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       <title>Today Jabalpur high court News | Latest Jabalpur high court News | Breaking Jabalpur high court News in English | Latest Jabalpur high court News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Jabalpur high court समाचार:Today Jabalpur high court News ,Latest Jabalpur high court News,Aaj Ka Samachar ,Jabalpur high court समाचार ,Breaking Jabalpur high court News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.mp.inkhabar.com/tag/jabalpur-high-court</link>
        <lastBuildDate>April 25, 2026, 10:53 am</lastBuildDate>
        <copyright>MP Inkhabar</copyright>
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            <title>Inkhabar</title>
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        </image><item><title>High Court: हिंदू-मुस्लिम जोड़े की शादी पर लगाी रोक, युवती से कही दोबारा विचार करने की बात</title><link>https://mp.inkhabar.com/states/high-court-ban-on-marriage-of-hindu-muslim-couple-asked-the-girl-to-reconsider/</link><pubDate>November 9, 2024, 10:47 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/mp.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>भोपाल। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने हिंदू युवती और मुस्लिम युवक की स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत होने वाली शादी पर प्रतिबंध लगा दिया है। पहले उन्हें सिंगल बेंच ने इसकी इजाजत दे दी थी। यह अधिनियम अंतर-धार्मिक विवाह से जुड़ा है। नो ऑब्जेक्शन नोटिस जरुरी क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने हिंदू युवती और मुस्लिम युवक की स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत होने वाली शादी पर प्रतिबंध लगा दिया है। पहले उन्हें सिंगल बेंच ने इसकी इजाजत दे दी थी। यह अधिनियम अंतर-धार्मिक विवाह से जुड़ा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नो ऑब्जेक्शन नोटिस जरुरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कुछ समय पहले न्यायाधीश विशाल धगात की सिंगल बेंच ने हिंदू महिला से कहा था कि वे सरकार द्वारा संचालित शेल्टर में जाकर मुस्लिम युवक से अपनी शादी के बारे में विचार करें और उससे कहा था कि वह 12 नवंबर तक उससे बात ना करे, जिस दिन उनकी शादी होनी थी। दोनों ने जबलपुर में 7 अक्टूबर को जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय में शादी के लिए आवेदन दिया था। युवती के परिवार को इसकी जानकारी तब मिली, जब एडीएम ऑफिस की ओर से उन्हें &amp;#8216;नो ऑब्जेक्शन&amp;#8217; के लिए नोटिस मिला। स्पेशल मैरिज एक्ट के प्रावधानों के तहत परिवार की ओर से &amp;#8216;नो ऑब्जेक्शन&amp;#8217; मिलना जरुरी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दोनों को पुलिस संरक्षण दी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके बाद युवती के पिता ने बेटी के लापता होनी की शिकायत दर्ज कराई। दोनों को हिंदू संगठनों द्वारा धमकी भी मिली थी। इसके बाद इस जोड़े ने जबलपुर हाई कोर्ट से पुलिस संरक्षण की मांग की। उन्होंने बताया कि वे शादी करना चाहते हैं। वे चार साल से रिलेशनशिप में है और 1 साल से लिव-इन में रह रहे हैं। सिंगल बेंच ने 22 अक्टूबर को सुनवाई करते हुए युवती से अपने फैसले पर विचार करने को कहा और दोनों को ही पुलिस संरक्षण मुहैया कराई।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: स्वास्थ्य सहायक प्रबंधक पदों पर नियुक्तियां रहेगी हाईकोर्ट आदेश के अधीन</title><link>https://mp.inkhabar.com/national/mp-news-appointments-to-the-posts-of-health-assistant-manager-will-be-subject-to-high-court-order/</link><pubDate>March 18, 2023, 3:03 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/03/Clipboard-18-300x169.jpg</image><category>देश</category><excerpt>भोपाल। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा स्वास्थ्य सहायक प्रबंधक पदों पर की जाने वाली नियुक्तियों को याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रखने के निर्देश जारी किए हैं। जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने पीएससी, स्वास्थ्य एवं परिवार क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा स्वास्थ्य सहायक प्रबंधक पदों पर की जाने वाली नियुक्तियों को याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रखने के निर्देश जारी किए हैं। जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने पीएससी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य आयुक्त, बरकतुल्ला विश्वविद्यालय के कुलसचिव सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इनकी ओर से दर्ज हुई याचिका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि ये मामले सीहोर निवासी जूही ताम्रकार, टीकमगढ़ निवासी विनीता नाग समेत अन्य की ओर से दाखिल किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि योग्यता होने के बावजूद उन्हें साक्षात्कार देने से वंचित किया गया है। याचिकाकर्ताओं की तरफ से कहा गया कि पीएससी ने 7 जुलाई 2021 को स्वास्थ्य सहायक प्रबंधक के 64 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया था। इसके लिए पीजी के साथ डिप्लोमा इन हॉस्पिटल मैनेजमेंट करना जरुरी था। याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा दी और सफल हुए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;28 फरवरी 2023 को अयोग्य करार दिया था&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दायर याचिका के तहत सभी योग्यताएं होने के बावजूद उन्हें 28 फरवरी 2023 को अयोग्य करार दिया गया था। याचिकाकर्ताओं ने एक मार्च को संबंधित विभागों में अभ्यावेदन पेश कर बताया कि उनके पास निर्धारित योग्यता के साथ अतिरिक्त योग्यता भी है। जब इस मामले को लेकर कोई सुनवाई नहीं की गई तो हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की गई। इतना ही नहीं न्यायालय को बताया गया कि उक्त पदों के लिए 20 मार्च से इंटरव्यू होने हैं। सुनवाई के बाद न्यायालय ने उक्त निर्देश देते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर व विनायक शाह ने अपना पक्ष रखा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>मध्य प्रदेश: नहर से नहीं हटा अतिक्रमण, अवमानना याचिका पर जारी हुआ नोटिस</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/madhya-pradesh-encroachment-not-removed-from-canal-notice-issued-on-contempt-petition/</link><pubDate>March 16, 2023, 5:00 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/03/Clipboard-9-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल। वारासिवनी निवासी आनंद ताम्रकर की ओर से दायर की गई अवमानना याचिका में बताया गया था कि मुख्य नहर की जमीन पर लगातार अतिक्रमण हो रहा हैं, जिस वजह से नहर का स्वरूप छोटा होने की कगार पर है। इसके अलावा गंदगी से नहर का पानी भी प्रदूषित हो रहा है...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;वारासिवनी निवासी आनंद ताम्रकर की ओर से दायर की गई अवमानना याचिका में बताया गया था कि मुख्य नहर की जमीन पर लगातार अतिक्रमण हो रहा हैं, जिस वजह से नहर का स्वरूप छोटा होने की कगार पर है। इसके अलावा गंदगी से नहर का पानी भी प्रदूषित हो रहा है। अतिक्रमण की वजह से नहर में पहुंचने का मार्ग भी बाधित हो रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अतिक्रमण व गंदगी के कारण नहर खतरे में&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;नहर के पानी को लोग प्रतिदिन की दिनचर्या के लिए प्रयोग में लाते थे। अतिक्रमण व गंदगी के कारण नहर का अस्तित्व संकट में है। इस संबंध में उन्होंने जिला कलेक्टर को अभ्यावेदन दिया था। अभ्यावेदन पर कोई कार्रवाई न होने की वजह से उन्होंने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कहा गया था कि अभ्यावेदन पर सुनिश्चित रूप से कार्रवाई होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हाईकोर्ट ने 2016 में याचिका का किया था निराकरण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हाईकोर्ट ने साल 2016 में याचिका का निराकरण करते हुए अपने आदेश में यह बताया था कि तीन महीने की निर्धारित सीमा में अभ्यावेदन पर कार्रवाई करें। निर्धारित समय सीमा की समाप्ति के छह साल बाद भी कार्रवाई नही करने के खिलाफ अवमानना याचिका को दाखिल किया गया है। याचिका पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने कलेक्टर बालाघाट और एसडीएम वारासिवनी को अवमानना नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रोहित पैगवार द्वारा पैरवी की गई।&lt;/p&gt;
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