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       <title>Today चीते की मौत News | Latest चीते की मौत News | Breaking चीते की मौत News in English | Latest चीते की मौत News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का चीते की मौत समाचार:Today चीते की मौत News ,Latest चीते की मौत News,Aaj Ka Samachar ,चीते की मौत समाचार ,Breaking चीते की मौत News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>MP News: कूनो में चीतों की मौत पर सुनवाई बंद, केंद्र सरकार को मिली राहत</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/hearing-closed-on-the-death-of-cheetahs-in-kuno-the-central-government-got-relief/</link><pubDate>August 8, 2023, 1:25 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/Clipboard-79.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल. मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में लगातार हो रही चीतों की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ी राहत दी है. केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि चीतों को देश में बसाने में कुछ समस्याएं जरूर हैं, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में लगातार हो रही चीतों की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ी राहत दी है. केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि चीतों को देश में बसाने में कुछ समस्याएं जरूर हैं, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की दलील को स्वीकार करते हुए अब इस मामले की सुनवाई बंद कर दी है. बता दें कि कोर्ट ने केंद्र सरकार की दलीलों को स्वीकार करते हुए ये भी कहा कि भारत में चीतों को बसाने के प्रोजेक्ट पर सरकार से सवाल पूछने का कोई कारण अब बचा नहीं है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केंद्र सरकार ने ये कहा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने न्यायमूर्ति बी आर गवई की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ को बताया कि चीतों को बसाने के लिए बहुत सारी तैयारी की गई है. हर साल करीब 12 से 14 चीतों को लाया जाएगा. कुछ समस्याएं हैं लेकिन चिंताजनक जैसा कुछ भी नहीं है. वहीं चीतों की मौत को लेकर कुछ विशेषज्ञों ने चीतों पर इस्तेमाल की गई रेडियो कॉलर को भी कारण माना है. जबकि सरकार ने आरोपों को वैज्ञानिक सबूत के बिना और अफवाह के रुप में इसे खारिज कर दिया. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र के बयानों पर अविश्वास करने का कोई दूसरा कारण नहीं मिला. कोर्ट ने कहा कि इस परियोजना को न्यायपालिका के बजाय क्षेत्र के विशेषज्ञों के विवेक पर छोड़ देना चाहिए.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से किया आग्रह&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये केंद्र का विशेषाधिकार है कि वो विशेषज्ञों की राय को शामिल करे या नहीं. जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस प्रशांत मिश्रा की पीठ ने आदेश में कहा कि 11 एक्सपर्ट कमेटी काम कर रही है. इनमें चार विशेषज्ञ भी है. एक विशेषज्ञ प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है कि दुनिया भर में चीता संरक्षण के विशेषज्ञों से सलाह नहीं ली जा रही है. कोर्ट ने कहा कि किस विशेषज्ञ की राय को शामिल किया जाए ये केंद्र सरकार का विशेषाधिकार है. हम आग्रह करते हैं कि सरकार विशेषज्ञों की राय पर भी विचार करें.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये है पूरा मामला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय पार्क में एक साल के भीतर नौ चीतों की मौत हुई है. उनमें तीन शावक भी शामिल हैं. कूनो में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से 20 वयस्क चीतों को लाया गया था. तब से वहां चार शावकों का जन्म हो चुका है. 1952 में चीते देश से विलुप्त हो गए थे. चीता प्रोजेक्ट के तहत चीतों को फिर से मध्य प्रदेश के कूनो में बसाने की योजना शुरू की गई है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: कूनो में लगातार चीतों की मौत से सरकार नाराज, PCCF जसबीर सिंह पर फूटा गुस्सा</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/mp-news-%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%a8%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b2%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80/</link><pubDate>July 18, 2023, 2:10 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/Clipboard-1-2-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में सालों बाद शुरू हुए चीता प्रोजेक्ट पर ग्रहण लगता प्रतीत हो रहा है. यहां पर एक के बाद एक लगातार 8 चीतों की मौत हो चुकी है. इसमें पांच चीते और 3 शावक शामिल हैं. चीतों को नामीबिया और अफ्रीका से लाकर मध्य प...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल.&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में सालों बाद शुरू हुए चीता प्रोजेक्ट पर ग्रहण लगता प्रतीत हो रहा है. यहां पर एक के बाद एक लगातार 8 चीतों की मौत हो चुकी है. इसमें पांच चीते और 3 शावक शामिल हैं. चीतों को नामीबिया और अफ्रीका से लाकर मध्य प्रदेश के कूनो में बसाए गए चीतों को धीरे-धीरे खुले में भी छोड़ा गया, लेकिन चीतों की मौत ने पीएम चीता प्रोजेक्ट को तगड़ा झटका दिया है. बीते हफ्ते भर में दो चीतों की मौत हो गई है. इसके बाद सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए वाइल्ड लाइफ पीसीसीएफ जसबीर सिंह चौहान पर कार्रवाई करते हुए उन्हें हटा दिया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अब तक इन चीतों की हो चुकी मौत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अब तक 5 वयस्क चीता और 3 शावक मौत का शिकार हो गए हैं. कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया और साउथ अफ्रीका से कुल 20 चीते भारत लाए गए थे, जिनमें से नामीबियाई मादा चीता ज्वाला ने 4 शावको को भी जन्म दिया था, लेकिन इस प्रोजेक्ट के तहत पहली मौत 26 मार्च 2023 को नामीबियाई मादा चीता साशा की मौत किडनी संक्रमण के कारण हो गई थी. वहीं, नर चीता उदय की मौत 23 अप्रैल 2023 को कार्डियो पल्मोनिरी फेलियर के दौरान हो गई थी, इसके बाद दक्षा की मौत 9 मई 2023 को नर चीतों के साथ हिंसक इंट्रक्शन के चलते हो गई थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बीते दिन इन चीतों की हुई थी मौत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके साथ ही नामीबियाई मादा चीता ज्वाला के 4 शावको में से एक की मौत 23 मई को जबकि तीन में से दो की मौत 25 मई को डिहाइड्रेशन से हो गई थी. बीते मंगलवार 11 जुलाई को चीता तेजस और इसके चार दिन बाद 15 जुलाई को एक और चीते की मौत हो गई, जिसके एक दिन बाद हुए पोस्टमार्टम में सामने आया कि तेजस पहले से बीमार था. उसके फेफड़ों और गुर्दे में संक्रमण पाया गया है. यही वजह है कि मादा चीता सवाना के साथ मेटिंग के दौरान हुई हिंसक इंट्रक्शन के बीच उसकी बीमारी से वह मादा से कमजोर रहा और जख्मी होने से उसकी मौत हो गई.&lt;/p&gt;
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