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       <title>Today assembly election News | Latest assembly election News | Breaking assembly election News in English | Latest assembly election News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का assembly election समाचार:Today assembly election News ,Latest assembly election News,Aaj Ka Samachar ,assembly election समाचार ,Breaking assembly election News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.mp.inkhabar.com/tag/assembly-election</link>
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        </image><item><title>MP Politics: जानें कमलनाथ के गढ़ का चुनावी इतिहास, इस बार किसके पक्ष में होगा परिणाम</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/know-the-election-history-of-kamal-naths-stronghold-this-time-the-result-will-be-in-whose-favor/</link><pubDate>September 30, 2023, 5:13 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/Clipboard-15-2.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. अगर आप राजनीति में रुचि रखते हैं तो छिंदवाड़ा का नाम सुनते ही आपके दिमाग में सबसे पहले नाम आता है कमलनाथ का और खास बात ये है कि वर्तमान में इस विधानसभा सीट से विधायक हैं, इसलिए ये राज्य की सबसे वीआईपी सीटों में से एक है. इस सीट पर पिछले ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;अगर आप राजनीति में रुचि रखते हैं तो छिंदवाड़ा का नाम सुनते ही आपके दिमाग में सबसे पहले नाम आता है कमलनाथ का और खास बात ये है कि वर्तमान में इस विधानसभा सीट से विधायक हैं, इसलिए ये राज्य की सबसे वीआईपी सीटों में से एक है. इस सीट पर पिछले कुछ चुनावों की बात करें तो वोर्टस ने कांग्रेस और बीजेपी दोनों का बटन दबाया है तो आइए जानते हैं इस सीट के आंकड़े, समीकरण और इतिहास.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानिए पिछले कुछ चुनावों का परिणाम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;छिंदवाड़ा विधानसभा सीट पर पिछले चार चुनावों में, कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा सामने आई है. 2008 के चुनाव में, कांग्रेस के दीपक सक्सेना 64,740 वोटों के साथ विजयी हुए, उन्होंने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा के चौधरी चंद्रभान सिंह को हराया था. यहां मुकाबला बहुत करीबी था. दीपक सक्सेना ने 3,444 वोटों से जीत हासिल की थी. वहीं, 2013 के चुनाव में, भाजपा के चौधरी चंद्रभान सिंह ने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी, कांग्रेस के दीपक सक्सेना की तुलना में 24,778 अधिक वोट प्राप्त करके, अधिक अंतर से सीट जीती थी. 2018 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो कांग्रेस के दीपक सक्सेना ने एक बार फिर 50% वोट शेयर हासिल करते हुए 104,034 वोटों के साथ जीत दर्ज की. जबकि, उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा के चौधरी चंद्रभान सिंह को 89, 487 वोट मिले, जिसके चलते सक्सेना की जीत का अंतर 14,547 वोटों का रहा. हालांकि, 2018 में कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद दीपक सक्सेना ने ये कमलनाथ के लिए छोड़ दी. जिसके बाद 2019 के उपचुनाव में कमलनाथ ने 1,14,459 वोट पाकर बड़ी जीत हासिल की थी. उन्होंने बीजेपी के विवेक बंटी साहू को 25, 837 वोटों के अंतर से हराया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये है सियासी इतिहास&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;छिंदवाड़ा के सियासी इतिहास की बात करें तो राजनीतिक परिदृश्य में पिछले कुछ वर्षों में BJP और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखी गई है. 1972 से 1993 तक कांग्रेस का दबदबा रहा, 1990 में थोड़ी रुकावट आई जब भाजपा ने यह सीट जीत ली. कांग्रेस के दीपक सक्सेना ने 1993 में इस सीट पर दोबारा कब्जा किया और 2008 और 2018 में भी इस पर जीत हासिल. वहीं, इससे पहले 2013 में, भाजपा के चंद्रभान सिंह चौधरी ने जीत हासिल की थी. 2019 के उपचुनाव में कमल नाथ ने ये सीट जीतकर अपने नाम की थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;SC-ST वोटर्स तय करते हैं हार-जीत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं छिंदवाड़ा विधानसभा सीट पर जनता एक-एक बार बीजेपी और कांग्रेस को मौका देती रही है. खास बात यह है कि यहां किसी भी उम्मीदवार की जीत में एसटी और एससी मतदाता अहम भूमिका निभाते हैं. जो इस निर्वाचन क्षेत्र में नतीजे तय करते हैं. साथ ही गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और बसपा की उपस्थिति इस विधानसभा सीट पर है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: शिवपुरी विधानसभा सीट पर नहीं पड़ता जातीय समीकरण का कोई असर</title><link>https://mp.inkhabar.com/election/caste-equation-has-no-impact-on-shivpuri-assembly-seat/</link><pubDate>September 25, 2023, 12:47 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/Clipboard-3-2-300x169.jpg</image><category>चुनाव</category><excerpt>भोपाल. एमपी में बीजेपी-कांग्रेस सत्ता पर अपना कब्जा जमाने के लिए पूरे दमखम के साथ लगी हुई हैं. ऐसे में खबरें सामने आ रही है कि अगले महीने चुनाव की तारीख तय हो सकती है. वहीं विधानसभा चुनाव के रंग में रंगी पार्टियां दावेदारों के आंकड़ें खंगाल रही...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;एमपी में बीजेपी-कांग्रेस सत्ता पर अपना कब्जा जमाने के लिए पूरे दमखम के साथ लगी हुई हैं. ऐसे में खबरें सामने आ रही है कि अगले महीने चुनाव की तारीख तय हो सकती है. वहीं विधानसभा चुनाव के रंग में रंगी पार्टियां दावेदारों के आंकड़ें खंगाल रही हैं. तो आइये अब समझते हैं कि 25 साल से बीजेपी के कब्जे में बनी हुई शिवपुरी विधानसभा के बारे में, जहां राजघराने का ही प्रभाव रहा है. शिवपुरी में जब से यशोधरा राजे सिंधिया की एंट्री हुई तब से बीजेपी कभी नहीं हारी. तो चलिए अब जानते हैं शिवपुरी विधानसभा के सियासी और जातीय समीकरण के बारे में.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;25 साल से बीजेपी की पकड़&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ऐसा कहा जाता है कि शिवपुरी में सिंधिया राजघराने का ही वर्चश्व रहा है. 1980 और 1985 में यहां माधव राव सिंधिया के करीबी रहे गणेश गौतम ने जीत दर्ज की थी. उसके बाद यहां राजघराने के सदस्य की बीजेपी के टिकट पर सीधी एंट्री होती है और तब से लेकर आज तक बीजेपी यहां से नहीं हारी. हालांकि, बीच में 5 साल के लिए जब यशोधरा राजे सिंधिया सांसद बनी तो बीजेपी ने दूसरा उम्मीदवार उतारा, फिर उन्होंने भी जीत हासिल की. इसी कारण कहा जाता है कि शिवपुरी में राजघराने ने बीजेपी की पकड़ मजबूत की है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राजनीतिक इतिहास&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;चुनावी इतिहास की बात की जाए तो 1998 में यशोधरा राजे सिंधिया ने हरिवल्लभ शुक्ला को 7300 वोटों से हराया, 2003 में दूसरी बार राजे ने गणेशराम गौतम को करीब 25 हजार मतों से हराया, 2008 में बीजेपी के माखनलाल राठौर ने वीरेंद्र रघुवंशी को 1751 मतों से मात दी, 2013 में राजे एक बार फिर लौटीं और वीरेंद्र रघुवंशी को करीब 11,145 वोटों से हराया, 2018 में यशोधरा राजे सिंधिया ने कांग्रेस के सिद्धार्थ लाडा को 28,748 वोटों से पराजित किया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जातीय समीकरण नहीं डालते प्रभाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शिवपुरी विधानसभा सीट में सिंधिया घराने के प्रभाव की वजह से जातीय आंकड़े ज्यादा प्रभावित नहीं करते. ऐसा कहा जाता है कि परिवार का सदस्य होने के कारण अभी तक कांग्रेस यहां से तगड़ा प्रत्याशी भी नहीं उतारती थी. वैसे जातियों के प्रभाव के बारे में देखा जाए तो सबसे ज्यादा वैश्य वोटर्स उसके बाद आदिवासी वोटर्स हैं. इनकी संख्या 50 हजार के आसपास है. वहीं 20 हजार के आसपास ब्राह्मण वोटर्स हैं.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: गुना सीट पर इस बार कांग्रेस-बीजेपी किसे देगी मौका? इन नामों पर लग रहे कयास</title><link>https://mp.inkhabar.com/election/whom-will-congress-bjp-give-a-chance-on-guna-seat-this-time-there-are-speculations-on-these-names/</link><pubDate>September 25, 2023, 11:29 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/Clipboard-2-3-300x169.jpg</image><category>चुनाव</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में सूबे की दोनों बड़ी पार्टियां बीजेपी और कांग्रेस सत्ता में आने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही हैं. 5 साल बाद फिर से प्रदेश की जनता को अपने पसंद का उम्मीदवार चुनने का मौका मिलेगा. एमपी की 230 विध...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में सूबे की दोनों बड़ी पार्टियां बीजेपी और कांग्रेस सत्ता में आने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही हैं. 5 साल बाद फिर से प्रदेश की जनता को अपने पसंद का उम्मीदवार चुनने का मौका मिलेगा. एमपी की 230 विधानसभा सीटों में से एक है गुना विधानसभा सीट. चंबल अंचल में आने वाली गुना विधानसभा सीट सूबे की महत्वपूर्ण सीट है. 2018 में बीजेपी के प्रत्याशी गोपीलाल जाटव ने कांग्रेस के चंद्र प्रकाश अहिरवार को भारी मतों के अंतर से हराया था. लेकिन इस बार क्या होगा ये तो परिणामों के बाद ही पता चलेगा. तो चलिए अब बात करते है गुना सीट के सियासी समीकरणों की.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2018 में पड़े थे 57 प्रतिशत वोट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के अनुसार गुना विधानसभा में करीब 2 लाख से ज्यादा मतदाता है. जिसमें पुरूष वोटर्स की संख्या लगभग एक लाख तो वहीं महिला वोटर्स भी करीब एक लाख से अधिक है. ये आंकड़े 2018 के विधानसभा चुनाव के अनुसार है. ये मतदाता तय करेंगे कि गुना में इस बार कौन बाजी मारेगा. आपको बता दें कि पिछले चुनाव में कुल 57 प्रतिशत वोट पड़े थे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बीजेपी-कांग्रेस के बीच होती है टक्कर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गुना विधानसभा सीट के सियासी ताने बाने पर गौर करें तो यह पूरा शहरी क्षेत्र हैं, बीजेपी कांग्रेस के अलावा यहां बीएसपी का भी वोट बैंक माना जाता है. लेकिन चुनाव आते-आते इस वोट बैंक में बिखराव भी दिखता है. इस बार भी यहां बीएसपी जोर लगा रही है, ऐसे में मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद लगाई जा रही है. जानकारी के लिए आपको बता दें कि गुना से गोपीलाल जाटव विधायक हैं. उन्होंने 2018 में कांग्रेस के चंद्र प्रकाश अहिरवार को 33,667 वोटों के अंतर से हराया था&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गुना का राजनीतिक इतिहास&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;तो चलिए अब एक नजर गुना के राजनीतिक इतिहाल पर डालते हैं. 1977 में JNP के धर्मस्वरूप सक्सेना, 1980 में कांग्रेस के शिव प्रताप सिंह, 1985 में कांग्रेस के शिवप्रताप सिंह, 1990 में BJP के भाग चंद्र सोगानी, 1993 में कांग्रेस के शिव प्रताप सिंह, 1998 में कांग्रेस के शिव प्रताप सिंह, 2003 में BJP के कन्हैया लाल अग्रवाल, 2008 में भारतीय जन शक्ति के राजेंद्र सिंह सलूजा, 2013 में BJP के पन्नालाल शाक्य और 2018 में BJP के गोपीलाल जाटव 33, 667 वोटों से जीतें थे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस बार किसी तीसरे को मिलेगा मौका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;फिलहाल ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार के चुनाव में बीजेपी-कांग्रेस किसी और को मौका दे सकती हैं. बीजेपी में जाटव के साथ-साथ नीरज निगम, पूर्व विधायक पन्ना लाल शाक्य, अनूसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश मंत्री सुनील मालवीय और चंद्रप्रकाश अहिरवार का नाम आ रहा हैं तो वहीं कांग्रेस से वरिष्ठ नेता कन्हैयाराम अहिरवार, हरिओम खटीक और वीरू खटीक का नाम आ रहा है. अब देखते हैं कि दोनों ही दल किसे मौका देते है और जनता किसे चुनती हैं. वहीं बीजेपी विधायक गोपीलाल जाटव के अनुसार क्षेत्र में कई काम हुए हैं. गुना में इस बार टिकट बदलाव होने के आसार साफ दिख रहे हैं. जाटव भी मानकर चल रहे हैं कि किसी नए दावेदार को टिकट मिलना तय है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: देवतालाब विधानसभा में 25 सालों से खिल रहा कमल, इस बार क्या रहेगा माहौल</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/lotus-has-been-blooming-in-devtalab-assembly-for-25-years-what-will-be-the-atmosphere-this-time/</link><pubDate>September 24, 2023, 1:04 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/dsfarh.JPG-300x169.jpg</image><category>चुनाव</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. इससे पहले दलबदल और दावेदारी का दौर शुरू हो गया है. मऊगंज की VIP सीट देवतालाब से गिरीश गौतम विधायक हैं. देवतालाब की सबसे खास बात ये है कि यहां 25 साल से बीजेपी का कब्जा है. कांग्रेस ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल.&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. इससे पहले दलबदल और दावेदारी का दौर शुरू हो गया है. मऊगंज की VIP सीट देवतालाब से गिरीश गौतम विधायक हैं. देवतालाब की सबसे खास बात ये है कि यहां 25 साल से बीजेपी का कब्जा है. कांग्रेस 1985 में आखिरी बार यहां से चुनाव जीती थी. इसके बाद वो नंबर दो पर भी नहीं आ पाई. 1985 के बाद 2 बार बीएसपी और 5 बार से बीजेपी यहां से जीती है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सियासी समीकरण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;देवतालाब के सियासी समीकरण की बात करें तो विंध्य की ये सीट भी सामान्य वर्ग के वर्चस्व वाली है. लेकिन, OBC/ST/SC मिलाकर ये आंकड़ा 50 के पार हो जाता है. ऐसे में जीत उसी की होती है जिसके पक्ष में सामान्य या OBC वोट करते हैं. आंकड़ों पर गौर किया जाए तो OBC 34 फीसदी, सामान्य के 34 फासदी वोट हैं. इसके अलावा 18 फीसदी एससी और 10 फीसदी एसटी वोटर हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2018 का चुनावी परिणाम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अब गौर करते है 2018 के चुनावी परिणाम पर, बता दें कि विधानसभा चुनाव 2018 में यहां बीजेपी ने कब्जा जमाया था. ऐसा भाजपा ने लगातार 5वीं बार किया था. हालांकि, अंतर बहुत ज्यादा नहीं था. यहां से बीजेपी के गिरीश गौतम ने बीसपी की सीमा जयवीर को 1080 मतों से हराया था. इसके बाद गिरीश गौतम को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने के बाद ये सीट VIP हो गई.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;25 साल से बीजेपी के कब्जे में है सीट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पिछले कुछ चुनावों को देखा जाए तो यहां से कांग्रेस जब से हार रही है तब से दूसरे नंबर पर भी नहीं आ पा रही है. आखिरी बार 1985 में कांग्रेस ने देवतालाब से जीत हासिल की थी. इसके बाद दो बार BSP ने यहां कब्जा जमाया. अब 1998 से अभी तक यहां बीजेपी का कब्जा है. इसमें 2008 से अभी तक 3 चुनावों में गिरीश गौतम ने जीत हासिल की है. इससे पहले 1998 और 2023 में बीजेपी के ही पंचू लाल प्रजापति यहां से विधायक रहे. 1990 और 93 में बीएसपी के जयकरण और उससे पहले 1985 में कांग्रेस के बिंद्रा और 1980 में रामखेलवान ने जीत हासिल की थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2023 में कौन मारेगा बाजी?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;देवतालाब में OBC और सामान्य वर्ग की हिस्सेदारी बराबर की है. मुकाबला ज्यादातर बीएसपी और बीजेपी के बीच में ही होता आया है. अगर इस बार कांग्रेस ने यहां से कड़ी टक्कर दी तो मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है. हालांकि, ये तो जनता पार्टियों के प्रत्याशी जानने के बाद ही तय करेगी कि देवतालाब से भोपाल का सफर किसे कराना है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Assembly Election 2023: जानिए पाटन विधानसभा का जातीय समीकरण</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/know-the-caste-equation-of-patan-assembly/</link><pubDate>September 24, 2023, 12:19 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/Clipboard-59-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के पाटन विधानसभा क्षेत्र में पिछले कुछ चुनावों में भाजपा और कांग्रेस को जनता ने बारी-बारी मौका दिया और यहां पर दिलचस्प मुकाबला हुआ है. पाटन विधानसभा की बात करें तो यहां भारतीय जनता पार्टी के नेता अजय विश्नोई वि...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल.&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के पाटन विधानसभा क्षेत्र में पिछले कुछ चुनावों में भाजपा और कांग्रेस को जनता ने बारी-बारी मौका दिया और यहां पर दिलचस्प मुकाबला हुआ है. पाटन विधानसभा की बात करें तो यहां भारतीय जनता पार्टी के नेता अजय विश्नोई विधायक हैं. 2018 में अजय विश्नोई ने यहां से कांग्रेस के तत्कालीन विधायक नीलेश अवस्थी को चुनाव में हराया था. आपको बता दें कि इससे पहले 2013 के चुनाव में अजय विश्नोई को यहां से कांग्रेस के नीलेश अवस्थी ने हराया था, तो चलिए यहां कि सीट का विश्लेषण करते हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अजय विश्नोई हैं विधायक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि पाटन विधानसभा से वर्तमान विधायक भाजपा के अजय विश्नोई हैं. उन्होंने 2018 के चुनाव में कांग्रेस के तत्कालीन विधायक नीलेश अवस्थी को हराकर सीट जीती थी. 2018 में अजय विश्नोई की जीत से पहले 2013 के चुनाव में कांग्रेस के नीलेश अवस्थी ने इस सीट पर जीत हासिल की थी. वहीं 2008 के चुनाव में अजय विश्नोई ने बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए जीत हासिल की थी. आपको बता दें कि मौजूदा बीजेपी विधायक अजय विश्नोई कई मुद्दों पर अपनी ही सरकार के खिलाफ मुखर रहते हैं. उन्होंने हाल ही में शिवराज सरकार के कैबिनेट विस्तार पर भी सवाल उठाए थे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कांग्रेस-बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पाटन विधानसभा क्षेत्र में हाल के वर्षों में भाजपा और कांग्रेस के बीच आर-पार की लड़ाई देखी गई है. कांग्रेस के नीलेश अवस्थी 2013 में जीतने में कामयाब रहे, लेकिन भाजपा के अजय विश्नोई ने 2018 में जीत हासिल की, जिससे सीट वापस भाजपा की झोली में आ गई.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2018 के चुनाव परिणाम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;2018 के चुनाव परिणाम की बात करें तो बीजेपी से अजय विश्नोई ने 100,443 वोटों के साथ जीत दर्ज की थी. वहीं कांग्रेस से नीलेश अवस्थी को 73,731 वोटों के साथ हार का सामना करना पड़ा था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कुल जनसंख्या 3,33,357&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं जातीय समीकरण पर नजर डाले तो पाटन विधानसभा क्षेत्र की कुल जनसंख्या 3,33,357 है, जिसमें मतदाताओं की संख्या 2,35,000 है. कुल जनसंख्या का 85.94% ग्रामीण निवासी हैं, जबकि 14.06% शहरी क्षेत्रों में रहते हैं. आबादी में, 15.77% आदिवासी मूल के हैं और 16.95% दलित समुदाय से हैं. 2013 के विधानसभा चुनाव में 77.63% मतदान हुआ था. गौरतलब है कि इस निर्वाचन क्षेत्र में किसी एक जाति का बहुमत नहीं है. कटंगी क्षेत्र में कम जनसंख्या में मुस्लिम उपस्थिति के साथ राजपूत ठाकुर, ब्राह्मण, बनिया, लोधी कुर्मी और जैन समुदाय सह-अस्तित्व में हैं.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Assembly Election: इस दिन जारी हो सकती है एमपी बीजेपी के उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/second-list-of-mp-bjp-candidates-may-be-released-on-this-day/</link><pubDate>September 12, 2023, 9:19 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/Clipboard-27-1-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनावों को लेकर हलचल तेज है. सभी को उम्मीदवारों के नामों का बेसब्री से इंतजार है. बीजेपी ने पहली लिस्ट जारी कर 39 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है. जल्द ही दूसरी लिस्ट के उम्मीदवारों के नामों का ऐलान होने ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल.&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनावों को लेकर हलचल तेज है. सभी को उम्मीदवारों के नामों का बेसब्री से इंतजार है. बीजेपी ने पहली लिस्ट जारी कर 39 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है. जल्द ही दूसरी लिस्ट के उम्मीदवारों के नामों का ऐलान होने वाला है. बीजेपी उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बैठक बुलाई, जिसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत प्रदेश के कई नेता शामिल हुए और उम्मीदवारों के नामों पर मंथन किया गया.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बैठक में ये नेता रहे शामिल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर पर मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ी बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ, सीएम शिवराज, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा मौजूद रहे. जेपी नड्डा के आवास पर बीजेपी नेताओं की बैठक आयोजित की गई. जानकारी के अनुसार इस दौरान मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में उम्मीदवारों के नामों को लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने लंबा मंथन किया. दिल्ली में आलाकमान के साथ करीब 4 घंटे तक सीएम शिवराज समेत बीजेपी नेताओं की बैठक चली.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;17 अगस्त को जारी हुई थी पहली लिस्ट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के मुताबिक 13 सितंबर के बाद बीजेपी के उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट आ सकती है. दूसरी सूची में बीजेपी हारी हुई 64 सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर सकती है. बता दें कि 17 अगस्त को बीजेपी ने अपनी पहली लिस्ट घोषित की थी, जिसमें पार्टी ने 39 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया था.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: पटवारी भर्ती घोटाले पर केंद्रीय मंत्री कुलस्ते ने दिया जवाब- आजकल बच्चे बहुत परिश्रम करते हैं</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/union-minister-kulaste-replied-on-patwari-recruitment-scam-nowadays-children-work-very-hard/</link><pubDate>July 16, 2023, 4:56 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/Clipboard-74-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. पटवारी भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े को लेकर मध्य प्रदेश में हंगामा हो रहा है. इस मामले में अब केंद्रीय इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते का बयान सामने आया है. फग्गन सिंह कुलस्ते मंडला में एक कार्यक्रम के लिए पहुंचे...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;पटवारी भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े को लेकर मध्य प्रदेश में हंगामा हो रहा है. इस मामले में अब केंद्रीय इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते का बयान सामने आया है. फग्गन सिंह कुलस्ते मंडला में एक कार्यक्रम के लिए पहुंचे थे, इस दौरान उन्होंने पटवारी परीक्षा में फर्जीवाड़ों के आरोपों पर जवाब देते हुए इन आरोपों को निराधार बताया.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आरोपों को बताया निराधार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;फग्गन सिंह कुलस्ते ने पटवारी परीक्षा में फर्जीवाड़े को लेकर कहा कि ‘बच्चे यदि किसी विद्यालय, संस्था या सेंटर में एग्जाम दिए हैं और अगर उनके अच्छे रैंक आए हैं तो उसमें कोई आपत्ति नहीं है. क्योंकि आजकल बच्चे बहुत परिश्रम करते हैं, ऐसे आरोपों से बच्चों का मनोबल गिरता है.’फग्गन सिंह कुलस्ते ने पटवारी परीक्षा पर लग रहे घोटाले के आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए क्लीन चिट दे दी है. उन्होंने कहा कि घोटाले या गड़बड़ी का आरोप बिलकुल निराधार है. आजकल के बच्चे बहुत इंटेलिजेंट है, वो बहुत मेहनत करते हैं. किसी संस्था या सेंटर के बच्चों की अच्छी रैंकिंग आने पर सवाल करने से बच्चों का भी मनोबल गिरता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नरेंद्र सिंह तोमर पर दी प्रतिक्रिया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति का संयोजक बनाए जाने पर भी फग्गन सिंह कुलस्ते ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह हमारी पार्टी की व्यवस्था है और उस व्यवस्था में सबको साथ रहना पड़ता है. सब मिलकर साथ काम करेंगे और पार्टी को जिताने के लिए सरकार बनाने के लिए भी प्रयास करेंगे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नर्सिंग स्टाफ से भी की बातचीत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं मंडला में नर्सिंग स्टाफ का विरोध प्रदर्शन भी चल रहा था. इस दौरान केंद्रीय मंत्री कुलस्ते ने नर्सिंग स्टाफ से भी बातचीत की. इस्पात मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि “उनकी जो भी डिमांड है उसको शासन को भेजेंगे और जो करने लायक है, उस पर विचार सरकार करेगी. मैंने केवल इतना ही कहा है कि जो भी आप की डिमांड है उस पर शासन निर्णय लेगी.”&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह का आरोप- DGP से लेकर SP तक मेरा फोन नहीं उठाते हैं</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/leader-of-opposition-govind-singhs-allegation-from-dgp-to-sp-do-not-pick-up-my-phone/</link><pubDate>July 4, 2023, 11:08 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/Clipboard-23-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह का दर्द सामने आया है. उन्होंने खुलासा किया कि प्रदेश के पुलिस अधिकारी उनका फोन नहीं उठाते हैं. वे विधानसभा के अगले सत्र में इस मुद्दे को उठाएंगे. गोविंद सिंह इंदौर और ग्वा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह का दर्द सामने आया है. उन्होंने खुलासा किया कि प्रदेश के पुलिस अधिकारी उनका फोन नहीं उठाते हैं. वे विधानसभा के अगले सत्र में इस मुद्दे को उठाएंगे. गोविंद सिंह इंदौर और ग्वालियर में हाल ही के कुछ दिनों में हुई चेन स्नेचिंग की घटनाओं पर बोल रहे थे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गोविंद सिंह का अधिकारियों पर आरोप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गोविंद सिंह ने कहा कि &amp;#8220;एमपी में अधिकारियों की मनमानी चल रही है. मेरी भी सुनवाई नहीं है. DGP से लेकर कलेक्टर, SP तक मेरा फोन नहीं उठाते हैं. मैं विधानसभा में यह मुद्दा उठाऊंगा.&amp;#8221; नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एमपी में कानून व्यवस्था लचर है. गुंडे बदमाश एक्टिव हैं. गुंडे बदमाश कानून व्यवस्था का मखौल उड़ा रहे हैं. गोविंद सिंह यहीं नहीं रुके उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार आने पर एक-एक अनसुनी करने वाले अधिकारियों को लिस्ट अनुसार बख्शा नहीं जाएगा.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि इंदौर में युवती के साथ सड़क पर चैन स्नैचिंग हो रही है. आईएएस अधिकारी की पत्नी के साथ ग्वालियर में बदमाश चेन छीन कर भाग रहे हैं. अब तक नहीं पकड़े गए. लोगों को मजबूरन घर के बाहर मकान बिकाऊ के पोस्टर लगाने पड़ रहे हैं. एमपी की कानून व्यवस्था लचर हो गई है. किसी घटना को लेकर मुझे डीजीपी से बात करने के लिए 1 महीने इंतजार करना पड़ता है. एसपी, कलेक्टर फोन नहीं उठाते हैं. ऐसे अधिकारियों की लिस्ट बनाई जा रही है. सरकार आने पर चुन-चुन कर एक-एक को बख्शा नहीं जाएगा.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Teacher News: चुनावी साल में शिवराज सरकार ने दिया उपहार, शिक्षकों को मिलेगा प्रमोशन !</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/shivraj-government-gave-a-gift-in-the-election-year-teachers-will-get-promotion/</link><pubDate>July 3, 2023, 11:21 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/Clipboard-17-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश में चुनाव से पहले शिक्षकों को बड़ा उपहार मिलने वाला है. इससे उनका सालों का इंतजार खत्म हो जाएगा. जानकारी के अनुसार, शिवराज सरकार चुनाव से पहले शिक्षकों को प्रमोशन देने वाली है. इसके लिए शिक्षा विभाग ने पूरा खाका तैयार कर लिया...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश में चुनाव से पहले शिक्षकों को बड़ा उपहार मिलने वाला है. इससे उनका सालों का इंतजार खत्म हो जाएगा. जानकारी के अनुसार, शिवराज सरकार चुनाव से पहले शिक्षकों को प्रमोशन देने वाली है. इसके लिए शिक्षा विभाग ने पूरा खाका तैयार कर लिया है. अब बस आधिकारिक ऐलान का इंतजार है. अगर ये फैसला लागू होता है तो साल 2016 से प्रमोशन का इंतजार कर रहे शिक्षकों को इसका लाभ होगा.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;किस अधार पर मिलेगा प्रमोशन?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;माना जा रहा है कि पदोन्नति पर रोक के बीच एमपी के शिक्षकों को सीनियरिटी के आधार पर कार्यवाहक बनाए जाने का फैसला लिया गया है. शिक्षकों को वरिष्ठता के आधार पर उच्च पदों पर कार्यवाहक बनाया जाएगा.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2016 से प्रमोशन का इंतजार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि मध्य प्रदेश में करीब 3 लाख शिक्षक है जो बच्चों को पढ़ाने का काम कर रहे हैं. इनके प्रमोशन पर साल 2016 से बैन लगा हुआ है. अगर सरकार उन्हें पदोन्नत करने का फैसला लेती है तो इनमें से सभी सीनियरों को फायदा मिलेगा.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन्हें मिलेगी पदोन्नति&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अब बात करते हैं कि किन-किनको प्रमोशन मिलेगा, बता दें कि 700 हाई स्कूल प्राचार्य हाई सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल बनाए जाएंगे. 1500 लेक्चरर हाई स्कूल प्राचार्य बनाए जाएंगे. वहीं हजारों शिक्षकों को उच्च पदों का प्रभार देने की तैयारी है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चुनावी रणनीति !&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;चूंकी कई शिक्षक प्रमोशन के इंतजार में सेवानिवृत्त हो चुके हैं. ऐसे में सरकार अब बचे हुए शिक्षकों को प्रमोशन देकर चुनाव के लिए बड़ा दाव खेल सकती है. हालांकि, ये आदेश कब से लागू होगा. इस संबंध में जानकारी विभागीय आदेश आने के बाद ही साफ हो पाएगा.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: चुनावी साल में मायावती ने खेला बड़ा दांव, मध्य प्रदेश समेत चार राज्यों की जिम्मेदारी अपने भतीजे को दी</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/mp-politics-mayawati-played-a-big-bet-in-the-election-year-gave-the-responsibility-of-four-states-including-madhya-pradesh-to-her-nephew/</link><pubDate>June 14, 2023, 8:16 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/06/Clipboard-20-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल। बसपा सुप्रीमो मायावती ने बड़ा दांव खेला है. उन्होंने अपने भतीजे आकाश आनंद को चार राज्यों की बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है. मायावती ने आकाश को राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मध्य प्रदेश के आगामी चुनाव की जिम्मेदारी दी है. राजस्थान, छत्तीसग...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;बसपा सुप्रीमो मायावती ने बड़ा दांव खेला है. उन्होंने अपने भतीजे आकाश आनंद को चार राज्यों की बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है. मायावती ने आकाश को राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मध्य प्रदेश के आगामी चुनाव की जिम्मेदारी दी है. राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मध्यप्रदेश में इस साल के अंत में चुनाव होने हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बसपा इन मुद्दों पर लड़ेगी चुनाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि चार राज्यों की जिम्मेदारी मिलने के बाद आकाश आनंद ने मायावती का आभार जताया है. उन्होंने कहा कि &amp;#8221;मायावती जी ने कहा है कि हम दलितों, आदिवासियों और अन्य पिछड़े वर्गों का हर स्तर पर हो रहे शोषण, गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई जैसे मुद्दों पर आने वाले विधानसभा चुनावों में लड़ेंगे. बहुजन मिशन और आंदोलन हम लोगों का कर्तव्य है और जिस विश्वास के साथ मुझे इस मिशन की जिम्मेदारी दी गई है, मैं शीर्ष नेतृत्व और सभी कार्यकर्ताओं के उसी विश्वास को कायम रखूंगा.&amp;#8221;&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कांग्रेस-बीजेपी पर मायावती ने कसा तंज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मायावती ने मंगलवार को कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही यह साबित करने की होड़ में लगे हैं कि कौन बड़ा हिंदुत्ववादी है. उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के नाम पर धार्मिक उन्माद पैदा करने की कोशिश की जा रही है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मायावती- पार्टी तैयारी से लड़ेगी चुनाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी इस साल के अंत में चार राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव पूरी तैयारी के साथ लड़ेगी. मायावती ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस यह साबित करने की होड़ में लगी हैं कि कौन बड़ा हिंदुत्ववादी और हिंदू भक्त है. ऐसा करके वे देश में रहने वाले अन्य समुदायों की अनदेखी कर रहे हैं और यह संविधान के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों को हिंदुओं समेत सभी समुदायों के हितों पर ध्यान देना चाहिए. मायावती ने कहा कि बसपा सभी समुदायों का सम्मान करती है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मायावती के भतीजे आकाश आनंद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं बात करें बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद की तो उनकी इसी साल मार्च में शादी हुई है. उन्होंने डॉक्टर प्रज्ञा सिद्धार्थ के साथ शादी की है. इस समारोह में आकाश की बुआ मायावती भी आशीर्वाद देने पहुंची थी. मायावती के अलावा कई अन्य पार्टियों के नेता भी दुल्हन और दूल्हे को आशीर्वाद देने पहुंचे थे. आकाश ने लंदन से एमबीए की डिग्री हासिल की है. उनकी शादी अशोक सिद्धार्थ की बेटी प्रज्ञा सिद्धार्थ से हुई है. वे पेशे से डॉक्टर हैं. उन्होंने नौकरी छोड़कर साल 2008 में मायावती के साथ राजनीति में एंट्री की थी. साल 2009 में अशोक सिद्धार्थ एमएलसी और फिर साल 2016 से 2022 तक राज्यसभा सदस्य भी रहे. अशोक सिद्धार्थ मायावती के सबसे खास माने जाते हैं. आकाश बहुजन समाज पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर हैं. साल 2019 के चुनाव में मायावती ने आकाश को स्टार प्रचारक बनाया था. वहीं मायावती ने उनको पहली बार सहारनपुर की रैली में भी उतारा था.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: &amp;#8216;आप&amp;#8217; प्रदेशाध्यक्ष का ग्वालियर-चंबल का दो दिवसीय दौरा, विधानसभा चुनाव को लेकर होगी बैठक</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/mp-news-aap-state-presidents-two-day-visit-to-gwalior-chambal-meeting-will-be-held-regarding-assembly-elections/</link><pubDate>May 7, 2023, 2:42 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/Clipboard-2023-05-07T081033.175-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल। मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में ग्वालियर-चंबल अंचल और यहां के दलित वोटर सत्ता का केन्द्र होने वाले हैं यही वजह हैं कि कांग्रेस-भाजपा यहां लगातार कार्यक्रम कर रही थी, लेकिन अब आम आदमी पार्टी भी ग्वालियर-चंबल अंचल में एक्टिव हो रह...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में ग्वालियर-चंबल अंचल और यहां के दलित वोटर सत्ता का केन्द्र होने वाले हैं यही वजह हैं कि कांग्रेस-भाजपा यहां लगातार कार्यक्रम कर रही थी, लेकिन अब आम आदमी पार्टी भी ग्वालियर-चंबल अंचल में एक्टिव हो रही है। &amp;#8220;आप&amp;#8217; की प्रदेशाध्यक्ष व सिंगरौली महापौर रानी अग्रवाल दो दिवसीय दौरे पर रविवार यानी आज ग्वालियर आ रही हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आप कार्यकर्ताओं के साथ करेंगी वन टू वन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यहां दो दिन तक वह ठहरेंगी और कई कार्यक्रमों में शामिल होंगी। वह आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर &amp;#8220;आप&amp;#8217; के जिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से वन टू वन बातचीत भी करेंगी। विधानसभा की रणनीति को लेकर चर्चा करेंगी। साथ ही आम आदमी पार्टी के जिला कार्यालय का उद्घाटन करेंगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जिला कार्यालय का होगा उद्घाटन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई, जिसमे मध्यप्रदेश में BJP और कांग्रेस के विकल्प के तौर पर चुनाव में उतरने की घोषणा कर चुकी आम आदमी पार्टी पूरी तरह एक्टिव हो गई है। ग्वालियर-चंबल संभाग मध्य प्रदेश की राजनीति का गढ़ कहा जाता है इसीलिए आम आदमी पार्टी की नजर ग्वालियर-चंबल संभाग पर टिकी है। आप की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सिंगरौली महापौर रानी अग्रवाल 2 दिवसीय ग्वालियर-चंबल संभाग के दौरे पर आई हैं। &amp;#8220;आप&amp;#8217; प्रदेशाध्यक्ष रानी अग्रवाल रविवार यानी आज ग्वालियर के दौरे पर रहेंगी, जिसमे वे आम आदमी पार्टी के कई कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल रहेंगी। रविवार को होने वाले कार्यक्रम में &amp;#8220;आप&amp;#8217; के राष्ट्रीय पार्टी बनने के बाद रानी अग्रवाल आम आदमी पार्टी का किलारोड फूलबाग स्थित जिला कार्यालय का उद्घाटन भी करेंगी। इस दौरान वह मीडिया से भी बातचीत करेंगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ग्वालियर में हर बूथ लेंगी जायजा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ग्वालियर में &amp;#8220;आप&amp;#8217; जिला कार्यालय के उदघाटन के बाद आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष रानी अग्रवाल जिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में भाग लेंगी।यहां वह कार्यकर्ताओं से वन टू वन करेंगी और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर ग्वालियर-चंबल अंचल की रणनीति पर चर्चा करेंगी। साथ ही वह अपने जीत के अनुभव को भी साझा करेंगी। जिसके बाद कार्यकर्ताओ के भी विचार जानेगीं। फिर वह ग्वालियर में हर बूथ पर तैयारियों का जायजा भी लेंगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: पूर्व सीएम कमलनाथ आज गोविन्दपुरा विधानसभा में करेंगे जनसभा, हारी हुई सीटों पर होगा फोकस</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/mp-news-former-cm-kamal-nath-will-hold-public-meeting-in-govindpura-assembly-today-focus-will-be-on-lost-seats/</link><pubDate>May 1, 2023, 3:22 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/Clipboard-21-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल। मध्य प्रदेश में इसी साल विधानसभा चुनाव होने है. ऐसे में कांग्रेस सत्ता में वापस लौटने के लिए तैयारी कर रही है. कांग्रेस पार्टी का इस समय प्रदेश की हारी हुई सीटों पर पूरा फोकस है. दिग्विजय सिंह हारी हुई 66 सीटों पर बैठकें कर कांग्रेस कार्...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश में इसी साल विधानसभा चुनाव होने है. ऐसे में कांग्रेस सत्ता में वापस लौटने के लिए तैयारी कर रही है. कांग्रेस पार्टी का इस समय प्रदेश की हारी हुई सीटों पर पूरा फोकस है. दिग्विजय सिंह हारी हुई 66 सीटों पर बैठकें कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में लगे हुए हैं तो वहीं कमलनाथ इन सीटों पर बड़ी सभाएं कर कांग्रेस के पक्ष में माहौल बना रहे हैं। आज लेबर डे के मौके पर कांग्रेस भोपाल में अपनी ताकत का प्रदर्शन दिखाएगी। श्रमिक दिवस पर आज भोपाल की गोविन्दपुरा विधानसभा क्षेत्र के पिपलानी स्थित मैदान पर कमलनाथ की बड़ी सभा होगी। इस सभा में बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद रहेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गोविन्दपुरा विधानसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;भोपाल जिले की सात विधानसभाओं में से तीन सीटों पर कांग्रेस के विधायक हैं। लेकिन गोविन्दपुरा ऐसी सीट है जहां 50 सालों से बीजेपी का कब्जा है। 1972 में मोहनलाल अस्थाना यहां से कांग्रेस के विधायक बने थे। अस्थाना के बाद 1977 में लक्ष्मीनारायण शर्मा जनता पार्टी से विधायक बने। उसके बाद 1980 में पहली बार बाबूलाल गौर विधायक बने। गोविन्दपुरा से बाबूलाल गौर लगातार 8 बार विधायक रहे। 2018 में गौर की बहू कृष्णा गौर यहां से विधायक चुनी गईं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बाबूलाल गौर की मृत्यु के बाद घटा जीत का अंतर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गोविन्दपुरा विधानसभा 5 दशक से भले ही बीजेपी के कब्जे में रही हो, लेकिन बाबूलाल गौर के निधन के बाद इस सीट पर जीत का अंतर घटा है। 2013 के चुनाव में बाबूलाल गौर ने कांग्रेस के गोविन्द गोयल को 70,644 वोटों से हराया था। लेकिन 2018 के चुनाव में जब कृष्णा गौर चुनाव लड़ी तो जीत का अंतर काफी कम हो गया। 2018 के विधानसभा चुनाव में कृष्णा गौर ने कांग्रेस के गिरीश शर्मा को 46,359 वोटों से चुनाव हराया। जीत के इस घटते अंतर और गोविन्दपुरा में बदली हुई परिस्थितियों को देखते हुए कांग्रेस को इस सीट को लेकर बहुत उम्मीदे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लेबर वर्ग के बीच पकड़ बनाने की तैयारी !&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि भोपाल में गोविन्दपुरा औद्योगिक क्षेत्र के साथ ही भेल जैसा बड़ा कारखाना है। इस क्षेत्र में श्रमिकों की बड़ी आबादी रहती है। यहां से बीजेपी नेता स्वर्गीय बाबूलाल गौर को श्रमिक वर्ग का समर्थन मिलता रहा है। अब कांग्रेस श्रमिक दिवस के बहाने लेबर वर्ग में पैठ बनाने की कवायद में जुटी है।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>