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       <title>Today guna district News | Latest guna district News | Breaking guna district News in English | Latest guna district News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का guna district समाचार:Today guna district News ,Latest guna district News,Aaj Ka Samachar ,guna district समाचार ,Breaking guna district News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        <copyright>MP Inkhabar</copyright>
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        </image><item><title>MP Politics: गुना सीट पर इस बार कांग्रेस-बीजेपी किसे देगी मौका? इन नामों पर लग रहे कयास</title><link>https://mp.inkhabar.com/election/whom-will-congress-bjp-give-a-chance-on-guna-seat-this-time-there-are-speculations-on-these-names/</link><pubDate>September 25, 2023, 11:29 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/Clipboard-2-3.jpg</image><category>चुनाव</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में सूबे की दोनों बड़ी पार्टियां बीजेपी और कांग्रेस सत्ता में आने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही हैं. 5 साल बाद फिर से प्रदेश की जनता को अपने पसंद का उम्मीदवार चुनने का मौका मिलेगा. एमपी की 230 विध...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में सूबे की दोनों बड़ी पार्टियां बीजेपी और कांग्रेस सत्ता में आने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही हैं. 5 साल बाद फिर से प्रदेश की जनता को अपने पसंद का उम्मीदवार चुनने का मौका मिलेगा. एमपी की 230 विधानसभा सीटों में से एक है गुना विधानसभा सीट. चंबल अंचल में आने वाली गुना विधानसभा सीट सूबे की महत्वपूर्ण सीट है. 2018 में बीजेपी के प्रत्याशी गोपीलाल जाटव ने कांग्रेस के चंद्र प्रकाश अहिरवार को भारी मतों के अंतर से हराया था. लेकिन इस बार क्या होगा ये तो परिणामों के बाद ही पता चलेगा. तो चलिए अब बात करते है गुना सीट के सियासी समीकरणों की.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2018 में पड़े थे 57 प्रतिशत वोट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के अनुसार गुना विधानसभा में करीब 2 लाख से ज्यादा मतदाता है. जिसमें पुरूष वोटर्स की संख्या लगभग एक लाख तो वहीं महिला वोटर्स भी करीब एक लाख से अधिक है. ये आंकड़े 2018 के विधानसभा चुनाव के अनुसार है. ये मतदाता तय करेंगे कि गुना में इस बार कौन बाजी मारेगा. आपको बता दें कि पिछले चुनाव में कुल 57 प्रतिशत वोट पड़े थे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बीजेपी-कांग्रेस के बीच होती है टक्कर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गुना विधानसभा सीट के सियासी ताने बाने पर गौर करें तो यह पूरा शहरी क्षेत्र हैं, बीजेपी कांग्रेस के अलावा यहां बीएसपी का भी वोट बैंक माना जाता है. लेकिन चुनाव आते-आते इस वोट बैंक में बिखराव भी दिखता है. इस बार भी यहां बीएसपी जोर लगा रही है, ऐसे में मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद लगाई जा रही है. जानकारी के लिए आपको बता दें कि गुना से गोपीलाल जाटव विधायक हैं. उन्होंने 2018 में कांग्रेस के चंद्र प्रकाश अहिरवार को 33,667 वोटों के अंतर से हराया था&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गुना का राजनीतिक इतिहास&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;तो चलिए अब एक नजर गुना के राजनीतिक इतिहाल पर डालते हैं. 1977 में JNP के धर्मस्वरूप सक्सेना, 1980 में कांग्रेस के शिव प्रताप सिंह, 1985 में कांग्रेस के शिवप्रताप सिंह, 1990 में BJP के भाग चंद्र सोगानी, 1993 में कांग्रेस के शिव प्रताप सिंह, 1998 में कांग्रेस के शिव प्रताप सिंह, 2003 में BJP के कन्हैया लाल अग्रवाल, 2008 में भारतीय जन शक्ति के राजेंद्र सिंह सलूजा, 2013 में BJP के पन्नालाल शाक्य और 2018 में BJP के गोपीलाल जाटव 33, 667 वोटों से जीतें थे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस बार किसी तीसरे को मिलेगा मौका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;फिलहाल ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार के चुनाव में बीजेपी-कांग्रेस किसी और को मौका दे सकती हैं. बीजेपी में जाटव के साथ-साथ नीरज निगम, पूर्व विधायक पन्ना लाल शाक्य, अनूसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश मंत्री सुनील मालवीय और चंद्रप्रकाश अहिरवार का नाम आ रहा हैं तो वहीं कांग्रेस से वरिष्ठ नेता कन्हैयाराम अहिरवार, हरिओम खटीक और वीरू खटीक का नाम आ रहा है. अब देखते हैं कि दोनों ही दल किसे मौका देते है और जनता किसे चुनती हैं. वहीं बीजेपी विधायक गोपीलाल जाटव के अनुसार क्षेत्र में कई काम हुए हैं. गुना में इस बार टिकट बदलाव होने के आसार साफ दिख रहे हैं. जाटव भी मानकर चल रहे हैं कि किसी नए दावेदार को टिकट मिलना तय है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: एमपी के सोडा गांव के लिए बारिश है घातक ! मॉनसून में जारी होता है हाई अलर्ट</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/rain-is-fatal-for-mps-soda-village-high-alert-is-issued-in-monsoon/</link><pubDate>July 2, 2023, 7:51 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/Clipboard-10-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल. गुना जिले में एक ऐसा गांव हैं जहां बारिश शुरू होते ही प्रशासनिक हलचल तेज हो जाती है. जिला स्तर के साथ ही प्रदेश के मुखिया की भी इस गांव पर नजर बनी रहती है. जिसका अपडेट समय-समय पर लिया जाता है. चारों तरफ पार्वती नदी से घिरे इस गांव की तस्...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल.&lt;/strong&gt; गुना जिले में एक ऐसा गांव हैं जहां बारिश शुरू होते ही प्रशासनिक हलचल तेज हो जाती है. जिला स्तर के साथ ही प्रदेश के मुखिया की भी इस गांव पर नजर बनी रहती है. जिसका अपडेट समय-समय पर लिया जाता है. चारों तरफ पार्वती नदी से घिरे इस गांव की तस्वीर बारिश के मौसम में बदल जाती है. नदी में उफान आने के कारण सोडा गांव टापू की तरह दिखाई देने लगता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मॉनसून में जारी होता है हाई अलर्ट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल मॉनसून को लेकर सामान्य तौर पर प्रशासन अलर्ट जारी करता रहता है, लेकिन गुना जिले में एक ऐसा भी गांव है जहां बारिश शुरू होते ही हाई अलर्ट जारी किया जाता है. मध्यप्रदेश और राजस्थान की सीमा पर बसे सोडा गांव के लिए बारिश का मौसम किसी आपदा से कम नहीं है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्यों नही छोड़ते लोग गांव?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि सोडा गांव में एक ही परिवार के कई लोग निवास करते हैं. पार्वती नदी के किनारे बसे गांव की जमीन भी काफी उपजाऊ है. जिसके कारण इस जमीन को गांव वाले छोड़ना नहीं चाहते हैं. गांव में ट्रैक्टर से लेकर खेती बाड़ी के लिए ज्यादातर उपयोगी समान भी उपलब्ध है. जब तक नदी में पानी कम होता है. इस गांव के लोग ट्रैक्टर, मोटरसाइकल और पैदल ही नदी पार कर लेते हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ग्रामीणों के पास विकल्प नही&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीन उपजाऊ है. उपजाऊ जमीन को छोड़कर जाएं तो कहां जाएं. साल भर इसी जमीन पर खेती बाड़ी करके जीवन यापन करते हैं. हालांकि बारिश के मौसम में जानमाल को नुकसान होने की संभावना बनी रहती है. पिछली बार भी सेना के हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया था, जिससे ग्रामीणों की जान बच सकी थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दूसरे गांव में बसाने की चल रही बात&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि सोडा गांव बमोरी विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है. गांव के ग्रामीणों को दूसरी जगह स्थापित करने के लिए राजी किया जा रहा है. ग्रामवासियों की मांग है कि उन्हें फतेहगढ़ में बसाया जाए लेकिन फतेहगढ़ में जमीन नहीं है. कलेक्टर ने ग्रामीणों को मुआवजा देने या हमीरपुर गांव में स्थापित करने का प्रोपोज़ल दिया है. चर्चा जारी है, जिसका निराकरण जल्द किया जाएगा.&lt;/p&gt;
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