भोपाल। भारत ने दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में मंगलवार को पहले सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में अपनी जगह पक्का कर ली है। भारत की इस जीत के साथ ही चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल के मैदान को बदल दिया गया है। फाइनल मुकाबला दुबई में पहला फाइनल मुकाबला मेजबान पाकिस्तान […]
भोपाल। भारत ने दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में मंगलवार को पहले सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में अपनी जगह पक्का कर ली है। भारत की इस जीत के साथ ही चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल के मैदान को बदल दिया गया है।
पहला फाइनल मुकाबला मेजबान पाकिस्तान के लाहौर शहर में होने था, लेकिन भारत के फाइनल में पहुंचते ही यह मुकाबला दुबई में शिफ्ट कर दिया गया है, क्योंकि बीसीसीआई ने सुरक्षा कारणों से टीम इंडिया को पहले ही पाकिस्तान भेजने से मना कर दिया है। इसके बाद ही इस बड़े आईसीसी टूर्नामेंट का आयोजन हाईब्रिड मॉडल में होगा। अगर भारत फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं करता तो यह फाइनल मुकाबला लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेला जाना था।
जहां बुधवार को दूसरा सेमीफाइनल का मुकाबला दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। लेकिन पहले से ही यह स्पष्ट था कि अगर भारत फाइनल में अपनी दावेदारी पक्की करता है तो यह मुकाबला दुबई में शिफ्ट हो जाएगा। पाकिस्तान की टीम ग्रुप चरण में ही एक भी मुकाबला जीते बिना टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। जानकारी के मुताबिक आईसीसी ने चैंपियंस ट्रॉफी के लिए लगभग 586 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। इस टूर्नामेंट में कुल 15 मुकाबले होने हैं। इनमें भारत के तीन मुकाबले और एक सेमीफाइनल दुबई में खेला गया।
अब फाइनल मुकाबला भी दुबई में ही होगा। एक मैच के लिए लगभग 39 करोड़ रुपये का बजट निश्चित किया गया था। ऐसे में पाकिस्तान को 4 मैच का 156 करोड़ रुपये का नुकसान पहले ही हो चुका है। अब फाइनल दुबई में होने से पाकिस्तान को 39 करोड़ रुपये का और नुकसान झेलना पड़ेगा। पाकिस्तान ने इस वैश्विक आयोजन की मेजबानी के लिए अपने तीन स्टेडियमों के पुनर्निमाण में लगभग 5 अरब रुपये खर्च करने का संभावना जताई थी। हो सकता है कि उतने पैसे खर्च भी हुए होंगे।
पीसीबी को उम्मीद थी कि मैचों के लिए स्टेडियमों में फैंस का जनसैलाब उमड़ेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। क्योंकि पाकिस्तान की टीम नॉकआउट से पहले ही बाहर हो गई। दो मैच बारिश ने धो दिए। इन दो मैच की टिकटों के पैसे पाकिस्तान को फैंस को वापस करने होंगे। उम्मीद की जा रही है कि आयोजन की समाप्ति के बाद पाकिस्तान एक बार फिर पैसे के लिए आईसीसी के सामने गिड़गिड़ा सकता है।