<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today Cheetah News | Latest Cheetah News | Breaking Cheetah News in English | Latest Cheetah News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Cheetah समाचार:Today Cheetah News ,Latest Cheetah News,Aaj Ka Samachar ,Cheetah समाचार ,Breaking Cheetah News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.mp.inkhabar.com/tag/cheetah</link>
        <lastBuildDate>May 7, 2026, 10:00 pm</lastBuildDate>
        <copyright>MP Inkhabar</copyright>
        <generator>MP Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://www.mp.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Inkhabar</title>
            <link>https://www.mp.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>MP News: कूनो वन्यप्राणी वनमंडल का बढ़ेगा दायरा, जानें पूरा मामला</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/scope-of-kuno-wildlife-forest-will-increase-know-the-whole-matter/</link><pubDate>August 22, 2023, 2:45 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/Clipboard-2-3.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल. कूनो नेशनल पार्क का एरिया बढ़ाने की तैयारी चल रही है. जंगल के बाहरी भाग को विस्तारित करते हुए अब कूनो वन्यप्राणी वनमंडल का क्षेत्रफल बढ़ाया जाएगा. दरअसल कूनो नेशनल पार्क में आए विदेशी चीते कई बार जंगल को पार कर चुके हैं, यही वजह है कि इस...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल.&lt;/strong&gt; कूनो नेशनल पार्क का एरिया बढ़ाने की तैयारी चल रही है. जंगल के बाहरी भाग को विस्तारित करते हुए अब कूनो वन्यप्राणी वनमंडल का क्षेत्रफल बढ़ाया जाएगा. दरअसल कूनो नेशनल पार्क में आए विदेशी चीते कई बार जंगल को पार कर चुके हैं, यही वजह है कि इसका एरिया बढ़ाने का फैसला किया गया है. वन विभाग द्वारा कूनो वन मंडल का एरिया बढ़ाने का प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा गया है, अब जल्द ही इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी जाएगी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अभी कुल क्षेत्रफल 1250 वर्ग किमी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वर्तमान में कूनो वनमंडल का कुल एरिया 1250 वर्ग किलोमीटर है. ये पूरा संरक्षित क्षेत्र है. इसी 1250 वर्ग किमी के जंगल में से 748 वर्ग किलोमीटर के जंगल में कूनो नेशनल पार्क स्थापित है, जबकि बाकी जंगल को बफर जोन कहा जाता है. कूनो वनमंडल के 1250 वर्ग किमी एरिया में 550 वर्ग किलोमीटर का अतिरिक्त एरिया जोड़ा जा रहा है. जिसमें श्योपुर जिले के सामान्य वनमंडल का 250 वर्ग किलोमीटर का जंगल शामिल किया जा रहा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एरिया बढ़ाने की क्या है वजह?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रोजेक्ट चीता के तहत नामीबिया और साउथ अफ्रीका से कूनो पार्क में लाए चीते न केवल पार्क की सीमा से बाहर निकल रहे हैं, बल्कि बफर जोन पार कर कूनो वन्यप्राणी वनमंडल की सीमा से भी बाहर चले जाते हैं. यही वजह है कि कूनो वनमंडल के दोनों तरफ श्योपुर और शिवपुरी जिले के सामान्य वनमंडल के जंगल का एक बड़ा हिस्सा कूनो वनमंडल में मिलाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जो अतिरिक्त एरिया जोड़े जाने का प्रस्ताव है, उस क्षेत्र के जंगल में कूनो के चीते निकलकर पहुंच चुके हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एरिया बढ़ने से होगा ये फायदा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के लिए आपको बता दें कि अभी चीते कूनो वनमंडल से बाहर निकल जाने पर दूसरे वनमंडल की टीमों को बुलाने के लिए वनमंडल के अधिकारियों से बात करनी पड़ती है. ऐसे में ये अतिरिक्त क्षेत्र कूनो में शामिल होगा तो कूनो प्रबंधन सीधे हस्तक्षेप कर सकेगा. इसके साथ ही कूनो वनमंडल में अतिरिक्त एरिया जोड़े जाने के साथ ही इस क्षेत्र का स्टाफ भी कूनो को मिल जाएगा. जिससे मॉनिटरिंग को अतिरिक्त अमला मिल जाएगा. चीता पार्क की सीमा लांघकर बार-बार बाहर जा रहे थे, जिसके बाद केंद्रीय दल ने पार्क का एरिया बढ़ाने का सुझाव दिया था. वहीं एरिया कम होने से चीतों की शिफ्टिंग की चर्चाए भी चल रही थीं. आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में प्रोजेक्ट चीता के तहत नामीबिया और साउथ अफ्रीका से चीते लाए गए थे. इन चीतों में से अब तक कुल 9 चीतों की जान जा चुकी है, जिसके बाद से लगातार सभी की मॉनिटरिंग की जा रही है और हालातों में सुधार किया जा रहा है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: कूनो में चीतों की मौत पर सुनवाई बंद, केंद्र सरकार को मिली राहत</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/hearing-closed-on-the-death-of-cheetahs-in-kuno-the-central-government-got-relief/</link><pubDate>August 8, 2023, 1:25 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/Clipboard-79-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल. मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में लगातार हो रही चीतों की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ी राहत दी है. केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि चीतों को देश में बसाने में कुछ समस्याएं जरूर हैं, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में लगातार हो रही चीतों की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ी राहत दी है. केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि चीतों को देश में बसाने में कुछ समस्याएं जरूर हैं, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की दलील को स्वीकार करते हुए अब इस मामले की सुनवाई बंद कर दी है. बता दें कि कोर्ट ने केंद्र सरकार की दलीलों को स्वीकार करते हुए ये भी कहा कि भारत में चीतों को बसाने के प्रोजेक्ट पर सरकार से सवाल पूछने का कोई कारण अब बचा नहीं है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केंद्र सरकार ने ये कहा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने न्यायमूर्ति बी आर गवई की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ को बताया कि चीतों को बसाने के लिए बहुत सारी तैयारी की गई है. हर साल करीब 12 से 14 चीतों को लाया जाएगा. कुछ समस्याएं हैं लेकिन चिंताजनक जैसा कुछ भी नहीं है. वहीं चीतों की मौत को लेकर कुछ विशेषज्ञों ने चीतों पर इस्तेमाल की गई रेडियो कॉलर को भी कारण माना है. जबकि सरकार ने आरोपों को वैज्ञानिक सबूत के बिना और अफवाह के रुप में इसे खारिज कर दिया. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र के बयानों पर अविश्वास करने का कोई दूसरा कारण नहीं मिला. कोर्ट ने कहा कि इस परियोजना को न्यायपालिका के बजाय क्षेत्र के विशेषज्ञों के विवेक पर छोड़ देना चाहिए.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से किया आग्रह&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये केंद्र का विशेषाधिकार है कि वो विशेषज्ञों की राय को शामिल करे या नहीं. जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस प्रशांत मिश्रा की पीठ ने आदेश में कहा कि 11 एक्सपर्ट कमेटी काम कर रही है. इनमें चार विशेषज्ञ भी है. एक विशेषज्ञ प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है कि दुनिया भर में चीता संरक्षण के विशेषज्ञों से सलाह नहीं ली जा रही है. कोर्ट ने कहा कि किस विशेषज्ञ की राय को शामिल किया जाए ये केंद्र सरकार का विशेषाधिकार है. हम आग्रह करते हैं कि सरकार विशेषज्ञों की राय पर भी विचार करें.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये है पूरा मामला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय पार्क में एक साल के भीतर नौ चीतों की मौत हुई है. उनमें तीन शावक भी शामिल हैं. कूनो में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से 20 वयस्क चीतों को लाया गया था. तब से वहां चार शावकों का जन्म हो चुका है. 1952 में चीते देश से विलुप्त हो गए थे. चीता प्रोजेक्ट के तहत चीतों को फिर से मध्य प्रदेश के कूनो में बसाने की योजना शुरू की गई है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पेश किया हलफनामा, कुनो में चीतों के मौत की बताई वजह</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/the-government-presented-an-affidavit-in-the-supreme-court-stating-the-reason-for-the-death-of-cheetahs-in-kuno/</link><pubDate>August 2, 2023, 3:36 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/Untitled-design-18-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में चीतों की मौतों को लेकर लगातार तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं. अब इस मामले में केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय और नेशनल टाइगर कन्जर्वेशन अथॉरिटी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. इस एफिडेबिट...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल.&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में चीतों की मौतों को लेकर लगातार तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं. अब इस मामले में केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय और नेशनल टाइगर कन्जर्वेशन अथॉरिटी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. इस एफिडेबिट में कूनो में हो रही चीतों की मौत की साइंटिफिक वजह बताई गई है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मौत की वजह प्राकृतिक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि चीतों की मौत की वजह प्राकृतिक है. इनमें से किसी भी चीतों की मौत अप्राकृतिक वजहों से नहीं हुई है. हलफनामे में ये भी हवाला दिया गया कि किसी चीते की मौत शिकार, जहर, करंट लगने या सड़क पर किसी हादसे की वजह से नहीं हुई है. कूनो में किसी भी अनुपयुक्त कारणों की वजह से चीतों की मौत नहीं हुई है. वहीं चीतों की मौत को लेकर एक बड़ा साइंटिफिक कारण भी बताया गया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;साइंटिफिक कारण भी है मौत की वजह&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कोर्ट में दाखिल एफिडेविट में बताया गया है कि सामान्य साइंटिफिक अवेयरनेस यह कहता है कि इकोसिस्टम का अभिन्न हिस्सा कहे जाने वाले चीतों, खासकर एडल्ट चीतों में 50 प्रतिशत चीतों का सर्वाइवल रेट काफी कम है. NTCA ने अदालत को बताया कि 15 एडल्ट चीते और भारत में जन्मा एक शावक अभी भी वहां रह रहा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रोजेक्ट चीता पर चल रहा काम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कोर्ट में दाखिल हलफनामे में मंत्रालय द्वारा सुप्रीम कोर्ट से कहा गया है कि कूनो में रह रहे चीतों पर ध्यान रखा जा रहा है और एहतिहात के तौर पर उनका मेडिकल परीक्षण भी कराया जा रहा है. हलफनामे में कहा गया है कि पांच एडल्ट चीतों और तीन शावकों की कूनो नेशनल पार्क में मौत परेशान करने वाला है, लेकिन यह ज्यादा अनावश्यक रूप से चिंताजनक नहीं है. सुप्रीम कोर्ट में ये जानकारी दी गई है कि वाइल्डलाइफ, वन, सोशल साइंस, इकोलॉजी, पशु विज्ञान और अन्य विभागों की एक स्टेयरिंग कमेटी प्रोजेक्ट चीता पर काम कर रही है और इसे मॉनिटर भी कर रही है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: कुनो नेशनल पार्क के तीन और चीतों को जंगल में छोड़ा, अब संख्या हुई 6</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/mp-news-three-more-cheetahs-of-kuno-national-park-released-in-the-wild-now-the-number-is-6/</link><pubDate>May 20, 2023, 6:37 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/Clipboard-2023-05-20T120529.564-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल। दक्षिण अफ्रीका से कूनो नेशनल पार्क लाए गए चीतों में से तीन और चीतों को 19 मई यानी शुक्रवार शाम को बाड़े से खुले जंगल में छोड़ दिया गया है। इनमें एक मादा और दो नर चीते हैं। इस मामले को लेकर कूनो पार्क प्रबंधन ने 30 अप्रैल को चीता टास्क फोर...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; दक्षिण अफ्रीका से कूनो नेशनल पार्क लाए गए चीतों में से तीन और चीतों को 19 मई यानी शुक्रवार शाम को बाड़े से खुले जंगल में छोड़ दिया गया है। इनमें एक मादा और दो नर चीते हैं। इस मामले को लेकर कूनो पार्क प्रबंधन ने 30 अप्रैल को चीता टास्क फोर्स की बैठक बुलाई थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;तीन चीतों को जंगल में छोड़ा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि बैठक में यह फैसला लिया गया कि तीन मादा और दो नर सहित कुल पांच चीतों को खुले जंगल में छोड़ा जाएगा, जिसके तहत इन चीतों को खुले जंगल में आजाद किया गया है, जिन चीतों को खुले जंगल में छोड़ा गया है, उसमें मादा चीता गामिनी, नर चीते वायु और अग्नि शामिल हैं। अब खुले जंगल में चीतों की संख्या छह हो गई है। बता दें कि इससे पहले चार चीतों को खुले जंगल में छोड़ा गया था। इसमें शामिल पवन चीता के बार-बार कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकल जाने की आदत की वजह से उसे फिर से बाड़े में कैद कर दिया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;डीएफओ प्रकाश कुमार वर्मा ने दी जानकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;डीएफओ प्रकाश कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के निर्देश अनुसार, शुक्रवार शाम को एक मादा और दो नर सहित तीन चीतों को बाड़े से खुले जंगल में छोड़ा गया। बाड़े से खुले जंगल में छोड़े जाने से पहले चीतों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, अब बाकी दो चीतों को भी जल्द खुले जंगल में छोड़ दिया जाएगा। आगे उन्होंने बताया कि इससे पहले चार चीतों को खुले जंगल में छोड़ा गया था। इसमें शामिल पवन चीता के बार-बार कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकल जाने की आदत के कारण उसे फिर से बाड़े में कैद कर दिया गया है। अब खुले जंगल में चीतों की संख्या छह हो गई है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Breaking: कुनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत, पसंद नहीं आ रहा वातावरण !</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/mp-breaking-another-cheetah-died-in-kuno-national-park-not-liking-the-environment/</link><pubDate>May 9, 2023, 11:38 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/Clipboard-2023-05-09T170714.883-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत हो गई है. आपसी लड़ाई में चीता मारा गया. दक्षिण अफ्रीका के नामीबिया से लाए गये अब तक दो चीते मर चुके हैं. इसके अलावा छह साल के &amp;#8216;उदय&amp;#8217; की भी जान जा जुकी है. अब तक तीन चीते तो...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत हो गई है. आपसी लड़ाई में चीता मारा गया. दक्षिण अफ्रीका के नामीबिया से लाए गये अब तक दो चीते मर चुके हैं. इसके अलावा छह साल के &amp;#8216;उदय&amp;#8217; की भी जान जा जुकी है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अब तक तीन चीते तोड़ चुके दम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इससे पहले भी कूनो नेशनल पार्क में दो चीतों की मौत हो गई थी. इसमें से छह साल का उदय चीता जिसने पिछले महीने ही दम तोड़ दिया था. वहीं एक साउथ अफ्रीका के नामिबिया से लाए गए चीते साशा की भी मौत हो गई. कुल मिलाकर अब तक कूनो नेशनल पार्क में तीन चीते दम तोड़ चुके हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नामीबिया के दो चीतों की मौत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कूनो नेशनल पार्क में चीतों को बाड़े से बाहर खुले जंगल में छोड़ने की तैयारी की जा रही है. जून में मानसून की बारिश शुरू होने से पूर्व इन्हें छोड़ दिया जाएगा. बता दें कि अब तक नामीबिया से कूनो लाये गए दो चीतों की मौत हो चुकी है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चीतों को जंगल में छोड़ने की तैयारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कूनो नेशनल पार्क के सूत्रों के अनुसार जून के अंत तक साउथ अफ्रीका से लाए गए चीतों को सुरक्षित बाड़े से बाहर निकाल कर खुले जंगल में छोड़ने की तैयारी की जा रही है. 70 साल पहले विलुप्त हो चुके चीतों को भारत में आबाद करने के प्रयासों के तहत मध्य प्रदेश वन्यजीव प्राधिकरण कूनो नेशनल पार्क के मुक्त घूमने वाले क्षेत्रों में पांच और चीते को सेफ एनक्लोजर से छोड़ने के लिए तैयार हैं.&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>