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       <title>Today कूनो नेशनल पार्क News | Latest कूनो नेशनल पार्क News | Breaking कूनो नेशनल पार्क News in English | Latest कूनो नेशनल पार्क News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का कूनो नेशनल पार्क समाचार:Today कूनो नेशनल पार्क News ,Latest कूनो नेशनल पार्क News,Aaj Ka Samachar ,कूनो नेशनल पार्क समाचार ,Breaking कूनो नेशनल पार्क News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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            <title>Inkhabar</title>
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            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>Leopard: कूनो नेशनल पार्क में हुई 1 शावक चीते की मौत,अब केवल 24 चीते शेष</title><link>https://mp.inkhabar.com/tourism/leopard-1-cub-leopard-died-in-kuno-national-park-now-only-24-leopards-left/</link><pubDate>August 28, 2024, 2:32 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/qwert.webp</image><category>पर्यटन</category><excerpt>भोपाल। कूनो नेशनल पार्क से एक दुखद खबर सामने आई है। नेशनल पार्क में एक चीते की अचानक से मौत की हो गई। वन विभाग के हवाले से सूचना मिली कि नामीबियाई नर चीता &amp;#8216;पवन&amp;#8217; की मौत हो गई है। इससे पहले 5 अगस्त को भी अफ्रीकी चीता &amp;#8216;गामिनी&amp;#82...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; कूनो नेशनल पार्क से एक दुखद खबर सामने आई है। नेशनल पार्क में एक चीते की अचानक से मौत की हो गई। वन विभाग के हवाले से सूचना मिली कि नामीबियाई नर चीता &amp;#8216;पवन&amp;#8217; की मौत हो गई है। इससे पहले 5 अगस्त को भी अफ्रीकी चीता &amp;#8216;गामिनी&amp;#8217; के 5 महीने के शावक की मौत हो गई थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मृत अवस्था में पाया गया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कूनो नेशनल पार्क में &amp;#8216;पवन&amp;#8217; नामक चीता मंगलवार सुबह 10:30 बजे एक उफनती नहर के पास झाड़ियों में बेसुद पाया गया। इस घटना की जानकारी वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक और लायन प्रोजेक्ट के निदेशक उत्तम शर्मा के कार्यालय से जारी की गई। जब उसके पास जाकर देखा गया तो उसकी मृत्यु हो चुकी थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केवल 24 बचे है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के मुताबिक चीते के शव को जब बरामद किया गया तो उस समय चीते का सिर पानी के अंदर था। शरीर पर कहीं भी बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। प्रारंभिक जांच के मुताबिक मौत का संभावित कारण उसका डूबना माना जा रहा है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पूरी जानकारी मिल पाएगी। &amp;#8216;पवन&amp;#8217; की मौत के बाद कूनो नेशनल पार्क में अब केवल 24 चीते बचे हुए हैं। जिनमें 12 वयस्क और 12 शावक शामिल हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: कूनो में चीतों की मौत पर सुनवाई बंद, केंद्र सरकार को मिली राहत</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/hearing-closed-on-the-death-of-cheetahs-in-kuno-the-central-government-got-relief/</link><pubDate>August 8, 2023, 1:25 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/Clipboard-79-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल. मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में लगातार हो रही चीतों की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ी राहत दी है. केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि चीतों को देश में बसाने में कुछ समस्याएं जरूर हैं, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल. &lt;/strong&gt;मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में लगातार हो रही चीतों की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ी राहत दी है. केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि चीतों को देश में बसाने में कुछ समस्याएं जरूर हैं, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की दलील को स्वीकार करते हुए अब इस मामले की सुनवाई बंद कर दी है. बता दें कि कोर्ट ने केंद्र सरकार की दलीलों को स्वीकार करते हुए ये भी कहा कि भारत में चीतों को बसाने के प्रोजेक्ट पर सरकार से सवाल पूछने का कोई कारण अब बचा नहीं है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केंद्र सरकार ने ये कहा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने न्यायमूर्ति बी आर गवई की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ को बताया कि चीतों को बसाने के लिए बहुत सारी तैयारी की गई है. हर साल करीब 12 से 14 चीतों को लाया जाएगा. कुछ समस्याएं हैं लेकिन चिंताजनक जैसा कुछ भी नहीं है. वहीं चीतों की मौत को लेकर कुछ विशेषज्ञों ने चीतों पर इस्तेमाल की गई रेडियो कॉलर को भी कारण माना है. जबकि सरकार ने आरोपों को वैज्ञानिक सबूत के बिना और अफवाह के रुप में इसे खारिज कर दिया. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र के बयानों पर अविश्वास करने का कोई दूसरा कारण नहीं मिला. कोर्ट ने कहा कि इस परियोजना को न्यायपालिका के बजाय क्षेत्र के विशेषज्ञों के विवेक पर छोड़ देना चाहिए.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से किया आग्रह&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये केंद्र का विशेषाधिकार है कि वो विशेषज्ञों की राय को शामिल करे या नहीं. जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस प्रशांत मिश्रा की पीठ ने आदेश में कहा कि 11 एक्सपर्ट कमेटी काम कर रही है. इनमें चार विशेषज्ञ भी है. एक विशेषज्ञ प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है कि दुनिया भर में चीता संरक्षण के विशेषज्ञों से सलाह नहीं ली जा रही है. कोर्ट ने कहा कि किस विशेषज्ञ की राय को शामिल किया जाए ये केंद्र सरकार का विशेषाधिकार है. हम आग्रह करते हैं कि सरकार विशेषज्ञों की राय पर भी विचार करें.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये है पूरा मामला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय पार्क में एक साल के भीतर नौ चीतों की मौत हुई है. उनमें तीन शावक भी शामिल हैं. कूनो में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से 20 वयस्क चीतों को लाया गया था. तब से वहां चार शावकों का जन्म हो चुका है. 1952 में चीते देश से विलुप्त हो गए थे. चीता प्रोजेक्ट के तहत चीतों को फिर से मध्य प्रदेश के कूनो में बसाने की योजना शुरू की गई है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MP News: कूनो में लगातार चीतों की मौत से सरकार नाराज, PCCF जसबीर सिंह पर फूटा गुस्सा</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/mp-news-%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%a8%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b2%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80/</link><pubDate>July 18, 2023, 2:10 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/Clipboard-1-2-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल. मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में सालों बाद शुरू हुए चीता प्रोजेक्ट पर ग्रहण लगता प्रतीत हो रहा है. यहां पर एक के बाद एक लगातार 8 चीतों की मौत हो चुकी है. इसमें पांच चीते और 3 शावक शामिल हैं. चीतों को नामीबिया और अफ्रीका से लाकर मध्य प...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल.&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में सालों बाद शुरू हुए चीता प्रोजेक्ट पर ग्रहण लगता प्रतीत हो रहा है. यहां पर एक के बाद एक लगातार 8 चीतों की मौत हो चुकी है. इसमें पांच चीते और 3 शावक शामिल हैं. चीतों को नामीबिया और अफ्रीका से लाकर मध्य प्रदेश के कूनो में बसाए गए चीतों को धीरे-धीरे खुले में भी छोड़ा गया, लेकिन चीतों की मौत ने पीएम चीता प्रोजेक्ट को तगड़ा झटका दिया है. बीते हफ्ते भर में दो चीतों की मौत हो गई है. इसके बाद सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए वाइल्ड लाइफ पीसीसीएफ जसबीर सिंह चौहान पर कार्रवाई करते हुए उन्हें हटा दिया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अब तक इन चीतों की हो चुकी मौत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अब तक 5 वयस्क चीता और 3 शावक मौत का शिकार हो गए हैं. कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया और साउथ अफ्रीका से कुल 20 चीते भारत लाए गए थे, जिनमें से नामीबियाई मादा चीता ज्वाला ने 4 शावको को भी जन्म दिया था, लेकिन इस प्रोजेक्ट के तहत पहली मौत 26 मार्च 2023 को नामीबियाई मादा चीता साशा की मौत किडनी संक्रमण के कारण हो गई थी. वहीं, नर चीता उदय की मौत 23 अप्रैल 2023 को कार्डियो पल्मोनिरी फेलियर के दौरान हो गई थी, इसके बाद दक्षा की मौत 9 मई 2023 को नर चीतों के साथ हिंसक इंट्रक्शन के चलते हो गई थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बीते दिन इन चीतों की हुई थी मौत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके साथ ही नामीबियाई मादा चीता ज्वाला के 4 शावको में से एक की मौत 23 मई को जबकि तीन में से दो की मौत 25 मई को डिहाइड्रेशन से हो गई थी. बीते मंगलवार 11 जुलाई को चीता तेजस और इसके चार दिन बाद 15 जुलाई को एक और चीते की मौत हो गई, जिसके एक दिन बाद हुए पोस्टमार्टम में सामने आया कि तेजस पहले से बीमार था. उसके फेफड़ों और गुर्दे में संक्रमण पाया गया है. यही वजह है कि मादा चीता सवाना के साथ मेटिंग के दौरान हुई हिंसक इंट्रक्शन के बीच उसकी बीमारी से वह मादा से कमजोर रहा और जख्मी होने से उसकी मौत हो गई.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>कूनो नेशनल पार्क में दो शावक चीतों की मौत, एक की हालत गंभीर</title><link>https://mp.inkhabar.com/top-news/two-cubs-died-in-kuno-national-park-one-in-critical-condition/</link><pubDate>May 25, 2023, 5:34 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-3-3-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>भोपाल : मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में दो और चीतों की मौत होने का मामला सामने आया है। गुरुवार को मादा चीता ज्वाला के शावकों की जान चली गई है। बता दें कि मंगलवार को एक शावक ने दम तोड़ दिया था। 27 मार्च को ज्वाला नामक मादा चीता ने छह चीतों को...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल :&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में दो और चीतों की मौत होने का मामला सामने आया है। गुरुवार को मादा चीता ज्वाला के शावकों की जान चली गई है। बता दें कि मंगलवार को एक शावक ने दम तोड़ दिया था। 27 मार्च को ज्वाला नामक मादा चीता ने छह चीतों को जन्म दिया था। कूनो नेशनल पार्क में दो महीने के अंदर छह चीतों की मौत हो गई है। चीतों के मौत पर पीसीसीएफ जेएस चौहान ने बताया कि कि कूनो नेशनल पार्क में एक शावक चीते की मौत के बाद तीन अन्य शावकों की हालत ठीक नहीं लग रही थी, इस बात को ध्यान में रखते हुए कूनो वन्य प्राणी चिकित्सकों की देखरेख में तीनों शावकों को रखा गया। अधिक गर्मी होने और लू चलने के कारण शावकों की तबीयत खराब गई । गुरुवार को इलाज के दौरान इनमें से दो की मौत हो गई है। एक की हालत अभी भी खराब है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;क्या तेज गर्मी से बिगड़ी तबीयत&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन ने प्रेस नोट जारी करते हुए बताया कि कुछ पहले शावकों के मॉनिटरिंग के दौरान उनकी हालत सामान्य नहीं लग रही थी। उस रोज दिन का तापमान 46 से 47 डिग्री था। पूरे दिन गर्म हवाएं और लू चलती रही जिसके बाद शावकों को बचाने के लिए रेस्क्यू कर जरूरी इलाज करने का फैसला लिया गया। इलाज के दौरान दो शावकों की मौत हो गई। बता दें की एक शावक की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>कूनो नेशनल पार्क में उदय नाम के एक और चीते की हुई मौत</title><link>https://mp.inkhabar.com/states/another-leopard-named-uday-died-in-kuno-national-park/</link><pubDate>April 23, 2023, 4:59 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/download-7-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>भोपाल: कूनो नेशनल पार्क से बुरी खबर सामने आयी है। उदय नाम के चीते की आज मौत हो गई है। इस बात की पुष्टि मध्य प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक जे एस चौहान ने की है। जे एस चौहान ने बतया कि आज उदय नाम का चीता कूनो नेशनल पार्क में बीमार पाया गया था। [&amp;hel...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल&lt;/strong&gt;: कूनो नेशनल पार्क से बुरी खबर सामने आयी है। उदय नाम के चीते की आज मौत हो गई है। इस बात की पुष्टि मध्य प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक जे एस चौहान ने की है। जे एस चौहान ने बतया कि आज उदय नाम का चीता कूनो नेशनल पार्क में बीमार पाया गया था। जिसके बाद उसे बेहोश करके इलाज किया जा रहा था। शाम को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की असली वजह का खुलासा हो पाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;उदय 12 चीतों में से एक था&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;उदय नाम का ये चीता विदेश से आये 12 चीतों में से एक था जो दक्षिण अफ्रीका से लाए गए थे। कूनो नेशनल पार्क के अधिकारीयों के अनुसार उदय आज दैनिक निगरानी दाल को बीमार हालत में मिला जिसके बाद उसका इलाज के लिए आइसोलेशन वार्ड में रखा गया। लेकिन आज शाम 4 बजे चीते की मौत हो गई।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>विदेशी चीतों को मिला देशी नाम, जाने कैसे हुआ नामकरण</title><link>https://mp.inkhabar.com/tourism/foreign-cheetahs-got-native-name-know-how-it-was-named/</link><pubDate>April 21, 2023, 7:50 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/cheetah-957686-1614864069-300x169.jpg</image><category>पर्यटन</category><excerpt>भोपाल: नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों का भारतीय नामकरण कर दिया गया है। अब इन चीतों को भारतीय नाम से ही जाना जाएगा। चीतों के नए नामों का चुनाव ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित कर के किया गया है। दरसल नामीबिया से 8 और दक्षिण अफ्रीका से लाए ग...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल:&lt;/strong&gt; नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों का भारतीय नामकरण कर दिया गया है। अब इन चीतों को भारतीय नाम से ही जाना जाएगा। चीतों के नए नामों का चुनाव ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित कर के किया गया है। दरसल नामीबिया से 8 और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 12 चीतों को अब तक उनके विदेशी नामों से ही जाना जाता था। लेकिन अब इन्हें भारतीय नाम मिल गए है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कैसे हुआ नामकरण&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;विदेशी चीतों के भारतीय नामकरण के लिए केंद्रसरकार द्वारा एक ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमे देश के हजारों लोगो ने हिस्सा लिया और नाम के सुझाव दिए। सुझावों के आधार पर इनका भारतीय नामकरण हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 सितंबर को मन की बात कार्यक्रम में देशवसियों से आह्वान किया था कि इनके कुछ भारतीय नाम का सुझाव दें। जिसके बाद केंद्र सरकार द्वारा mygov पोर्टल पर एक प्रतियोगिता आयोजित की गई। यह प्रतियोगिता 26 सितंबर को शुरू हुई और 31 अक्टूबर तक चली थी। प्रतियोगिता में विजेताओं के नाम की घोषणा कर दी गई है। इसकी जानकारी केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने ट्वीट कर के दी है।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;516&quot; height=&quot;237&quot; src=&quot;https://inkhabarmp.com/wp-content/uploads/2023/04/tweet-by-bhupendra-yadav-1.jpg&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-1330&quot; srcset=&quot;https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/04/tweet-by-bhupendra-yadav-1.jpg 516w, https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/04/tweet-by-bhupendra-yadav-1-300x138.jpg 300w, https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/04/tweet-by-bhupendra-yadav-1-150x69.jpg 150w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 516px) 100vw, 516px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नामीबिया से लाए गए चीतों के नाम में बदलाव&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;पुराना नाम       &amp;#8211;              नया नाम&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;ओबान        &amp;#8211;                 पवन&lt;br&gt;सवाना         &amp;#8211;                नाभा&lt;br&gt;सियाया      &amp;#8211;                  ज्वाला&lt;br&gt;आशा         &amp;#8211;                आशा&lt;br&gt;एल्टन         &amp;#8211;                गौरव&lt;br&gt;फ्रेडी          &amp;#8211;                शौर्य&lt;br&gt;तिब्लिसी       &amp;#8211;                धात्री&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;साउथ अफ्रीका से लाए गए चीतों के बदले नाम&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;पुराना नाम                           नया नाम&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;फिंडा &amp;#8211;                                 दक्ष&lt;br&gt;मापेसू &amp;#8211;                                 निर्वा&lt;br&gt;फिंडा (व्यस्क-1) &amp;#8211;                    वायु&lt;br&gt;फिंडा(व्यस्क-2) &amp;#8211;                     अग्नि&lt;br&gt;स्वालू (मादा) &amp;#8211;                         गामिनी&lt;br&gt;तस्वालू (व्यस्क नर) &amp;#8211;                  तेजस&lt;br&gt;तस्वालू (उप व्यस्क मादा) &amp;#8211;           वीरा&lt;br&gt;तस्वालू(उप व्यस्क नर) &amp;#8211;              सूरज&lt;br&gt;वाटरबर्ग जीवमंडल ( मादा) &amp;#8211;         धीरा तो&lt;br&gt;वाटरबर्ग जीवमंडल ( नर) &amp;#8211;           उदय&lt;br&gt;वाटरबर्ग बायोस्फीयर (नर-2) &amp;#8211;       प्रभाष&lt;br&gt;वाटरबर्ग बायोस्फीयर (नर-3) &amp;#8211;       पावक&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>