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       <title>Today मरीज News | Latest मरीज News | Breaking मरीज News in English | Latest मरीज News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का मरीज समाचार:Today मरीज News ,Latest मरीज News,Aaj Ka Samachar ,मरीज समाचार ,Breaking मरीज News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Shahdol News:शहडोल अस्पताल में कुत्तों के आतंक से परेशान मरीज</title><link>https://mp.inkhabar.com/states/shahdol-news-patients-troubled-by-terror-of-dogs-in-shahdol-hospital/</link><pubDate>July 22, 2024, 3:58 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/वसस.png</image><category>राज्य</category><excerpt>भोपाल। आदिवासी बाहुल्य संभाग शहडोल के संभागीय मुख्यालय में कुशाभाऊ ठाकरे जिला अस्पताल स्थित है। इस जिला अस्पताल में हैरान करने वाली बात सामने आई है। यहां आवारा कुत्तें और मरीज एक साथ दाखिल होते है। जिला अस्पताल में जगह-जगह आवारा कुत्तों का हुजू...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; आदिवासी बाहुल्य संभाग शहडोल के संभागीय मुख्यालय में कुशाभाऊ ठाकरे जिला अस्पताल स्थित है। इस जिला अस्पताल में हैरान करने वाली बात सामने आई है। यहां आवारा कुत्तें और मरीज एक साथ दाखिल होते है। जिला अस्पताल में जगह-जगह आवारा कुत्तों का हुजूम होता है। आवारा कुत्तों को जिला अस्पताल की ऐसी लत है कि वो मरीजों के साथ बैठते हैं। अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों पर ये आक्रामक आवारा कुत्ते कब हमला कर देंगे कुछ कहा नहीं जा सकता।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शहडोल अस्पताल की खस्ता हालत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;संभागीय मुख्यालय शहडोल का जिला अस्पताल शहडोल संभाग का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। यहां अनूपपुर और उमरिया के अलावा छत्तीसगढ़ से भी मरीज रेफर होकर आते हैं। यहां एक्स रे कराने के बाद मरीजों को फिल्म नहीं दी जाती। बल्कि मोबाइल में रिपोर्ट दिखाई जाती है। सोनोग्राफी के लिए लंबी कतार होती है, कई-कई हफ्ते की वेटिंग के बाद यहां सोनोग्राफी होती है। वहीं, रविवार के दिन तो बीमार होना भूल ही जाएं, क्योंकि रविवार को लगभग जिला अस्पताल बंद होता है। जिला अस्पताल शहडोल में आवारा कुत्ते भी सीटी स्कैन कराने आते हैं। वो बकायदा मरीजों के साथ बैठकर अपनी बारी का इंतजार भी करते हैं। मरीज लेटता है तो कुत्ते भी साथ में लेटते हैं। मरीज बैठते हैं तो कुत्ते भी बैठते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अस्पताल में कुत्तों का कब्जा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ऐसा नहीं है कि वहां स्वास्थ्य अधिकारी, कर्मचारी या सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं होते। सब अस्पताल में अपनी ड्यूटी पर तैनात होते है। इस अव्यवस्था को सब देखते हैं लेकिन, कोई इसकी शिकायत नहीं करता है। सब इसके आदि हो चुके हैं। इस लापरवाही को सब अपना चुके हैं। पुष्पराजगढ़ की स्थानीय महिला अपने मासूम बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। जहां उसे डॉक्टरों ने निमोनिया की दिक्कत बताई, जिसका सिटी स्कैन कराने के लिए महिला घंटों सीटी स्कैन केंद्र के बाहर इंतजार करती रही। मासूम को निमोनिया होने के बावजूद भी वह जिला अस्पताल में सीटी स्कैन के लिए लंबी कतार में खड़ा रहा। । सीटी स्कैन सेंटर के बाहर कुत्ते के साथ मासूम को इंतजार करना पड़ा। अब सवाल यह उठता है कि स्वस्थ होने के लिए परिजन मासूम को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। लेकिन आवारा कुत्ते वहां पहले से ही आराम फरमा रहे थे, मासूम और भी संक्रमित होगा या स्वस्थ होगा?&lt;/p&gt;
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