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       <title>Today France News | Latest France News | Breaking France News in English | Latest France News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का France समाचार:Today France News ,Latest France News,Aaj Ka Samachar ,France समाचार ,Breaking France News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>MP News: प्रदेश के 78 साल के बुजुर्ग के पास मिला 650 घड़ियों का कलेक्शन, ये खासियतें करती हैं आकर्षित</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/mp-news-collection-of-650-watches-found-with-78-years-old-man-of-the-state-these-specialties-attract/</link><pubDate>May 22, 2023, 4:27 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/Clipboard-2023-05-22T095706.209.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के एक निवासी के पास दुनियाभर की दुर्लभ घड़ियों का अनोखा कलेक्शन है. इनमें भारत के साथ ही फ्रांस, स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन, अमेरिका और जर्मनी में बनी 650 से ज्यादा घड़ियां हैं. 78 साल के अनिल भल्ला के घर में दाखिल हो...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के एक निवासी के पास दुनियाभर की दुर्लभ घड़ियों का अनोखा कलेक्शन है. इनमें भारत के साथ ही फ्रांस, स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन, अमेरिका और जर्मनी में बनी 650 से ज्यादा घड़ियां हैं. 78 साल के अनिल भल्ला के घर में दाखिल होते ही कानों में दुनियाभर की दुर्लभ घड़ियों की अलग-अलग आवाजें गूंजने लगती हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;करीब 650 घड़ियों का है कलेक्शन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इन प्राचीन घड़ियों को चलते देखकर ऐसा लगता है कि जैसे हम किसी टाइम मशीन में बैठकर अतीत में पहुंच गए हों. भल्ला में दुर्लभ घड़ियों को सहेजने को लेकर गजब का जुनून है और वह भारत के साथ ही फ्रांस, स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन, अमेरिका और जर्मनी में बनी 650 से ज्यादा घड़ियों के अनमोल खजाने के मालिक हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दादा से विरासत में मिला घड़ियां सहेजने का शौक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;भल्ला ने रविवार को बताया कि दुर्लभ घड़ियां सहेजने का शौक उन्हें उनके दादा हुकूमत राय भल्ला से विरासत में मिला, जो उच्च शिक्षा के लिए विदेश में रहने के दौरान वहां से कुछ घड़ियां स्वदेश ले आए थे.उन्होंने कहा कि मैंने 16 साल की उम्र में जो पहली घड़ी खरीदी थी, वह एक ‘एनिवर्सरी क्लॉक’ थी यानी इसमें सालभर में केवल एक बार चाबी भरनी पड़ती है. आगे उन्होंने कहा कि जब भी मेरे पास थोड़ा अतिरिक्त धन आता, मैं घड़ियां खरीद लेता था. इस प्रकार भल्ला के खजाने में तरह-तरह की घड़ियां साल-दर-साल जमा होती रहीं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ग्रैंडफादर क्लॉक है सबसे पुरानी घड़ी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उन्होंने बताया कि लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स ने वर्ष 2013 में उनके नाम राष्ट्रीय कीर्तिमान का प्रमाण पत्र जारी किया था. प्रमाण पत्र के अनुसार भल्ला के दुर्लभ संग्रह की सबसे पुरानी घड़ी 10 फीट ऊंची ग्रैंडफादर क्लॉक है, जिसका निर्माण वर्ष 1750 के दौरान फ्रांस में किया गया था. बहरहाल, भल्ला का दावा है कि उनके पास एक ऐसी घड़ी भी है, जो वर्ष 1700 के आस-पास बनाई गई थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;16 प्रमुख शहरों का वक्त एक साथ दर्शाती है यह घड़ी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अनिल भल्ला ने बताया कि उनके संग्रह की नायाब घड़ियों में इंग्लैंड में 1830 के दौरान लकड़ी के एक ही टुकड़े को तराशकर बनाई गई घड़ी शामिल है, जो दुनिया के 16 प्रमुख शहरों का वक्त अलग-अलग ‘डायल’ के माध्यम से एक साथ दर्शाती है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये घड़ियां भी है खास&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;भल्ला ने अपना दुर्लभ संग्रह दिखाते हुए बताया कि स्विट्जरलैंड में बनी एक घड़ी में चाबी भरने की जहमत नहीं उठानी पड़ती, तो एक अन्य घड़ी इतनी बड़ी है कि इसमें चाबी भरने के लिए दो लोगों की आवश्यकता होती है. उनके पास जेब में रखी जाने वाली एक ऐसी दुर्लभ घड़ी भी है, जिसके ‘डायल’ पर इंजन के चित्र के साथ ‘रेलवे टाइमकीपर’ छपा है. इस विदेशी घड़ी के बारे में भल्ला का कहना है कि यह रेलवे के कर्मचारियों के लिए खासतौर पर बनाई गई थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;भारत की 65 साल पुरानी घड़ी भी है अनिल के पास&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;भल्ला के मुताबिक उनके संग्रह में भारत में बनी एकमात्र घड़ी है वंदे मातरम. उन्होंने बताया कि करीब 65 साल पुरानी इस घड़ी का बाहरी आवरण शुद्ध तांबे का बना है और इस पर देवी-देवताओं के साथ ही महात्मा गांधी और बाल गंगाधर तिलक की प्रतिमाएं उकेरी गई हैं. बता दें कि भल्ला लंबे समय तक ऑटोमोबाइल कारोबार से जुड़े रहे हैं और इन दिनों वह दुर्लभ घड़ियों की देखभाल और उनकी मरम्मत में मसरूफ रहते हैं. उन्होंने कहा कि मेरे संग्रह में ऐसी कई घड़ियां हैं, जो मैंने कबाड़ियों से बंद हालत में खरीदी थीं. मैंने दुनियाभर से इनके कल-पुर्जे जुटाकर इनकी मरम्मत की और इन्हें चालू किया.&lt;/p&gt;
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