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       <title>Today Flood News | Latest Flood News | Breaking Flood News in English | Latest Flood News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Flood समाचार:Today Flood News ,Latest Flood News,Aaj Ka Samachar ,Flood समाचार ,Breaking Flood News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.mp.inkhabar.com/tag/flood</link>
        <lastBuildDate>May 3, 2026, 5:14 pm</lastBuildDate>
        <copyright>MP Inkhabar</copyright>
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            <title>Inkhabar</title>
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        </image><item><title>MP Politics: एमपी में तीन दिन थमा भारी बारिश का दौर</title><link>https://mp.inkhabar.com/states/heavy-rain-stopped-in-mp-for-three-days/</link><pubDate>September 19, 2023, 7:14 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/Clipboard-4-1.jpg</image><category>राज्य</category><excerpt>भोपाल. मध्यप्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से बड़े दिन बाद राहत मिलती हुई दिखाई दे रही है. फिलहाल मौसम साफ नजर आ रहा है. हालांकि धूप-छांव और बादल की स्थिति बनी हुई है, लेकिन भारी बारिश पर ब्रेक लगा हुआ है. मौसम विभाग की मानें तो कुछ जिल...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;मध्यप्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से बड़े दिन बाद राहत मिलती हुई दिखाई दे रही है. फिलहाल मौसम साफ नजर आ रहा है. हालांकि धूप-छांव और बादल की स्थिति बनी हुई है, लेकिन भारी बारिश पर ब्रेक लगा हुआ है. मौसम विभाग की मानें तो कुछ जिलों में हल्की बारिश होने का अनुमान है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;22 सितंबर को एक्टिव होगा नया वेदर सिस्टम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 22 सितंबर से नया वेदर सिस्टम एक्टिव होने जा रहा है, जिसकी वजह से एक बार फिर प्रदेश में जोरदार बारिश का दौर देखा जाएगा. कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना भी है. वहीं फिलहाल 21 सितंबर तक बारिश से राहत देखने को मिलेगी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन जिलों में हल्की बारिश का अनुमान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;लेकिन अभी भी पूरी तरह से बारिश पर ब्रेक नहीं लगा है. मौसम विभाग ने सीधी, सिंगरौली, रीवा, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों में हल्की बारिश होने का अनुमान जताया गया है. पिछले 24 घंटों में खरगोन, रतलाम, सीधी, सतना, बैतूल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन और मंडला में बारिश देखी गई. सबसे ज्यादा बारिश खरगोन में 10 मिमी दर्ज की गई.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;14 सितंबर से शुरू हुई भारी बारिश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि 14 सितंबर से प्रदेश में भारी बारिश का दौर शुरू हुआ था. भारी बारिश की वजह से कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए. नर्मदा, क्षिप्रा, ताप्ती और शिवना समेत कई नदियां उफान पर आ गईं. नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, बैतूल, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, इंदौर और धार जिले बारिश की वजह से खासा प्रभावित हुए. बाढ़ में फंसे कई लोगों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू करना पड़ा तो वहीं कई लोगों को नाव और रस्सी बांधकर बचाया गया. एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें अलर्ट मोड पर थीं.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Weather: ओंकारेश्वर में बारिश के बाद हाहाकार, बाजारों का सामान चढ़ा नर्मदा को भेंट</title><link>https://mp.inkhabar.com/states/outcry-after-rain-in-omkareshwar-goods-from-markets-offered-to-narmada/</link><pubDate>September 19, 2023, 1:48 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/Clipboard-34-300x169.jpg</image><category>राज्य</category><excerpt>भोपाल. मध्यप्रदेश में पिछले 4 दिनों से जारी बारिश ने हाहाकार मचा दिया है. लगातार हो रही बारिश के कारण कई शहरों में जलभराव के हालात बने हुये थे. तो वहीं तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में बारिश ने अपना सबसे रौद्र रूप दिखाया है. यहां केवल नर्मदा घाट और उनक...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;मध्यप्रदेश में पिछले 4 दिनों से जारी बारिश ने हाहाकार मचा दिया है. लगातार हो रही बारिश के कारण कई शहरों में जलभराव के हालात बने हुये थे. तो वहीं तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में बारिश ने अपना सबसे रौद्र रूप दिखाया है. यहां केवल नर्मदा घाट और उनके किनारे की दुकाने तो डूंबी ही इसके साथ ही यहां मुख्य बाजार में भी पानी पहुंच गया. जिसके कारण भारी नुकसान हुआ है. अब स्थानीय लोगों का आरोप है कि जान बूझकर ये पानी रोका गया है, जिसके कारण ये तबाही हुई है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रशासन के प्रति लोगों में गुस्सा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल बारिश थमने के बाद नर्मदा तो शांत हो चुकी है. लेकिन अब यहां के स्थानीय निवासियों की आंखों में काफी गुस्सा है और आंसू हैं. लोगों का प्रशासन पर खुला आरोप है कि प्रशासन की हठधर्मिता और गैर ज़िम्मेदाराना बर्ताव के कारण ही ये त्रासदी हुई है. लोगों का कहना है कि ‘यहां डेम को सिर्फ इसलिए भरते चले गए कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए ओंकार पर्वत पर वाहन से जाने के लिए बनायीं गई पुलिया पर पानी न आये.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बाजारों का सामान मां नर्मदा को चढ़ा भेंट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि ओम्कारेश्वर में पिछले दिनों नर्मदा का रौद्र रूप देखने को मिला है. यहां बाढ़ ने खासा तांडव मचाया है. न सिर्फ़ घाट डूबे, घाट की दुकाने डूबी, नावें ही नहीं बल्कि बहुत ऊंचाई पर ओम्कारेश्वर मुख्य मंदिर के प्रवेश द्वार के पहले का पूरा बाज़ार डूब गया. दुकानों में पानी भर गया, यहां जो कुछ भी बिक्री के लिए रखा था, वो सब नर्मदा को भेंट चढ़ गया. ओंकारेश्वर में जिन दुकानों में भगवान की मूर्तियां, पूजन सामग्री, पीतल या अन्य धातू की मूर्तियां, अन्य कीमती सामग्री या आर्टिफिशियल ज्वेलरी सजी रहती थी वे सब आज खाली दिख रही है, बाज़ार में सन्नाटा पसरा हुआ है. लोगों के चेहरे पर दुःख से ज़्यादा गुस्सा दिख रहा है, लेकिन इसे पढ़ने-सुनने वाला कोई नहीं है. अब जब कुछ सरकारी अधिकारी कर्मचारी नुकसानी के सर्वे के नाम पर आ रहे है तो उन पर लोगों का गुस्सा फूट रहा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रशासन की लापरवाही से आई बाढ़&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;स्थानीय लोगों का कहना है कि जो भी बाढ़ आई वह प्रशासन की लापरवाही और नाकामी के कारण आई है. पिछले दिनों शंकराचार्य जी की मूर्ति के अनावरण के लिए नर्मदा नदी के घाट पर रपटा बनाया गया था. उसे ज्यों का त्यों रखने के लिए पानी को स्टोर किया गया. एकदम से जब पीछे पानी का प्रेशर बढ़ा तो अचानक सारा पानी छोड़ दिया जिससे बाढ़ आ गई. लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने मुख्यमंत्री को खुश करने के लिए ओम्कारेश्वर की जनता को दांव पर लगा दिया.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नुकसान का होगा सर्वे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इधर प्रशासन का कहना है कि इतनी तेज बारिश के चलते ओम्कारेश्वर में जो परिस्थितियां निर्मित हुई, उसका प्रमुख कारण यह था कि ओम्कारेश्वर डेम के अपस्ट्रीम में जो केचमेंट एरिया है. वहां बहुत पानी बरसा साथ ही जो इंदिरा सागर डेम से 44 हजार क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया. इससे ओम्कारेश्वर नदी के किनारे जो स्थान थे, वहां दस फीट तक पानी भर गया. बहुत से स्थान जलमग्न हो गए थे. प्रशासन और पुलिस की पूरी टीम मौजूद थी. मंदिर और नगर पंचायत के एनाउंसमेंट सिस्टम द्वारा लगातार जनता को पानी बढ़ने की सूचना दी जाती रही थी. ओंकारेश्वर डेम के बिल्कुल नीचे है इसलिए यहां तो समय कम मिल पाता है. फिर भी प्रशासन की मुस्तैदी से कोई जनहानि नहीं हुई है. जिन दुकानों में नुकसानी हुई उनके सर्वे कराये जा रहे हैं.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: नर्मदा नदी की बाढ़ के खतरे से बचाने के लिए अधिकारियों की हुई बैठक</title><link>https://mp.inkhabar.com/national/mp-news-meeting-of-officials-to-save-from-the-danger-of-flood-of-narmada-river/</link><pubDate>April 9, 2023, 2:18 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/Screenshot-2023-04-09-074804-300x169.jpg</image><category>देश</category><excerpt>भोपाल। कलेक्टर सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से वर्षा से पहले की सभी आवश्यक तैयारी के बारे में जानकारी ली। नर्मदा नदी की बाढ़ के खतरे से शहर को बचाने की तैयारियों को देखा है। कलेक्टर सिंह ने बताया कि बारिश में रामलीला मैदान के पास स्थित...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;कलेक्टर सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से वर्षा से पहले की सभी आवश्यक तैयारी के बारे में जानकारी ली। नर्मदा नदी की बाढ़ के खतरे से शहर को बचाने की तैयारियों को देखा है। कलेक्टर सिंह ने बताया कि बारिश में रामलीला मैदान के पास स्थित लेंडिया नाले के पास जल भराव की स्थिति के मद्देनजर सेठानी घाट के खतरे का निशान 964 फीट की जगह 954 फीट पर पानी पहुंचने पर बाहर फेंकने की तैयारी कर ली जाए। साथ ही बनाएं गए सिस्टम की मॉकड्रिल करके देखे। पिछले सालों में जो रेत का जमाव हुआ है उसका भी आकलन कर लिया जाए। कलेक्टर सिंह ने आगे कहा कि तवा, बारना, बरगी बांधों से पानी छोड़े जाने पर नर्मदापुरम सेठानी घाट तक पानी आने की कंडीशन का सही तरह से आकलन कर लिया जाए। बताया जा रहा है कि निर्धारित समय से पहले पानी आ रहा है। इस पर कलेक्टर सिंह ने कहा कि सही तरह से निर्धारण कर लें। उन्होंने सर्किट हाउस के पास की पिचिंग की मरम्मत के कार्य जल्द पूरे करने के लिए जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि एसपी गुरुकरण सिंह, जिला पंचायत सीईओ एसएस रावत, अपर कलेक्टर मनोज ठाकुर, तहसीलदार,सभी एसडीएम, सीपी इटारसी, एसपीएम, जल संसाधन, रेलवे, लोकनिर्माण विभाग, नगर पालिका, होमगार्ड सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।&lt;/p&gt;
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