<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today AIIMS Bhopal News | Latest AIIMS Bhopal News | Breaking AIIMS Bhopal News in English | Latest AIIMS Bhopal News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का AIIMS Bhopal समाचार:Today AIIMS Bhopal News ,Latest AIIMS Bhopal News,Aaj Ka Samachar ,AIIMS Bhopal समाचार ,Breaking AIIMS Bhopal News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.mp.inkhabar.com/tag/aiims-bhopal</link>
        <lastBuildDate>April 26, 2026, 6:05 am</lastBuildDate>
        <copyright>MP Inkhabar</copyright>
        <generator>MP Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://www.mp.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Inkhabar</title>
            <link>https://www.mp.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>Bhopal News: आकाशीय बिजली की चपेट में आया परिवार,पति- पत्नी समेत झुलसे बच्चें</title><link>https://mp.inkhabar.com/crime/bhopal-news-a-family-got-struck-by-lightning-husband-wife-and-children-got-burnt/</link><pubDate>July 9, 2024, 10:04 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/े्ेु.png</image><category>क्राइम</category><excerpt>भोपाल। सोमवार को शहर के सतनामी नगर में स्थित झुग्गी- बस्ती में रहने वाले एक परिवार पर आसमान से कहर टूट पड़ा। तेज बारिश के बीच एक परिवार की झुग्गी पर आकाशीय बिजली गिर पड़ी । इससे झुग्गी में रहने वाले एक परिवार के 4 लोगों की बुरी तरह से झुलस गए। ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; सोमवार को शहर के सतनामी नगर में स्थित झुग्गी- बस्ती में रहने वाले एक परिवार पर आसमान से कहर टूट पड़ा। तेज बारिश के बीच एक परिवार की झुग्गी पर आकाशीय बिजली गिर पड़ी । इससे झुग्गी में रहने वाले एक परिवार के 4 लोगों की बुरी तरह से झुलस गए। घायलों को इलाज के लिए नजदीक के एम्स में भर्ती कराया गया है। जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह घटना सुबह के करीब 5:45 बजे की है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मौके पर पहुंच पुलिस ने कार्रवाई शुरू की&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के मुताबिक शैतान मालवीय सब्जी का ठेला लगाकर सब्जी बेचते हैं। सतनामी नगर स्लम एरिया में वह दो कमरों के कच्चे मकान में अपने परिवार के साथ रहते हैं। रविवार की रात वह पत्नी, बेटी सोनम और बेटे अमन के साथ एक कमरे में सोया था । वहीं उनकी बड़ी बेटी शिवानी दूसरे कमरे में सोई थी। रविवार रात से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा । इसी दरमियान सोमवार की सुबह अचानक से आसमान में तीव्र बिजली तड़की और मालवीय के मकान पर आकर गिरी। जिस कमरे में शैतान मालवीय सो रहे ​थे। उसमें मौजूद तीनों लोग बिजली की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। हालांकि दूसरे कमरे में सो रही शिवानी को ज्यादा चोट नहीं आई। पुलिस को इस मामले की सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्षेत्र के विधायक और राज्यमंत्री कृष्णा गौर अस्पताल पहुंचे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मंगलवार को गोविंदपुरा क्षेत्र की विधायक व राज्यमंत्री कृष्णा गौर एम्स पहुंचीं और घायल परिवार का हाल-चाल जाना। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों से बातचीत भी की। घायलों को बेहतर इलाज के लिए दिशा-निर्देश भी दिए गए है। इस दौरान कोलार एसडीएम रवि शंकर राय, गोविंदपुरा एसडीएम रवीश श्रीवास्तव और एम्स की डीन भावना शर्मा भी उनके साथ रहें।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>German Women Patient: जर्मनी की महिला ने 5 महीने भोपाल में कराया इलाज, भारतीय उपचार पद्धति पर दुनिया ने दिखाया विश्वास</title><link>https://mp.inkhabar.com/world/german-women-patient-german-woman-got-treatment-in-bhopal-for-5-months-the-world-showed-faith-in-indian-treatment-system/</link><pubDate>July 6, 2024, 6:24 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/MP-1-300x169.png</image><category>दुनिया</category><excerpt>भोपाल। कई रोगों का एलोपैथी में तमात तरीके के इलाज और सर्जरी के बाद भी मरीजों को किसी तरह का आराम नहीं मिल रहा हैं। ऐसे में भारतीय आयुष पद्धति लाभकारी सिद्ध हो रही है। एम्स के आयुष विभाग में जर्मनी से आई 32 वर्षीय महिला का क्षार सूत्र पद्धति से ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; कई रोगों का एलोपैथी में तमात तरीके के इलाज और सर्जरी के बाद भी मरीजों को किसी तरह का आराम नहीं मिल रहा हैं। ऐसे में भारतीय आयुष पद्धति लाभकारी सिद्ध हो रही है। एम्स के आयुष विभाग में जर्मनी से आई 32 वर्षीय महिला का क्षार सूत्र पद्धति से फिस्टुला बीमारी की सफल इलाज सफल साबित हुआ।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;5 महीने भोपाल में इलाज कराकर अपने देश वापस गई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के मुताबिक इलाज और सर्जरी कराने के बाद भी बीमारी से राहत नहीं मिली। लोगों को एलोपैथी पद्धति से बीमारी में कोई सुधार नहीं दिख रहा था। जिसके बाद महिला आयुर्वेद पद्धति के बारे में जानकारी लेकर भारत आई और 5 महीने भोपाल में रुककर इलाज कराया। जिसके सफल उपचार के बाद ठीक होकर वह अपने देश रवाना हो गई। एम्स भोपाल के आयुष विभाग में बवासीर, फिस्टुला, फिशर और पाइलोनिडल साइनस जैसी समस्याओं के लिए आयुर्वेद ओपीडी में क्षार सूत्र पद्धति से इलाज किया जाता है। यह उपचार अब विदेशों तक प्रसिद्ध हो रहा है। जिससे एम्स भोपाल अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाते जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अन्य पद्धति से आयुर्वेद की पद्धति बेहतर है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जर्मनी की 32 वर्षीय महिला फिस्टुला से पीड़ित थी। जिसने भोपाल एम्स में आयुर्वेद की पद्धति से अपना सफल इलाज कराया। अपने इलाज का अनुभव बताते हुए मरीज ने बताया कि फिस्टुला का इलाज क्षार सूत्र विधि द्वारा केवल भारत में ही किया जाता है। एम्स भोपाल में बीमारी का बेहतर इलाज मिला है। क्षार सूत्र विधि द्वारा इलाज में समय जरुर लगता है, लेकिन आयुर्वेद पद्धित से उपचार बाकी पद्धतियों में इलाज की तुलना में बेहतर इलाज होता है और कम भी तकलीफ होती है।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>