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       <title>Today ग्वालियर न्यूज News | Latest ग्वालियर न्यूज News | Breaking ग्वालियर न्यूज News in English | Latest ग्वालियर न्यूज News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का ग्वालियर न्यूज समाचार:Today ग्वालियर न्यूज News ,Latest ग्वालियर न्यूज News,Aaj Ka Samachar ,ग्वालियर न्यूज समाचार ,Breaking ग्वालियर न्यूज News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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            <title>Inkhabar</title>
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        </image><item><title>Gwalior Teachers: एमपी के ग्वालियर में शिक्षकों को मिली नई ड्यूटी, ऐसे बच्चों की करनी होगी तलाश</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/gwalior-teachers-teachers-got-new-duty-in-gwalior-mp-such-children-will-have-to-be-searched/</link><pubDate>May 27, 2024, 9:13 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/05/3.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल। किसी भी बच्चे को भीख मांगते हुए देखना बहुत ही दुखद अनुभव होता है। अक्सर ऐसे बच्चे हमें ट्रैफिक लाइट से लेकर सड़कों और रेलवे स्टेशनों पर भीख मांगते दिखाई दे जाते हैं। हालांकि, सरकार की तरफ से बच्चों में बढ़ती भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; किसी भी बच्चे को भीख मांगते हुए देखना बहुत ही दुखद अनुभव होता है। अक्सर ऐसे बच्चे हमें ट्रैफिक लाइट से लेकर सड़कों और रेलवे स्टेशनों पर भीख मांगते दिखाई दे जाते हैं। हालांकि, सरकार की तरफ से बच्चों में बढ़ती भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए कई कानून पास किए गए हैं। बावजूद इसके भीख मांगने वाले बच्चों की संख्या कम नहीं हो रही है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के ग्लावियर से एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां ग्वालियर के जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों (Gwalior Teachers) की ड्यूटी भिखारियों को ढूंढने के काम में लगा दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जिला शिक्षा अधिकारी ने दिया आदेश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, महिला बाल विकास विभाग की तरफ से बच्चों में बढ़ती भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए नया अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत ग्लावियर के जिला शिक्षा अधिकारी ने एक आदेश जारी किया है। इस आदेश के अनुसार, शिक्षकों को भीख मांगने वाले बच्चों की तलाश करनी है और उनके पुर्ननिवास का इंतजाम करके मुख्यधारा में लाने की बात कही गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आदेश से&lt;/strong&gt; &lt;strong&gt;शिक्षकों में रोष&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यही नहीं इस अभियान हेतु जिला शिक्षा अधिकारी ने औपचारिक पत्र जारी किया है। जिसके अनुसार सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक शिक्षकों (Gwalior Teachers) को भीख मांगने वाले बच्चों को तलाशने की ड्यूटी मिली है। प्रशासन की ये पहल जहां काफी सराहनीय मानी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ इस फैसले से शिक्षकों में गहरा रोष भी देखने को मिला है। इस गर्मी और चिलचिलाती धूप में घूम कर बच्चों की तलाश करना शिक्षकों के लिए आसान काम नहीं है। ऐसे में ये 9 घंटे की नई ड्यूटी शिक्षकों के लिए मुसीबत बनी हुई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;संविधान में मिला है अधिकार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि भारतीय संविधान में भी 14 साल तक के बच्चों को पढ़ने का अधिकार मिला है। जिसमें ‘शिक्षा का अधिकार’ (Right to Education) पहले राज्य के नीति निदेशक तत्व के अनुच्छेद 45 में रखा गया था, इसे मानने के लिए सरकारें बाध्य नहीं थीं। हालांकि 2002 में 86वें संविधान संशोधन के तहत ‘शिक्षा के अधिकार’ को मूल अधिकार (Fundamental Rights) बनाया गया। ऐसे में अनुच्छेद 21 ए के अंतर्गत 6 से 14 साल तक के बच्चों को मुफ्त शिक्षा का अधिकार प्राप्त है। जबकि सरकार ने साल 2009 में शिक्षा का अधिकार एक्ट (Right to Education Act) को भी हरी झंडी दी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP Politics: UCC पर राकेश टिकैत ने दिया बड़ा बयान, जनसंख्या नियंत्रण और MSP कानून पर भी सरकार को घेरा</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/rakesh-tikait-gave-a-big-statement-on-ucc-surrounded-the-government-on-population-control-and-msp-law-too/</link><pubDate>July 3, 2023, 9:35 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/Clipboard-16-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब से मध्य प्रदेश के भोपाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की बात कही है, तब से सियासत में इस मुद्दे की चर्चा काफी तेज हो गई है. हाल ही में ग्वालियर आए किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन संगठन के राष्ट्रीय प...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब से मध्य प्रदेश के भोपाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की बात कही है, तब से सियासत में इस मुद्दे की चर्चा काफी तेज हो गई है. हाल ही में ग्वालियर आए किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जब तिरंगा एक है तो एजुकेशन भी एक ही होनी चाहिए. गरीबों को अनाज बाटें और बंटवारा सारी चीजों का समान होना चाहिए. एक आदमी पर एक कमरा नहीं, लेकिन एक आदमी पर 17 कमरे हैं ये सब बराबर होना चाहिए.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जनसंख्या नियंत्रण पर कही यह बात&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिल के समर्थन के सवाल पर राकेश टिकैत ने कहा कि हम तो सारी चीजों को समर्थन कर रहे हैं. शिक्षा क्यों अलग-अलग हो जब एक सिविल कोड लाना चाहते हैं. तो विपक्षी दल विरोध करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि सरकार कोई भी कानून लेकर आए. सभी की आम सहमति से आना चाहिए. उसका नफा-नुकसान क्या है पता लग जाएगा. सबसे पहले जनसंख्या नियंत्रण कानून देश में लाना चाहिए. आने वाले 50-100 साल में देश की क्या स्थिति होगी. वही टिकैत ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, ये इस देश को लेबर कॉलोनी बनाना चाहते हैं. सस्ती लेबर यहां पर उपलब्ध होगी. दुनिया भर की इंडस्ट्री यहां पर होगी. पॉल्यूशन हमारा देश झेलेगा. सबसे पहले जनसंख्या नियंत्रण कानून लेकर आना होगा.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राकेश टिकैत- MSP कानून आना चाहिए&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा कुछ फसलों के MSP रेट बढ़ाये जाने के सवाल पर राकेश टिकैत ने कहा कि, एमएसपी पर अभी भारत सरकार कोई बात नहीं कर रही है. उसने पहले भी कभी एमएसपी पर बात की ही नहीं, क्योकिं ये पार्टी व्यापारियों की पार्टी है. ये बड़े उद्योग धंधों में लिप्त हैं. अपने लोगों की मदद करती है. व्यापारियों की सरकार है. हमारी मांग है कि देश में एमएसपी कानून आना चाहिए. जिन फसलों का रेट बढ़ाया है, उस पर खरीद कौन करेगा? आप उस पर कानून बना दो. जितनी सरकार को खरीद करनी है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: मां-बाप की लाश के साथ बेटा भूखा-प्यासा बेहोश पड़ा रहा, जानिए क्या थी आत्महत्या की वजह</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/mp-news-the-son-was-lying-unconscious-hungry-and-thirsty-with-the-dead-bodies-of-his-parents-know-what-was-the-reason-for-the-suicide/</link><pubDate>April 26, 2023, 7:08 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/Clipboard-79-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल। मध्य प्रदेश से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. दरअसल ग्वालियर में एक डेढ़ साल का बच्चा तीन दिन तक अपनी मां-बाप की लाशों के साथ बेहोश पड़ा रहा. बच्चा भूखा प्यासा था. बताया जा रहा है कि पड़ोसियों को बच्चे के रोने की आवाज भी नहीं आई. जब लाश ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. दरअसल ग्वालियर में एक डेढ़ साल का बच्चा तीन दिन तक अपनी मां-बाप की लाशों के साथ बेहोश पड़ा रहा. बच्चा भूखा प्यासा था. बताया जा रहा है कि पड़ोसियों को बच्चे के रोने की आवाज भी नहीं आई. जब लाश सड़ने लगी तो पड़ोसियों को गंदी बदबू आई. तो उन्होंने दरवाजा खोलने की कोशिश भी की, लेकिन उनसे नहीं खुला। पुलिस ने पहुंचकर घर का दरवाजा खोला तो देखा कि दंपत्ति की लाशें फांसी के फंदे पर लटकी हुई थी। वही कमरे में मासूम भी बेहोश अवस्था में पड़ा हुआ था. पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराया.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ग्वालियर शहर की है घटना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि घटना ग्वालियर शहर के उपनगर ग्वालियर थाना क्षेत्र के मद्दी बाजार इलाके की है. सोनू उर्फ नूर आलम पेशे से हेयर सैलून का काम करता था. वह पत्नी शबाना और तीन बच्चों के साथ रहता था. ईद के दिन उसके दो बच्चे पास स्थित अपनी दादी जौहरा बाई के घर पर गए हुए थे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पड़ोसियों को आई थी लाशों के सड़ने की बदबू&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मिली जानकारी के अनुसार सोनू, पत्नी शबाना और डेढ़ साल के बच्चे के साथ अपने&amp;nbsp;घर पर ही मौजूद था. मंगलवार की शाम को सोनू के घर से पड़ोसियों को गंदी बदबू आई. लोगों ने सोनू के घर का दरवाजा खोलने का प्रयास किया तो वह खुला नहीं. इसके बाद पड़ोसियों ने पुलिस और रिश्तेदारों को इस बारे में सूचना दी. जानकारी मिलते ही परिवार वाले और पुलिस मौके पर घटना स्थल पर पहुंच गए. कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस को दरवाजा खोलने में सफलता मिली। जैसे ही दरवाजा खुला तो देखा कि दंपति के शव फांसी के फंदे से लटके हुए थे. साथ ही डेढ़ साल का बेटा भूखा प्यासा बेहोश पड़ा हुआ था. हालांकि बेटे को इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया है.&lt;/p&gt;
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