<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today Government of Madhya Pradesh News | Latest Government of Madhya Pradesh News | Breaking Government of Madhya Pradesh News in English | Latest Government of Madhya Pradesh News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Government of Madhya Pradesh समाचार:Today Government of Madhya Pradesh News ,Latest Government of Madhya Pradesh News,Aaj Ka Samachar ,Government of Madhya Pradesh समाचार ,Breaking Government of Madhya Pradesh News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.mp.inkhabar.com/tag/government-of-madhya-pradesh</link>
        <lastBuildDate>May 3, 2026, 8:38 pm</lastBuildDate>
        <copyright>MP Inkhabar</copyright>
        <generator>MP Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://www.mp.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Inkhabar</title>
            <link>https://www.mp.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>MP News: बी.एड में 75 प्रतिशत आरक्षण को सुप्रीम कोर्ट में मिली चुनौती, कहा- सीटों की संख्या दोबारा निर्धारित हो</title><link>https://mp.inkhabar.com/national/mp-news-75-percent-reservation-in-b-ed-was-challenged-in-the-supreme-court-said-the-number-of-seats-should-be-re-determined/</link><pubDate>April 30, 2023, 1:45 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/Clipboard-49.jpg</image><category>देश</category><excerpt>भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार को बी.एड कोर्स में बनाई गई पॉलिसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस सुधांशु धूलिया की डबल बेंच ने बीएड कोर्स में एडमिशन के लिए मध्य प्रदेश राज्य के निवासियों को 75 प्रतिशत आरक्षण देन...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश सरकार को बी.एड कोर्स में बनाई गई पॉलिसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस सुधांशु धूलिया की डबल बेंच ने बीएड कोर्स में एडमिशन के लिए मध्य प्रदेश राज्य के निवासियों को 75 प्रतिशत आरक्षण देने की नीति की पड़ताल करने का निर्देश जारी किया है. बेंच ने इस नीति को &amp;#8216;आरक्षण का ओवरडोज&amp;#8217; और असंवैधानिक कहा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट में मिली चुनौती&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वीणा वादिनी समाज कल्याण विकास समिति की जनहित याचिका पर कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है. साथ ही टिप्पणी करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों के आंकड़ों का निरिक्षण करने से पता चलता है कि यह लक्षित उद्देश्य की पूर्ति नहीं करता है. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार की इस आरक्षण नीति का समर्थन करते हुए अपना फैसला सुनाया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बेंच- जमीनी हकीकत रखना चाहिए ख्याल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने यह भी कहा है कि राज्य ने निवासियों के लिए सीटों का आरक्षण अपने अधिकारों के दायरे में रहकर तो किया है, लेकिन ऐसा करते समय उसे जमीनी हकीकत का भी ख्याल रखना चाहिए था. आगे कहा कि अगले अकादमिक सत्र से राज्य के स्थानीय निवासियों और बाकी देशवासियों के लिए सीट की संख्या फिर से निर्धारित होनी चाहिए.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट- अनुच्छेद 14 का हो रहा उल्लंघन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने ये भी स्पष्ट करते हुए कहा कि स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षण की परमिशन है. फिर भी कुल सीटों का तीन चौथाई यानी 75 प्रतिशत तक आरक्षण अनुचित है. सुप्रीम कोर्ट पहले भी प्रदीप जैन बनाम सरकार मामले में कोर्ट इसे असंवैधानिक और संविधान के अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता) का उल्लंघन करने वाला बता चुका है. बता दें कि राज्य की नीति के मुताबिक बीएड की 75 प्रतिशत सीटें मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए आरक्षित हैं और सिर्फ 25 प्रतिशत सीट अन्य राज्यों के लोगों के लिए बचती हैं.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>मध्य प्रदेश: बरखेड़ा पठानी का नाम हुआ लाल बहादुर शास्त्री, इससे पहले इन स्थानों के भी बदले नाम</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/madhya-pradesh-barkheda-pathani-was-renamed-after-lal-bahadur-shastri-before-this-the-names-of-these-places-also-changed/</link><pubDate>April 26, 2023, 3:20 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/Clipboard-24-1-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल। मध्य प्रदेश में शहरों और कॉलोनियों का नाम बदलने का सिलसिला जारी है. शिवराज सरकार द्वारा भोपाल में बरखेड़ा पठानी का नाम बदल दिया गया है. इस जगह को अब पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाम से जाना जाएगा. निगम की बैठक में सर्वसमिति ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश में शहरों और कॉलोनियों का नाम बदलने का सिलसिला जारी है. शिवराज सरकार द्वारा भोपाल में बरखेड़ा पठानी का नाम बदल दिया गया है. इस जगह को अब पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाम से जाना जाएगा. निगम की बैठक में सर्वसमिति से यह प्रस्ताव पारित हुआ था. इसके बाद नगर निगम के सामान्य प्रशासन विभाग ने नाम बदलने के आदेश जारी कर दिए हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन जगहों के भी बदले थे नाम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि इससे पहले शिवराज सरकार ने हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलते हुए रानी कमलापति रेलवे स्टेशन कर दिया था. इसके अलावा इस्लामनगर का नाम जगदीशपुर रखा गया था. भोपाल के नजदीक स्थित सीहोर जिले के नसरुल्लागंज का नाम बदलकर अप्रैल में भैरूंदा किया गया था. इसका नोटिफिकेशन भी शिवराज सरकार द्वारा जारी किया गया था. नसरुल्लागंज का नाम भैरूंदा किए जाने का प्रस्ताव शिवराज सरकार ने केंद्र की मोदी सरकार को भेजा था. गृह मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को मंजूर कर लिया था. इसके बाद राज्य सरकार ने गजट नोटिफिकेशन जारी किया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पिछले साल इन स्थानों के नाम में हुआ था परिवर्तन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि पिछले साल भोपाल नगर निगम की मीटिंग हुई थी, जिसमें भोपाल की दो जगहों के नाम चेंज कि गए थे. पहली जगह थी लालघाटी, जिसका नाम महेंद्र नारायण दास जी महाराज सर्वेश्वर चौराहा किया गया था. वही दूसरी जगह थी हलालपुर बस स्टैंड, जिसका नाम हनुमानगढ़ी रखा गया था. इन दोनों जगहों के नाम बदलने का प्रस्ताव भोपाल से बीजेपी की सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर द्वारा पेश किया गया था. निगम अध्यक्ष ने समर्थन करते हुए इन प्रस्तावों को स्वीकृति दे दी थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हलाल शब्द को बताया था अशुद्ध&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रस्ताव में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा था, &amp;#8216;हलालपुरा का हलाल शब्द खराब और अशुद्ध है. हम गुलामी के प्रतीकों को हटाकर फिर से भारत का इतिहास बदलने की ताकत रखते हैं. हलाल अशुद्ध शब्द है, इसको हटा दिया जाना चाहिए. हम भोपाल का दोबारा निर्माण और इतिहास बदलने के लिए खड़े हैं.&amp;#8217; उन्होंने आगे कहा था कि हलालपुर बस स्टैंड का नाम हनुमानगढ़ी बस स्टैंड रखा जाना चाहिए. जबकि लालघाटी चौराहे पर कई वीर और वीरांगनाओं ने प्राणों की आहुति दी है. इसके अलावा कई हत्याएं भी हुई हैं. उन सभी को याद करते हुए इस चौराहे का नाम महेंद्र नारायण दास जी महाराज सर्वेश्वर चौराहा होना चाहिए.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>मध्य प्रदेश: खराब गेहूं को प्रति क्विंटल 5-10 रूपए कम पर खरीदेगी सरकार, हकीकत कुछ और…</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/madhya-pradesh-government-will-buy-bad-wheat-at-rs-5-10-less-per-quintal-the-reality-is-something-else/</link><pubDate>April 11, 2023, 3:15 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/Clipboard-2023-04-11T081950.698-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल। मार्च महीने में हुई बारिश और ओलावृष्टि ने मध्य प्रदेश में किसानों के 10 लाख टन से ज्यादा गेहूं की चमक को उड़ा दिया है। इस आंकड़े में और बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि खरीद केंद्रों पर अभी गेहूं पहुंचना शुरू हो गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; मार्च महीने में हुई बारिश और ओलावृष्टि ने मध्य प्रदेश में किसानों के 10 लाख टन से ज्यादा गेहूं की चमक को उड़ा दिया है। इस आंकड़े में और बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि खरीद केंद्रों पर अभी गेहूं पहुंचना शुरू हो गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने आदेश जारी किया है कि 10 प्रतिशत तक दागी गेहूं को समर्थन मूल्य 2125 रुपए प्रति क्विंटल पर सरकार खरीदेगी। अगर गेहूं 80 प्रतिशत तक खराब हो गया है तो उसे प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य से 5-10 रूपए कम पर खरीदा जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सरकार का अनुमान- 15 से 20 फीसदी फसल को हुआ नुकसान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राज्य सरकार ने इन सभी दिक्कतों का प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजा था, जहां से स्वीकृति मिल चुकी है। स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पाेरेशन के एमडी तरुण पिथोड़े ने जानकारी देते हुए कहा कि चमक विहीन गेहूं लेते समय प्रावधान है कि प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य की एक प्रतिशत राशि काटी जाती है, लेकिन इस बार एक प्रतिशत का एक चौथाई पैसा ही काटा जाएगा। सरकार ने अनुमान लगाया है कि प्रदेश में कई बार हुई बारिश और ओलावृष्टि की वजह से 15 से 20 फीसदी फसल को नुकसान पहुंचा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष ने क्या कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;भारतीय किसान संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख राहुल धूत के अनुसार पहले हुई बारिश और ओलावृष्टि में 10-12 प्रतिशत तक गेहूं की फसल नष्ट हुई, लेकिन अब तक उसका सर्वे भी नहीं हुआ। इसी कारण 16 प्रतिशत तक नमी वाली और 10 प्रतिशत कम चमक वाली फसल ही ली जा रही है। मंडियों में गेहूं के 1700-1800 रुपए क्विंटल ही कीमत मिल रही हैं। आगे उन्होंने कहा कि बेहतर है, सर्वे सरकार की बजाय थर्ड पार्टी द्वारा किया जाए। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने बताया कि सरकार द्वारा कुछ भी आदेश दिया जाए, खरीद केंद्रों पर कोई भी स्पष्ट मानक नहीं हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: अप्रैल से लगेगा जापानी इंसेफेलाइटिस का टीका, जानिए कैसे फैलती है यह बीमारी</title><link>https://mp.inkhabar.com/national/mp-news-japanese-encephalitis-vaccine-will-be-available-from-april-know-how-this-disease-spreads/</link><pubDate>March 29, 2023, 2:40 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/03/Clipboard-95-300x169.jpg</image><category>देश</category><excerpt>भोपाल। प्रदेश में जापानी इंसेफेलाइटिस यानी जापानी बुखार से बचाव के लिए अप्रैल से निशुल्क टीका लगना शुरू हो जाएगा। बता दें कि 2015 से 2022 तक प्रदेश में जापानी बुखार के 186 मामले सामने आ चुके हैं. राज्य में साल 2022 में 186 में से 70 मामले सामने...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; प्रदेश में जापानी इंसेफेलाइटिस यानी जापानी बुखार से बचाव के लिए अप्रैल से निशुल्क टीका लगना शुरू हो जाएगा। बता दें कि 2015 से 2022 तक प्रदेश में जापानी बुखार के 186 मामले सामने आ चुके हैं. राज्य में साल 2022 में 186 में से 70 मामले सामने आए थे. इस बुखार से प्रदेश के चार जिले भोपाल, इंदौर, विदिशा और रायसेन ज्यादा प्रभावित है. इसलिए अभियान के तहत पहले चरण में विदिशा और रायसेन जिलों में जेई टीकाकरण शुरू किया जाएगा, जबकि, दूसरे चरण में इंदौर और भोपाल शामिल है। इसके लिए राज्य ने केंद्र से जेई की 25 लाख डोज की मांग थी, लेकिन 5.45 लाख डोज ही मिल पाई. टीका लगाने की सुविधा आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूलों में होगी। आपको बता दें कि टीका की लॉन्चिंग मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी द्वारा की गई.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कैसे फैलता है यह बुखार?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि यह बीमारी जेई मच्छरों के काटने से फैलती है। इसे दिमागी बुखार और जापानी बुखार भी कहते हैं। राज्य टीकाकरण अधिकारी डा. संतोष शुक्ला ने जानकारी देते हुए कहा कि एक से 15 वर्ष तक की उम्र वाले सभी बच्चों को इसकी एक-एक डोज लगाई जाएगी। टीके का असर 15 वर्ष तक रहेगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>मामा शिवराज ने उठाए कड़े कदम, राज्य में शराब की दुकानें होंगी बंद!</title><link>https://mp.inkhabar.com/states/liquore-ban-in-madhyapradesh-shivraj-chauhan-uma-bharti-pinkhabar/</link><pubDate>February 19, 2023, 5:19 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/02/liqure-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>भोपाल:आज शिवराज सरकार कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले के अनुसार प्रदेश में अब सारे शराब अहाते और शराब की दुकानें बंद होने जा रही हैं. इसके साथ ही सरकार ने फैसला लिया है कि अब से राज्य में किसी भी शैक्षणिक संस्थानों की 100 मीटर की दूरी म...</excerpt><content>
&lt;p&gt;भोपाल:आज शिवराज सरकार कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले के अनुसार प्रदेश में अब सारे शराब अहाते और शराब की दुकानें बंद होने जा रही हैं. इसके साथ ही सरकार ने फैसला लिया है कि अब से राज्य में किसी भी शैक्षणिक संस्थानों की 100 मीटर की दूरी में शराब की दुकानें नहीं खोली जाएंगी. साथ ही इस नए नियम के अनुसार गर्ल्स हॉस्टल के आसपास भी शराब की दुकानें नहीं खोली जाएंगी. इस फैसले में यह भी कहा गया है कि अब लोग शराब की दुकानों से शराब तो खरीद सकेंगे, लेकिन वहां बैठकर उसका सेवन नहीं कर पाएंगे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कड़े कदम उठाए जाएंगे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सरकार द्वारा जारी आदेश में यह साफ कहा गया है कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों के ऊपर भी कड़े कदम उठाए जाएंगे. अब से शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के वाहन लाइसेंस को रद्द कर दिया जाएगा. साथ ही उनपर अन्य कार्रवाई भी हो सकती है. कुल मिलाकर अब राज्य में शराब को लेकर सख्ती बढ़ने वाली है. आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता उमा भारती ने शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में शराबबंदी करने की अपील की थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;उमा भारती ने किया था अपील&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि बीते दिनों उमा भारती ने कहा था कि राज्य के लोगों को शराब की आगोश से बचाने के लिए मैं कुछ भी कर सकती हूं. अगर आप सोचते हैं कि इस कदम से राज्य के ताकतवर शराब माफियाओं का सामना भी करना होगा तो आप सोचते रहीए. मैं राज्य को बचाने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार हूं. बता दें कि इस घोषणा को अमली जामा 1 अप्रैल से पहनाया जा सकता है. फिलहाल राज्य सरकार के इस निर्णय पर उमा भारती का कोई बयान नहीं आया है, लेकिन उमा भारती ने इससे पहले कहा था कि अगर सरकार राज्य में शराबबंदी करती है तो मध्यप्रदेश की महिलाओं का रिकॉर्ड वोट भाजपा को मिलेगा.&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>