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       <title>Today Bhopal Gas Tragedy News | Latest Bhopal Gas Tragedy News | Breaking Bhopal Gas Tragedy News in English | Latest Bhopal Gas Tragedy News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Bhopal Gas Tragedy समाचार:Today Bhopal Gas Tragedy News ,Latest Bhopal Gas Tragedy News,Aaj Ka Samachar ,Bhopal Gas Tragedy समाचार ,Breaking Bhopal Gas Tragedy News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.mp.inkhabar.com/tag/bhopal-gas-tragedy</link>
        <lastBuildDate>April 22, 2026, 5:07 pm</lastBuildDate>
        <copyright>MP Inkhabar</copyright>
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        <language>hi</language>
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            <title>Inkhabar</title>
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        </image><item><title>पीथमपुर में जहरीले कचरे गायब होने की अफवाह से मचा बवाल, मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/rumors-of-disappearance-of-toxic-waste-in-pithampur-created-uproar-the-matter-reached-supreme-court/</link><pubDate>January 7, 2025, 2:49 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/toxic.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल। एमपी के धार जिले में स्थित पीथमपुर में शुक्रवार को हुए उपद्रव के बाद फिलहाल शांति बनी हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर अफवाहों का अंबार बना हुआ है। रविवार की सुबह पूरे क्षेत्र में यह अफवाह फैल गई कि भोपाल से आए 12 कंटेनर में से एक कंटेनर गाय...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; एमपी के धार जिले में स्थित पीथमपुर में शुक्रवार को हुए उपद्रव के बाद फिलहाल शांति बनी हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर अफवाहों का अंबार बना हुआ है। रविवार की सुबह पूरे क्षेत्र में यह अफवाह फैल गई कि भोपाल से आए 12 कंटेनर में से एक कंटेनर गायब हो गया है। इस अफवाह से क्षेत्र में एक बार फिर डर का माहौल है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अफवाहों पर ध्यान ना देने की अपील की&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रशासन ने तत्काल जनप्रतिनिधियों को भ्रमण करने को कहा, जिसके बाद वहां गायब कंटेनर वापस आ गया। पीथमपुर बचाओ समिति के संयोजक हेमंत हिरोले ने कहा कि व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य जगह यह अफवाह फैल चुकी है। पाया गया कि 11 कंटेनर हैं और एक कंटेनर गायब है। इस अफवाह को दूर करने के लिए एसडीएम और तहसीलदार समेत बाकी लोगों को बुलाया गया था। हम सभी ने वहां जाकर देखा तो कंटेनर था, साथ ही उस पर सील लगी हुई थी। उन्होंने जनता से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने को कहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वॉट्सपग्रुप पर गलत सूचना चल रही थी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं, एसडीएम प्रमोद सिंह गुजर ने कहा कि कुछ वॉट्सपग्रुप पर गलत सूचना चल रही थी कि एक कंटेनर कम पाया गया है। हमने जनप्रतिनिधि को दौरान करने के लिए भेजा है। सभी ने देखा कि कंटेनर कही गायब नहीं है। मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। वहीं 40 साल पहले यानी 1984 में यूनियन कार्बाइड कारखाने में खतरनाक गैस मिथाइल आइसोनेटे लीक होने से 8 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पीथमपुर के लोगों से कोई सलाह नहीं ली&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं हजारों लोग प्रभावित होकर अपंगता और अंधेपन का शिकार हो गए थे। सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर यूनियन कार्बाइड के खतरनाक कचरे को पीथमपुर में जलाने पर रोक लगाने की गुहार लगाई गई है। याचिका में कहा गया है कि यूनियन कार्बाइड के खतरनाक कचरे को भोपाल से पीथमपुर ले जाने का फैसला लेते समय पीथमपुर के लोगों से कोई सलाह या सहमति नहीं ली गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पीथमपुर में रहने वालों को रेडिएशन का खतरा हो सकता है, अगर ऐसा होता है तो पीथमपुर में उचित मेडिकल फैसिलिटी भी उपस्थित नहीं हैं। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>भोपाल गैस ट्रेजेडी का कचरा जलाने पर हंगामा, लोगों का प्रदर्शन जारी, पुलिस ने किया लाठीचार्ज</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/uproar-over-burning-of-garbage-of-bhopal-gas-tragedy-peoples-protest-continues-police-lathicharged/</link><pubDate>January 3, 2025, 6:54 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/download-29-300x240.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल: राजधानी भोपाल में 40 साल पहले हुई गैस त्रासदी के जहरीले कचरे को जलाने का सिलसिला अब शुरू हो रहा है. इस कचरे को धार के पीथमपुरा में ले जाकर निस्तारित करने का फैसला किया गया है। हालांकि, इसे लेकर राज्य में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन चल रहा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल:&lt;/strong&gt; राजधानी भोपाल में 40 साल पहले हुई गैस त्रासदी के जहरीले कचरे को जलाने का सिलसिला अब शुरू हो रहा है. इस कचरे को धार के पीथमपुरा में ले जाकर निस्तारित करने का फैसला किया गया है। हालांकि, इसे लेकर राज्य में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन चल रहा है. यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से धार के पीथमपुर तक इस जहरीले कचरे के परिवहन का प्रदेश की जनता विरोध कर रही है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हिंसक बन गया प्रदर्शन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि यह विरोध प्रदर्शन अभी हिंसक बन गया है. आज शुक्रवार (3 जनवरी) सुबह लोगों को तितर-बितर करने के लिए एमपी पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. गौरतलब है कि भोपाल की कार्बाइड फैक्ट्री में हुई गैस त्रासदी अब तक की सबसे भीषण त्रासदियों में से एक रही है. 2-3 दिसंबर 1984 की रात हुई इस त्रासदी में करीब 5 हजार लोगों की जान चली गई, जबकि कई लोग मानसिक और शारीरिक रूप से विकलांग हो गए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;40 साल बाद कचरे को खत्म करने का फैसला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अब 40 साल बाद सरकार और प्रशासन ने फैक्ट्री के जहरीले कचरे को खत्म करने का फैसला किया है और तय किया है कि इस कचरे को धार के पीथमपुरा में जलाया जाएगा. वहीं, लोग मांग कर रहे हैं कि इस जहरीले कचरे को पीथमपुरा में नष्ट न किया जाए, क्योंकि उन्हें डर है कि इसका पर्यावरण पर और सीधे तौर पर जानवरों पर नकारात्मक असर पड़ेगा. इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भी बयान आया है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Disposed: भोपाल गैस त्रासदी के जहरीले का अब होगा निपटारा, कचरे को किया जाएगा शिफ्ट</title><link>https://mp.inkhabar.com/states/disposed-bhopal-gas-tragedys-toxic-material-will-now-be-disposed-of-waste-will-be-shifted/</link><pubDate>January 1, 2025, 7:57 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/tragedy-300x169.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>भोपाल। चार दशक लंबे इंतजार के बाद गैस त्रासदी के जहरीले कचरे को अब समाप्त करने की तैयारी पूरी हो गई है। भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के गोदाम में रखे 337 मीट्रिक टन जहरीले कचरे की पैकेजिंग जारी है। एक्सपर्ट टीम की निगरानी में 12 कंटेनर में...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; चार दशक लंबे इंतजार के बाद गैस त्रासदी के जहरीले कचरे को अब समाप्त करने की तैयारी पूरी हो गई है। भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के गोदाम में रखे 337 मीट्रिक टन जहरीले कचरे की पैकेजिंग जारी है। एक्सपर्ट टीम की निगरानी में 12 कंटेनर में कचरे को पैक किया जा रहा है। एक कंटेनर में एवरेज 30 टन कचरा भरा जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;250 किलोमीटर में ग्रीन कॉरिडोर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कचरे को ले जाने 250 किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा। यह कॉरिडोर भोपाल से पीथमपुर के बीच बनाया जाएगा। 200 से ज्यादा मजदूर कचरा भरने के काम में लगे हुए हैं। इस काम के लिए 8 घंटे की बजाय केवल 30 मिनट ही लिए जाएंगे। शिफ्ट कर रहे मजदूरों की जेब में ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग मशीन रखी गई है। हर मजदूर PPE किट और दस्ताने पहनकर कचरा भरने का काम कर रहा है। फैक्ट्री से कंटेनर निकलने के बाद करोंद मंडी होते हुए करोंद चौराहा पहुंचेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कंटेनर पीथमपुर के लिए रवाना होगा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जहां से गांधीनगर से सीधे फंदा टोल नाका के आगे इंदौर बायपास से होते हुए पीथमपुर के लिए रवाना हो जाएंगे। देर रात ग्रीन कॉरिडोर में कचरे के कंटेंनर को आगे के लिए रवाना किया जाएगा। यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के आसपास के इलाके को सील कर दिया गया है। कचरे की पेकेजिंग और एक्सपर्ट टीम को ही केवल अंदर जाने की अनुमति है। फैक्ट्री के अंदर एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम को तैनात किया है। जहरीला कचरा भरने के कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए एंबुलेंस की गाड़ी लगाई गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कई विभागों के कर्मचारी मौजूद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कचरा ले जाने वाले सभी कंटेनरो पर एक यूनिक नंबर अंकित होगा। इससे पुलिस और प्रशासन के अधिकारी इनकी पहचान आसानी से कर पाएंगे। इसके लिए जिले की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट किया गया है। कड़ी सुरक्षा के बीच कंटेनरो को भरने का काम किया जा रहा है। कारखाने के अंदर 100 पुलिसकर्मियों समेत 400 से ज्यादा जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित होंगे।&lt;/p&gt;
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