<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today केंद्र सरकार News | Latest केंद्र सरकार News | Breaking केंद्र सरकार News in English | Latest केंद्र सरकार News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का केंद्र सरकार समाचार:Today केंद्र सरकार News ,Latest केंद्र सरकार News,Aaj Ka Samachar ,केंद्र सरकार समाचार ,Breaking केंद्र सरकार News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.mp.inkhabar.com/tag/%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0</link>
        <lastBuildDate>May 7, 2026, 9:05 pm</lastBuildDate>
        <copyright>MP Inkhabar</copyright>
        <generator>MP Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://www.mp.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Inkhabar</title>
            <link>https://www.mp.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>MP News: सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पेश किया हलफनामा, कुनो में चीतों के मौत की बताई वजह</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/the-government-presented-an-affidavit-in-the-supreme-court-stating-the-reason-for-the-death-of-cheetahs-in-kuno/</link><pubDate>August 2, 2023, 3:36 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/Untitled-design-18.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में चीतों की मौतों को लेकर लगातार तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं. अब इस मामले में केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय और नेशनल टाइगर कन्जर्वेशन अथॉरिटी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. इस एफिडेबिट...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल.&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में चीतों की मौतों को लेकर लगातार तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं. अब इस मामले में केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय और नेशनल टाइगर कन्जर्वेशन अथॉरिटी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. इस एफिडेबिट में कूनो में हो रही चीतों की मौत की साइंटिफिक वजह बताई गई है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मौत की वजह प्राकृतिक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि चीतों की मौत की वजह प्राकृतिक है. इनमें से किसी भी चीतों की मौत अप्राकृतिक वजहों से नहीं हुई है. हलफनामे में ये भी हवाला दिया गया कि किसी चीते की मौत शिकार, जहर, करंट लगने या सड़क पर किसी हादसे की वजह से नहीं हुई है. कूनो में किसी भी अनुपयुक्त कारणों की वजह से चीतों की मौत नहीं हुई है. वहीं चीतों की मौत को लेकर एक बड़ा साइंटिफिक कारण भी बताया गया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;साइंटिफिक कारण भी है मौत की वजह&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कोर्ट में दाखिल एफिडेविट में बताया गया है कि सामान्य साइंटिफिक अवेयरनेस यह कहता है कि इकोसिस्टम का अभिन्न हिस्सा कहे जाने वाले चीतों, खासकर एडल्ट चीतों में 50 प्रतिशत चीतों का सर्वाइवल रेट काफी कम है. NTCA ने अदालत को बताया कि 15 एडल्ट चीते और भारत में जन्मा एक शावक अभी भी वहां रह रहा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रोजेक्ट चीता पर चल रहा काम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कोर्ट में दाखिल हलफनामे में मंत्रालय द्वारा सुप्रीम कोर्ट से कहा गया है कि कूनो में रह रहे चीतों पर ध्यान रखा जा रहा है और एहतिहात के तौर पर उनका मेडिकल परीक्षण भी कराया जा रहा है. हलफनामे में कहा गया है कि पांच एडल्ट चीतों और तीन शावकों की कूनो नेशनल पार्क में मौत परेशान करने वाला है, लेकिन यह ज्यादा अनावश्यक रूप से चिंताजनक नहीं है. सुप्रीम कोर्ट में ये जानकारी दी गई है कि वाइल्डलाइफ, वन, सोशल साइंस, इकोलॉजी, पशु विज्ञान और अन्य विभागों की एक स्टेयरिंग कमेटी प्रोजेक्ट चीता पर काम कर रही है और इसे मॉनिटर भी कर रही है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>दो महीने के अंदर तीन अफ्रीकी चीतों की मौत पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित, सरकार से मांगा जबाब</title><link>https://mp.inkhabar.com/politics/supreme-court-worried-over-the-death-of-three-african-cheetahs-within-two-months-sought-answers-from-the-government/</link><pubDate>May 19, 2023, 8:00 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-4-3-300x169.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>भोपाल: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में पिछले दो महीने में तीन चीतों के मौत पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संजय करोल की पीठ ने कहा कि एक्सपर्ट रिपोर्ट से लगता है कि चीतों की बड़ी आबादी के लिए कूनो में पर्याप्त स्...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल: &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में पिछले दो महीने में तीन चीतों के मौत पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संजय करोल की पीठ ने कहा कि एक्सपर्ट रिपोर्ट से लगता है कि चीतों की बड़ी आबादी के लिए कूनो में पर्याप्त स्थान और संसाधन नहीं हैं, इसलिए केंद्र सरकार काे दूसरे पार्क या सेंचुरी में चीतों की शिफ्टिंग पर विचार करना चाहिए। साथ ही कोर्ट ने वन्यजीव विशेषज्ञ समिति को अगले 15 दिन के अंदर चिता टास्क फोर्स को सुझाव देने के निर्देश दिए।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;SC: चीतों को दूसरे राज्य में शिफ्ट क्यों नहीं कर रहे&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;कोर्ट ने पूछा की आप राजस्थान में चीतों के लिए जगह क्यों नहीं देख रहें ? केवल इसलिए कि वहां पर विपक्षी पार्टी की सरकार है। केंद्र सरकार कि तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि चीता टास्क फोर्स मौत के कारणों और इन्हें दूसरी सेंचुरी में शिफ्ट करने के पहलुओं की जांच की जा रही है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नामीबिया से लाए गए थे चीते&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;देश से विलुप्त हो चुके चीतों को फिर आबाद करने के लिए लगभग 70 साल बाद नामीबिया से 8 चीते भारत लाए गए थे। आपको बता दे कि ये चीते नामीबिया &amp;#8216;ने भारत को तोहफे के रूप में दिया था। नामीबिया के आलावा साउथ अफ्रीका से भी 12 चीते भारत लाए गए है।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>