क का एरिया बढ़ाने की तैयारी चल रही है. जंगल के बाहरी भाग को विस्तारित करते हुए अब कूनो वन्यप्राणी वनमंडल का क्षेत्रफल बढ़ाया जाएगा. दरअसल कूनो नेशनल पार्क में आए विदेशी चीते कई बार जंगल को पार कर चुके हैं, यही वजह है कि इस...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल.&lt;/strong&gt; कूनो नेशनल पार्क का एरिया बढ़ाने की तैयारी चल रही है. जंगल के बाहरी भाग को विस्तारित करते हुए अब कूनो वन्यप्राणी वनमंडल का क्षेत्रफल बढ़ाया जाएगा. दरअसल कूनो नेशनल पार्क में आए विदेशी चीते कई बार जंगल को पार कर चुके हैं, यही वजह है कि इसका एरिया बढ़ाने का फैसला किया गया है. वन विभाग द्वारा कूनो वन मंडल का एरिया बढ़ाने का प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा गया है, अब जल्द ही इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी जाएगी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अभी कुल क्षेत्रफल 1250 वर्ग किमी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वर्तमान में कूनो वनमंडल का कुल एरिया 1250 वर्ग किलोमीटर है. ये पूरा संरक्षित क्षेत्र है. इसी 1250 वर्ग किमी के जंगल में से 748 वर्ग किलोमीटर के जंगल में कूनो नेशनल पार्क स्थापित है, जबकि बाकी जंगल को बफर जोन कहा जाता है. कूनो वनमंडल के 1250 वर्ग किमी एरिया में 550 वर्ग किलोमीटर का अतिरिक्त एरिया जोड़ा जा रहा है. जिसमें श्योपुर जिले के सामान्य वनमंडल का 250 वर्ग किलोमीटर का जंगल शामिल किया जा रहा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एरिया बढ़ाने की क्या है वजह?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रोजेक्ट चीता के तहत नामीबिया और साउथ अफ्रीका से कूनो पार्क में लाए चीते न केवल पार्क की सीमा से बाहर निकल रहे हैं, बल्कि बफर जोन पार कर कूनो वन्यप्राणी वनमंडल की सीमा से भी बाहर चले जाते हैं. यही वजह है कि कूनो वनमंडल के दोनों तरफ श्योपुर और शिवपुरी जिले के सामान्य वनमंडल के जंगल का एक बड़ा हिस्सा कूनो वनमंडल में मिलाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जो अतिरिक्त एरिया जोड़े जाने का प्रस्ताव है, उस क्षेत्र के जंगल में कूनो के चीते निकलकर पहुंच चुके हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एरिया बढ़ने से होगा ये फायदा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के लिए आपको बता दें कि अभी चीते कूनो वनमंडल से बाहर निकल जाने पर दूसरे वनमंडल की टीमों को बुलाने के लिए वनमंडल के अधिकारियों से बात करनी पड़ती है. ऐसे में ये अतिरिक्त क्षेत्र कूनो में शामिल होगा तो कूनो प्रबंधन सीधे हस्तक्षेप कर सकेगा. इसके साथ ही कूनो वनमंडल में अतिरिक्त एरिया जोड़े जाने के साथ ही इस क्षेत्र का स्टाफ भी कूनो को मिल जाएगा. जिससे मॉनिटरिंग को अतिरिक्त अमला मिल जाएगा. चीता पार्क की सीमा लांघकर बार-बार बाहर जा रहे थे, जिसके बाद केंद्रीय दल ने पार्क का एरिया बढ़ाने का सुझाव दिया था. वहीं एरिया कम होने से चीतों की शिफ्टिंग की चर्चाए भी चल रही थीं. आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में प्रोजेक्ट चीता के तहत नामीबिया और साउथ अफ्रीका से चीते लाए गए थे. इन चीतों में से अब तक कुल 9 चीतों की जान जा चुकी है, जिसके बाद से लगातार सभी की मॉनिटरिंग की जा रही है और हालातों में सुधार किया जा रहा है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: कूनो में चीतों की मौत पर सुनवाई बंद, केंद्र सरकार को मिली राहत</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/hearing-closed-on-the-death-of-cheetahs-in-kuno-the-central-government-got-relief/</link><pubDate>August 8, 2023, 1:25 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/Clipboard-79-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल. मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में लगातार हो रही चीतों की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ी राहत दी है. केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि चीतों को देश में बसाने में कुछ समस्याएं जरूर हैं, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में लगातार हो रही चीतों की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ी राहत दी है. केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि चीतों को देश में बसाने में कुछ समस्याएं जरूर हैं, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की दलील को स्वीकार करते हुए अब इस मामले की सुनवाई बंद कर दी है. बता दें कि कोर्ट ने केंद्र सरकार की दलीलों को स्वीकार करते हुए ये भी कहा कि भारत में चीतों को बसाने के प्रोजेक्ट पर सरकार से सवाल पूछने का कोई कारण अब बचा नहीं है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केंद्र सरकार ने ये कहा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने न्यायमूर्ति बी आर गवई की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ को बताया कि चीतों को बसाने के लिए बहुत सारी तैयारी की गई है. हर साल करीब 12 से 14 चीतों को लाया जाएगा. कुछ समस्याएं हैं लेकिन चिंताजनक जैसा कुछ भी नहीं है. वहीं चीतों की मौत को लेकर कुछ विशेषज्ञों ने चीतों पर इस्तेमाल की गई रेडियो कॉलर को भी कारण माना है. जबकि सरकार ने आरोपों को वैज्ञानिक सबूत के बिना और अफवाह के रुप में इसे खारिज कर दिया. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र के बयानों पर अविश्वास करने का कोई दूसरा कारण नहीं मिला. कोर्ट ने कहा कि इस परियोजना को न्यायपालिका के बजाय क्षेत्र के विशेषज्ञों के विवेक पर छोड़ देना चाहिए.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से किया आग्रह&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये केंद्र का विशेषाधिकार है कि वो विशेषज्ञों की राय को शामिल करे या नहीं. जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस प्रशांत मिश्रा की पीठ ने आदेश में कहा कि 11 एक्सपर्ट कमेटी काम कर रही है. इनमें चार विशेषज्ञ भी है. एक विशेषज्ञ प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है कि दुनिया भर में चीता संरक्षण के विशेषज्ञों से सलाह नहीं ली जा रही है. कोर्ट ने कहा कि किस विशेषज्ञ की राय को शामिल किया जाए ये केंद्र सरकार का विशेषाधिकार है. हम आग्रह करते हैं कि सरकार विशेषज्ञों की राय पर भी विचार करें.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये है पूरा मामला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय पार्क में एक साल के भीतर नौ चीतों की मौत हुई है. उनमें तीन शावक भी शामिल हैं. कूनो में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से 20 वयस्क चीतों को लाया गया था. तब से वहां चार शावकों का जन्म हो चुका है. 1952 में चीते देश से विलुप्त हो गए थे. चीता प्रोजेक्ट के तहत चीतों को फिर से मध्य प्रदेश के कूनो में बसाने की योजना शुरू की गई है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: कूनो में लगातार चीतों की मौत से सरकार नाराज, PCCF जसबीर सिंह पर फूटा गुस्सा</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/mp-news-%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%a8%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b2%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80/</link><pubDate>July 18, 2023, 2:10 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/Clipboard-1-2-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में सालों बाद शुरू हुए चीता प्रोजेक्ट पर ग्रहण लगता प्रतीत हो रहा है. यहां पर एक के बाद एक लगातार 8 चीतों की मौत हो चुकी है. इसमें पांच चीते और 3 शावक शामिल हैं. चीतों को नामीबिया और अफ्रीका से लाकर मध्य प...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल.&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में सालों बाद शुरू हुए चीता प्रोजेक्ट पर ग्रहण लगता प्रतीत हो रहा है. यहां पर एक के बाद एक लगातार 8 चीतों की मौत हो चुकी है. इसमें पांच चीते और 3 शावक शामिल हैं. चीतों को नामीबिया और अफ्रीका से लाकर मध्य प्रदेश के कूनो में बसाए गए चीतों को धीरे-धीरे खुले में भी छोड़ा गया, लेकिन चीतों की मौत ने पीएम चीता प्रोजेक्ट को तगड़ा झटका दिया है. बीते हफ्ते भर में दो चीतों की मौत हो गई है. इसके बाद सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए वाइल्ड लाइफ पीसीसीएफ जसबीर सिंह चौहान पर कार्रवाई करते हुए उन्हें हटा दिया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अब तक इन चीतों की हो चुकी मौत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अब तक 5 वयस्क चीता और 3 शावक मौत का शिकार हो गए हैं. कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया और साउथ अफ्रीका से कुल 20 चीते भारत लाए गए थे, जिनमें से नामीबियाई मादा चीता ज्वाला ने 4 शावको को भी जन्म दिया था, लेकिन इस प्रोजेक्ट के तहत पहली मौत 26 मार्च 2023 को नामीबियाई मादा चीता साशा की मौत किडनी संक्रमण के कारण हो गई थी. वहीं, नर चीता उदय की मौत 23 अप्रैल 2023 को कार्डियो पल्मोनिरी फेलियर के दौरान हो गई थी, इसके बाद दक्षा की मौत 9 मई 2023 को नर चीतों के साथ हिंसक इंट्रक्शन के चलते हो गई थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बीते दिन इन चीतों की हुई थी मौत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके साथ ही नामीबियाई मादा चीता ज्वाला के 4 शावको में से एक की मौत 23 मई को जबकि तीन में से दो की मौत 25 मई को डिहाइड्रेशन से हो गई थी. बीते मंगलवार 11 जुलाई को चीता तेजस और इसके चार दिन बाद 15 जुलाई को एक और चीते की मौत हो गई, जिसके एक दिन बाद हुए पोस्टमार्टम में सामने आया कि तेजस पहले से बीमार था. उसके फेफड़ों और गुर्दे में संक्रमण पाया गया है. यही वजह है कि मादा चीता सवाना के साथ मेटिंग के दौरान हुई हिंसक इंट्रक्शन के बीच उसकी बीमारी से वह मादा से कमजोर रहा और जख्मी होने से उसकी मौत हो गई.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: क्या बदल सकता है कूनो नेशनल पार्क के चीतों का घर? केंद्रीय वन मंत्री ने दी जानकरी</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/what-can-change-the-home-of-cheetahs-of-kuno-national-park-union-forest-minister-gave-information/</link><pubDate>June 7, 2023, 4:44 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/06/download-1-2-300x272.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल: कूनो नेशनल पार्क में चीतों की मौत को लेकर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव ने श्योपुर स्तिथ कूनो नेशनल पार्क का दौरा किया है। दौरे के बाद केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि कूनों नेशनल पार्क में स्तिथि संतोषजनक है। इसलिए चीतों ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल:&lt;/strong&gt; कूनो नेशनल पार्क में चीतों की मौत को लेकर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव ने श्योपुर स्तिथ कूनो नेशनल पार्क का दौरा किया है। दौरे के बाद केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि कूनों नेशनल पार्क में स्तिथि संतोषजनक है। इसलिए चीतों को अभी कहीं और शिफ्ट नहीं किया जाएगा। बता दें कि कूनो नेशनल पार्क में 6 चीतों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव ने चीतों को लिए कूनो नेशनल पार्क की व्यस्था को संतोषजनक बताया है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अभी शिफ्टिंग की जरुरत नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;वन मंत्री ने दौरे के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा है कि “फिलहाल कूनो से चीतों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट नहीं किया जाएगा. चीता प्रोजेक्ट के प्रथम चरण का संतोष जनक रिजल्ट मिलने के बाद ही वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर दूसरे नेशनल पार्क में प्रोजेक्ट की शुरुआत की जायेगी। केंद्रीय मंत्री ने अपने इस दौरे के दौरान केंद्रीय वन मंत्री ने चीतों को नजदीक से देखा और अफसरों के साथ मीटिंग भी की। बता दें उन्होंने प्रोजेक्ट चिटा को कामयाब बनाने के लिए कूनो नेशनल पार्क के अधिकारीयों को निर्देश भी दिए।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;दो महीने में 3 चीतें और 3 शावकों की हुई मौत&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;यदि हम आंकड़ों पर ध्यान दें तो पिछले दो महीने के अंदर 3 चीतों और 3 शावकों की मौत हो चुकी है। 6 जून को केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र सिंह यादव का यह पहला दौरा है। उन्होंने चीता प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए चीता माॅनिटरिंग की ग्राउंड टीम के साथ बैठक की और चीता प्रोजेक्ट की सफलता को लेकर चर्चा भी की। अधिकारीयों ने बताया कि चीता प्रोजेक्ट चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है और उम्मीद से बेहतर परिणाम भी सामने आ रहे हैं। दें वर्तमान में खुले जंगल में 8 चीते मौजूद है जो अपना सामान्य व्यवहार दर्शा रहे हैं तो वहीं बड़े बाडे में 9 चीतों के बारे में भी अपडेट लेते हुए खुले जंगल में छोड़ने को लेकर रणनीति साझा की गई।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: कुनो नेशनल पार्क के तीन और चीतों को जंगल में छोड़ा, अब संख्या हुई 6</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/mp-news-three-more-cheetahs-of-kuno-national-park-released-in-the-wild-now-the-number-is-6/</link><pubDate>May 20, 2023, 6:37 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/Clipboard-2023-05-20T120529.564-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल। दक्षिण अफ्रीका से कूनो नेशनल पार्क लाए गए चीतों में से तीन और चीतों को 19 मई यानी शुक्रवार शाम को बाड़े से खुले जंगल में छोड़ दिया गया है। इनमें एक मादा और दो नर चीते हैं। इस मामले को लेकर कूनो पार्क प्रबंधन ने 30 अप्रैल को चीता टास्क फोर...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; दक्षिण अफ्रीका से कूनो नेशनल पार्क लाए गए चीतों में से तीन और चीतों को 19 मई यानी शुक्रवार शाम को बाड़े से खुले जंगल में छोड़ दिया गया है। इनमें एक मादा और दो नर चीते हैं। इस मामले को लेकर कूनो पार्क प्रबंधन ने 30 अप्रैल को चीता टास्क फोर्स की बैठक बुलाई थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;तीन चीतों को जंगल में छोड़ा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि बैठक में यह फैसला लिया गया कि तीन मादा और दो नर सहित कुल पांच चीतों को खुले जंगल में छोड़ा जाएगा, जिसके तहत इन चीतों को खुले जंगल में आजाद किया गया है, जिन चीतों को खुले जंगल में छोड़ा गया है, उसमें मादा चीता गामिनी, नर चीते वायु और अग्नि शामिल हैं। अब खुले जंगल में चीतों की संख्या छह हो गई है। बता दें कि इससे पहले चार चीतों को खुले जंगल में छोड़ा गया था। इसमें शामिल पवन चीता के बार-बार कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकल जाने की आदत की वजह से उसे फिर से बाड़े में कैद कर दिया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;डीएफओ प्रकाश कुमार वर्मा ने दी जानकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;डीएफओ प्रकाश कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के निर्देश अनुसार, शुक्रवार शाम को एक मादा और दो नर सहित तीन चीतों को बाड़े से खुले जंगल में छोड़ा गया। बाड़े से खुले जंगल में छोड़े जाने से पहले चीतों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, अब बाकी दो चीतों को भी जल्द खुले जंगल में छोड़ दिया जाएगा। आगे उन्होंने बताया कि इससे पहले चार चीतों को खुले जंगल में छोड़ा गया था। इसमें शामिल पवन चीता के बार-बार कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकल जाने की आदत के कारण उसे फिर से बाड़े में कैद कर दिया गया है। अब खुले जंगल में चीतों की संख्या छह हो गई है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Breaking: कुनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत, पसंद नहीं आ रहा वातावरण !</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/mp-breaking-another-cheetah-died-in-kuno-national-park-not-liking-the-environment/</link><pubDate>May 9, 2023, 11:38 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/Clipboard-2023-05-09T170714.883-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत हो गई है. आपसी लड़ाई में चीता मारा गया. दक्षिण अफ्रीका के नामीबिया से लाए गये अब तक दो चीते मर चुके हैं. इसके अलावा छह साल के &amp;#8216;उदय&amp;#8217; की भी जान जा जुकी है. अब तक तीन चीते तो...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत हो गई है. आपसी लड़ाई में चीता मारा गया. दक्षिण अफ्रीका के नामीबिया से लाए गये अब तक दो चीते मर चुके हैं. इसके अलावा छह साल के &amp;#8216;उदय&amp;#8217; की भी जान जा जुकी है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अब तक तीन चीते तोड़ चुके दम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इससे पहले भी कूनो नेशनल पार्क में दो चीतों की मौत हो गई थी. इसमें से छह साल का उदय चीता जिसने पिछले महीने ही दम तोड़ दिया था. वहीं एक साउथ अफ्रीका के नामिबिया से लाए गए चीते साशा की भी मौत हो गई. कुल मिलाकर अब तक कूनो नेशनल पार्क में तीन चीते दम तोड़ चुके हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नामीबिया के दो चीतों की मौत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कूनो नेशनल पार्क में चीतों को बाड़े से बाहर खुले जंगल में छोड़ने की तैयारी की जा रही है. जून में मानसून की बारिश शुरू होने से पूर्व इन्हें छोड़ दिया जाएगा. बता दें कि अब तक नामीबिया से कूनो लाये गए दो चीतों की मौत हो चुकी है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चीतों को जंगल में छोड़ने की तैयारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कूनो नेशनल पार्क के सूत्रों के अनुसार जून के अंत तक साउथ अफ्रीका से लाए गए चीतों को सुरक्षित बाड़े से बाहर निकाल कर खुले जंगल में छोड़ने की तैयारी की जा रही है. 70 साल पहले विलुप्त हो चुके चीतों को भारत में आबाद करने के प्रयासों के तहत मध्य प्रदेश वन्यजीव प्राधिकरण कूनो नेशनल पार्क के मुक्त घूमने वाले क्षेत्रों में पांच और चीते को सेफ एनक्लोजर से छोड़ने के लिए तैयार हैं.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>कूनो नेशनल पार्क में उदय नाम के एक और चीते की हुई मौत</title><link>https://mp.inkhabar.com/states/another-leopard-named-uday-died-in-kuno-national-park/</link><pubDate>April 23, 2023, 4:59 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/download-7-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>भोपाल: कूनो नेशनल पार्क से बुरी खबर सामने आयी है। उदय नाम के चीते की आज मौत हो गई है। इस बात की पुष्टि मध्य प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक जे एस चौहान ने की है। जे एस चौहान ने बतया कि आज उदय नाम का चीता कूनो नेशनल पार्क में बीमार पाया गया था। [&amp;hel...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल&lt;/strong&gt;: कूनो नेशनल पार्क से बुरी खबर सामने आयी है। उदय नाम के चीते की आज मौत हो गई है। इस बात की पुष्टि मध्य प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक जे एस चौहान ने की है। जे एस चौहान ने बतया कि आज उदय नाम का चीता कूनो नेशनल पार्क में बीमार पाया गया था। जिसके बाद उसे बेहोश करके इलाज किया जा रहा था। शाम को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की असली वजह का खुलासा हो पाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;उदय 12 चीतों में से एक था&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;उदय नाम का ये चीता विदेश से आये 12 चीतों में से एक था जो दक्षिण अफ्रीका से लाए गए थे। कूनो नेशनल पार्क के अधिकारीयों के अनुसार उदय आज दैनिक निगरानी दाल को बीमार हालत में मिला जिसके बाद उसका इलाज के लिए आइसोलेशन वार्ड में रखा गया। लेकिन आज शाम 4 बजे चीते की मौत हो गई।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>विदेशी चीतों को मिला देशी नाम, जाने कैसे हुआ नामकरण</title><link>https://mp.inkhabar.com/tourism/foreign-cheetahs-got-native-name-know-how-it-was-named/</link><pubDate>April 21, 2023, 7:50 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/cheetah-957686-1614864069-300x169.jpg</image><category>पर्यटन</category><excerpt>भोपाल: नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों का भारतीय नामकरण कर दिया गया है। अब इन चीतों को भारतीय नाम से ही जाना जाएगा। चीतों के नए नामों का चुनाव ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित कर के किया गया है। दरसल नामीबिया से 8 और दक्षिण अफ्रीका से लाए ग...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल:&lt;/strong&gt; नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों का भारतीय नामकरण कर दिया गया है। अब इन चीतों को भारतीय नाम से ही जाना जाएगा। चीतों के नए नामों का चुनाव ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित कर के किया गया है। दरसल नामीबिया से 8 और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 12 चीतों को अब तक उनके विदेशी नामों से ही जाना जाता था। लेकिन अब इन्हें भारतीय नाम मिल गए है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कैसे हुआ नामकरण&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;विदेशी चीतों के भारतीय नामकरण के लिए केंद्रसरकार द्वारा एक ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमे देश के हजारों लोगो ने हिस्सा लिया और नाम के सुझाव दिए। सुझावों के आधार पर इनका भारतीय नामकरण हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 सितंबर को मन की बात कार्यक्रम में देशवसियों से आह्वान किया था कि इनके कुछ भारतीय नाम का सुझाव दें। जिसके बाद केंद्र सरकार द्वारा mygov पोर्टल पर एक प्रतियोगिता आयोजित की गई। यह प्रतियोगिता 26 सितंबर को शुरू हुई और 31 अक्टूबर तक चली थी। प्रतियोगिता में विजेताओं के नाम की घोषणा कर दी गई है। इसकी जानकारी केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने ट्वीट कर के दी है।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;516&quot; height=&quot;237&quot; src=&quot;https://inkhabarmp.com/wp-content/uploads/2023/04/tweet-by-bhupendra-yadav-1.jpg&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-1330&quot; srcset=&quot;https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/04/tweet-by-bhupendra-yadav-1.jpg 516w, https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/04/tweet-by-bhupendra-yadav-1-300x138.jpg 300w, https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/04/tweet-by-bhupendra-yadav-1-150x69.jpg 150w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 516px) 100vw, 516px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नामीबिया से लाए गए चीतों के नाम में बदलाव&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;पुराना नाम       &amp;#8211;              नया नाम&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;ओबान        &amp;#8211;                 पवन&lt;br&gt;सवाना         &amp;#8211;                नाभा&lt;br&gt;सियाया      &amp;#8211;                  ज्वाला&lt;br&gt;आशा         &amp;#8211;                आशा&lt;br&gt;एल्टन         &amp;#8211;                गौरव&lt;br&gt;फ्रेडी          &amp;#8211;                शौर्य&lt;br&gt;तिब्लिसी       &amp;#8211;                धात्री&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;साउथ अफ्रीका से लाए गए चीतों के बदले नाम&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;पुराना नाम                           नया नाम&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;फिंडा &amp;#8211;                                 दक्ष&lt;br&gt;मापेसू &amp;#8211;                                 निर्वा&lt;br&gt;फिंडा (व्यस्क-1) &amp;#8211;                    वायु&lt;br&gt;फिंडा(व्यस्क-2) &amp;#8211;                     अग्नि&lt;br&gt;स्वालू (मादा) &amp;#8211;                         गामिनी&lt;br&gt;तस्वालू (व्यस्क नर) &amp;#8211;                  तेजस&lt;br&gt;तस्वालू (उप व्यस्क मादा) &amp;#8211;           वीरा&lt;br&gt;तस्वालू(उप व्यस्क नर) &amp;#8211;              सूरज&lt;br&gt;वाटरबर्ग जीवमंडल ( मादा) &amp;#8211;         धीरा तो&lt;br&gt;वाटरबर्ग जीवमंडल ( नर) &amp;#8211;           उदय&lt;br&gt;वाटरबर्ग बायोस्फीयर (नर-2) &amp;#8211;       प्रभाष&lt;br&gt;वाटरबर्ग बायोस्फीयर (नर-3) &amp;#8211;       पावक&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Kuno National Park: ओबान के बाद अब मादा आशा भी बफर जोन से फरार</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/kuno-national-park-after-oban-female-asha-also-absconded-from-the-buffer-zone/</link><pubDate>April 6, 2023, 7:46 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/Clipboard-2023-04-06T131544.833-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल। दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीते कूनो नेशनल पार्क के अधिकारियों के लिए दिक्कत बन गए हैं. चीता ओबान के बाद अब मादा चीता आशा भी बफर जोन से भाग गई है. हालांकि अभी भी अधिकारियों की निगरानी उसपर बनी हुई है. उसे वापस कूनो के अंदर पहुंचाने का प्रय...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीते कूनो नेशनल पार्क के अधिकारियों के लिए दिक्कत बन गए हैं. चीता ओबान के बाद अब मादा चीता आशा भी बफर जोन से भाग गई है. हालांकि अभी भी अधिकारियों की निगरानी उसपर बनी हुई है. उसे वापस कूनो के अंदर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा हैं. बुधवार देर शाम उसकी लोकेशन वीरपुर-विजयपुर इलाके के बफर जोन में शो हो रही थी. लेकिन बीते कुछ दिनों से वह कभी जंगल में तो कभी बफर जोन या फिर इससे भी बाहर जा रही है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अधिकारियों ने क्या कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अधिकारियों के अनुसार वह ज्यादातर नदी नालों के आसपास ही ठहरी हुई है. फिलहाल उसके रेडियो कॉलर के माध्यम से वन विभाग के अधिकारियों की उस पर नजर पैनी नजर हैं. बता दें कि दक्षिण अफ्रीका के दौरे से आने के बाद मादा चीता आशा को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था. इस मौके पर उन्होंने खुद इसको नाम भी दिया था. अधिकारियों का कहना है कि आशा से पहले चीता ओबाना बफर जोन से भाग गया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ओबान को भी बफर जोन में लाने का चल रहा प्रयास&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि ओबान अभी तक वापस जंगल एरिया में नहीं लौटा है. अधिकारियों के अनुसार ओबान की लोकेशन रविवार की सुबह कूनो नेशनल पार्क के बाहर विजयपुर के झाड़ बड़ौदा गांव के आस पास थी. वह लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में सेर कर रहा है. इसके चलते उसने एक गाय और चिंकारा का शिकार कर भोजन कर लिया. अब कूनो की टीम उसे वापस बफर जोन के अंदर लाने की कोशिश में लगी हुई है, लेकिन अभी तक सफलता नहीं लगी है.&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>