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       <title>Today Cheetah Project in MP News | Latest Cheetah Project in MP News | Breaking Cheetah Project in MP News in English | Latest Cheetah Project in MP News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Cheetah Project in MP समाचार:Today Cheetah Project in MP News ,Latest Cheetah Project in MP News,Aaj Ka Samachar ,Cheetah Project in MP समाचार ,Breaking Cheetah Project in MP News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.mp.inkhabar.com/tag/cheetah-project-in-mp</link>
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        <copyright>MP Inkhabar</copyright>
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            <title>Inkhabar</title>
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        </image><item><title>Cheetah Day: अतंर्राष्ट्रीय दिवस चीता दिवस जंगल में छोड़े जाएंगे कूनो नेशनल पार्क के अग्नि और वायु</title><link>https://mp.inkhabar.com/desh-pradesh/cheetah-day-agni-and-vayu-of-kuno-national-park-will-be-released-in-the-forest-on-international-cheetah-day/</link><pubDate>December 2, 2024, 7:25 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/098-1.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>भोपाल। अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस के मौके पर कूनो नेशनल पार्क के चीतों को अब खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। पार्क के बड़े बाड़े में बंद चीतों को खुले जंगल में छोड़ने का समय आ गया है। अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस पर नर चीता जिसका नाम अग्नि और वायु है को जं...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस के मौके पर कूनो नेशनल पार्क के चीतों को अब खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। पार्क के बड़े बाड़े में बंद चीतों को खुले जंगल में छोड़ने का समय आ गया है। अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस पर नर चीता जिसका नाम अग्नि और वायु है को जंगल में छोड़ा जाएगा। इसके लिए तैयारी पूरी कर ली गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कूनों जंगल का क्षेत्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;चीतों को छोड़ने के दौरान चीता स्टीयरिंग कमेटी के सदस्यों के साथ कूनो पालपुर के सीनियर अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। पहले चीतों को जोड़े में छोड़ने की योजना थी, लेकिन फिलहाल नर चीतों को छोड़ा जाने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही अब पर्यटकों को चीते खुले जंगल में दिखाई देने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाएगी। वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक एक चीता के लिए लगभग 100 वर्ग किमी क्षेत्र काफी होता है। कूनो के जंगल का क्षेत्र लगभग 1200 वर्ग किमी का है। जिसमें 748 वर्ग किमी का मुख्य जोन में और 487 किमी बफर जोन बनाया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चीतों को बाड़े में रखा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;1 मार्च, 2023 को पहली बार चीता पवन और आशा को खुले जंगल में छोड़ा गया था। इसके कुछ ही दिन बाद ही चीता गौरव (एल्टन) और शौर्य (फ्रेडी) को जंगलों में छोड़ा गया था। इस दौरान कई बार चीते राजस्थान और मध्य प्रदेश के दूसरे जिलों तक पहुंच जाते थे। इन्हें ट्रैंकुलाइज करके वापस कूनो में लाया जाता। चीतों विशेषज्ञों के मुताबिक चीतों को बार-बार ट्रैंकुलाइज नहीं किया जाना चाहिए। कॉलर आईडी की रगड़ से गर्दन में हुए संक्रमण से हुई एक चीते की मौत के बाद बाहर घूम रहे सभी चीतों को सुरक्षित रखने के लिए बाड़े में बंद कर दिया गया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वनमंडल को सौंपी चीते की जिम्मेदारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इन्हीं कुछ शंकाओ के कारण चीतों को खुले जंगल में छोड़ने पर फैसला लंबे समय से टल रहा था। चीतों को खुले जंगल में छोड़ने से पहले निश्चित किया गया कि चीतों का मूवमेंट जिस राज्य या जिले में होगा तो उसके भोजन और निगरानी की जिम्मेदारी उस राज्य से संबंधित वनमंडल की होगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: क्या बदल सकता है कूनो नेशनल पार्क के चीतों का घर? केंद्रीय वन मंत्री ने दी जानकरी</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/what-can-change-the-home-of-cheetahs-of-kuno-national-park-union-forest-minister-gave-information/</link><pubDate>June 7, 2023, 4:44 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/06/download-1-2-300x272.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल: कूनो नेशनल पार्क में चीतों की मौत को लेकर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव ने श्योपुर स्तिथ कूनो नेशनल पार्क का दौरा किया है। दौरे के बाद केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि कूनों नेशनल पार्क में स्तिथि संतोषजनक है। इसलिए चीतों ...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;भोपाल:&lt;/strong&gt; कूनो नेशनल पार्क में चीतों की मौत को लेकर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव ने श्योपुर स्तिथ कूनो नेशनल पार्क का दौरा किया है। दौरे के बाद केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि कूनों नेशनल पार्क में स्तिथि संतोषजनक है। इसलिए चीतों को अभी कहीं और शिफ्ट नहीं किया जाएगा। बता दें कि कूनो नेशनल पार्क में 6 चीतों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव ने चीतों को लिए कूनो नेशनल पार्क की व्यस्था को संतोषजनक बताया है।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;अभी शिफ्टिंग की जरुरत नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;वन मंत्री ने दौरे के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा है कि “फिलहाल कूनो से चीतों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट नहीं किया जाएगा. चीता प्रोजेक्ट के प्रथम चरण का संतोष जनक रिजल्ट मिलने के बाद ही वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर दूसरे नेशनल पार्क में प्रोजेक्ट की शुरुआत की जायेगी। केंद्रीय मंत्री ने अपने इस दौरे के दौरान केंद्रीय वन मंत्री ने चीतों को नजदीक से देखा और अफसरों के साथ मीटिंग भी की। बता दें उन्होंने प्रोजेक्ट चिटा को कामयाब बनाने के लिए कूनो नेशनल पार्क के अधिकारीयों को निर्देश भी दिए।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;दो महीने में 3 चीतें और 3 शावकों की हुई मौत&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;यदि हम आंकड़ों पर ध्यान दें तो पिछले दो महीने के अंदर 3 चीतों और 3 शावकों की मौत हो चुकी है। 6 जून को केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र सिंह यादव का यह पहला दौरा है। उन्होंने चीता प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए चीता माॅनिटरिंग की ग्राउंड टीम के साथ बैठक की और चीता प्रोजेक्ट की सफलता को लेकर चर्चा भी की। अधिकारीयों ने बताया कि चीता प्रोजेक्ट चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है और उम्मीद से बेहतर परिणाम भी सामने आ रहे हैं। दें वर्तमान में खुले जंगल में 8 चीते मौजूद है जो अपना सामान्य व्यवहार दर्शा रहे हैं तो वहीं बड़े बाडे में 9 चीतों के बारे में भी अपडेट लेते हुए खुले जंगल में छोड़ने को लेकर रणनीति साझा की गई।&lt;/p&gt;
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