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       <title>Today मध्य प्रदेश सरकार News | Latest मध्य प्रदेश सरकार News | Breaking मध्य प्रदेश सरकार News in English | Latest मध्य प्रदेश सरकार News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का मध्य प्रदेश सरकार समाचार:Today मध्य प्रदेश सरकार News ,Latest मध्य प्रदेश सरकार News,Aaj Ka Samachar ,मध्य प्रदेश सरकार समाचार ,Breaking मध्य प्रदेश सरकार News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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            <title>Inkhabar</title>
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            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>Announcement: सीएम यादव का ऐलान, देवउठनी से पहले महिलाओं को मिलेगी धनराशि</title><link>https://mp.inkhabar.com/states/announcement-cm-yadav-announces-women-will-get-money-before-devuthani/</link><pubDate>November 9, 2024, 10:33 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/cn.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आर्थिक रूप से असक्षम महिलाओं को सक्षम बनाने के लिए लाडली बहना स्कीम चलाई गई। इस योजना के तहत 9 नवंबर को इंदौर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 1.29 करोड़ लाडली बहनों के खाते में 1250 रुपये की राशि दी जाएगी...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आर्थिक रूप से असक्षम महिलाओं को सक्षम बनाने के लिए लाडली बहना स्कीम चलाई गई। इस योजना के तहत 9 नवंबर को इंदौर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 1.29 करोड़ लाडली बहनों के खाते में 1250 रुपये की राशि दी जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कई जिलों में कार्यक्रम का आयोजन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;एमपी के सीएम डॉ मोहन यादव ने ऐलान किया है कि देवउठनी ग्यारस के पहले लाडली बहनों योजना की लाभार्थियों बहनों के खाते में राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। &amp;nbsp;सरकार लाडली बहना योजना के तहत 18वीं किस्त महिलाओं के खाते में पहुंच जाएगी। मध्य प्रदेश में महिलाओं को सक्षम बनाने के लिए लाडली बहना योजना सबसे बड़ी योजना साबित हुई है। &amp;nbsp;इस योजना के तहत सरकार एक करोड़ 29 लाख महिलाओं को हर महीने लाभ पहुंचा रही है। &amp;nbsp;योजना के माध्यम से राशि ट्रांसफर करने के लिए मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt; राशि को 3000 किया जाएगा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस योजना के माध्यम से सरकार हर साल 18888 करोड़ रुपये की राशि का अतिरिक्त भार वहन कर रही है। लाडली बहना योजना के माध्यम से सरकार महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने और उन्हें सक्षम बनाने में मदद कर रही है। &amp;nbsp;पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में इस योजना की शुरुआत हुई थी। &amp;nbsp;इस योजना के माध्यम से शुरुआती दौर में ₹1000 प्रतिमाह दिए जाते है, जिसे बढ़ाकर ₹1200 प्रतिमाह तक कर दिया गया है। &amp;nbsp;सरकार का दावा है कि धीरे-धीरे राशि को बढ़ाकर ₹3000 कर दिया जाएगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: शिवराज कैबिनेट में लाडली बहना योजना के लिए 5000 करोड़ के बजट को मिली मंजूरी</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/5000-crore-budget-approved-for-ladli-bahna-scheme-in-shivraj-cabinet/</link><pubDate>July 10, 2023, 1:40 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/Clipboard-41-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. शिवराज सरकार का पहला अनुपूरक बजट कैबिनेट ने पास कर दिया है. ये अनुपूरक बजट 18 से 20 हजार करोड़ का है. इस बजट में लाडली बहना योजना के लिए 5000 करोड़ का प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही डिफॉल्टर किसानों के लिए भी 650 करोड़ का प्रावधान है....</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल.&lt;/strong&gt; शिवराज सरकार का पहला अनुपूरक बजट कैबिनेट ने पास कर दिया है. ये अनुपूरक बजट 18 से 20 हजार करोड़ का है. इस बजट में लाडली बहना योजना के लिए 5000 करोड़ का प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही डिफॉल्टर किसानों के लिए भी 650 करोड़ का प्रावधान है. इसके अलावा इस अनुपूरक बजट में सीएम शिवराज की घोषणाओं को भी ध्यान में रखकर प्राथमिकता दी गई है. इतना ही नहीं शनिवार को हुई इस कैबिनेट की बैठक के बाद सीएम शिवराज ने मंत्रियों के साथ टिफिन पार्टी की. इसमें गोविंद सिंह राजपूत, रामखेलावन पटेल, प्रभुराम और विश्वास सारंग समेत सात मंत्रियों की पत्नियां भी शामिल हुईं. सभी ने सीएम शिवराज की पत्नी के साथ तस्वीरें भी खिंचवाई.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आयुर्विज्ञान विश्वविधालय बिल को मिली मंजूरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कैबिनेट में मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविधालय बिल 2023 और औद्योगिक निवेश संवर्धन बिल 2023 को मंजूरी मिल गई है. बता दें कि मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविधालय में कुलपति, रजिस्ट्रार और कंप्ट्रोलर की नियुक्ति के नियमों में संशोधन किया गया है. कुलपति के लिए अब तीन नामों का पैनल बनाया जाएगा. रजिस्ट्रार और कंप्ट्रोलर के पद पर कॉलेज में सात साल और प्राचार्य होने की शर्त भी पांच साल कर दी गई है. इसी तरह अधिकारी भी रजिस्ट्रार और कंप्ट्रोलर बन सकेंगे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीएम शिवराज- मंत्री पूरी तैयारी के साथ सदन में आए&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;औद्योगिक निवेश बिल में पहले प्रदेश में निवेश करने वाले उद्योगपतियों के गलत जानकारी देने पर जुर्माने और जेल जाने का प्रावधान था. इसमें से जेल जानें वाले प्रावधान को हटा दिया गया है. वहीं मॉनसून सत्र को लेकर सीएम शिवराज ने अपने सभी मंत्रियों को कहा कि वो पूरी तैयारी के साथ सदन में आए और ताकत से विपक्ष के सवालों का जवाब दें. साथ ही हमारी सरकार की उपलब्धियों को भी सदन में बताएं.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: कर्मचारियों के लिए एक और खुशखबरी, अब प्रदेश सरकार देगी जोखिम भत्ता</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/mp-news-another-good-news-for-the-employees-now-the-state-government-will-give-risk-allowance/</link><pubDate>June 18, 2023, 11:24 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/06/Clipboard-36-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल। मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के लिए एक और खुशखबरी है. महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की चर्चाओं के बीच सरकार ने एक और नए भत्ते के रूप में जोखिम भत्ता देने का ऐलान कर दिया है. ये भत्ता बिजली विभाग में जोखिम भरा काम करने वाले कर्मचारियों को दिया ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के लिए एक और खुशखबरी है. महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की चर्चाओं के बीच सरकार ने एक और नए भत्ते के रूप में जोखिम भत्ता देने का ऐलान कर दिया है. ये भत्ता बिजली विभाग में जोखिम भरा काम करने वाले कर्मचारियों को दिया जाएगा. इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं. जानकारी के अनुसार ये पैसे कर्मचारियों के आकाउंट में जून महीने की सैलरी के साथ आएंगे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;1000 रुपये जोखिम भत्ता देने का फैसला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि प्रदेश के 16 जिले के बिजली कंपनी में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों को 1000 रुपये जोखिम भत्ता देने का फैसला लिया गया है. इसका फायदा 16 जिलों में आउटसोर्स एजेंसी में काम कर रहे 1 हजार 200 लाइन कर्मियों को मिलेगा. मई और जून 2023 के लिए मिलने वाले भत्ते का भुगतान जून के वेतन के साथ किया जाएगा. इसके बाद इस भत्ते का भुगतान तीन महीने में किया जाएगा.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी ने दी जानकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं विद्युत वितरण कंपनी के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं की सुविधा में विस्तार और संतुष्टि में वृद्धि करने के लिहाज से ये फैसला लिया गया है. निर्माण और गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति के साथ ही कंपनी के राजस्व और कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखना हमारी प्राथमिकता है. इस कारण राज्य सरकार द्वारा आउटसोर्स कर्मियों को हर महीने 1000 रुपये जोखिम भत्ता देने का निर्णय लिया गया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;DA बढ़ने पर नहीं आया अधिकारिक फैसला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें इससे पहले चुनावी साल में प्रदेश के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी करने की खबर सामने आई थी. हालांकि, अभी इसपर आधिकारिक फैसला नहीं आया है. जानकारी के अनुसार, सरकार 7.50 लाख कर्मचारियों को 4 फीसदी DA देने की तैयारी में है. माना जा रहा है कि जुलाई महीने में सैलरी में ये बड़ा बदलाव होगा. हालांकि, अगर सरकार ये फैसला लेती है तो उसपर 160 करोड़ का अतिरिक्त भार आएगा. वैसे भी सरकार पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबी हुई है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: क्या बदल सकता है कूनो नेशनल पार्क के चीतों का घर? केंद्रीय वन मंत्री ने दी जानकरी</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/what-can-change-the-home-of-cheetahs-of-kuno-national-park-union-forest-minister-gave-information/</link><pubDate>June 7, 2023, 4:44 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/06/download-1-2-300x272.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल: कूनो नेशनल पार्क में चीतों की मौत को लेकर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव ने श्योपुर स्तिथ कूनो नेशनल पार्क का दौरा किया है। दौरे के बाद केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि कूनों नेशनल पार्क में स्तिथि संतोषजनक है। इसलिए चीतों ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल:&lt;/strong&gt; कूनो नेशनल पार्क में चीतों की मौत को लेकर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव ने श्योपुर स्तिथ कूनो नेशनल पार्क का दौरा किया है। दौरे के बाद केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि कूनों नेशनल पार्क में स्तिथि संतोषजनक है। इसलिए चीतों को अभी कहीं और शिफ्ट नहीं किया जाएगा। बता दें कि कूनो नेशनल पार्क में 6 चीतों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव ने चीतों को लिए कूनो नेशनल पार्क की व्यस्था को संतोषजनक बताया है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अभी शिफ्टिंग की जरुरत नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;वन मंत्री ने दौरे के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा है कि “फिलहाल कूनो से चीतों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट नहीं किया जाएगा. चीता प्रोजेक्ट के प्रथम चरण का संतोष जनक रिजल्ट मिलने के बाद ही वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर दूसरे नेशनल पार्क में प्रोजेक्ट की शुरुआत की जायेगी। केंद्रीय मंत्री ने अपने इस दौरे के दौरान केंद्रीय वन मंत्री ने चीतों को नजदीक से देखा और अफसरों के साथ मीटिंग भी की। बता दें उन्होंने प्रोजेक्ट चिटा को कामयाब बनाने के लिए कूनो नेशनल पार्क के अधिकारीयों को निर्देश भी दिए।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;दो महीने में 3 चीतें और 3 शावकों की हुई मौत&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;यदि हम आंकड़ों पर ध्यान दें तो पिछले दो महीने के अंदर 3 चीतों और 3 शावकों की मौत हो चुकी है। 6 जून को केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र सिंह यादव का यह पहला दौरा है। उन्होंने चीता प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए चीता माॅनिटरिंग की ग्राउंड टीम के साथ बैठक की और चीता प्रोजेक्ट की सफलता को लेकर चर्चा भी की। अधिकारीयों ने बताया कि चीता प्रोजेक्ट चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है और उम्मीद से बेहतर परिणाम भी सामने आ रहे हैं। दें वर्तमान में खुले जंगल में 8 चीते मौजूद है जो अपना सामान्य व्यवहार दर्शा रहे हैं तो वहीं बड़े बाडे में 9 चीतों के बारे में भी अपडेट लेते हुए खुले जंगल में छोड़ने को लेकर रणनीति साझा की गई।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>सीएम शिवराज की घोषणा , इस वर्ग को मिलेगा मेडिकल कॉलेज में 5%आरक्षण का लाभ</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/announcement-of-cm-shivraj-this-class-will-get-the-benefit-of-5-reservation-in-medical-college/</link><pubDate>May 11, 2023, 4:10 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-1-5-300x169.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल: प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इन दिनों प्रदेश भर में जन सभाएं कर रहे हैं। सीएम शिवराज सिंह अपनी लाड़ली बहन योजना को लेकर काफी उत्साहित है। हर जनसभा में महिलाओं के लिए बनाई गई इस योजना के फायदे बताते हैं। प्रदेश के सरकारी स्कूल म...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल: &lt;/strong&gt;प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इन दिनों प्रदेश भर में जन सभाएं कर रहे हैं। सीएम शिवराज सिंह अपनी लाड़ली बहन योजना को लेकर काफी उत्साहित है। हर जनसभा में महिलाओं के लिए बनाई गई इस योजना के फायदे बताते हैं। प्रदेश के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों की सुविधा के लिए एक योजना की घोषणा कर दी है। अब प्रदेश के सरकारी स्कूल में बढ़ने वाले छात्रों के लिए मेडिकल संस्थान में पांच प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की। इस आरक्षण का फायदा प्रदेश के छात्रों को MBBS और BDS की सीटों पर दिया जाएगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को लाभ मिलेगा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मिलेगा लाभ&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;सीएम शिवराज ने जानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में दो तरह की शिक्षा व्यवस्था है। एक सरकारी और एक प्राइवेट, सरकारी स्कूलों में अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चे आते है। बच्चों की अंग्रेजी कमजोर होने के कारण इन बच्चों को मेडिकल में एडमिशन नहीं हो पाता है। इसलिए मध्यप्रदेश की धरती पर मेडिकल की पढाई हिंदी में करने का फैसला लिया गया है। साथ ही प्रदेश के सभी प्राइवेट और सरकारी मेडिकल इंस्टीटूशन्स में सरकारी स्कूल से पढ़े बच्चों के लिए 5% सीट रिज़र्व करने का फैसला लिया है। सीएम शिवराज ने इस बात पर जोर दिया कि इससे उन बच्चों को मौका मिल पाएगा जो आर्थिक कमजोरी के कारण मेडिकल की पढाई नहीं कर पाते।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;हो सकता है राजनीतिक मास्टर स्टोर्क&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;मध्यप्रदेश के राजनीति के जानकारों का कहना है कि कमजोर वर्ग को 5% आरक्षण देना इस चुनावी साल में मास्टर स्टोर्क साबित हो सकता है। इस नीति का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को मेडिकल की पढाई करने और जन सेवा का मौका मिल सकता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: 8 पैरामेडिकल कॉलेजों पर गिरी गाज, छात्रवृत्ति घोटाले में 7.87 करोड़ की गई वसूली</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/mp-news-crackdown-on-8-paramedical-colleges-7-87-crore-recovered-in-scholarship-scam/</link><pubDate>May 11, 2023, 8:10 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/Clipboard-2023-05-11T133931.133-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बहुचर्चित पैरामेडिकल छात्रवृत्ति घोटाले पर सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. बुधवार को हाई कोर्ट को सौंपी स्टेटस रिपोर्ट में शासन की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि अब तक घोटाले में शामिल 55 कालेजों से 7 करोड...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बहुचर्चित पैरामेडिकल छात्रवृत्ति घोटाले पर सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. बुधवार को हाई कोर्ट को सौंपी स्टेटस रिपोर्ट में शासन की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि अब तक घोटाले में शामिल 55 कालेजों से 7 करोड़ 87 लाख रुपये की वसूली कर ली गई है. आठ कॉलेजों पर कुर्की की कार्रवाई की गई है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सरकार ने क्या कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;चीफ जस्टिस रवि मलिमठ और जस्टिस विशाल मिश्रा की खंडपीठ ने सरकार के जवाब को रिकॉर्ड किया और कुर्की वाले मामलों में आगे की कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए हैं. याचिका पर अगली सुनवाई समर वेकेशन के बाद होगी. दरअसल, इस मामले में सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया था कि घोटाले बाज पैरामेडिकल कालेजों से 24 करोड़ रुपये की वसूली करनी थी.अभी भी 37 संस्थाओं से लगभग 16 करोड़ की वसूली बाकी है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;100 से अधिक कॉलेज पर हुई थी FIR&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मध्य प्रदेश लॉ स्टूडेन्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता विशाल बघेल ने जनहित याचिका दायर करते हुए पैरा मेडिकल कालेजों के छात्रवृत्ति घोटाले पर कार्यवाही की मांग की थी. याचिकाकर्ता के अनुसार साल 2010 से 2015 तक प्रदेश के सैकड़ों निजी पैरामेडिकल कॉलेज संचालकों ने फर्जी छात्रों का प्रवेश दिखाकर सरकार से करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति की राशि हड़प ली थी. इस मामले में शिकायतों के बाद जब जांच हुई तो पाया गया कि जिन छात्रों के नाम पर राशि ली गई थी, वो कभी एग्जाम में बैठे ही नहीं थे. इसके अलावा एक ही छात्र के नाम पर कई कॉलेजों में एक ही समय में छात्रवृत्ति निकाली गई थी. मामले में जांच के बाद प्रदेश भर में 100 से अधिक कॉलेज संचालकों पर एफआईआर दर्ज की गई थी.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: बी.एड में 75 प्रतिशत आरक्षण को सुप्रीम कोर्ट में मिली चुनौती, कहा- सीटों की संख्या दोबारा निर्धारित हो</title><link>https://mp.inkhabar.com/national/mp-news-75-percent-reservation-in-b-ed-was-challenged-in-the-supreme-court-said-the-number-of-seats-should-be-re-determined/</link><pubDate>April 30, 2023, 1:45 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/Clipboard-49-300x169.jpg</image><category>देश</category><excerpt>भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार को बी.एड कोर्स में बनाई गई पॉलिसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस सुधांशु धूलिया की डबल बेंच ने बीएड कोर्स में एडमिशन के लिए मध्य प्रदेश राज्य के निवासियों को 75 प्रतिशत आरक्षण देन...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश सरकार को बी.एड कोर्स में बनाई गई पॉलिसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस सुधांशु धूलिया की डबल बेंच ने बीएड कोर्स में एडमिशन के लिए मध्य प्रदेश राज्य के निवासियों को 75 प्रतिशत आरक्षण देने की नीति की पड़ताल करने का निर्देश जारी किया है. बेंच ने इस नीति को &amp;#8216;आरक्षण का ओवरडोज&amp;#8217; और असंवैधानिक कहा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट में मिली चुनौती&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वीणा वादिनी समाज कल्याण विकास समिति की जनहित याचिका पर कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है. साथ ही टिप्पणी करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों के आंकड़ों का निरिक्षण करने से पता चलता है कि यह लक्षित उद्देश्य की पूर्ति नहीं करता है. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार की इस आरक्षण नीति का समर्थन करते हुए अपना फैसला सुनाया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बेंच- जमीनी हकीकत रखना चाहिए ख्याल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने यह भी कहा है कि राज्य ने निवासियों के लिए सीटों का आरक्षण अपने अधिकारों के दायरे में रहकर तो किया है, लेकिन ऐसा करते समय उसे जमीनी हकीकत का भी ख्याल रखना चाहिए था. आगे कहा कि अगले अकादमिक सत्र से राज्य के स्थानीय निवासियों और बाकी देशवासियों के लिए सीट की संख्या फिर से निर्धारित होनी चाहिए.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट- अनुच्छेद 14 का हो रहा उल्लंघन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने ये भी स्पष्ट करते हुए कहा कि स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षण की परमिशन है. फिर भी कुल सीटों का तीन चौथाई यानी 75 प्रतिशत तक आरक्षण अनुचित है. सुप्रीम कोर्ट पहले भी प्रदीप जैन बनाम सरकार मामले में कोर्ट इसे असंवैधानिक और संविधान के अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता) का उल्लंघन करने वाला बता चुका है. बता दें कि राज्य की नीति के मुताबिक बीएड की 75 प्रतिशत सीटें मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए आरक्षित हैं और सिर्फ 25 प्रतिशत सीट अन्य राज्यों के लोगों के लिए बचती हैं.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: मंदिर की जमीन पर पुजारियों का अधिकार, जानिए क्या कहता है नया नियम</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/mp-news-priests-have-right-on-temple-land-know-what-the-new-rule-says/</link><pubDate>April 25, 2023, 1:53 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/Clipboard-10-3-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल। सीएम शिवराज ने परशुराम जयंती के मौके पर पुजारियों को एक तोहफा दिया है. उन्होंने कहा कि जिन मंदिरों के पास 10 एकड़ से अधिक जमीन है, वहां जमीन की नीलामी का अधिकार कलेक्टर को नहीं, बल्कि मंदिर के पुजारियों को होगा. उससे होने वाली आय भी पुजा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; सीएम शिवराज ने परशुराम जयंती के मौके पर पुजारियों को एक तोहफा दिया है. उन्होंने कहा कि जिन मंदिरों के पास 10 एकड़ से अधिक जमीन है, वहां जमीन की नीलामी का अधिकार कलेक्टर को नहीं, बल्कि मंदिर के पुजारियों को होगा. उससे होने वाली आय भी पुजारी रखेंगे. हालांकि, 10 एकड़ से ज्यादा जमीन से होने वाली कमाई मंदिर के खाते में जमा होगी.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;10 एकड़ जमीन से होने वाली कमाई रखेंगे पुजारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सीएम शिवराज सिंह की घोषणा के अनुसार अब मध्य प्रदेश में मंदिर से जुड़ी जमीन को नीलाम करने या लीज पर देने के लिए कलेक्टर से परमिशन नहीं लेनी होगी. बल्कि, मंदिर के पुजारियों को ही मंदिर से संबंधित जमीन को नीलाम करने या लीज पर देने का अधिकार होगा. इसके अलावा नीलाम हुई 10 एकड़ जमीन से होने वाली कमाई भी पुजारी को ही रखने का अधिकार होगा. बाकी की कमाई मंदिर के अकाउंट में जमा होगी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रदेश सरकार के अधीन है 1,320 मंदिर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार के अधीन 1,320 ऐसे मंदिर आते हैं, जहां स्थानीय कलेक्टर ही प्रशासक की भूमिका निभाते हैं. यहां मंदिर से संबंधित किसी भी कार्य के लिए कलेक्टर से अनुमति जरूर लेनी होती थी. लेकिन नए नियम के तहत ऐसा नहीं होगा, बल्कि अब अनुमति पुजारियों से लेनी पड़ेगी।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>