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       <title>Today Gwalior weather News | Latest Gwalior weather News | Breaking Gwalior weather News in English | Latest Gwalior weather News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Gwalior weather समाचार:Today Gwalior weather News ,Latest Gwalior weather News,Aaj Ka Samachar ,Gwalior weather समाचार ,Breaking Gwalior weather News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.mp.inkhabar.com/tag/gwalior-weather</link>
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        <copyright>MP Inkhabar</copyright>
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        </image><item><title>MP Weather: ठंडी हवाएं चलने से तापमान में आई गिरावट, बढ़ने लगी ठिठुरन</title><link>https://mp.inkhabar.com/states/mp-weather-temperature-dropped-due-to-cold-winds-chill-increased/</link><pubDate>November 30, 2024, 5:26 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/788.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>भोपाल। जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी के बाद चल रही तेज हवाओं से अब रात के साथ दिन का मौसम भी ठंडा रहने लगा है। 29 नवंबर अब तक पड़ी ठंडी का सबसे ठंडा दिन रहा। दिन का तापमान लुढ़ककर 26 डिग्री से नीचे गिर गया, वहीं रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस पर ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी के बाद चल रही तेज हवाओं से अब रात के साथ दिन का मौसम भी ठंडा रहने लगा है। 29 नवंबर अब तक पड़ी ठंडी का सबसे ठंडा दिन रहा। दिन का तापमान लुढ़ककर 26 डिग्री से नीचे गिर गया, वहीं रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जो अब तक के मौसम में सबसे कम तापमान माना गया। मध्य प्रदेश में भी ठिठुरन बढ़ने लगी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;3 दिन में तापमान में गिरावट आई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुबह के समय आसमान में मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहा। जिसके कारण लोगों को देखने में परेशानी हो रही। कोहरे के कारण दृश्यता भी 1500 मीटर के आसपास रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को भी तापमान में आंशिक गिरावट की संभावना है। जम्मू-कश्मीर में पिछले दिनों आए पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा का रुख बदल गया था। जिसके कारण दिन में गर्माहट होने लगी थी। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव समाप्त होने के कारण पिछले तीन दिन से तापमान में गिरावट शुरू हो गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;तापमान में गिरावट आने से बढ़ी ठंड&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दिन में भी ठंडी हवाएं चलने के कारण धूप का प्रभाव कम रहता है। जिसकी वजह से दिन में भी हल्की सर्दी महसूस होती है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक शुक्रवार को अधिकतम तापमान में 2.0 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। जिसके बाद तापमान 25.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य तापमान से 2.4 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 0.9 डिसे की गिरावट देखी गई। जिसके बाद तापमान 10.0 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 0.5 कम है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;तापमान में गिरावट थमेगी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में एक अति तीव्र कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। यह अपनी ओर उत्तरी हवा को खींच रहा है, जिससे कश्मीर की ठंडी हवाएं प्रदेश में बह रही है। अगले 24 घंटे में जम्मू-कश्मीर में एक नया पश्चिमी विक्षोभ के आने की संभावना जताई जा रही है। इसके चलते मौसम में बदलाव होगा। इस पश्चिमी विक्षोभ के मजबूत होने पर तापमान में गिरावट का सिलसिला थम जाएगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Weather: ग्वालियर चंबल संभाग में बेमौसम बारिश से फसल हुई बर्बाद, अगले 24 घंटे किसानों के लिए अहम</title><link>https://mp.inkhabar.com/national/mp-weather-crop-ruined-due-to-unseasonal-rains-in-gwalior-chambal-division-next-24-hours-important-for-farmers/</link><pubDate>March 18, 2023, 7:16 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/03/Clipboard-24-300x169.jpg</image><category>देश</category><excerpt>भोपाल। मध्यप्रदेश के ग्वालियर चंबल संभाग में पिछले दो दिनों से बेमौसम बारिश किसानों के लिए आफत बनी हुई है। बीती रात ग्वालियर चंबल अंचल के कई इलाकों में बारिश के साथ ओले गिरे और किसानों के खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है, तो वहीं शनिवा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;मध्यप्रदेश के ग्वालियर चंबल संभाग में पिछले दो दिनों से बेमौसम बारिश किसानों के लिए आफत बनी हुई है। बीती रात ग्वालियर चंबल अंचल के कई इलाकों में बारिश के साथ ओले गिरे और किसानों के खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है, तो वहीं शनिवार सुबह ही दतिया जिले के कुछ इलाकों में मूसलाधार ओलावृष्टि से खेत और सड़कों पर सफेद चादर सी बिछ गई। साथ ही किसानों के खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;50 से अधिक गांव में हुई ओलावृष्टि&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के मुताबिक जिले के बसई इलाके में 50 से अधिक गांव ऐसे हैं जहां पर 20 से 25 मिनट तक जमकर ओले बरसे। वही तेज बारिश के साथ आंधी भी चली, जिससे गेहूं की फसल को काफी हद तक नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि की वजह से खेत में तैयार खड़ी गेहूं की फसल की बालियां झड़ गई. बताया जा रहा है कि इस ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी फसल को लगभग 70 से 90 प्रतिशत का नुकसान हुआ है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मौसम वैज्ञानिक उपाध्याय ने क्या कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसके उपाध्याय ने जानकारी देते हुए कहा कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से ग्वालियर चंबल अंचल के मौसम में काफी परिवर्तन देखने को मिला है. यही वजह है कि बीती रात आंधी के साथ बारिश हुई. वही कुछ इलाकों में तो ओलावृष्टि भी हुई है. बारिश और ओलावृष्टि के कारण मौसम ठंडा हो गया है. उन्होंने कहा कि बारिश की संभावना अभी भी है. आगे उन्होंने कहा कि ग्वालियर चंबल अंचल के लिए अगले 24 घंटे बहुत अहम है, क्योंकि इन 24 घंटों में बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि की भी उम्मीद है। जिस कारण किसान बहुत परेशान है. क्योंकि इस समय किसानों के खेतों में सरसों, गेहूं और चना की फसल खड़ी हुई है और लगभग पकने की स्थिति में है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर ए के सिंह ने क्या कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके साथ ही जिले के भांडेर क्षेत्र में भी जमकर ओलावृष्टि हुई, जिससे एक दर्जन से अधिक गांव पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा हैं। कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर ए के सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि जिले के आधा सैकड़ा से अधिक ऐसे गांव हैं जहां पर ओलावृष्टि की वजह से सबसे ज्यादा गेहूं और सरसों की फसल को हानि हुई है। ओलावृष्टि की गति इतनी तेज थी कि उसने गेहूं और सरसों की बालियों को पूरी तरह तोड़ दिया है। वहीं, जिले के किसान महाराज सिंह राजपूत और विनीत ने कहा कि इलाके में जहां पर ओलावृष्टि हुई है वहां फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है. लगभग 90 फीसदी फसलों में बर्बादी का मंजर देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;
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