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       <title>Today Indian Railways News | Latest Indian Railways News | Breaking Indian Railways News in English | Latest Indian Railways News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Indian Railways समाचार:Today Indian Railways News ,Latest Indian Railways News,Aaj Ka Samachar ,Indian Railways समाचार ,Breaking Indian Railways News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        <lastBuildDate>May 6, 2026, 5:38 am</lastBuildDate>
        <copyright>MP Inkhabar</copyright>
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            <title>Inkhabar</title>
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        </image><item><title>Railway: एमपी वासियों के लिए बड़ी सौगात, श्राद्धपक्ष के लिए स्पेशल ट्रेन, जबलपुर से गया के लिए होगी रवाना</title><link>https://mp.inkhabar.com/tourism/railway-big-gift-for-mp-residents-special-train-for-shraddha-paksha-will-leave-from-jabalpur-for-gaya/</link><pubDate>September 10, 2024, 2:51 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/rail-1.webp</image><category>पर्यटन</category><excerpt>भोपाल। भारतीय रेलवे में यात्रा करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। श्राद्धपक्ष के अवसर पर पश्चिम मध्य रेलवे ने पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन का परिचालन करने का फैसला लिया है। पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन के चलने से मध्य प्रदेश के जबलपुर और गया के बीच ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; भारतीय रेलवे में यात्रा करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। श्राद्धपक्ष के अवसर पर पश्चिम मध्य रेलवे ने पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन का परिचालन करने का फैसला लिया है। पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन के चलने से मध्य प्रदेश के जबलपुर और गया के बीच यात्रियों का सफर आसान होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कई स्टेशनों से गुजरती हुई गया पहुंचेगी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन का परिचालन जबलपुर से गया के लिए 3 ट्रिप में और गया से जबलपुर के लिए 4 ट्रिप होगा। यह ट्रेन 18 सितंबर, 23 सिंतबर और 28 सितंबर को जबलपुर से रवाना होगी और गया से 17, 22, 27 सितंबर और 2 अक्टूबर को वापस आएगी। ये ट्रेन जबलपुर से रात 07:35 में निकलकर सिहोरा रोड (08:18 बजे पर पहुंचेगी। इसके बाद कटनी 09:10 बजे तक पहुंचेगी, फिर मैहर (10:10 बजे पहुंचेगी, फिर सतना 10:45 बजे पहुंचेगी, उसके बाद मानिकपुर 12:10 बजे अगले दिन पहुंचेगी, फिर प्रयागराज छिवकी 01:55 बजे पहुंचेगी, फिर मिर्जापुर 03:10 बजे पहुंचेगी, यंगा से पंडित दीनदयाल उपाध्याय 05:10 बजे पहुंचेगी, फिर सासाराम 06:30 बजे, फिर डेहरी ऑनसोन 06:53 बजे, फिर अनुग्रह नारायण रोड 07:18 बजे आदि स्टेशन होते हुए गया स्टेशन पहुंचेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जबलपुर के लिए रवाना होगी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यह ट्रेन गया से 15:10 बजे निकलकर अनुग्रह नारायण रोड 04:13 बजे, फिर डेहरी ऑनसोन 04 :25 बजे, सासाराम 04:40 बजे, पंडित दीनदयाल उपाध्याय 06:35 बजे, मिर्जापुर 08:00 बजे, प्रयागराज छिवकी 09:40 पर, मानिकपुर 12:40 बजे अगले दिन, सतना 02:30 बजे, उसके बाद मैहर (02:58 बजे, कटनी 05:05 बजे, सिहोरा रोड 06:00 बजे होते हुए 08:00 बजे जबलपुर स्टेशन पहुंचेगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rail Coach: फैक्ट्री में तैयार रेल कोच बना पर्यटकों के आकर्षक का केंद्र, खोला जाएगा कैफे</title><link>https://mp.inkhabar.com/desh-pradesh/rail-coach-factory-prepared-rail-coach-becomes-center-of-attraction-for-tourists-cafe-will-be-opened/</link><pubDate>August 22, 2024, 5:05 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/िपक.च-300x169.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>भोपाल। भारतीय रेल की प्राचीन विरासत से नई पीढ़ी को परिचित कराने के उद्देश्य का एक उदाहरण निशातपुरा कोच फैक्ट्री में देखने को मिला। निशातपुरा कोच फैक्ट्री में 144 साल पुराने कोच को प्रदर्शित किया गया है। कोच फैक्ट्री परिसर में डिस्प्ले किया गया ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; भारतीय रेल की प्राचीन विरासत से नई पीढ़ी को परिचित कराने के उद्देश्य का एक उदाहरण निशातपुरा कोच फैक्ट्री में देखने को मिला। निशातपुरा कोच फैक्ट्री में 144 साल पुराने कोच को प्रदर्शित किया गया है। कोच फैक्ट्री परिसर में डिस्प्ले किया गया यह कोच इन दिनों पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस कोच में अब पर्यटकों के लिए कैफे खोला जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;स्वतंत्रता दिवस पर हुआ लोकार्पण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;रेलवे कोच फैक्ट्री स्थित प्रशासनिक भवन में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इस कोच का लोकार्पण किया गया था । कोच का लोकार्पण मुख्य कारखाना प्रबंधक अमितोज बल्लभ ने किया था । गौरतलब बात यह है कि कोच के बाहर के हिस्से में एमपी की जनजातीय कलाओं में उत्कृष्ट गोंड कला से आकर्षक चित्रों को तैयार किया गया है। यह चित्र भोपाल के वरिष्ठ चित्रकार राज सैनी और मनोज यादव की टीमों के कलाकारों ने बनाए है। जिसमें गोंड परंपरा की संस्कृति को डिस्पले किया गया है। कोच फैक्ट्री के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि यह कोच साल 1877 में मैसूर स्थित कारखाने में तैयार किया गया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कोच से यात्री ले जाए जाते थे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;लंबे समय तक इस कोच का इस्तेमाल सवारी को लाने ले जाने के लिए किया गया। धीरे-धीरे जब कोच का इस्तेमाल कम होने लगा तो रेल मंत्रालय की ओर से इन कोच को नई पीढ़ी को अवगत कराने के लिए विरासत के रूप में डिसप्ले करने की पहल की गई। इसी श्रेणी में भोपाल को यह कोच साल 2013 में मिला।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;फोटो आकर्षक का केंद्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वरिष्ठ चित्रकार राज सैनी का कहना है कि मुझे रेलवे के अधिकारियों द्वारा इस क्षतिग्रस्त कोच को नवीनीकरण करने और नए मॉडल के रूप में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए थे। मैंने इसके इंटीरियर और बाहरी हिस्से में अलग-अलग पेंटिंग्स से इसे नया स्वरूप देने की कोशिश की है । खास बात यह है कि कोच के अंदर के हिस्से में कोच फैक्ट्री भोपाल द्वारा किए गए उत्कृष्ठ कार्यों की एक फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई है जो लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: मॉनसून के आगमन पर शुरू होगी हेरिटेज ट्रेन</title><link>https://mp.inkhabar.com/tourism/mp-news-heritage-train-will-start-on-arrival-of-monsoon/</link><pubDate>June 18, 2024, 6:48 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/06/heritage-300x169.png</image><category>पर्यटन</category><excerpt>भोपाल। इंदौर(MP News) और आस-पास के क्षेत्र में अभी प्री-मानसून की गतिविधियां चल रही हैं। इंदौर की महू तहसील में बारिश के बाद प्राकृतिक सौंदर्य खिलकर सामने आने लगा है। पातालपानी झरना भी बहने लगा है। इधर, रेलवे ने भी हेरिटेज ट्रेन के संचालन को ले...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; इंदौर(MP News) और आस-पास के क्षेत्र में अभी प्री-मानसून की गतिविधियां चल रही हैं। इंदौर की महू तहसील में बारिश के बाद प्राकृतिक सौंदर्य खिलकर सामने आने लगा है। पातालपानी झरना भी बहने लगा है। इधर, रेलवे ने भी हेरिटेज ट्रेन के संचालन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि इस ट्रेन का संचालन मॉनसून के शबाब पर आने पर ही शुरू किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इंदौर से पातालपानी के लिए चलाई जाएगी ट्रेन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महू-पातालपानी रेलखंड पर ब्राडगेज लाइन का काम भी लगभग पूरा हो गया है। जल्द ही रेल संरक्षा आयुक्त दल द्वारा ब्राडगेज लाइन का निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद इंदौर से सीधे पातालपानी तक के लिए ट्रेन का संचालन किया जा सकेगा। रतलाम मंडल द्वारा 25 दिसंबर 2018 से प्रदेश की पहली हेरिटेज ट्रेन का संचालन शुरू हुआ था। पातालपानी से कालाकुंड तक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई तरह के काम भी किए गए थे। ट्रेन का सबसे बड़ा स्टापेज कालाकुंड रेलवे स्टेशन पर है, इसलिए यहां गार्डन, सर्किट हाउस जैसी सुविधाएं भी पर्यटकों के लिए शुरू की गई। इसके साथ ही कालाकुंड में रेल रेस्टोरेंट शुरू करने के लिए मीटरगेज के दो कोच भी खड़े किए हैं। इसमें पर्यटक हेरिटेज ट्रेन से कालाकुंड आकर रात में जंगलों के बीच रुक सकते थे। साथ ही रेस्त्रां में खानपान की सुविधा भी रहती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;डीआरएम का बयान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;डीआरएम रजनीश कुमार ने बताया कि फिलहाल हमारा फोकस गेज परिवर्तन को लेकर है। हेरिटेज के लिए रैक का मेंटनेंस करने के लिए कहा जा रहा है। तैयारी पूरी होते ही ट्रेन ता संचालन शुरू हो जाएगा। इंदौर से सीधे पातालपानी पिछले सीजन में हेरिटेज ट्रेन के सफर के लिए पर्यटक सीधे पातालपानी वाटरफॉल पहुंचते थे, लेकिन पातालपानी का मार्ग कच्चा है और बारिश के दौरान यहां यातायात प्रभावित हो जाता है। इस बार मंडल ने महू से पातालपानी तक ब्राडगेज लाइन डाल दी है। आगामी माह तक इस लाइन का रेल संरक्षा आयुक्त दल द्वारा निरीक्षण किया जाना है। इसके बाद इंदौर-महू डेमू ट्रेन को पातालपानी तक विस्तारित कर दिया जाएगा। इससे पहले पातालपानी में ब्राडगेज के लिहाज से प्लेटफार्म बनना होगा।&lt;/p&gt;
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