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                    <title><![CDATA[कमियों को बनाई अपनी मजबूती, दिव्यांग होने के बाद भी कई काम करने में सक्षम]]></title>
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                    <description><![CDATA[भोपाल। सनी जन्म से ही दिव्यांग था। दिव्यांग होने के कारण उनके परिवार ने उनका साथ छोड़ दिया। 7 साल की उम्र में आत्महत्या का विचार आने पर रेलवे प्लेटफॉर्म के नीचे मरने चला गया, जान तो बच गई लेकिन ट्रेन हादसे में एक पैर चला गया। अब मरने से भी डर लगने लगा तो [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/02/Clipboard-2025-02-24T132417.864.jpg"/><strong>भोपाल।</strong> सनी जन्म से ही दिव्यांग था। दिव्यांग होने के कारण उनके परिवार ने उनका साथ छोड़ दिया। 7 साल की उम्र में आत्महत्या का विचार आने पर रेलवे प्लेटफॉर्म के नीचे मरने चला गया, जान तो बच गई लेकिन ट्रेन हादसे में एक पैर चला गया। अब मरने से भी डर लगने लगा तो इंदौर के अन्नपूर्णा मंदिर के बाहर बैठकर कुछ मांग कर पेट भरने लगा।
<h2><strong>सेवाधाम आश्रम में लॉन्ड्री इंचार्ज</strong></h2>
इस दौरान उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में किसी ने सनी की सूचना दी। सनी को आश्रम लाया गया। एक साल तक कटे हु्ए पैर का इलाज चला। सनी ने इस स्थिति से लड़ने के बारे में सोचा। उसने खुद को अपनाते हुए जीवन जीना शुरू किया। सनी ने शुरुआत में आश्रम के छोटे-मोटे काम किए और अपना गुजारा किया। दिव्यांग होने की वजह से काम करने में परेशानी भी आई लेकिन धीरे-धीरे खुद को दिमागी रूप से सक्षम बनाया। आज सनी 29 साल का है। पिछले 6 साल से वह सेवाधाम आश्रम की ऑटोमेटिक लॉन्ड्री का इंचार्ज है।
<h3><strong>बड़े-बड़े शहरों में गायकी के लिए गए</strong></h3>
सनी की शादी हो गई है। उसकी शादी से दो बच्चे भी हैं। सनी एक गायक भी है। सनी ने कोई प्रशिक्षण नहीं लिया लेकिन सनी कई बड़े कार्यक्रमों में अपनी गायकी दिखा चुका है। अब इंडियन आइड​ल के जरिए वह टीवी पर आना चाहता है। सनी ने बताया कि साल 2013 से गायकी शुरू की। भोपाल में राज्यपाल के सामने प्रस्तुति दी। राज्यपाल रामनरेश यादव ने गाना सुनकर घर में आमंत्रित किया। दिल्ली, बेंगलुरु और गोवा जैसे बड़े-बड़े शहरों में गायकी के लिए जा चुके हैं।
<h3><strong>बजरंगबली के भजन गाना पसंद</strong></h3>
सनी मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखता है। सनी कई भजन भी गाता है। इस पर सनी ने कहा कि वह सभी धर्मों को मानता है। मुझे भजन गाना बहुत पसंद है ,लेकिन मैं सबसे ज्यादा बजरंगबली के भजन गाता हूं। मेरा सपना है कि मैं एक दिन बड़ा स्टार बनूं। मुझे इंडियन आइडल पर गाना है और टीवी में दिखना है। सेवाधाम के संस्थापक सुधीर भाई ने बताया हमारे पास जब सनी आया था, तब उसका पहले पैर का इलाज करवाया। इसके बाद आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरे प्रयास किए। आज वह आश्रम का काम संभालने के साथ ही कई और काम करता है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>February 24, 2025, 7:54 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[कपल्स ने की अनोखी शादी, कार्यक्रम को बनाया जीरो वेस्ट]]></title>
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                    <description><![CDATA[भोपाल। शादी एक ऐसा कार्यक्रम है जिसमें काफी प्रदूषण होता है, लेकिन उस पर कोई ध्यान नहीं देता है। आसमान में छोड़े जाने वाले पटाखे और आतिबाजी, कान फाड़ने वाले डीजे और पता नहीं क्या-क्या। लोग सोचते है कि इन सबके बिना शादी अधूरी है, पर ऐसा नहीं है। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/02/Clipboard-2025-02-24T132417.864.jpg"/><strong>भोपाल।</strong> शादी एक ऐसा कार्यक्रम है जिसमें काफी प्रदूषण होता है, लेकिन उस पर कोई ध्यान नहीं देता है। आसमान में छोड़े जाने वाले पटाखे और आतिबाजी, कान फाड़ने वाले डीजे और पता नहीं क्या-क्या। लोग सोचते है कि इन सबके बिना शादी अधूरी है, पर ऐसा नहीं है। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए भी अच्छी शादी कराई जा सकती है।
<h2><strong>पर्यावरम को मिला सकारात्म संदेश</strong></h2>
ऐसा ही एक उदाहरण कपल्स ने अपनी शादी में कर दिखाया है। अश्विन मालवड़े और नुपुर अग्रवाल की अभी-अभी शादी हुई है। दोनों ने अभी नए रिश्ते में बंधे हैं। अश्विन मर्चेंट नौसेना में चीफ ऑफिसर है। वहीं नुपुर मार्केटिंग प्रोफेशनल है। दोनों ने अपनी शादी को पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए संपन्न की। दोनों ने अपनी शादी को यादगार बनाने के साथ-साथ पर्यावरण प्रदूषण पर भी ध्यान दिया है। इन दोनों की शादी ने पर्यावरण को एक पॉजिटिव संदेश दिया है।
<h3><strong>इस्तेमाल हुआ रीसाइकल्ड सामान</strong></h3>
पर्यावरण को लेकर एक जैसे जुनून की वजह से ये दोनों नजदीक आए और उन्होंने अपनी शादी को जीरो-वेस्ट बनाने का फैसला किया। पुणे में हुई उनकी शादी लोगों को एक शानदार संदेश देने का बेहतरीन उदाहरण है। शादी में सजावट के लिए रीसाइकल्ड सामग्री और लोकल लेवल पर मिलने वाले फूलों का उपयोग किया गया, जिन्हें बाद में खाद के तौर पर इस्तेमाल में लिया गया। नुपुर ने अपनी मां की साड़ी से वेडिंग लहंगा बनाया, वहीं अश्विन की बारात इलेक्ट्रिक गाड़ियों में आई, जिससे बारात से होने वाले प्रदूषण को रोका गया।
<h3><strong>खाने को जरूरतमंदों के बीच बांटा गया</strong></h3>
शादी के बाद बचे हुए खाने को ज़रूरतमंदों के बीच बांटा गया। शादी के लिए की गई यात्रा से होने वाले कार्बन उत्सर्जन की भरपाई के लिए हर मेहमान के लिए चार पेड़ लगाए गए। यहां तक कि मिठाइयां भी उनके नाम के अक्षरों के रुप में बने स्टील के डिब्बें में बांटी गईं। इस तरीके से उन्होंने अपनी शादी को एक अनोखे आयोजन में बदल दिया। उन्होंने पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
<h3><strong>आइडिया को मिला पॉजिटिव रिस्पॉन्स</strong></h3>
अश्विन और नुपुर की अनोखी शादी की लोगों ने खूब प्रशंसा की। अनोखा आइडिया के लिए पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला, तो दोनों ने साल 2020 में 'Greenmyna' की शुरुआत कर डाली।]]></content:encoded>
                    <pubDate>February 24, 2025, 7:54 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[यात्रियों के खूशखबरी, खूबसूरत वादियों से होकर गुजरेगी ट्रेन]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/good-news/good-news-for-passengers-the-train-will-pass-through-beautiful-valleys/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। रेलवे की ओर से यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन चलाई गई है। यात्रियों के लिए चलाई जा रही भगत की कोठी-न्यू तिनसुकिया स्पेशल ट्रेन से राजस्थान के यात्रियों को असम तक सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। जोधपुर डीआरएम पंकजकुमार सिंह के मुताबिक, गाड़ी संख्या 05920 भगत की कोठी- न्यू तिनसुकिया साप्ताहिक [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/02/Clipboard-2025-02-24T132417.864.jpg"/><strong>भोपाल।</strong> रेलवे की ओर से यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन चलाई गई है। यात्रियों के लिए चलाई जा रही भगत की कोठी-न्यू तिनसुकिया स्पेशल ट्रेन से राजस्थान के यात्रियों को असम तक सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। जोधपुर डीआरएम पंकजकुमार सिंह के मुताबिक, गाड़ी संख्या 05920 भगत की कोठी- न्यू तिनसुकिया साप्ताहिक स्पेशल भगत की कोठी से 26 जुलाई से 16 अगस्त तक प्रत्येक शुक्रवार को सुबह साढ़े पांच बजे रवाना होकर सोमवार को सुबह 4 बजे न्यू तिनसुकिया पहुंचेगी।
<h2><strong>हर सोमवार को चलेगी ट्रेन</strong></h2>
वापसी में गाड़ी संख्या 05919 न्यू तिनसुकिया से 29 जुलाई से 12 अगस्त तक प्रत्येक सोमवार को दोपहर 12.45 बजे रवाना होकर गुरुवार सुबह 7.15 बजे भगत की कोठी पहुंचेगी। सीनियर डीसीएम विकास खेड़ा के मुताबिक 2 थर्ड एसी, 11 स्लीपर, 8 जनरल व दो गार्ड डिब्बों समेत कुल 23 कोच होंगे। ट्रेन आवागमन में मेड़ता रोड, महाजन, नागौर, नोखा, बीकानेर, लालगढ़, लूणकरणसर, सूरतगढ़, मौड, पीलीबंगा, हनुमानगढ़, संगरिया, मंडी डबवाली, बठिंडा, मनसा, बुढलाढा, बरेटा, जाखल, टोहाना, जींद, रोहतक, बहादुरगढ़, शकूरबस्ती, दिल्ली किशनगंज, दिल्ली, गाजियाबाद, हापुड़, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबांकी, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, देवरिया सदर, सिवान, छपरा, आजमगढ़ रोड,सोनपुर, हाजीपुर, बरौनी, बेगूसराय और कई अन्य जंक्शन स्टेशनों पर ठहराव करेगी।
<h3><strong>खूबसूरत वादियों का मिलेगा आनंद</strong></h3>
यह ट्रेन खूबसूरत वादियों से होकर गुजरेगी। जिससे इस ट्रेन में सफर करने वाले यात्री शानदार नजारों का आनंद उठा सकेंगे। इस ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को असम की सुंदर वादियों के नजारे देखने को मिलेंगे। यात्री ट्रेन में बैठे इन वादियों का आनंद ले सकते है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>February 24, 2025, 7:54 am</pubDate>
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