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                    <title><![CDATA[आज है रंभा तीज, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि]]></title>
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                    <description><![CDATA[भोपाल। हिंदू धर्म में रंभा तीज का खास महत्व होता है। रंभा तीज का यह व्रत रंभा देवी को समर्पित होता है। रंभा तीज के दिन देवी रंभा की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। रंभा तीज के दिन सुहागिन महिलाएं व्रत रखती है। रंभा तीज का व्रत करने से सुहागिन महिलाओं को रंभा देवी का [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><strong>भोपाल।</strong> हिंदू धर्म में रंभा तीज का खास महत्व होता है। रंभा तीज का यह व्रत रंभा देवी को समर्पित होता है। रंभा तीज के दिन देवी रंभा की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। रंभा तीज के दिन सुहागिन महिलाएं व्रत रखती है। रंभा तीज का व्रत करने से सुहागिन महिलाओं को रंभा देवी का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही दंपति जीवन में स्नेह और प्यार बढ़ता है।
<h2><strong>रंभा तीज का शुभ मुहूर्त</strong></h2>
हिंदू पंचांग के मुताबिक हर साल ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया को रंभा तीज मनाई जाती है। इस साल रंभा तीज 29 मई यानी आज मनाई जा रही है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। साथ ही रंभा देवी की पूजा-पाठ करती हैं। हिंदू पंचांग के मुताबिक सर्वार्थ सिद्धि योग रात 10 बजकर 38 मिनट से शुरू होगा। जो अगले दिन 05 बजकर 24 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। रवि योग रात 10 बजकर 38 मिनट से लेकर अगले दिन 05 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।
<h3><strong>रंभा तीज की पूजा विधि</strong></h3>
रंभा तीज के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लेना चाहिए। स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहन लें। एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं। उस पर देवी रंभा की प्रतिमा स्थापित करें। प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं। रंभा देवी को लाल रंग के फूल, मौसमी फल, श्रृंगार का सामान अर्पित करें। साथ ही सच्चे मन से व्रत का संकल्प लें। रंभा तीज के दिन अप्सरा रंभा को पूजा जाता है,जिन्हें सौंदर्य, सौभाग्य और समृद्धि की देवी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि समुद्र मंथन से प्राप्त 14 रत्नों में अप्सरा रंभा भी शामिल थी। इस खास अवसर पर महिलाएं सोलह श्रृंगार करके व्रत करती है। साथ ही सच्चे मन से देवी रंभा को याद करती है। ऐसा कहा जाता है कि रंभा तीज का व्रत करने से रंभा देवी, भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त होती है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[आज अक्षय तृतीया के दिन करें ये शुभ काम, जीवन बनेगा खुशहाल]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/religious/do-this-auspicious-work-on-akshaya-tritiya-today-life-will-become-happy/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। आज पूरा देश अक्षय तृतीया मना रहा है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया अक्षय तृतीया होती है। अक्षय तृतीया का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस दिन वृंदावन में बांके बिहारी के चरण दर्शन होते हैं। हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का खास महत्व होता है। अक्षय का अर्थ होता [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><strong>भोपाल।</strong> आज पूरा देश अक्षय तृतीया मना रहा है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया अक्षय तृतीया होती है। अक्षय तृतीया का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस दिन वृंदावन में बांके बिहारी के चरण दर्शन होते हैं। हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का खास महत्व होता है। अक्षय का अर्थ होता है जिसकी क्षति न हो सके। दान-पुण्य के लिए भी ये दिन महत्वपूर्ण होता है। आइए जानते हैं कि अक्षय तृतीया के दिन किन तरीकों को अपनाने से खुशहाली आती है।
<h2><strong>पीले वस्त्र धारण करें</strong></h2>
अक्षय तृतीया के दिन विष्णु भगवान और माता लक्ष्मी की पूजा करना काफी शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करना फलदायी होता है। साथ ही पीले कपड़े भगवान विष्णु के प्रिय होते हैं, इसलिए आज के दिन पीले रंग के कपड़े पहनें।
<h3><strong>सोना-चांदी खरीदें</strong></h3>
अक्षय तृतीया के दिन सोने और चांदी के अभूषण खरीदना शुभ होता है। आज के दिन सोने-चांदी के आभूषण खरीदने से पूरे साल घर में सुख और समृद्धि आती है। अगर सोना-चांदी खरीदने में असमर्थ हैं तो आप पीतल के बर्तन या पीली सरसों खरीद सकते हैं।
<h3><strong> नए कार्य की शुरुआत</strong></h3>
अक्षय तृतीया के दिन नया व्यापार शुरू करना लाभकारी माना जाता है। इस दिन व्यापार शुरू करने से काम में तरक्की मिलती है। इस दिन नए घर में प्रवेश या निर्माण कार्य भी शुभ माना जाता है। साथ ही इस दिन विवाह करने से दंपति जीवन सुखी रहता है।
<h3><strong>पित्तरों का तर्पण करें</strong></h3>
अक्षय तृतीया के दिन तर्पण करना और तीर्थ यात्रा करने से भी कई लाभ मिलते हैं। अगर आप तीर्थ यात्रा करने के बारे में सोच रहे थे तो अक्षय तृतीया का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। पितरों के तर्पण के लिए यह दिन अच्छा है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[क्यों मनाते हैं गुड फ्राइडे, आइए जानते हैं इसका इतिहास]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/religious/why-do-we-celebrate-good-friday-lets-know-its-history/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। गुड फ्राइडे ईसाई धर्म का पवित्र त्योहार है। यह दिन प्रभु यीशु मसीह को समर्पित होता है। इस दिन ईसाई धर्म के लोग उपवास, मौन और ध्यान का पालन करते हैं। आज के दिन ईसाई धर्म के लोग चर्चों में जाकर खास प्रार्थना करते हैं।आइए आज हम जानते हैं कि दुख के दिन को [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><strong>भोपाल।</strong> गुड फ्राइडे ईसाई धर्म का पवित्र त्योहार है। यह दिन प्रभु यीशु मसीह को समर्पित होता है। इस दिन ईसाई धर्म के लोग उपवास, मौन और ध्यान का पालन करते हैं। आज के दिन ईसाई धर्म के लोग चर्चों में जाकर खास प्रार्थना करते हैं।आइए आज हम जानते हैं कि दुख के दिन को क्यों बोलते हैं गुड फ्राइडे।
<h2><strong>गुड फ्राइडे का इतिहास</strong></h2>
प्रभु यीशु मसीह का जन्म बेथलम में हुआ था। उन्होंने धर्म के रास्ते पर चलकर बुराइयों का नाश किया। साथ ही लोगों को मानवता का पाठ पढ़ाया। बुरे लोगों को ईसा मसीह का यह रास्ता पसंद नहीं आया। उन्होंने उनके खिलाफ अफवाह फैला दी, जिसके बाद यहूदी शासकों ने यीशु मसीह को सूली पर चढ़ा दिया। जिस दिन यीशु मसीह को सूली पर चढ़ाया गया, वह दिन कोई और नहीं बल्कि शुक्रवार का ही दिन था, इसलिए इसे गुड फ्राइडे के नाम से जाना जाता है। दरअसल अंग्रेजी में गुड को होली यानी पवित्र कहते हैं।
<h2><strong>कैसे दी यीशु को सजा</strong></h2>
गुड फ्राइडे को ब्लैक फ्राइडे और ग्रेट फ्राइडे भी कहा जाता है। ईसाइयों के पवित्र ग्रंथ बाइबल में भी यह बताया गया है कि लगभग 6 घंटे तक ईसा मसीह को कीलों से ठोका गया था। इसके बाद उन्हें सूली पर लटकाया गया। इस घटना के 2 दिन बाद यानी रविवार को प्रभु ईसा मसीह फिर से जीवित हुए थे, जिसे ईस्टर के नाम से मनाया जाता है। गुड फ्राइडे ईसाई धर्म मानने वालों के लिए बेहद खास होता है।
<h2><strong>यीशु मसीह का स्मरण</strong></h2>
ईसा मसीह को शुक्रवार के दिन ही सूली पर चढ़ाया गया था, जिसे आज दुनियाभर में फ्राइडे के रूप में मनाते हैं। आज के दिन ईसाई धर्म के लोग यीशु को याद करते हैं। इस दिन पर यीशु मसीह की पीड़ा और मानव जाति के लिए उनके बलिदान के लिए याद किया जाता है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[आज है चैत्र छठ का तीसरा दिन, जानें संध्या अर्घ्य का शुभ मुहूर्त और महत्व]]></title>
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                    <description><![CDATA[भोपाल। चैत्र छठ 2025 का आज तीसरा दिन है, जिसे संध्या अर्घ्य का दिन माना जाता है। छठ पर्व के तीसरे दिन का विशेष महत्व है। इसी दिन व्रती महिलाएं डूबते सूर्य को अर्घ्य देती हैं। यह पर्व मुख्य रूप से झारखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल के कुछ क्षेत्रों में बड़े उत्साह के साथ [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><strong>भोपाल।</strong> चैत्र छठ 2025 का आज तीसरा दिन है, जिसे संध्या अर्घ्य का दिन माना जाता है। छठ पर्व के तीसरे दिन का विशेष महत्व है। इसी दिन व्रती महिलाएं डूबते सूर्य को अर्घ्य देती हैं। यह पर्व मुख्य रूप से झारखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल के कुछ क्षेत्रों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।
<h2><strong>चत्र छठ की पूजा विधि</strong></h2>
व्रती पूरे दिन उपवास रखती हैं। शाम के समय डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के लिए तैयार होती है। सूर्य को अर्घ्य देने के लिए घर से निकलती हैं। सूर्य को अर्घ्य देने के लिए जल, दूध और गन्ने के रस का इस्तेमाल किया जाता है। प्रसाद के रूप में चावल के लड्डू, ठेकुआ और फलों का भोग बांटा जाता है। चैत्र छठ का यह दिन व्रतियों के लिए खास आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण होता है। अगले दिन सुबह के समय उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने की प्रक्रिया को संध्या अर्घ्य कहा जाता है।
<h2><strong>संध्या अर्घ्य का महत्व</strong></h2>
अर्घ्य अर्पित करने के बाद छठ महापर्व की समाप्ति होती है। आज संध्या अर्घ्य का आयोजन किया जाएगा। 3 अप्रैल यानी आज संध्या अर्घ्य देने का समय शाम 6:40 बजे तक निर्धारित है। आज के दिन सूर्यास्त का यही समय उत्तम है। संध्या अर्घ्य का महत्व हमारी संस्कृति में काफी गहरा है। ऐसी मान्यता है कि सूर्य के अस्त होते समय अर्घ्य अर्पित करने से जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं। सूर्य अर्घ्य से सपनों को साकार करने और भाग्य को बढ़ाने का एक मार्ग मिलता है।
<h2><strong>संतान को दीर्घायु की प्राप्ति</strong></h2>
सूर्य देव की कृपा से परिवार में समृद्धि आती है। साथ ही संतान को दीर्घायु प्राप्त होती है। संध्या अर्घ्य से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। यह अनुष्ठान न केवल आध्यात्मिक शक्ति को बढ़ाता है, बल्कि हमें प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने की भी शिक्षा प्रदान करता है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[आज है शनि अमावस्या, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि]]></title>
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                    <description><![CDATA[भोपाल। हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का बड़ा महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि अमावस्या तिथि को श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान इत्यादि से पितरों की नाराजगी दूर होती है। साथ ही पितृ दोष और काल सर्प दोषों से भी मुक्ति मिलती है। इस समय चैत्र का महीना चल रहा है। चैत्र माह की अमावस्या 29 [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><strong>भोपाल।</strong> हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का बड़ा महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि अमावस्या तिथि को श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान इत्यादि से पितरों की नाराजगी दूर होती है। साथ ही पितृ दोष और काल सर्प दोषों से भी मुक्ति मिलती है। इस समय चैत्र का महीना चल रहा है। चैत्र माह की अमावस्या 29 मार्च को है।
<h2><strong>शनि अमावस्या का शुभ मुहूर्त</strong></h2>
इस दिन शनिवार पड़ने के कारण इसे शनिश्चरी अमावस्या भी कहा जाएगा। कहा जाता है कि शनिश्चरी अमावस्या के दौरान पितरों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने से पितरों के साथ शनिदेव की कृपा भी साधक पर बनी रहती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। शनि अमावस्या पर चैत्र कृष्ण अमावस्या की शुरूआत 7 बजकर 55 मिनट पर शुरू होगी। जिसकी समाप्ति 4 बजकर 27 मिनट पर होगी। वहीं स्नान-दान का शुभ मुहूर्त पूरे दिन है।
<h2><strong>शनिश्चरी अमावस्या की पूजा विधि</strong></h2>
शनि अमावस्या पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए। अगर किसी नदी या सरोवर में जाकर स्नान करते है तो बहुत अच्छा होगा। स्नान के बाद घर के मंदिर में दीया जलाएं। मंदिर में दीया जलाने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें। आप चाहे तो इस दिन भी व्रत रख सकते हैं। इस दिन पितर संबंधित कार्य करना चाहिए। इस दिन हो सके तो भगवान का ध्यान करें। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से खास लाभ की प्राप्ति होती है।
<h2><strong>पितरों का श्राद्ध करें</strong></h2>
शनि अमावस्या पर पवित्र नदी में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। शनि अमावस्या के दिन श्राद्ध-तर्पण करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। साथ ही कुंडली में ढैय्या, साढे़साती और शनि की बुरी दृष्टि से छुटकारा मिलता है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[होली के त्योहार में ना हो सेहत पर वार, रंग में भंग डालने के बचने के लिए करें ये उपाय]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/religious/holi-festival-should-not-harm-your-health-follow-these-measures-to-avoid-spoiling-the-colours/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। जिस तरह रंगों के बिना होली नहीं होती, उसी तरह गुजिया की मिठास के बिना त्योहार अधूरा सा लगता है। तभी तो होली आने के कुछ दिन पहले से ही घरों में गुजिया बनाई जाती है, ताकि परिवार के सदस्य इन गुजिया का मजा ले सके। कभी-कभी स्वाद के चक्कर में हम ओवरइटिंग कर [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><strong>भोपाल।</strong> जिस तरह रंगों के बिना होली नहीं होती, उसी तरह गुजिया की मिठास के बिना त्योहार अधूरा सा लगता है। तभी तो होली आने के कुछ दिन पहले से ही घरों में गुजिया बनाई जाती है, ताकि परिवार के सदस्य इन गुजिया का मजा ले सके। कभी-कभी स्वाद के चक्कर में हम ओवरइटिंग कर लेते हैं। जिससे फूड प्वॉइजनिंग की समस्या हो जाती है।
<h2><strong>सेहत का ध्यान रखें</strong></h2>
जो हमारे त्योहार के मजे का किरकिरा कर देती हैं। त्योहार का मजा लेने के लिए जरूरी है कि हम सेहत का ध्यान रखें। आज हम आपको बताते हैं कि होली के दिन आप कैसे अपना ध्यान रख सकते है।
<h2><strong>ओवरइटिंग से बचें</strong></h2>
त्योहारों के मौके पर ओवरइटिंग से बचना चाहिए। कई बार ज्यादा खाने से लोगों में बदहजमी और ओवरइटिंग हो जाती है। जिससे आपको पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हो जाती है। ना चाहते हुए भी डॉक्टर के पास जाना पड़ता है।
<h2><strong>अनहेल्दी खाने से बचें</strong></h2>
होली पर तला-भुना और ज्यादा मसालेदार खाने से बचना चाहिए। ज्यादा अनहेल्दी खाने से आपको कई समस्या हो सकती है। जिससे आपका मजा किरकिरा हो सकता है। कभी-कभी ज्यादा तबीयत भी खराब हो जाती है।
<h2><strong>ज्यादा  पानी पिएं</strong></h2>
होली के समय लोगों को खाना तो याद रहता है,लेकिन पानी पीना याद नहीं रहता है। त्योहारो के समय हमे ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। हमे दिन में 8 गिलास पानी पीना चाहिए। इससे खाना आसानी से पच जाता है।
<h2><strong>व्यायाम करें</strong></h2>
त्योहारों के मौके पर ज्यादा तला भुना खाने से लोगों में पाचन की समस्या होती है। ऐसे में हमें ध्यान रखना चाहिए कि अगर हम ज्यादा ओवरइटिग करते है तो व्यायाम करना ना भूले। व्यायाम करने से कैलोरी जल्दी बर्न होती है।
<h2><strong>मादक पदार्थों से बचें</strong></h2>
होली के दिन भांग, शराब जैसे मादक पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए। मादक पदार्थों आपके शरीर को हानि पहुंचाते है। साथ ही यह आपको बीमार बनाते है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[आज है सीता जयंती, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/today-is-sita-jayanti-know-the-auspicious-time-and-method-of-worship/</link>
                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश। हिंदू धर्म में जानकी जयंती का बहुत महत्व होता है। जानकी जयंती को सीता अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन यानी जानकी जयंती के दिन ही माता सीता धरती पर प्रकट हुई थीं। पंचांग के मुताबिक फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर जानकी जयंती [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><strong>मध्य प्रदेश।</strong> हिंदू धर्म में जानकी जयंती का बहुत महत्व होता है। जानकी जयंती को सीता अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन यानी जानकी जयंती के दिन ही माता सीता धरती पर प्रकट हुई थीं। पंचांग के मुताबिक फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर जानकी जयंती का व्रत रखा जाता है। जानकी जयंती के दिन व्रत करने से मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
<h2><strong>सीता जयंती का शुभ मुहूर्त</strong></h2>
इस दिन माता सीता की विधि-विधान से पूजा की जाती है। साथ ही श्रीराम की भी पूजा-अर्चना की जाती है। माना जाता है कि जानकी जयंती पर पूजा करने पर वैवाहिक जीवन में खुशहाली आती है। दंपति जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इस व्रत को वैवाहिक महिलाएं पूरे मन से करती है। व्रत का संकल्प करके पूजा संपन्न करती हैं। पंचांग के मुताबिक फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 20 फरवरी की सुबह 9 बजकर 58 मिनट पर हो गई थी। इस तिथि की समाप्ति 21 जनवरी की सुबह 11 बजकर 57 मिनट पर होगी।
<h3><strong>सीता जयंती का पूजा विधि</strong></h3>
जानकी जयंती का व्रत उदया तिथि को ध्यान में रखकर किया जाता है. ऐसे में आज 21 फरवरी, शुक्रवार के दिन जानकी जंयती का व्रत रखकर पूजा की जा रही है. जानकी जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए। स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनने। व्रत का संकल्प लें। माता सीता और राम की प्रतिमा को स्थापित करें। उनके सामने घी का दीपक जलाएं। प्रतिमा को फूल और अक्षत अर्पित करें। पूजा करते समय चौपाई पढ़े। व्रत की कथा पढ़े। इसके बाद माता सीता और भगवान राम को मीठे का भोग लगाएं। बता दें कि इस दिन कन्या भोज भी कराया जाता है।
<h3><strong>इन मंत्रों का करें जाप</strong></h3>
ॐ जानकीवल्लभाय नम:
श्रीरामचन्द्राय नम:
श्री सीतायै नम:]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/today-is-sita-jayanti-know-the-auspicious-time-and-method-of-worship/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[आज से महाकाल में 10 दिवसीय महाशिवरात्रि उत्सव शरू, त्रयोदशी तक होगा विशेष पूजा-अर्चना]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/top-news/from-today-special-worship-will-be-held-in-mahakal-till-10-day-mahashivratri-festival-till-trayodashi/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल: उज्जैन महाकाल मंदिर में हर साल की तरह इस साल भी धूमधाम से महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जाएगा। आज सोमवार से महाकालेश्वर मंदिर में 10 दिनों तक चलने वाला महाशिवरात्रि का पर्व का आगाज हो चुका है। हर साल यह उत्सव नौ दिनों तक ही मनाया जाता है, लेकिन इस बार यह उत्सव पूरे [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><strong>भोपाल:</strong> उज्जैन महाकाल मंदिर में हर साल की तरह इस साल भी धूमधाम से महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जाएगा। आज सोमवार से महाकालेश्वर मंदिर में 10 दिनों तक चलने वाला महाशिवरात्रि का पर्व का आगाज हो चुका है। हर साल यह उत्सव नौ दिनों तक ही मनाया जाता है, लेकिन इस बार यह उत्सव पूरे 10 दिनों तक चलने वाला है। मंदिर पुजारी का कहना है कि इस साल फाल्गुन कृष्ण सप्तमी दो दिन को पड़ रही है, इसलिए शिव रात्रि उत्सव दस दिनों तक मनाया जायेगा। इस पर्व का समापन 26 फरवरी महाशिवरात्रि पर होगा।
<h2>
<strong>इस तरह रहेगा पूरा कार्यक्रम</strong></h2>
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान बाबा महाकाल के अलग-अलग रूपों के दर्शन होंगे। पंचमी से त्रयोदशी तिथि तक बाबा का विशेष पूजा किया जाएगा। हर्ब दिन सुबह आठ बजे से विशेष पूजा शुरू हो जायेगा। इस दौरान महाकाल के गर्भगृह में उनका पूजन किया जाएगा। इस कड़ी में उनके शिवलिंग पर पंचामृत अभिषेक होगा और 11 पंडितों द्वारा रुद्रपाठ पढ़ा जाएगा। दोपहर 1 बजे भोग आरती की जाएगी, इसके बाद 3 बजे संध्या पूजा के बाद भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार होगा।
<h2>
<strong>अलग- अलग रूप में देंगे दर्शन</strong></h2>
बता दें कि शिव नवरात्रि के दौरान अभिषेक-पूजा के विशेष क्रम के कारण श्री महाकालेश्वर मंदिर में भोग आरती और शाम की पूजा का समय बदल जाएगा। फिलहाल, महाकाल मंदिर में सुबह 10 बजे भोग आरती और शाम 5 बजे शाम की पूजा की जाती है, लेकिन शिव नवरात्रि के नौवें दिन दोपहर 1 बजे भोग आरती और 3 बजे शाम की पूजा की जाएगी। वहीं दस दिनों तक महाकाल को चंदन, शेषनाग, घटाटोप, छबीना , होल्कर , मनमहेश , उमा महेश, शिवतांडव , सप्तधान शृंगार रूप में पूजा किया जाएगा। 27 फरवरी की सुबह भगवान सप्तधान्य शृंगार एवं सेहरा के दर्शन होंगे। दोपहर 12 बजे भस्म आरती होगी. इस दौरान मंदिर के कपाट 44 घंटे खुले रहेंगे.

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                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
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                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
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                    <title><![CDATA[Tulsi Vivah: आज है तुलसी विवाह, जानें लाभ और पूजा विधि]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/tulsi-vivah-today-is-tulsi-vivah-know-the-benefits-and-method-of-worship/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। प्रबोधिनी एवं देवउठनी एकादशी का पर्व आज यानी मंगलवार को मनाया जा रहा है। वेद पुराणों की माने तो दीपावली के बाद पड़ने वाली एकादशी के दिन देवउठनी कहते हैं। यही वजह है कि देवउठनी एकादशी के बाद से ही सारे मंगलकार्य आरंभ हो जाते हैं। तुलसी विवाह के लाभ इस एकादशी को छोटी [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> प्रबोधिनी एवं देवउठनी एकादशी का पर्व आज यानी मंगलवार को मनाया जा रहा है। वेद पुराणों की माने तो दीपावली के बाद पड़ने वाली एकादशी के दिन देवउठनी कहते हैं। यही वजह है कि देवउठनी एकादशी के बाद से ही सारे मंगलकार्य आरंभ हो जाते हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>तुलसी विवाह के लाभ</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इस एकादशी को छोटी दिवाली के रूप में भी मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु छीर सागर में 4 महीने आराम करने के बाद निद्रा से जागते हैं। कार्तिक मास की एकादशी के दिन ही भगवान विष्णु जागते हैं। इनके जागने के बाद ही से सभी तरह के शुभ और मांगल कार्यों की शुरूआत हो जाती है। ग्वालियर के ज्योतिषाचार्य रवि शर्मा का कहना है कि इस दिन तुलसी के साथ भगवान शालिग्राम का विवाह किया जाता है। तुलसी और शालिग्राम विवाह करने से कई जन्मों के पापों का प्रायश्चित हो जाता है। साथ ही घर में संपन्नता बनी रहती है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>तुलसी विवाह की पूजा विधि</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>जिन व्यक्तियों के घर में कन्या नहीं है, वह एकादशी के दिन तुलसी शालिग्राम विवाह करके कन्यादान का फल प्राप्त कर सकते हैं। भगवान के श्री विग्रह के साथ तुलसी जी का विवाह बड़ी धूमधाम से किया जाता है। तुलसी जी के पौधे को गमले में रखकर दुल्हन की तरह सजाया जाता है और भगवान शालिग्राम जी के साथ उनका विवाह किया जाता है। एकादशी के दिन घरों में मंदिरों में गन्ने का मंडप तैयार किया जाता है। उस मंडप में ही भगवान शालिग्राम विष्णु भगवान की मूर्ति रखकर उनकी पूजा की जाती है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>जागरण और कीर्तन का महत्व</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>भगवान को बेर, आंवले, गन्ना, भाजी, सीताफल, सिंघाड़े, ज्वार के भुट्टे आदि अर्पित किए जाते हैं। शालिग्राम भगवान का विधि पूर्वक पूजन करके भगवान समेत मंडप की परिक्रमा की जाती है। देवउठनी एकादशी से मांगलिक कार्य करने शुरू हो जाते है। इस साल देव उठने के साथ ही मंगल शहनाई शुरु हो जाती है। एकादशी के दिन जागरण और भागवत कीर्तन का खास महत्व होता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/tulsi-vivah-today-is-tulsi-vivah-know-the-benefits-and-method-of-worship/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[CM Yadav: दिवाली की बधाई देने के लिए सड़कों पर निकले सीएम यादव, लोगों से की मुलाकात]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/cm-yadav-cm-yadav-came-out-on-the-streets-to-wish-diwali-met-people/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। एमपी के सीएम मोहन यादव ने दीवाली के मौके पर उज्जैन शहर का दौरा करके नागरिकों को दीवाली की शुभकामनाएं दी। उनके साथ ही दीवाली की खुशियां को बांटा। सीएम ने नागरिकों को दीवाली के मौके पर मिठाई भी खिलाई। सीएम मोहन यादव ने शहर के फ्रीगंज शहीद पार्क टॉवर चौक आदि क्षेत्रों में [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> एमपी के सीएम मोहन यादव ने दीवाली के मौके पर उज्जैन शहर का दौरा करके नागरिकों को दीवाली की शुभकामनाएं दी। उनके साथ ही दीवाली की खुशियां को बांटा। सीएम ने नागरिकों को दीवाली के मौके पर मिठाई भी खिलाई। सीएम मोहन यादव ने शहर के फ्रीगंज शहीद पार्क टॉवर चौक आदि क्षेत्रों में पैदल भ्रमण करते हुए नागरिकों को दीवाली की बधाई दी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>लोगों के साथ फोटो खिंचवाई</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>दीवाली की बधाई देते हुए उनका हाल-चाल पूछा। उनके साथ फोटों भी खिंचवाई। अपने दौरे के दौरान सीएम ने दुकानदारों और स्थानीय लोगों को स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने का संदेश भी दिया। उज्जैन शहर के नागरिक भी सीएम से खुशी से मिले। सीएम से मिलने के बाद आम लोगों की खुशी देखते ही बनती थी। नागरिकों ने जोरों-शोरों से सीएम का स्वागत भी किया। कई स्थानों पर नागरिकों ने सीएम पर फूलों की बारिश भी की। वहीं सीएम यादव ने दुकानों के अंदर जाकर दुकानदारों से मुलाकात की। दुकानदारों के साथ-साथ उनके परिवार वालों से मुलाकात भी की।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>प्रकटेश्वर मंदिर में दर्शन किए</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>सीएम यादव ने लोगों से मिलने के बाद फ्रीगंज में श्री प्रकटेश्वर महादेव मंदिर और श्री राम मंदिर में दर्शन किए। वहां पहुंचकर विधि-विधान से पूजा की। सबकों दीवाली की हार्दिक शुभकामनाएं भी दी। उज्जैन में फ्रीगंज में रास्ते में चलते हुए सीएम को देखकर दिव्यांग दंपति परमानंद और रेखा प्रजापत ने सीएम से कार्तिक मेला में अपने स्वरोजगार के लिए एक दुकान की व्यवस्था करने की मांग की। उनकी मांग पर सीएम ने तुरंत ही क्लेक्टर नीरज कुमार सिंह को बुलाया और दिव्यांग दंपति को उनकी मांग के मुताबिक दुकान मुहैया कराने का निर्देश दिया। सीएम की बात सुनकर दिव्यांग दंपति खुश हो गए और अपने घर के लिए रवाना हो गए।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

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                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/cm-yadav-cm-yadav-came-out-on-the-streets-to-wish-diwali-met-people/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Dhanteras: धनतेरस पर खरीदें यह 3 चीजें, घर में आएगी बरकत]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/dhanteras-buy-these-3-things-on-dhanteras-there-will-be-prosperity-in-the-house/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। वैदिक पंचांग के मुताबिक 29 अक्टूबर को धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा। यह पर्व हर साल कार्तिक माह में मनाया जाता है। शास्त्रों के मुताबिक कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वन्तरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। तब से ही धनतेरस का त्योहार मनाया जाता [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> वैदिक पंचांग के मुताबिक 29 अक्टूबर को धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा। यह पर्व हर साल कार्तिक माह में मनाया जाता है। शास्त्रों के मुताबिक कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वन्तरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। तब से ही धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong> चीजों को खरीदने का विधान</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>धनतेरस के शुभ अवसर पर भगवान धन्वन्तरि की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इसके साथ ही स्वर्ण या चांदी से निर्मित आभूषणों को खरीदा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में धनतेरस के दिन रोजमर्रा में प्रयोग होने वाली चीजों को भी खरीदने का विधान है। इन चीजों को घर लाने से घर की दरिद्रता दूर हो जाती है। साथ ही सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। अगर आप भी आर्थिक तंगी से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो धनतेरस के दिन ये 3 चीजें जरूर घर ले आएं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>कलश</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>वास्तु दोष से निजात पाना चाहते है तो धनतेरस के दिन कलश खरीदकर लाएं। इसे घर की उत्तर दिशा में स्थापित करें। इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है। आप चाहे तो इस घर की तिजोरी में रख सकते हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>झाड़ू</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने से घर में बरकत आती है। इसके लिए धनतेरस के दिन झाड़ू की जरूर खरीदे। घर में नई झाड़ू लाने से दुख एवं दरिद्रता दूर होती है। साथ ही धन की देवी मां लक्ष्मी की कृपा भी बरसती है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>नमक</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>अगर आप आर्थिक तंगी से निजात पाना चाहते हैं, तो धनतेरस के दिन नमक की खरीदारी करना बहुत शुभ माना जाता है। इस उपाय को करने से आय में वृद्धि होती है। साथ ही धन संबंधी सभी परेशानी दूर हो जाती है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/dhanteras-buy-these-3-things-on-dhanteras-there-will-be-prosperity-in-the-house/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Kartik Maas: 18 अक्टूबर से शुरू होगा कार्तिक मास, नदी में स्नान करने से मिलेगी पापों से मुक्ति]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/kartik-maas-kartik-month-will-start-from-october-18-bathing-in-the-river-will-liberate-you-from-sins/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। नवरात्र और दशहरे के बाद अब कार्तिक मास का आरंभ होने जा रहा है। पंचांग के मुताबिक भगवान विष्णु के प्रिय कार्तिक मास की शुरुआत 18 अक्टूबर से होने जा रही है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक कार्तिक का महीना अनुष्ठान, दान, स्नान और उपवास को समर्पित होता है। स्नान से पापों से मुक्ति ऐसा माना [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> नवरात्र और दशहरे के बाद अब कार्तिक मास का आरंभ होने जा रहा है। पंचांग के मुताबिक भगवान विष्णु के प्रिय कार्तिक मास की शुरुआत 18 अक्टूबर से होने जा रही है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक कार्तिक का महीना अनुष्ठान, दान, स्नान और उपवास को समर्पित होता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>स्नान से पापों से मुक्ति</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>ऐसा माना जाता है कि इस दौरान पवित्र नदियों में स्नान करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है। कार्तिक मास में सूर्योदय से पहले स्नान करने का विशेष महत्व होता है। इसका समापन 15 नवंबर को होगा। शास्त्रों में उल्लेख है कि कार्तिक मास में कुछ खास नियमों का पालन करने से पापों से मुक्ति मिलती है। इस माह में भगवान विष्णु के साथ ही माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>नियमों का करें पालन</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इस माह में व्रत करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इनमें नियमों में शामिल हैं - नियमित पूजन, सूर्योदय से पूर्व स्नान, दीपदान, धरती पर शयन, जरूरतमंदों को दान, तुलसी पूजन, यथासंभव उपवास या साधारण भोजन। 20 अक्टूबर, रविवार: करवा चौथ, 21 अक्टूबर, सोमवार: रोहिणी व्रत, 21 अक्टूबर, सोमवार: रोहिणी व्रत, 24 अक्टूबर, बृहस्पतिवार: अहोई अष्टमी, 28 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, मंगलवार: प्रदोष व्रत , धनतेरस, सोमवार: रमा एकादशी, 30 अक्टूबर,</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>कार्तिक मास के पर्व</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बुधवार: काली चौदस, 30 अक्टूबर, बुधवार: काली चौदस, 30 अक्टूबर, बुधवार: काली चौदस, 30 अक्टूबर, बुधवार: काली चौदस, 31 अक्टूबर, बृहस्पतिवार: नरक चतुर्दशी , छोटी दिवाली, 01 नवंबर, शुक्रवार: अमावस्या, दिवाली, 02 नवंबर, शनिवार: गोवर्धन पूजा , अन्नकूट, 02 नवंबर, शनिवार: गोवर्धन पूजा , अन्नकूट, 03 नवंबर, रविवार: भाई दूज, 07 नवंबर, बृहस्पतिवार: छठ पूजा</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/kartik-maas-kartik-month-will-start-from-october-18-bathing-in-the-river-will-liberate-you-from-sins/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Navratri 2024: शारदीय नवरात्रि के मौके पर जाने कलश का शुभ मूहुर्त और पूजा विधि]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/navratri-2024-know-the-auspicious-time-and-method-of-worship-of-kalash-on-the-occasion-of-shardiya-navratri/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। आज से शारदीय नवरात्रों का आरंभ हो गया हैं। हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि पर मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक शारदीय नवरात्रि का पर्व है। पहला दिन शैलपुत्री [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> आज से शारदीय नवरात्रों का आरंभ हो गया हैं। हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि पर मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक शारदीय नवरात्रि का पर्व है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>पहला दिन शैलपुत्री मां को अर्पित</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>नवरात्रि के शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना के साथ विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा और अनुष्ठान आरंभ होते हैं। नवरात्रि के पहले दिन देवी मां के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि पर ध्यान और मंत्रोच्चार के लिए भी ईशान कोण सबसे उत्तम माना जाता है। यह स्थान मानसिक शांति और ध्यान के लिए आदर्श माना जाता है। यहां बैठकर मंत्र जप करने से मन शांत होता है और जल्द ही फल की प्राप्ति होती है। नवरात्रि के पहले दिन कलश की स्थापना की जाती है। यह दिन मां शैलपुत्री को अर्पित होता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>कलश का विसर्जन</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती हैं। जिससे जीवन में स्थिरता और शांति आती है। शैलपुत्री मां की पूजा करने से सभी मनोकामनाए पूरी होती है। मनुष्य की भक्ति शक्ति में बढ़ोत्तरी होती है। कलश स्थापना के बाद 9 दिनों तक देवी दुर्गा की पूजा की जाती है। प्रतिदिन देवी के एक रूप की पूजा होती है। साथ ही 9 दिनों की पूजा के बाद दशमी के दिन 'विजयादशमी' के पर्व पर कलश विसर्जन किया जाता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>कलश स्थापना की सामग्री</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>7 तरह के अनाज, मिट्टी के बर्तन, मिट्टी, गंगाजल या सादा जल, आम या आशोक के पेड़ के पत्ते, कलश, सुपारी, मौली, सूत, माता की चुनरी, नारियल, माता की चुनरी, केसर, अक्षत, कुमकुम, लाल रंग का साफ कपड़ा, फूल-माता।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/navratri-2024-know-the-auspicious-time-and-method-of-worship-of-kalash-on-the-occasion-of-shardiya-navratri/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Anant Chaturdashi: अनंत चतुदर्शी पर ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर एडवाइजरी जारी]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/anant-chaturdashi-advisory-issued-regarding-traffic-arrangements-on-anant-chaturdashi/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। 17 सितंबर यानी आज के दिन हर्षोउल्लास के साथ अनंत चतुदर्शी मनाई जा रही है। इसके साथ ही 10 दिन का गणेशोत्सव का आज समापन हो रहा है। इस शुभ अवसर पर मंगलवार को शहर के विभिन्न घाटों पर गणेश जी की मुर्तियों का विसर्जन किया जाएगा। कल शाम 8 बजे से चल समारोह [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> 17 सितंबर यानी आज के दिन हर्षोउल्लास के साथ अनंत चतुदर्शी मनाई जा रही है। इसके साथ ही 10 दिन का गणेशोत्सव का आज समापन हो रहा है। इस शुभ अवसर पर मंगलवार को शहर के विभिन्न घाटों पर गणेश जी की मुर्तियों का विसर्जन किया जाएगा। कल शाम 8 बजे से चल समारोह निकाले जाने का सिलसिला जारी है। इस दौरान शहर मे यातायात व्यवस्था में कुछ बदलाव किए गए है। इसके लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर जारी एडवाइजरी</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>मुख्य चल समारोह भारत टॉकीज तिराहा से आरंभ होगा जो सेंट्रल लाइब्रेरी और जनकपुरी होत हुए पीरगेट, कमला पार्क, रेतघाट से होकर कमलापति घाट पर समाप्त होगा। साथ ही कुछ झांकियां पॉलिटेक्निक चौराह से डिपो चौराह के सामने भदभदा तिहारा से गुजरते हुए प्रेमपुरा घाट विसर्जन से विसर्जित की जाएंगी। इस दौरान सभी भारी वाहन प्रतिबंधित रहेंगे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>शाम 5 बजे भोपाल टॉकीज चौराहे से भारत टॉकीज तिराह तक सभी 4 पहिया वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा रहेगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>शाम 6 बजे से मंगलवार थाना तिराहा से बस स्टैंड के मध्य वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। चल समारोह का अगला हिसस्सा मंगलवारा पहुंचने पर सेंट्रल लाइब्रेरी और बुधवारा से कोई भी वाहन इतवारा की ओर नहीं जा पाएंगे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>रात के वक्त रॉयल मार्केट, कमला पार्क और रेतघाट की ओर यातायात पूर्ण रूप से बाधित रहेंगे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बैरागढ़ और खजूरी की गणेश मूर्तियताओं के विसर्जन के दौरान भोपाल के इंदौर मार्ग के आगमन करने वाले वाहन लालघाटी से नरसिंहगढ तिराहा और खजूररी सड़क बाइपास मार्ग का प्रयोग कर आवागमने कर सकेंगे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/anant-chaturdashi-advisory-issued-regarding-traffic-arrangements-on-anant-chaturdashi/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Eid-E-Milad: भोपाल में ईद-ए-मिलाद के मौके पर सड़क रूट में किए बदलाव]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/eid-e-milad-changes-made-in-road-routes-on-the-occasion-of-eid-e-milad-in-bhopal/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। पैंगबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिवस पर आज चल समारोह निकाले जाएंगे। चल समारोह को देखते हुए भोपाल यातायात ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। वहीं कुछ रूट को भी डायवर्ट किया गया है। चल समारोह के चलते हुए रूट डायवर्ट पहला चल समारोह छावनी मंगलवार से शुरू होगा जो भारत [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> पैंगबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिवस पर आज चल समारोह निकाले जाएंगे। चल समारोह को देखते हुए भोपाल यातायात ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। वहीं कुछ रूट को भी डायवर्ट किया गया है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>चल समारोह के चलते हुए रूट डायवर्ट</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>पहला चल समारोह छावनी मंगलवार से शुरू होगा जो भारत टॉकीज चौराहा, इतवारा, सेंट्रल लाइब्रेरी, इस्लामपुरा, बुधवारा, इब्राहिमपुरा से होते हुए 4 बत्ती चौराहा तक पहुंचेगा। चल समारोह को देखते हुए दोपहर 1 बजे से रात 8 बजे तक भारत टॉकीज से सेंट्रल लाइब्रेरी इतवारा की तरफ, काली मंदिर तलैय से बुधवारा कोतवाली, इब्राहिमपुरा की तरफ, मोती मस्जिद से बुधवारा की ओर, भारत टॉकीज से छावनी रोड, मंगलवारा थाने की तरफ सभी मध्यम और भारी वाहनों के आने-जाने पर मनाही है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>वैकल्पिक मार्गों की सुविधा</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इनके लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई है। जिसमें रॉयल मार्केट से तीन मोहरा, हमीदिया रोड और मोती मस्जिद, भोपाल टॉकीज, पॉलीटेक्निक चौराहा से होकर जा सकते है। नादरा से अल्पना, बजरिया तिराहा से 80 फीट रोड, संगम तिराहा से नए शहर की ओर जा सकेंगे। इसी प्रकार न्यू मार्केट एमपी नगर से भारत टॉकीज जाने वाले सुभाष नगर ब्रिज से प्रभाव चौराहा, बजरिया तिराहा के जा सकते है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>दूसरा चल समारोह अशोका गार्डन पर</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>दूसरा चल समारोह अशोका गार्डन से शुरू होकर सांई बाबा मंदिर से नवीन नगर, भोपाल अकादमी स्कूल, परिहार चौराहा, प्रभारत चौराहा से बोगदा, चर्च रोड होकर शब्बन चौराहा, पुराना एसपी ऑफिस होकर लिली टॉकीज चौराहा पर समाप्त होगा। जिसे देखते हुए चल समारोह प्रभात चौराहे पर होने पर सुभाष फाटक की तरफ से, बोगदा पुल की ओर से, परिहार चौराहे की ओर से, बदल कर अशोका गार्डन और पंजाबी बाग होकर जा सकेंगे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/eid-e-milad-changes-made-in-road-routes-on-the-occasion-of-eid-e-milad-in-bhopal/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Janmashtami: जन्माष्टमी के अवसर पर शिवराज सिंह ने कन्हैया बन फोड़ी मटकी]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/janmashtami-on-the-occasion-of-janmashtami-shivraj-singh-pretended-to-be-kanhaiya-and-broke-the-pot/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर सोमवार को शहर में ब्रजधाम जैसा माहौल नजर आया। मंदिरों में पूरे दिन धार्मिक अनुष्ठान होते रहे। जैसे ही रात के 12 बजे, वैसे ही आरती व बधाई के मधुर स्वर नंद के घर आंनद भयो, जय कन्हैया लाल के गुंज उठा। बिड़ला मंदिर, श्रीजी मंदिर, श्रीकृष्ण प्रणामी, [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर सोमवार को शहर में ब्रजधाम जैसा माहौल नजर आया। मंदिरों में पूरे दिन धार्मिक अनुष्ठान होते रहे। जैसे ही रात के 12 बजे, वैसे ही आरती व बधाई के मधुर स्वर नंद के घर आंनद भयो, जय कन्हैया लाल के गुंज उठा। बिड़ला मंदिर, श्रीजी मंदिर, श्रीकृष्ण प्रणामी, इस्कॉन टेंपल पटेल नगर समेत सभी श्रीकृष्ण मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर माखन-मिश्री लुटाई।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>झांकी बनी आकर्षक का केंद्र</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>श्रद्धालुओं ने बाल गोपाल के रूप में भगवान के दर्शन किए। आरती के बाद पंजीरी व माखन का प्रसाद बांटा गया। पुराने शहर के लखेरापुरा श्रीजी मंदिर में स्थापित प्रभु श्री श्रीकृष्ण का कल जन्म हुआ। शोभायात्रा लखेरापुरा से निकाली गई। मार्ग में 21 चौराहों पर माखन की मटकियां टांगी गईं। शोभायात्रा में शामिल युवाओं की टोली मटकियों को फोड़ रही थी। राधा, श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा के रूप को बच्चों ने धारण किया था। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से लेकर मामा कंस के वध तक की झांकी आकर्षक का केंद बनी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>शिवराज ने मटकी फोड़ी</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल स्थित अपने आवास पर जन्माष्टमी उत्सव का मनाया। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने श्रद्धालुओं के साथ भजन भी गाया और गोविंदा बन दही हांडी भी फोड़ा। इस दौरान उनकी पत्नी साधना सिंह चौहान मटकी की डोर खींचती नजर आई। वहीं गोविंदाओं की टोली ने अपने लाड़ले मामा को गोद में उठाकर ऊपर टंगी मटकी तक पहुंचाया। शिवराज ने नारियल से मटकी फोड़ी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/janmashtami-on-the-occasion-of-janmashtami-shivraj-singh-pretended-to-be-kanhaiya-and-broke-the-pot/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Janmashtami: एमपी में एक ऐसा मंदिर जहां मुस्लिम भी कृष्ण को मानते हैं अपना बिजनेस पाटर्नर]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/janmashtami-a-temple-in-mp-where-even-muslims-consider-krishna-as-their-business-partner/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल : आज देश भर में बड़े ही धूमधाम से जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। ऐसे में हिन्दू हो या मुस्लिम कोई भी धर्म का व्यक्ति हो, पन्ना स्थित हीरा खदानों में सभी की इक्षा होती है कि उन्हें बेशकीमती हीरा मिले, जिससे उसका भविष्य सुधर जाएं। इस काम में सभी धर्मों के [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल </strong>: आज देश भर में बड़े ही धूमधाम से जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। ऐसे में हिन्दू हो या मुस्लिम कोई भी धर्म का व्यक्ति हो, पन्ना स्थित हीरा खदानों में सभी की इक्षा होती है कि उन्हें बेशकीमती हीरा मिले, जिससे उसका भविष्य सुधर जाएं। इस काम में सभी धर्मों के लोग लगे रहते हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>जुगल किशोर मंदिर में लगाते हैं अर्जी</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>सबसे अहम बात है कि उन्हें हीरा मिले, इसके लिए पन्ना स्थित जुगल किशोर मंदिर में पहुंचकर भगवान से प्रार्थना करते है। इसके साथ-साथ ये लोग भगवान कृष्ण को अपना बिजनेस पार्टनर भी बना लेते हैं। लोग हीरा मिलने पर भगवान कृष्ण का धन्यवाद करते हैं। इस दौरान आज जन्माष्टमी पर जुगल किशोर मंदिर में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। सुबह से ही नंदलाल के मंदिर में 'जय कन्हैयालाल की' के जयकारे सुनाई दे रहे हैं.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>मटकी फोड़ने का आयोजन</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बता दें कि प्रदेश के सभी मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मटकी फोड़ने का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन को लेकर भव्य तैयारियां की जा रही है। इस तरह पन्ना स्थित जुगल किशोर मंदिर में भी सुबह से ही भक्त भगवान कृष्ण का दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>विशेष एवं दुर्लभ हीरों से जड़ित आभूषण पहनाए गए</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>श्री कृष्ण जन्माष्टमी के विशेष अवसर पर पन्ना के जुगल किशोर मंदिर में भगवान की विशेष एवं दुर्लभ हीरों से जड़ित आभूषण धारण कराये गये। यहां अधिकांश हीरा खनन व्यवसाय खदान पट्टे के लिए पहले 'सरकार' (श्रीकृष्ण) के पास आवेदन करने की परंपरा का पालन करते हैं। यही नहीं भगवान श्रीकृष्ण को अपना बिजनेस पार्टनर भी बनाते हैं. भगवान के दरबार में हिन्दू व्यापारी ही नहीं, बल्कि मुसलमान भी अर्जी लगाने के लिए मंदिर पहुंचते हैं.</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/janmashtami-a-temple-in-mp-where-even-muslims-consider-krishna-as-their-business-partner/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Janmashtami: जन्माष्टमी के मौके पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़, जन्मस्थान मंदिर में जलाए जाएंगे 5251 दीप]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/janmashtami-crowd-of-devotees-in-temples-on-the-occasion-of-janmashtami-5251-lamps-will-be-lit-in-the-birthplace-temple/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। देश में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है। जन्माष्टमी के मौके पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर मंदिर पूरी रात के लिए खुले रहेंगे,ताकि श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण के दर्शन करने में किसी तरह की परेशानी न हो। मथुरा समेत पूरे देश में [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> देश में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है। जन्माष्टमी के मौके पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर मंदिर पूरी रात के लिए खुले रहेंगे,ताकि श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण के दर्शन करने में किसी तरह की परेशानी न हो। मथुरा समेत पूरे देश में जन्माष्टमी का महोत्सव 26 अगस्त को मनाई जाएगी वहीं वृदांवन में जन्माष्टमी 27 अगस्त यानी मंगलवार को सेलिब्रेट की जाएगी। यह भगवान श्रीकृष्ण का 5251 वां जन्मदिन है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>द्वापर युग का संयोग</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बता दें कि इस बार जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर 45 मिनट के लिए द्वापर युग जैसा संयोग बनेगा। जो कई मायनों में काफी शुभ माना जा रहा है। देश में मंदिर जन्माष्टमी के भव्य उत्सव के लिए तैयार है। वहीं उज्जैन के महाकलेश्वर मंदिर में श्रीकृष्ण के जन्मदिन के मौके पर खास भस्म आरती की गई। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेव संस्थान के सचिव कपिल शर्मा का कहना है कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर जो आमतौर पर 12 घंटे के लिए खुलता है। वो 26 अगस्त को 20 घंटे के लिए खुला रहेगा। जिससे भक्त भगवान के बिना किसी परेशानी के दर्शन करें।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>गर्भगृह को जेल में बदला</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>उन्होंने कहा कि मंदिर के गर्भगृह को कंस की जेल के परिवर्तित कर दिया गया है। अजन्मे के दौरान जन्म के वक्त द्वापर युग में उस समय की स्थिति को प्रदर्शित करने की कोशिश की गई है। श्रीकृष्ण के जन्मस्थान मंदिर में परिसर जन्माष्टमी से पहले शाम को महोत्सव के दौरान 5251 दीपक जलाए जाएंगे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/janmashtami-crowd-of-devotees-in-temples-on-the-occasion-of-janmashtami-5251-lamps-will-be-lit-in-the-birthplace-temple/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[मोहन सरकार का रक्षाबंधन पर &#8216;बहनों&#8217; को तोहफा, बसों में फ्री टिकट]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/top-news/mohan-governments-gift-to-sisters-on-rakshabandhan-free-tickets-in-buses/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल : मध्य प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव राज्य की अलग-अलग विधानसभाओं में पहुंचकर रक्षाबंधन का त्योहार मना रहे हैं. इस दौरान उनकी सरकार ने बहनों को खास तोहफा देने का ऐलान किया है. इसी कड़ी में भोपाल नगर निगम ने रक्षाबंधन, 19 अगस्त के मौके पर महिलाओं को मुफ्त यात्रा का तोहफा दिया [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल </strong>: मध्य प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव राज्य की अलग-अलग विधानसभाओं में पहुंचकर रक्षाबंधन का त्योहार मना रहे हैं. इस दौरान उनकी सरकार ने बहनों को खास तोहफा देने का ऐलान किया है. इसी कड़ी में भोपाल नगर निगम ने रक्षाबंधन, 19 अगस्त के मौके पर महिलाओं को मुफ्त यात्रा का तोहफा दिया है. रक्षाबंधन के दिन महिलाएं सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक सिटी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>एमआईसी ने दी अनुमति</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इस प्रस्ताव को मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) ने हरी झंडी दे दी है. रक्षाबंधन के दिन महिलाएं सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक भोपाल की किसी भी सिटी बस में मुफ्त यात्रा करेंगी। बता दें कि राजधानी भोपाल में कुल 25 रूटों पर 368 सिटी बसें का संचालन होता हैं. हालांकि, इनमें से 140 बसें पिछले एक माह से बंद हैं। ऐसे में शेष 228 बसों में महिलाएं मुफ्त यात्रा कर सकेंगी.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>इन जगहों पर होगी फ्री सुविधा</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बता दें कि भोपाल में चलने वाली सिटी बस पूरे शहर को कवर करती है। बैरागढ़ के पास चिरायु अस्पताल से अवधपुरी, एमपी नगर, मिसरोद, मंडीदीप, न्यू मार्केट, अयोध्या बायपास, करोंद, बैरागढ़, चीचली कोलार रोड, भोजपुर, कटारा हिल्स आदि स्थानों के लिए सिटी बसें संचालित होती हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>रोजाना डेढ़ लाख से अधिक यात्री करते हैं सफर</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>भोपाल में चलने वाली सिटी बसों में रोजाना करीब डेढ़ लाख यात्री सफर करते हैं। इनमें से 60 फीसदी पुरुष हैं, जबकि 40 फीसदी महिलाएं हैं। हालांकि, रक्षाबंधन के दिन सिटी बसों में महिला यात्रियों की आकड़ा 70 फीसदी से ज्यादा हो जाती है. ऐसे में नगर निगम की तरफ से दिए जा रहे इस तोहफे से महिलाओं को फायदा होगा. जिसके बारे में भोपाल नगर निगम महापौर का कहना है कि रक्षाबंधन पर बहनों को अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए एक जगह से दूसरी जगह जाना पड़ता है. नगर निगम की ओर से बहनों को फ्री यात्रा का गिफ्ट दिया जा रहा है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/top-news/mohan-governments-gift-to-sisters-on-rakshabandhan-free-tickets-in-buses/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Independence Day: इंदौर में स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन, मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री मोहन यादव]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/independence-day-independence-day-celebrations-held-in-indore-chief-guest-chief-minister-mohan-yadav/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। शहर में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्य समारोह महेश गार्ड लाइन स्थित आरएपीटीसी ग्राउंड में आयोजित किया गया। इसमें नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ध्वजारोहण किया। साथ ही परेड की सलामी ली। मुख्य समारोह में विभिन्न विभागों के 14 दल परेड में शाम‍िल हुए। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> शहर में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्य समारोह महेश गार्ड लाइन स्थित आरएपीटीसी ग्राउंड में आयोजित किया गया। इसमें नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ध्वजारोहण किया। साथ ही परेड की सलामी ली। मुख्य समारोह में विभिन्न विभागों के 14 दल परेड में शाम‍िल हुए। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>ध्वजारोहण किया गया</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर निर्देश जारी किए गए थे। इसके मुताबिक राज्य स्तर, जिला स्तर,जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। जिला स्तर पर भी विधानसभा अध्यक्ष, मंत्री, कलेक्टर द्वारा ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान गया। जिलेवार सूची सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी कर दी गई थी। इसके मुताबिक इंदौर में नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने तिरंगा फहराया।होमगार्ड्स, पुलिस, एसएएफ, एनसीसी आदि द्वारा परेड का आयोजन किया गया।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>मुख्य अतिथि सीएम मोहन यादव</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मुख्यमंत्री यादव को बुलाया गया था। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में जनता को संबोधित किया। जनपद और पंचायत स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। संभागायुक्त कार्यालय में संभागायुक्त दीपक सिंह ने ध्वजारोहण किया। इससे पहले संभागायुक्त ने रेसीडेंसी क्लब पर ध्वजारोहण किया। कलेक्टर आशीष सिंह ने कलेक्टर कार्यालय में ध्वजारोहण किया।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/independence-day-independence-day-celebrations-held-in-indore-chief-guest-chief-minister-mohan-yadav/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Nag Panchami 2024: नाग पंचमी के अवसर पर नागतीर्थ शिखरधाम मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/nag-panchami-2024-crowd-of-lakhs-of-devotees-at-nagtirtha-shikhardham-temple-on-the-occasion-of-nag-panchami/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। निमाड़-मालवा का प्रसिद्ध नागतीर्थ शिखरधाम भिलटदेव मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। यह मंदिर सतपुड़ा की ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यह मंदिर लगभग 800 साल पुराना है। पोराणिक कथाओं की तर्ज पर प्रसिद्ध इस मंदिर में नागपंचमी पर विशेष मेला लगता है। इस मंदिर में नाग पंचमी के अवसर पर 5 [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> निमाड़-मालवा का प्रसिद्ध नागतीर्थ शिखरधाम भिलटदेव मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। यह मंदिर सतपुड़ा की ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यह मंदिर लगभग 800 साल पुराना है। पोराणिक कथाओं की तर्ज पर प्रसिद्ध इस मंदिर में नागपंचमी पर विशेष मेला लगता है। इस मंदिर में नाग पंचमी के अवसर पर 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>सीसी रोड का निर्माण किया गया</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने यहां पर उज्जैन के महा नागलोक की तर्ज पर भिलटदेव महालोक बनाने की घोषणा की थी, जिसके तहत यहां पर भिलटदेव महा नागलोक का निर्माण जारी है।यहां शिखरधाम की पहाड़ी से सतपुड़ा का प्राकृतिक नैसर्गिक सौंदर्य देखते को मिलता है। हाल ही में यहां पर तीन किमी लंबी नई सीसी रोड का भी निर्माण किया गया है। इसे श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाया गया है।। नागलवाड़ी शिखरधाम भिलटदेव मंदिर समिति के अध्यक्ष दिनेश यादव के मुताबिक यह मंदिर 800 साल पुराना है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>मंदिर का पुनर्निर्माण 2015 में हुआ</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>ऐसा माना जाता है कि विक्रम संवत 2012 में भिलटदेव का प्राकट्य एमपी के हरदा जिले के रोल गांव में जन्म हुआ था। भिलटदेव सतपुड़ा पर्वत की चोटी पर लगभग 2200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। नागलवाड़ी शिखरधाम भगवान की तपस्या स्थली है। मंदिर का पुनर्निर्माण राजस्थानी बंशी पहाड़पुर गुलाबी रंग के पत्थरों से किया गया था। मंदिर का पुनर्निर्माण 2015 में हुआ।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/nag-panchami-2024-crowd-of-lakhs-of-devotees-at-nagtirtha-shikhardham-temple-on-the-occasion-of-nag-panchami/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Bangladesh Violence: बांग्लादेश में हिंदुओं को बनाया निशाना, मंदिरों और घरों में की तोड़फोड़]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/bangladesh-violence-hindus-were-targeted-in-bangladesh-temples-and-houses-were-vandalized/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। बांग्लादेश में प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग को लेकर बवाल मचा हुआ है। इस बवाल में अब तक कम से कम 100 लोगों की मौत भी हो गई है। प्रदर्शनकारी हिंदुओं को निशाना बना रहे हैं और उन पर हमला बोल रहे है। रविवार को हुई भीषण झड़प में 14 पुलिसकर्मियों समेत [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> बांग्लादेश में प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग को लेकर बवाल मचा हुआ है। इस बवाल में अब तक कम से कम 100 लोगों की मौत भी हो गई है। प्रदर्शनकारी हिंदुओं को निशाना बना रहे हैं और उन पर हमला बोल रहे है। रविवार को हुई भीषण झड़प में 14 पुलिसकर्मियों समेत 100 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>पूरे देश में कर्फ्यू लागू</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>कट्टरपंथियों ने हिंदुओं और मंदिरों पर हमला बोला है। इस मामले में मिली जानकारी के मुताबिक, इस्कॉन और काली मंदिरों समेत हिंदुओं के घरों को निशाना बनाया गया। हंगामे को देखते हुए लोगों को शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस हिंसा में एक हिंदू की मौत भी हो गई है। इस मामले में भारत सरकार ने एडवाइजरी जारी की है। भारत ने लोगों को बांग्लादेश की यात्रा करने से बचने को कहा है। बांग्लादेश में इस समय इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क सेवाएं को बंद कर दिया गया है, बांग्लादेश में कर्फ्यू लागू है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>दो पक्षों के बीच हुई झड़प</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>पिछले दिनों बांग्लादेश में आरक्षण को लेकर काफी बवाल मचा हुआ था, जिसे वहां के सुप्रीम कोर्ट ने समाप्त कर दिया था। अब प्रदर्शनकारी सरकारी नौकरियों में आरक्षण के मुद्दे पर मचे बवाल को लेकर मौजूदा सरकार से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। रविवार को स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन के बैनर की आड़ में असहयोग कार्यक्रम में प्रदर्शनकारी हिस्सा लेने पहुंचे थे। छात्र लीग, अवामी लीग और जुबो लीग के कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध किया। जिस पर दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/bangladesh-violence-hindus-were-targeted-in-bangladesh-temples-and-houses-were-vandalized/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Sawan Shivratri 2024: आज है सावन शिवरात्रि, जाने शुभ महूर्त और पूजन विधि]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/sawan-shivratri-2024-today-is-sawan-shivratri-know-the-auspicious-time-and-method-of-worship/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। आज निशिता काल में शिवजी का पूजन किया जाता है। पूजा और जलाभिषेक के लिए देर रात 12:06 से 12:48 तक का समय है। यह 42 मिनट सावन शिवरात्रि की पूजा के लिए अति शुभ माने जाते है। सावन शिवरात्रि का बहुत महत्व है। इस बार सावन शिवरात्रि का व्रत 2 अगस्त यानी आज [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> आज निशिता काल में शिवजी का पूजन किया जाता है। पूजा और जलाभिषेक के लिए देर रात 12:06 से 12:48 तक का समय है। यह 42 मिनट सावन शिवरात्रि की पूजा के लिए अति शुभ माने जाते है। सावन शिवरात्रि का बहुत महत्व है। इस बार सावन शिवरात्रि का व्रत 2 अगस्त यानी आज के दिन रखा जाएगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>सावन शिवरात्रि का महत्व</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इस दिन समुद्र मंथन के दौराान निकले हलाहल विष को भगवान शिव ने ग्रहण किया था। विष की तपन और जलन को शांत करने के लिए इसी दिन देवताओं ने जल से भगवान शिव का अभिषेक किया था। आज शुक्रवार 2 अगस्त के दिन सावन माह की शिवरात्रि है। सावन शिवरात्रि शिव भक्तों द्वारा बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है। आज के दिन सावन शिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा। शनिवार को शिवरात्रि के व्रत की समाप्ति की जाएगी। शिव भक्तों के लिए सावन शिवरात्रि का महत्व महाशिवरात्रि के बराबर ही होता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>सावन शिवरात्रि की पूजन विधि</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>सावन शिवरात्रि पर मिट्टी के शिवलिंग बनाकर पूजा करें। सुबह सबसे पहले स्नान कर ले। स्नान करने के बाद सफेद रंग के वस्त्र धारण करें। जल, दही और दूध से शिवलिंग का जलाभिशषेक करें। फिर गन्ने के रस की धारा शिवलिंग पर अर्पित करें। ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें। शिवलिंग पर भांग धतूरा और बेलपत्र चढाएं। भगवान शिव को खीर का भोग लगाएं। भगवान शिव को खीर अति प्रिय होता है।शिव चलीसा का पाठ करें। अगले 2 दिनों तक मिट्टी के शिवलिंग पर जल प्रवाहित करें।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/sawan-shivratri-2024-today-is-sawan-shivratri-know-the-auspicious-time-and-method-of-worship/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Guru Purnima 2024: इंदौर में गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम में सीएम मोहन यादव ने कहा- भारतीय संस्कृति…]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/top-news/guru-purnima-2024-in-the-guru-purnima-program-in-indore-cm-mohan-yadav-said-indian-culture/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल : प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज विमान से इंदौर पहुंचे। वे यहां देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके बाद उनका आज ही विमान से भोपाल के लिए रवाना होंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर पूरे देश [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल </strong>: प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज विमान से इंदौर पहुंचे। वे यहां देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके बाद उनका आज ही विमान से भोपाल के लिए रवाना होंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर पूरे देश और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>मोहन यादव ने ट्वीट कर दी बधाई</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बता दें कि सोशल मीडिया साइट एक्स पर प्रदेश के मुखिया यादव ने लिखा "गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर समस्त देश व प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं… हमारी सरकार ने शिक्षकों के सम्मान में विश्वविद्यालयों के कुलपतियों का नाम कुलगुरू करने का ऐतिहासिक निर्णय भी लिया है, हमारे यहां कुलगुरु परंपरा सदियों से चली आ रही है और अपनी इन्हीं संस्कृति, शिक्षा व जीवन शैली के आधार पर भारत दुनिया का सदैव नेतृत्व करता रहा है।"</p>
<!-- /wp:paragraph -->

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</div></figure>
<!-- /wp:embed -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>कार्यक्रम की शुरुआत सीएम यादव ने की</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. मोहन यादव ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर और दीपमाला अर्पित कर किया। उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित भी किया। संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति गौरवशाली है। कुलपति की कुलगुरु करने की नींव इंदौर में ही रखी है। विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति डॉ. रेणु जैन ने भी कार्यक्रम को प्रस्तुत किया।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

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https://twitter.com/JansamparkMP/status/1814922720657715282
</div></figure>
<!-- /wp:embed -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>इन्हें किया गया सम्मानित</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>समारोह में पूर्व प्राचार्यों और विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। समारोह में जीवाजी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. पी.वी. सौरीसेना के साथ प्रो. आशुतोष मिश्रा, प्रो. पी.एन.एम. इशरा, प्रो. अशोक शर्मा, प्रो. मंदसखीरा इब्राहिम और प्रो. के.एन. गुरुप्रसाद को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री तुलसी सिलावट, महापौर पुष्‍यमित्र भार्गव, सांसद शंकर लालवानी समेत अन्य गणमान्‍य जनप्रतिधिगण मौजूद रहे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/top-news/guru-purnima-2024-in-the-guru-purnima-program-in-indore-cm-mohan-yadav-said-indian-culture/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Bhopal News:आज मनाया जाएगा मोहर्रम, शहर में निकलेगा जुलूस]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/top-news/bhopal-news-moharram-will-be-celebrated-today-procession-will-be-taken-out-in-the-city/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। बुधवार को मोहर्रम के दिन शहर में जुलूस निकलेगा। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में ताजिये, सवारियां और बुर्राक पुराने और नए शहर के कई इलाकों से गुजरते हुए वीआइपी रोड स्थित करबला पहुंचेंगे। मोहर्रम के मौके पर हर साल की तरह इस साल भी सबसे बड़ा ताजिया किन्नर समाज द्वारा निकाला जाएगा। ताजिया [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> बुधवार को मोहर्रम के दिन शहर में जुलूस निकलेगा। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में ताजिये, सवारियां और बुर्राक पुराने और नए शहर के कई इलाकों से गुजरते हुए वीआइपी रोड स्थित करबला पहुंचेंगे। मोहर्रम के मौके पर हर साल की तरह इस साल भी सबसे बड़ा ताजिया किन्नर समाज द्वारा निकाला जाएगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>ताजिया दोपहर से निकलाएं जाएंगे ताजिये</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>मोहर्रम के जुलूस के दौरान चौराहों पर जगह-जगह उलेमाओं की मजहबी तकरीरे भी होंगी। अन्य सूबों से आए उलेमा शहर के प्रमुख चौराहों पर तकरीरें करेंगे। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ औसाफ शाहमीर खुर्रम का कहना है कि हर वर्ष की तरह इस बार भी अकीदत के साथ मोहर्रम मनाया जाएगा। शहर में ताजियों के निकलने का सिलसिला दोपहर से ही शुरू हो जाएगा। इस वर्ष शहर में 20 से अधिक बड़े ताजिये बने हैं, वहीं मध्यम आकार के 300 और छोटे आकार के 600 ताजिये बनाए गए हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>मोहर्रम को लेकर जारी की एडवाइजरी</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>राजधानी की ट्रैफिक पुलिस ने मोहर्रम को लेकर एडवाइजरी जारी की है। पुराने शहर में मोहर्रम के जुलूस के दौरान आम जनता को यातायात मे कोई परेशानी न हो। इसके लिए परिवहन व्यवस्था में कुछ बदलाव किए गए है। इस दौरान क्षेत्र में भारी वाहन के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। भारत टाकीज, शहंजानाबाद, अल्पना तिराहा, नादरा बस स्टैंड, भोपाल टाकीज, रायल मार्केट, कोहेफिजा तिराहा, करबला पर यातायात के दबाव के निपटान के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल को तैनात किया गया है। इस मार्ग पर शाम छह बजे के बाद यातायात का दबाव रहेगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/top-news/bhopal-news-moharram-will-be-celebrated-today-procession-will-be-taken-out-in-the-city/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Vinayak Chaturthi 2024: आज मनाई जाएगी विनायक चतुर्थी, जानिए पूजन का विधि और धन प्राप्ति के उपाय]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/vinayak-chaturthi-2024-vinayak-chaturthi-will-be-celebrated-today-know-the-method-of-worship-and-ways-to-get-wealth/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। भगवान गणेश को सभी देवताओं में सर्वप्रथम पूजनीय माना जाता है। कोई भी पूजा या यज्ञ भगवान गणेश के मंत्र जाप के बिना अधूरी मानी जाती है। शास्त्रों के मुताबिक विनायक चतुर्थी की महिमा का एक अलग ही महत्व होता है। 9 जुलाई यानी आज विनायक चतुर्थी है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p>भोपाल। भगवान गणेश को सभी देवताओं में सर्वप्रथम पूजनीय माना जाता है। कोई भी पूजा या यज्ञ भगवान गणेश के मंत्र जाप के बिना अधूरी मानी जाती है। शास्त्रों के मुताबिक विनायक चतुर्थी की महिमा का एक अलग ही महत्व होता है। 9 जुलाई यानी आज विनायक चतुर्थी है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा से बड़े-बड़े विघ्न टल जाते है, इसलिए ही भगवान गणेश को विघ्नहर्ता के नाम से भी जाना जाता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>विनायक चतुर्थी की पूजन विधि</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>सुबह के समय जल्दी उठकर नहा लेना चाहिए। आज के दिन लाल रंग के कपड़े पहनने चाहिए। नहाने के बाद भगवान सुर्य को तांबे के लोटे से जल चढ़ाना चाहिए। उसके बाद गणेश देवता को मंदिर में एक जटा वाला नारियल और मोदक प्रसाद का भोग लगाना चाहिए। गणेश देवता को गुलाब के फूल और दूर्वा समर्पित करें। इस दिन ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का 27 बार जाप करना शुभ माना जाता है। दोपहर के समय अपने घर के मंदिर में अपनी सामर्थ्य के मुताबिक पीतल, तांबा सोने, चांदी या मिट्टी से बने गणेश की मूर्ति स्थापित करें। संकल्प के बाद प्रतिमा की पूजा करें। पूजा करने के बाद श्री गणेश की आरती कर मोदक का प्रसाद बांटे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>धन प्राप्ति के उपाय</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर साफ लाल रंग के कपड़े पहनकर भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए। रूके हुए धन के लिए गणेश देवता को दूर्वा बांधकर माला अर्पित करना चाहिए। इसके साथ ही शुद्ध घी और मीठे के रूप में गुड़ का भोग लगाना चाहिए। धन का प्राप्ति के लिए "वक्रतुण्डाय हुं" मंत्र का 54 बार जाप करना चाहिए। इससे धन प्राप्ति में मदद मिलती है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/vinayak-chaturthi-2024-vinayak-chaturthi-will-be-celebrated-today-know-the-method-of-worship-and-ways-to-get-wealth/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Rath Yatra 2024: आज से रथ यात्रा की शुरुआत, कितने दिन रुकते हैं भगवान जगन्नाथ मौसी के घर]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/top-news/rath-yatra-2024-rath-yatra-starts-from-today-how-many-days-does-lord-jagannath-stay-at-auntys-house/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल : आज रविवार, 7 जुलाई से भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत होगी। आज से लेकर पूरे 10 दिनों तक भगवान जनमानस के बीच रहेंगे. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितिया तिथि को रथ यात्रा मनाई जाती है। मान्यता है कि रथ यात्रा के दौरान भगवान अपने भाई बलराम [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल </strong>: आज रविवार, 7 जुलाई से भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत होगी। आज से लेकर पूरे 10 दिनों तक भगवान जनमानस के बीच रहेंगे. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितिया तिथि को रथ यात्रा मनाई जाती है। मान्यता है कि रथ यात्रा के दौरान भगवान अपने भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ मौसी के घर जाते हैं। इस पर्व को देश भर में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, लेकिन ओड़िशा के पूरी शहर में स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में भव्य रथयात्रा निकाली जाती है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>गुंडीचा भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बता दें कि यह यात्रा दुनियाभर में प्रशिद्ध है। इस दौरान देश विदेश से लोग पहुंचते हैं। ऐसा इसलिए करते है क्योंकि माना जाता है कि रथ यात्रा के दर्शन मात्र से व्यक्ति को हजारों यज्ञों के पुण्य प्राप्त होते हैं। आज तीनों भगवान रथ में सवार होकर गुंडीचा मंदिर की तरफ प्रस्थान करेंगे इसके बाद सोमवार या मंगलवार तक भगवान गुंडीचा मंदिर पहुंच जाएंगे और 15 जुलाई तक यहीं रुकेंगे, फिर 16 जुलाई को सभी देवी-देवता को वापस जगन्नाथ मंदिर लाया जाएगा। यह परंपरा सदियों से चलती आ रही है। यहां भगवान के लिए तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं। बता दें कि गुंडीचा को मौसी का घर माना जाता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>क्यों खास है रथ यात्रा</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>भक्तों के लिए रथयात्रा इसलिए अधिक खास होता है कि इस दौरान भगवान मंदिर से बाहर निकल कर भक्तों को दर्शन देते हैं। इस वजह से रथयात्रा को अधिक खास बताया गया है। वहीं इस पर्व को भाई बहन की पूजा का पर्व माना जाता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>आज से शुरू होगी यात्रा</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>-वैदिक पंचांग के मुताबिक, जगन्नाथ रथ यात्रा 07 जुलाई को सुबह 8:05 बजे से शुरू हो चुकी है.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>– यह यात्रा सुबह 09 बजकर 27 मिनट तक निकाली गई है.<br>– इसके बाद यात्रा दोपहर 12 बजकर 15 मिनट से फिर से शुरू होगी.<br>– इस बार यात्रा 01 बजकर 37 मिनट पर विश्राम लेगी.<br>– इसके बाद शाम 04 बजकर 39 मिनट से यात्रा शुरू होगी.<br>– अब यह यात्रा 06 बजकर 01 मिनट तक चलेगी.</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/top-news/rath-yatra-2024-rath-yatra-starts-from-today-how-many-days-does-lord-jagannath-stay-at-auntys-house/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[आज से गुप्त नवरात्रि शुरू, लौंग से करें ये उपाय दूर होंगे सारे कष्ट]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/gupt-navratri-starts-from-today-do-these-remedies-with-cloves-all-troubles-will-go-away/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल : हिन्दू धर्म में लोग चार नवरात्रि को मनाते है, जिनमें से दो नवरात्रि चैत्र माह में और शारदीय नवरात्रि को बड़े त्योहार के तौर पर मनाते हैं. वहीं दो गुप्त नवरात्र हैं, जो माघ और आषाढ़ महीने में मनाए जाते हैं. फिलहाल आषाढ़ माह चल रहा है और गुप्त नवरात्र की शुरुआत 06 [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल </strong>: हिन्दू धर्म में लोग चार नवरात्रि को मनाते है, जिनमें से दो नवरात्रि चैत्र माह में और शारदीय नवरात्रि को बड़े त्योहार के तौर पर मनाते हैं. वहीं दो गुप्त नवरात्र हैं, जो माघ और आषाढ़ महीने में मनाए जाते हैं. फिलहाल आषाढ़ माह चल रहा है और गुप्त नवरात्र की शुरुआत 06 जुलाई यानी आज शनिवार से हो चुकी है. इस नवरात्रि में भक्त मां दुर्गा की स्थापना नहीं करते, बल्कि इस गुप्त नवरात्रि को तंत्र-मंत्र और साधकों के लिए विशेष कर माना जाता है. ज्योतिषियों के मुताबिक, इन 9 दिनों में लोग लौंग के कुछ ख़ास उपाय करते है, जिससे कुंडली में ग्रहों की स्थिति सही हो जाती हैं. ऐसा करने से आपको शुभ फल की प्राप्ति होती है. ऐसे में चलिए जानते है क्या हैं लौंग के उपाय?</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>ये है कुछ उपाय</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इन 9 दिनों में आप दुर्गा सप्तशती के 11 पाठ करें. ध्यान रखने की जरुरत है कि ऐसा आपको एक ​ही दिन में करना पड़ेगा. इसके साथ इन नौ दिनों में आपको रोजाना 11 लौंग के दाने लेने है, जिन्हें एक पाठ होने के बाद एक-एक लौंग के दाने को कटोरी में जला देना है. ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक ऐसा करने से हर तरह के ग्रह दोषों से छुटकारा मिलता है.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>सात लौंग को मां दुर्गा को चढ़ाएं</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इस गुप्त नवरात्रि के दौरान आप 7 लौंग को मां दुर्गा के समक्ष चढ़ाएं। इसके बाद उन लौंग के दानों को एक लाल कपड़े में लपेट दें और इस कपड़े को तिजोरी में रख दें. इसके बाद आपको एक और अहम कार्य करने होंगे। इसके बाद आपको फिर से 7 लौंग लेना है और इन लौंग को 9 दिनों तक पुराने लौंग के दानों से बदलना है. इसके बाद बदली गई 7 पुरानी लौंग को कपूर के साथ पीपल के पेड़ के पास जाकर जलाना है. ऐसा करने से आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>घर के अंदर करें ये उपाय</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इस नवरात्रि में आप एक और आसान उपाय कर सकते हैं, इसमें आपको 11 लौंग, 11 कपूर, 11 तेजपत्ता और 11 काली मिर्च के दाने लेकर मां दुर्गा के बीज मंत्र का जाप करना है और शाम होने पर सभी को जला देना है. याद रहे यह उपाय घर में ही करें. ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाएगी.</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/gupt-navratri-starts-from-today-do-these-remedies-with-cloves-all-troubles-will-go-away/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Sawan 2024: सावन की शुरुआत कब, पहला सोमवार का डेट क्या है?]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/sawan-2024-when-does-sawan-start-what-is-the-date-of-first-monday/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल: सावन (Shravan) हिंदू पंचांग का 5वां माह है. यह माह देवों के देव महादेव का सबसे प्रिय महीना है। इस पूरे पवित्र माह में भोलेशंकर (Shiv ji) का अभिषेक, पूजा, मंत्र जाप आदि करने वालों को जीवन से सारी परेशानी खत्म हो जाती है। ऐसे में सावन माह में सोमवार व्रत (Sawan somwar vrat) [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल</strong>: सावन (Shravan) हिंदू पंचांग का 5वां माह है. यह माह देवों के देव महादेव का सबसे प्रिय महीना है। इस पूरे पवित्र माह में भोलेशंकर (Shiv ji) का अभिषेक, पूजा, मंत्र जाप आदि करने वालों को जीवन से सारी परेशानी खत्म हो जाती है। ऐसे में सावन माह में सोमवार व्रत (Sawan somwar vrat) का अपना एक खास महत्व है. बता दें कि भगवान शिव के भक्तों को सावन के माह का बेसब्री से इंतजार रहता है. ऐसे में चलिए जानते है, इस साल सावन 2024 में कब से शुरू है, इस बार कितने सोमवार व्रत पड़ेंगे, और इस उपवास का क्या महत्व है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>सावन 2024 डेट</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>सावन शुरू होगा - 22 जुलाई 2024</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>सावन खत्म होगा - 19 अगस्त 2024</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>इस बार पांच सावन सोमवार 2024</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>22 जुलाई 2024 - पहला सावन सोमवार<br>29 जुलाई 2024 - दूसरा सावन सोमवार<br>5 अगस्त 2024 - तीसरा सावन सोमवार<br>12 अगस्त 2024 - चौथा सावन सोमवार<br>19 अगस्त 2024 - पांचवां सावन सोमवार</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>सावन माह को कहा जाता है श्रावण</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इस माह में श्रवण नक्षत्र वाली पूर्णिमा पड़ती है. इस कारण से भी सावन माह को श्रावण कहा जाता हैं. बता दें कि सावन की शुरुआत के साथ ही सभी मंदिरों में भगवान शिव के जयकारे गूंजने लगते हैं. सावन माह के सभी दिनों में भक्तो का तांता लगा रहता है। इस दौरान भोलेनाथ भक्तों की भक्ति से काफी खुश रहते हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>शिवपुराण के अनुसार इस माह की मान्यता</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>शिवपुराण के अनुसार, सावन का महीना श्रवण करने यानी सुनने का है, इसलिए इसका नाम श्रावण है. इस माह में धार्मिक कथाएं और प्रवचन सुनने की अपनी एक अलग परंपरा है. सावन माह भोलेनाथ को प्रिय होने की दो खास वजहें हैं. पहली, इसी महीने से देवी पार्वती ने शिव जी को पति रूप में पाने के लिए तप शुरू किया था. दूसरी, देवी सती के जाने के बाद शिव जी को फिर से अपनी शक्ति यानी देवी पार्वती पत्नी के रूप में वापस मिली थीं.</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/sawan-2024-when-does-sawan-start-what-is-the-date-of-first-monday/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[International Yoga Day: कई संस्थाओं में मनाया गया अंतराष्ट्रीय योग दिवस, जाने इस बार की थीम]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/international-yoga-day-international-yoga-day-celebrated-in-many-institutions-know-the-theme-this-time/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। योग एक ऐसी प्रथा है, जिसकी उत्पत्ति हजारों साल पहले हमारे देश में ही हुई थी। योग दिवस को मनाने से इसके महत्व को समझा जा सकता है। योग का महत्व केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, इससे कही ज्यादा आगे है। योग में मानसिक एवं आध्यात्मिक पहलुओं को शामिल किया गया है तथा इसमें [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> योग एक ऐसी प्रथा है, जिसकी उत्पत्ति हजारों साल पहले हमारे देश में ही हुई थी। योग दिवस को मनाने से इसके महत्व को समझा जा सकता है। योग का महत्व केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, इससे कही ज्यादा आगे है। योग में मानसिक एवं आध्यात्मिक पहलुओं को शामिल किया गया है तथा इसमें समग्र कल्याण की भावना निहित है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>योग दिवस की थीम-महिला सशक्तिकरण</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>भारत में शुरू हुए योग का महत्व आज संपूर्ण विश्व में व्याप्त हो चुका है। 21 जून को पूरे दुनियाभर में योग दिवस मनाया जाता है। शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग बहुत फायदेमंद माना जाता है। यही कारण है कि योग करना आज लोगों की दैनिक दिनचर्या का अहम हिस्सा बन गया है। अब तो योग से गंभीर बीमारियों का इलाज भी किया जाने लगा है। कोरोना काल में इसका महत्व व लाभ प्रमाणित हो चुका है‌। माउंट इंडेक्स इंटरनेशनल स्कूल के विशाल परिसर में योग दिवस आनंद पूर्वक मनाया गया। इस वर्ष योग दिवस की थीम "महिला सशक्तिकरण के लिए योग" था। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी बच्चों ने भाग लेकर योग का शानदार प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक योग के कार्यक्रम में भाग लिया।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>प्रकृति की खोज का एक माध्यम है योग</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>21 जून को योग दिवस मनाने के लिए यह उत्तम तिथि है, क्योंकि कई संस्कृतियों में इस तारीख के कई मान्य है। उत्तरी गोलार्द्ध में यह ग्रीष्म संक्रांति का दिन है। योग केवल व्यायाम ही नहीं है, बल्कि स्वयं के साथ, विश्व के साथ और प्रकृति के साथ एकता की भावना की खोज करने का एक तरीका भी है। स्कूल परिसर में योग दिवस का संचालन सफलता पूर्वक किया गया। योग दिवस पर कार्यक्रम संचालन स्कूल के विध्यार्थियों द्वारा किया गया जो की कक्षा नर्सरी से चौथी के थे। इस इवैंट का सम्पूर्ण संचालन स्पोर्ट्स एचओडी गोविंद मैथिल, चंचलदीप सिलावटएवं समस्त स्पोर्ट्स डिपार्टमेन्ट द्वारा किया गया।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/international-yoga-day-international-yoga-day-celebrated-in-many-institutions-know-the-theme-this-time/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[International Yoga Day: योग दिवस के मौके पर महिलाए करेंगे ये योगासन, मिलेंगे जबरदस्त फायदें]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/international-yoga-day-on-the-occasion-of-yoga-day-women-will-do-these-yogasanas-they-will-get-great-benefits/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। हर साल की तरह इस साल भी 21 जून को इंटरनेशनल योग दिवस मनाया(International Yoga Day) जाएगा। योग हर एक व्यक्ति के लिए बेहद जरूरी है। योग के लिए कहा गया है कि योग भगाए रोग। दरअसल, आजकल की भागदौड़ के बीच लोगों को खुद के लिए समय नहीं मिल पाता है। घर-ऑफिस के [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> हर साल की तरह इस साल भी 21 जून को इंटरनेशनल योग दिवस मनाया(International Yoga Day) जाएगा। योग हर एक व्यक्ति के लिए बेहद जरूरी है। योग के लिए कहा गया है कि योग भगाए रोग। दरअसल, आजकल की भागदौड़ के बीच लोगों को खुद के लिए समय नहीं मिल पाता है। घर-ऑफिस के चक्कर में लोग खुद को इतना सा वक्त भी नहीं दे पाते हैं कि कुछ देर के लिए योग करें। ऐसी स्थिति में योग दिवस को मनाने का यही उद्देश्य है कि लोग खुद के लिए आधे घंटे या 15 मिनट का वक्त निकालें। इस भागमभाग के बीच योग या एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी हो जाता है। आज हम आपकों बताएंगे कि महिलाओं के लिए योग करना क्यों जरूरी हो जाता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>महिलाओं के फायदेमंद योगासन</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>आज हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताएंगे जिसकी मदद से महिलाएं खुद को फिट रख सकती हैं। साथ ही साथ गंभीर बीमारी के जोखिम से भी बची रह सकती है। आइए इस विस्तार से जानें कि कौन से योगासन करने से महिलाओं को फायदे मिलते हैं?<br><strong>भुजंगासन(Bhujangasana)</strong></p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>यह आसन बढ़ती उम्र को लेकर बेहद जरूरी है। खासकर 30 की उम्र के बाद तो हर महिला को यह आसन शुरू करना चाहिए। यह बॉडी के अपर पार्ट के ऊपर खिंचाव पैद करता है और चेहरे के ऊपर चमक लाने में भी मदद करता है। समय के साथ-साथ चेहरे पर झुर्रिया आ जाती है जिससे महिलाएं अपनी असल उम्र से ज्यादा की लगती है। महिलाएं चेहरे में चमक लाने के लिए व झुर्रियों को कम करना चाहती हैं तो उन्हें योग को जरुरी अपनाना चाहिए। भुजंगासन से चेहरे की झुर्रियों में कमी आ सकती है क्योंकि भुजंगासन से शरीर के साथ-साथ चेहरे की मांसपेशियों में भी खिचावं पैदा होता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>धनुरासन(Dhanurasana)</strong></p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>आज के भाग-दौड़ भरी जिंदगी में खान-पान में भी बदलाव आ जाता है जिसके कारण ओवरवेट होना आम बात है। जिन महिलाओं का ओवरवेट है उन्हें तो धनुरासन योग जरूर करना चाहिए। इससे बॉडी का पॉश्चर भी सही रहता है। पूरी बॉडी ठीक से स्ट्रेच होती है। धनुरासन पीठ की मांसपेशियों में खिचाव पैदा करने के लिए व्यापक रूप लोकप्रिय माना जाता है। यह रीढ़ की हड्डी के बेहतर विस्तार के साथ-साथ कई अन्य मांसपेशी समूहों को भी सक्रिय करता है। इसके अलावा, यह तनाव से राहत देते हुए बेहतर एकाग्रता और ध्यान केंद्रित करने को प्रोत्साहित करता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>तितली आसन(Butterfly Pose)</strong></p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>जिन महिलाओं को पीरियड्स से जुड़ी समस्या होती है उन्हें तितली आसन प्रतिदिन करना चाहिए। इससे जांघों और पैरों की मांसपेशियों मजबूत होती है। तितली आसन कूल्हे के जोड़ की मांसपेशियों को खोलने और शरीर के निचले हिस्से को टोन करने में मदद करता है। यदि आपको इसका अभ्यास करते समय शरीर में दर्द महसूस होता है तो आप इस आसन को करने से बच सकते हैं। बटरफ्लाई पोज़ के कई मायने में फायदेमंद हो सकता हैं जैसे, सीपीपी, पीसीओएस, गर्भावस्था और माइग्रेन में।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/international-yoga-day-on-the-occasion-of-yoga-day-women-will-do-these-yogasanas-they-will-get-great-benefits/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[MP News: बकरीद की नमाज से पूर्व काजी का ऐलान, पर्यावरण के लिए पेड़ लगाए, नशा बेचने वालो की शिकायत करें]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/mp-news-qazis-announcement-before-bakrid-prayers-plant-trees-for-the-environment-complain-against-those-selling-intoxicants/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। आज के दौर में(MP News) पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंच रहा है। गर्मी का प्रकोप दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। हम पर्यावरण सुधार के लिए आगे आए और ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं। हमारी कोशिशों से ही पर्यावरण में सुधार होगा और आगे की जिंदगी आसान होगी। ईद की नमाज से पहले शहर काजी [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> आज के दौर में(MP News) पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंच रहा है। गर्मी का प्रकोप दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। हम पर्यावरण सुधार के लिए आगे आए और ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं। हमारी कोशिशों से ही पर्यावरण में सुधार होगा और आगे की जिंदगी आसान होगी। ईद की नमाज से पहले शहर काजी डॉ. मोहम्मद इशरत अली ने सदर बाजार ईदगाह पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि आज समय आ गया है कि हम सब एकसाथ होकर पर्यावरण बचाने के लिए आगे आए।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>सफाई का खास ध्यान रखें</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>डॉ. मोहम्मद इशरत ने यह भी कहा कि बड़ी संंख्या में पेड़ काटे जा रहे है। जिससे गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। पेड़ो को कटने से बचाने के लिए हमें आगे आना होगा। अपने आचरण को अच्छा और बुलंद रखना पड़ेगा। हम सभी कौम के साथ भाईचारे के साथ रहना चाहिए। एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होना चाहिए। हम सभी कौम से जिस तरह की हमें उम्मीद रहती है। हमें उसी ही तरह का सुलूक उनके साथ रखना चाहिए। शहर काजी ने नमाज अदा करने से पहले हिदायत देते हुए कहा कि सफाई में इंदौर पहले नंबर पर है। इसे कायम रखने के लिए हमें सफाई की तरफ खास ध्यान देना होगा। हमे कूड़े को इधर-उधर नहीं फेंकना चाहिए।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>ईदगाह कैंपस में कला केंद्र की शुरूआत</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>उन्होंने कहा कि अपने-अपने मोहल्लों में ध्यान रखें कि कौन-कौन सी जगह पर नशा बिक रहा है। इसकी शिकायत पुलिस थाने में दर्ज कराए। ताकि आने वाली नस्ल नशे से बच सके। हमें अपने नौजवानों को नशें से दूर रखने के लिए बस्तियों में विशेष अभियान चलाना चाहिए। शहर काजी ने कहा कि महिला और बच्चियों को दीनी और दुनियावी तालीम के साथ-साथ हुनर भी सीखना चाहिए। इसी को बात को ध्यान में रखते हुए ईदगाह कमेटी द्वारा ईदगाह कैंपस में महिलाओं और बच्चियों के लिए निशुल्‍क सिलाई, कढ़ाई और बुनाई केंद्र शुरू किए जा रहे है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p></p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p></p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/mp-news-qazis-announcement-before-bakrid-prayers-plant-trees-for-the-environment-complain-against-those-selling-intoxicants/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Bakrid 2024: उज्जैन में छाया ईद का उल्लास, एक साथ नवाज अदा किए हजारों लोग]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/bakrid-2024-eid-celebration-in-ujjain-thousands-of-people-offered-nawaz-together/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल : आज सोमवार को देशभर के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी ईद की धूम मची हुई है। इस बीच उज्जैन से बड़ी खबर सामने आई कि यहां हजारों लोगों ने एक साथ नवाज अदा किए हैं। लोग ईद का पर्व बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ मना रहे है. मुस्लिम समुदाय के लोगों ने [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल :</strong> आज सोमवार को देशभर के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी ईद की धूम मची हुई है। इस बीच उज्जैन से बड़ी खबर सामने आई कि यहां हजारों लोगों ने एक साथ नवाज अदा किए हैं। लोग ईद का पर्व बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ मना रहे है. मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अदा करते हुए देश की खुशहाली के लिए दुआ मांगी. इसके साथ सांप्रदायिक सौहार्द का पैगाम भी दिया गया.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>रविवार को बाजार रहा गुलजार</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बता दें कि एमपी के उज्जैन, देवास, शाजापुर, , नीमच, मंदसौर, रतलाम और आगर मालवा में सोमवार को ईद का त्योहार बड़े ही ख़ुशी के साथ मनाया जा रहा है. ईद के कारण रविवार को देर रात तक बाजार गुलजार दिखा. ईद को लेकर लोगों ने जमकर खरीदारी की. उज्जैन की ईदगाह पर शहर काजी ने अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों को ईद की नमाज अदा करवाई।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>सांप्रदायिक सौहार्द ख़राब करने की कोशिश</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>ईद को देखते हुए प्रदेश के रतलाम जिले के जावरा में कुछ दिनों पहले से ही सुरक्षा के पुख्ते इंतजाम किए गए हैं। यहां कुछ दिन पहले सांप्रदायिक सौहार्द ख़राब करने के लिए कुछ सामाजिक तत्वों ने धार्मिक स्थल पर मृत पशु के अंग फेंक दिए थे. इसके बाद कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज भी हुई थी. वहीं सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिसकर्मी वर्दी के साथ-साथ सादी वर्दी में भी जिले के संवेदनशील इलाकों में घूम रहे हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>कई जगहों पर किया गया यातायात में बदलाव</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>राजधानी भोपाल की कुछ प्रमुख मस्जिदों में लोगों ने हल्की बारिश के बीच नमाज अदा की है. इसके साथ ही लोगों ने देश की तरक्की के लिए दुआ मांगी. साथ ही शहर के काजी और मस्जिदों में इमामों ने खुतबा (उपदेश) दिए. आज ईद के मौके पर भोपाल में भी डायवर्ट हुआ है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/bakrid-2024-eid-celebration-in-ujjain-thousands-of-people-offered-nawaz-together/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Ujjain News: महादेव का गणेश के रुप में किया श्रृंगार, भस्मावती मे महादेव और गणेश जी की गूंज]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/mahadev-was-decorated-as-ganesh-echo-of-mahadev-and-ganesh-ji-was-heard-in-bhasmavati/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज हिंदू कलेंडर के अनुसार नवमी तिथि पर शनिवार को चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित हुए सभी भगवान की मूर्तियों की पूजा की। भगवान महाकाल का दूध पंचामृत, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से जलाभिषेक किया गया। पहला घंटाल [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज हिंदू कलेंडर के अनुसार नवमी तिथि पर शनिवार को चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित हुए सभी भगवान की मूर्तियों की पूजा की। भगवान महाकाल का दूध पंचामृत, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से जलाभिषेक किया गया। पहला घंटाल बजाकर महादेव को जल अर्पित किया गया। फिर भस्म आरती के बाद, कपूर आरती की गई। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट, मुंड माला धारण किया गया।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>महाकाल का किया विशेष श्रृंगार</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>आज के श्रृंगार की खास बात यह रही कि हिंदु कलेंडर के अनुसार नवमी तिथि व शनिवार के संयोग पर भस्मआरती के बाद महाकाल का विशेष श्रृंगार श्री गणेश के रुप में किया गया। बाबा महादेव के मस्तिष्क पर त्रिपुंड बनाया गया और उन्हें श्री गणेश के स्वरूप में सजाया गया। जिसे सभी श्रद्धालु देखते अचंभित रह गए। महानिर्वाणी अखाड़े की तरफ से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया। जिससे पूरा मंदिर परिसर में जय श्री महाकाल और जय श्री गणेश की गूंज से गूंज उठा।मुंबई से आए श्रद्धालु पराग ठक्कर जो कि इजी केअर कंपनी के चैयरमैन भी हैं। श्री महाकालेश्वर भगवान के दर्शन के लिए मंदिर पधारे। मंदिर अधिकारी आर के तिवारी ने बताया कि श्री महाकालेश्वर मंदिर में जरुरतमंदों लोगों को निशुल्क व्हील चेयर बांटी गई। इन व्हील चेयरों से जरुरतमंद लोगों को भगवान के दर्शन में सुलभता होगी। मंदिर अधिकारी का यह भी कहना था कि व्हील चेयर चालक के साथ एक केयर टेकर को भी मंदिर में जाने की अनुमति दी गई।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>उच्च गुणवत्ता की व्हीलचेयर भिजवाई गई</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इससे पराग ठक्कर बहुत प्रभावित हुए और उन्होंने मुंबई पंहुचकर उच्च गुणवत्ता की पांच व्हीलचेयर मंदिर को भिजवाई, जो उनके प्रतिनिधि हनिराम सिंघानिया द्वारा मंदिर को सौंपी गई। मंदिर के सहायक प्राशसनिक अधिकारी आरके तिवारी ने उन्हें विधिवत रसीद प्रदान की। आज के श्रृंगार की विशेष बात यह रही कि भगवान शिव जी को उनके पुत्र गणेश जी के स्वरुप में सजाया गया था। जो मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को अंचभित कर रहा था। महाकाल में मंदिर की ओर से जरुरतंद लोगों के लिए व्हील चेयर की बांटा गया था।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/mahadev-was-decorated-as-ganesh-echo-of-mahadev-and-ganesh-ji-was-heard-in-bhasmavati/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Mango Festival : एमपी में आज से आम महोत्सव शुरू, कुछ वैरायटी जीत लेंगे दिल]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/states/mango-festival-mango-festival-starts-in-mp-from-today-some-varieties-will-win-your-hearts/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। एमपी की राजधानी भोपाल में आज शुक्रवार, 14 जून से पांच दिवसीय आम महोत्सव(Mango Festival) शुरू होने जा रहा है. इस महोत्सव में आम की कई नई वैरायटी नजर आएंगे. इस प्रदर्शनी को राजधानी के बिट्टन मार्केट में स्थित नाबार्ड कार्यालय में आयोजन किया जा रहा है, जो 18 जून तक चलेगी. अनुमान है [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> एमपी की राजधानी भोपाल में आज शुक्रवार, 14 जून से पांच दिवसीय आम महोत्सव(Mango Festival) शुरू होने जा रहा है. इस महोत्सव में आम की कई नई वैरायटी नजर आएंगे. इस प्रदर्शनी को राजधानी के बिट्टन मार्केट में स्थित नाबार्ड कार्यालय में आयोजन किया जा रहा है, जो 18 जून तक चलेगी. अनुमान है कि इस महोत्सव में 18 क्विंटल के करीब आम मंगाए जाएंगे। महोत्सव में 11 जिलों से विक्रेता पहुंचेंगे. खास बात है कि इन आमों को बिना केमिकल से पकाया गया है. ये आम भूसे में रख कर पकाए गए हैं या फिर नेचुरल तरीके से पेड़ पर ही पके आम को लाए जाएंगे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>सुंदरजा आम बनेगा आकर्षण का केंद्र</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>आम महोत्सव की सबसे रोचक बात है कि इस महोत्सव में तरह-तरह के आम लाएं जाएंगे। साथ ही सुंदरजा आम भी लाया जाएगा, जो आकर्षण का केंद्र बनेगा ,यह वह आम है जिसे जीआई टैग प्राप्त है.इस आम कि खासियत यह है कि इसमे फाइबर नहीं होता है। इसकी डिमांड देश से लेकर दूसरे देशों में भी अधिक है। इस आम को शुगर के मरीज भी खाते हैं। यह अपने स्वाद और फायदों के लिए फेमस हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>एक आम दो से तीन किलो का</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इस पांच दिवसीय आम महोत्सव में शहडोल के फेमस आम्रपाली आम और मल्लिका आम भी लाए जाएंगे. इसके साथ ही सतना का प्रसिद्ध शुगर फ्री सुंदरजा आम भी इसमें आकर्षण का केंद्र बनेगा. वहीं सबसे महंगा और फेमस आम नूरजहां आम भी महोत्सव में प्रदर्शनी में रखा जाएगा. बता दें कि नूरजहां काफी महंगा और बड़ा आम है. एक आम दो से तीन किलो का होता है. जिसका छिलका काफी पतला होता है और गुठली काफी छोटी. खाने में काफी स्वादिष्ट होता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>इस साल महोत्सव का आठवां संस्करण</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>आम महोत्सव का यह आठवां संस्करण है. पिछले 8 वर्ष से नाबार्ड की तरफ से इस महोत्सव का आयोजन करवाया जा रहा है. इसके जरिए प्रदेश के 11 जिलों के आदिवासियों को अपने आम को बेचने का बाजार मिल पाता है. इन जिलों में झाबुआ, छिंदवाड़ा, शहडोल, रीवा, नर्मदापुरम, अलीराजपुर, सतना और इत्यादि जगह शामिल हैं.</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/states/mango-festival-mango-festival-starts-in-mp-from-today-some-varieties-will-win-your-hearts/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Nirjala Ekadashi : निर्जला एकादशी पर बन रहे कुछ शुभ संयोग, पूजा करने का ये नियम खास]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/nirjala-ekadashi-some-auspicious-coincidences-are-taking-place-on-nirjala-ekadashi-this-rule-of-worship-is-special/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल : हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का अपना एक अलग महत्व बताया गया है. महीने में 2 और पूरे साल में कुल 24 एकादशी होते हैं. लेकिन इन एकादशियों में ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी का अधिक महत्व है. इस निर्जला एकादशी को भीमसेन एकादशी भी कहा जाता हैं. धार्मिक मान्यताओं के [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल : </strong>हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का अपना एक अलग महत्व बताया गया है. महीने में 2 और पूरे साल में कुल 24 एकादशी होते हैं. लेकिन इन एकादशियों में ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी का अधिक महत्व है. इस निर्जला एकादशी को भीमसेन एकादशी भी कहा जाता हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगर आप इस एकादशी के व्रत को करते है तो आपको साल के 24 एकादशी व्रत का फल मिलता है. खास बात है कि महाभारत काल में इस व्रत को पांडवों ने भी रखा था.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>17 जून को मनाया जाएगा एकादशी</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>एकादशी के कथा के मुताबिक भीमसेन को सबसे अधिक भूख लगती थी. लेकिन उन्होंने भी इस व्रत को किया था. इसलिए इस व्रत को सभी एकादशी में सर्वश्रेष्ठ एकादशी कहा गया है. इस व्रत को लेकर ज्योतिषाचार्य ने बताया कि 16 जून, दिन रविवार को रात 2:54 बजे से एकादशी तिथि की शुरुआत होगी। जो अगले दिन सोमवार को पूरे दिन रहेगा. इसलिए यह व्रत 17 जून, सोमवार के दिन ही रखा जाए तो अधिक शुभ होगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>इस तरह करें पूजा</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>हिंदू शास्त्रों के अनुसार, निर्जला एकादशी के तिथि पर ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें. इसके बाद भगवान विष्णु का पूजा-पाठ करें। साथ ही व्रत का संकल्प लें. ऐसे इस व्रत को कठिन व्रत कहा जाता है. क्योंकि ज्येष्ठ माह में भीषण गर्मी पड़ती है और इस भीषण गर्मी में बिना जल लिए जो भी भक्त इस एकादशी व्रत को रखता है, उसे भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>मिलता है 24 एकादशी का फल</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक जो भक्त पूरे साल एकादशी का व्रत नहीं रखता है, अगर वो इस निर्जला एकादशी का व्रत करता है तो उसे पूरे साल के 24 एकादशी का फल मिलता है. इसके साथ भगवान विष्णु खुश होते हैं और भक्त को ढेर सारा आशीर्वाद भी देते हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/nirjala-ekadashi-some-auspicious-coincidences-are-taking-place-on-nirjala-ekadashi-this-rule-of-worship-is-special/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Vaishakh Vinayak Chaturthi: इस दिन है वैशाख की विनायक चतुर्थी, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/vaishakh-vinayak-chaturthi-this-day-is-vinayak-chaturthi-of-vaishakh-know-the-auspicious-time-and-method-of-worship/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। हिंदू धर्म में की किसी भी पूजा-पद्धति की शुरुआत सर्वप्रथम गणेश जी की पूजा से होती है। यही वजह है कि गणेश जी की पूजा के बिना कोई भी पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती। ऐसा माना जाता है कि गणेश जी बुद्धि, विद्या, रिद्धि-सिद्धि के दाता है और उनकी पूजा करने से सारे कष्ट [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> हिंदू धर्म में की किसी भी पूजा-पद्धति की शुरुआत सर्वप्रथम गणेश जी की पूजा से होती है। यही वजह है कि गणेश जी की पूजा के बिना कोई भी पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती। ऐसा माना जाता है कि गणेश जी बुद्धि, विद्या, रिद्धि-सिद्धि के दाता है और उनकी पूजा करने से सारे कष्ट से मुक्ति मिलती है। ऐसे में गणपति जी को प्रसन्न करने के लिए विनायक चतुर्थी (Vaishakh Vinayak Chaturthi) व्रत करना चाहिए।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>हर माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी होती है। गणपति जी की पूजा के लिए ये व्रत बहुत ही फलदायी माना गया है। ऐसे में आइए जानते हैं वैशाख विनायक चतुर्थी 2024 की तारीख, पूजा मुहूर्त के बारे में।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>वैशाख विनायक चतुर्थी 2024 की तारीख</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इस बार वैशाख माह में विनायक चतुर्थी (Vaishakh Vinayak Chaturthi) 11 मई 2024, दिन शनिवार को है। इस दिन गणपति जी की पूजा करने वालों को ज्ञान, सुख और सृमद्धि की प्राप्त होती है। साथ ही ये भी माना जाता है कि विनायक चतुर्थी पर चंद्रमा की पूजा नहीं करनी चाहिए, इससे कलंक लगता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>वैशाख विनायक चतुर्थी 2024 पर शुभ मुहूर्त</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>पंचांग के मुताबिक वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 11 मई 2024, दिन शनिवार को प्रात: 02 बजकर 50 मिनट से शुरू हो जाएगी। जो कि 12 मई 2024, दिन रविवार को प्रात: 02 बजकर 03 मिनट, पर संपन्न होगी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>पूजा का समय</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>विनायक चतुर्थी पर सुबह 10.57 से दोपहर 01.39 (12 मई 2024) तक पूजा का शुभ समय है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>विनायक चतुर्थी की पूजा विधि</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>विनायक चतुर्थी के दिन प्रातः स्नान करने के बाद शुभ मुहूर्त में तांबे, मिट्टी की गणेश प्रतिमा लें। अब एक कोरे कलश में जल भरकर उसके मुंह पर लाल वस्त्र बांधकर उसके ऊपर गणेश जी को विराजमान कर दें। इसके बाद गणेश जी को सिंदूर और दूर्वा अर्पित कर 21 लडडुओं का भोग लगाएं। इनमें से 5 लड्डू गणेश जी को अर्पित करके शेष लड्डू जरुरतमंदों में बांट दें। अब गणेश चतुर्थी की कथा, गणेश चालीसा का पाठ करें। परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें और आरती के बाद शाम को फिर से पूजा के बाद व्रत पारण करें।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>चंद्र को अर्घ्य न दें</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>दरअसल, पौराणिक कथाओं की मानें तो जब गणपति को गज का मुख लगाया गया था तो चंद्र देव ने उनके शरीर की बनावट पर उपहास किया। चांद को अपने सौंदर्य पर बहुत अभिमान था। इस तरह के व्यवहार से गणपति बप्पा को उनपर बहुत क्रोध आया और उन्होंने चंद्रमा को श्राप दिया कि तुम्हारा रंग काला पड़ जाएगा और जो गणेश चतुर्थी पर तुम्हारे दर्शन करेगा उस पर झूठ का कलंक लगेगा। हालांकि, अपनी भूल का एहसास होने पर चंद्र देव ने गणपति जी से माफी तो मांगी लेकिन श्राप वापस नहीं हो सका।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।</strong></p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/vaishakh-vinayak-chaturthi-this-day-is-vinayak-chaturthi-of-vaishakh-know-the-auspicious-time-and-method-of-worship/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Akshay Trithiya 2024: अक्षय तृतीया कब? जानिए सोना खरीदने का सही मुहूर्त,]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/akshay-tritiya-2024-when-is-akshay-tritiya-know-the-right-time-to-buy-gold/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल: सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का बहुत महत्व है। अक्षय का मतलब है जिसका कभी क्षय न हो या जो कभी नष्ट न हो। इसी कारण हिंदू धर्म (Hindu Dharam) में अक्षय तृतीया को अतिशुभ माना गया है। (Akshay Trithiya 2024) इस दिन को मांगलिक और शुभ कार्यों के लिए अति उत्तम बताया गया [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल:</strong> सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का बहुत महत्व है। अक्षय का मतलब है जिसका कभी क्षय न हो या जो कभी नष्ट न हो। इसी कारण हिंदू धर्म (Hindu Dharam) में अक्षय तृतीया को अतिशुभ माना गया है। (Akshay Trithiya 2024) इस दिन को मांगलिक और शुभ कार्यों के लिए अति उत्तम बताया गया है। बता दें कि पौराणिक ग्रंथों में अक्षय तृतीया (Akshay Trithiya) को लेकर बताया गया है कि इसी दिन से त्रेता युग (Tretayug) की शुरुआत हुई थी। (Akshay Trithiya 2024) त्रेता युग को मानवकाल का द्वितीय युग कहा गया है। इस बार अक्षय तृतीया 10 मई को मनाई जाएगी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>प्रभु श्री राम का करते है उपासना</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>त्रेता युग में ही भगवान विष्णु (Lord Vishnu) ने प्रभु श्रीराम (Lord Ram) के रूप में अवतार लेकर पूरे विश्व को त्याग और समर्पण का संदेश दिया था। भगवान राम की शिक्षाएं मनुष्य को महान बनाने के लिए प्रेरणा देती हैं। अक्षय तृतीया (Akshay Trithiya) का पर्व प्रभु राम की उपासना का भी पर्व होता है। इस पर्व को लोगों में ये धारणा है कि इस दिन शुभ कार्य के लिए पंचांग देखने की भी आवश्यकता नहीं होती। अक्षय तृतीया का पर्व सभी शुभ पर्वों में विशेष और महत्वपूर्ण है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन धन कुबेर को धन को भंडार मिला था, इसीलिए इस दिन को खरीदारी के लिए भी शुभ माना जाता है। अक्षय तृतीया के दिन सोना यानी गोल्ड खरीदना भी शुभ माना गया है। इस दिन सोना खरीदने से समृद्धि आती है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>लंबे समय बाद बन रहा विशेष संयोग</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>हिंदू कैलेंडर (Hindu Calendar) के मुताबिक, अक्षय तृतीया (Akshay Trithiya) का पर्व हिंदू मास, वैशाख माह (Vaishakh Month) में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। मई (May) में पड़ने वाला ये खास पर्व सोना (Gold) खरीदने के वालों के लिए विशेष है। लोग इस पर्व का पूरे साल इंतजार करते हैं। अक्षय तृतीया का पर्व 10 मई 2024, शुक्रवार के दिन पड़ रहा है। कई सालों बाद ऐसा संयोग बन रहा है, जब वैशाख, शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि शुक्रवार के दिन पड़ रही है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>लक्ष्मी जी को समर्पित</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>शुक्रवार का दिन धन की देवी लक्ष्मी जी (Laxmi Ji) को समर्पित होता है। ऐसे में अक्षय तृतीया (Akshay Trithiya 2024) का पर्व शुक्रवार के दिन मनाए जाने के कारण इस पर्व का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इसीलिए इस दिन सोना के साथ अन्य चीजों की खरीदारी शुभ मानी गई है। अक्षय तृतीया के दिन मां लक्ष्मी (Maa Laxmi), धन के देवता कुबेर (Kuber) और गणेश जी (Ganesh Ji) की विशेष पूजा की जाती है। आइए जानते हैं कि पंचांग (Hnidu Panchang) के मुताबिक वैशाख शुक्ल की तृतीया कब से आरंभ होगी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>अक्षय तृतीया 2024 का मुहूर्त</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>अक्षय तृतीया 10 मई, 2024, शुक्रवार<br>अक्षय तृतीया का पूजा मुहूर्त -सुबह 05:33 से दोपहर 12:18 तक<br>अक्षय तृतीया पूजन मुहूर्त- कुल 06 घण्टे 44 मिनट तक</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>वहीं 10 मई 2024, शुक्रवार के दिन अगर आप गोल्ड (Gold) खरीदना चाहते हैं, तो इस दिन प्रात: 05 बजकर 33 मिनट से लेकर 11 मई सुबह 02.50 मिनट तक खरीदारी कर सकते हैं। इस दिन सोना के साथ-साथ गैजेट्स, एसी, फ्रिज, होम एप्लाइंसेस, मोबाइल, खेल का सामान आदि की भी खरीददारी कर सकते हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>अक्षय तृतीया पर चौघड़िया मुहूर्त</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत), सुबह 05:33 से 10:37 बजे तक<br>अपराह्न मुहूर्त (चर) शाम 5:21 से 7:02 बजे तक<br>अपराह्न मुहूर्त (शुभ) दोपहर 12:18 से 1:59 बजे तक<br>रात्रि मुहूर्त (लाभ) रात 9:40 से 10:59 बजे तक<br>रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) रात 00:17 से 02:50 मई 11 बजे तक</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/akshay-tritiya-2024-when-is-akshay-tritiya-know-the-right-time-to-buy-gold/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Holika Dahan 2024: होलिका दहन आज, जानें सही मुहूर्त और पूजा विधि]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/holika-dahan-2024-holika-dahan-today-know-the-correct-time-and-method-of-worship/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। होली हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। होली से एक दिन पहले होलिका दहन होता है, जो इस साल 24 मार्च यानी आज रविवार को मनाया जाएगा. यह पर्व भगवान विष्णु के भक्त प्रहलाद को समर्पित है। इस दिन को लेकर लोगों के अपने-अपने विचार हैं। कहा जाता है कि [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल। </strong>होली हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। होली से एक दिन पहले होलिका दहन होता है, जो इस साल 24 मार्च यानी आज रविवार को मनाया जाएगा. यह पर्व भगवान विष्णु के भक्त प्रहलाद को समर्पित है। इस दिन को लेकर लोगों के अपने-अपने विचार हैं। कहा जाता है कि होलिका दहन से पहले मुहूर्त देखना बहुत जरूरी है क्योंकि इसके बिना यह त्योहार पूरा नहीं होगा. तो आईए जानते हैं पूजा के नियमों के बारे में ।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>होलिका दहन शुभ मुहूर्त</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इस साल होलिका दहन कुछ समय के लिए भद्रा काल के साये में रहेगा और 24 मार्च दिन रविवार रात 11:13 बजे तक रहेगा. ऐसे में होलिका दहन का सबसे अच्छा समय रात 11:14 बजे से 12:20 बजे के बीच है। इस दौरान बिना किसी परेशानी के होलिका दहन किया जा सकता है.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>इस तरह मनाएं होलिका दहन</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>होलिका दहन की पूजा से पहले पवित्र स्नान करें।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>स्नान के बाद जहां होलिका दहन की पूजा कर रहे हो, वहां पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठ जाएं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>पूजा के लिए गाय के गोबर से होलिका और प्रहलाद की प्रतिमा बनाएं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इसके बाद रोली, अक्षत, फूल, फूलों की माला, कच्चा सूत, गुड़, साबुत हल्दी,मूंग, बताशे, गुलाल नारियल, 5 प्रकार के अनाज और एक लोटे में पानी रख लें।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>फिर इन चीजों से विधि अनुसार करें पूजा </strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>फल, गुझिया, मीठी पूरी आदि का भोग लगाएं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इसके साथ ही भगवान नरसिंह की भी पूजा विधि-विधान के साथ करें।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>अंत में अपनी मनोकामनाओं को होलिका दहन के समक्ष कहें।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>दिन भर के शुभ मुहूर्त</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>होलिका दहन के दिन पड़ने वाले शुभ मुहूर्त की बात करें तो दिन भर में पड़ने वाले शुभ, लाभ और अमृत मुहूर्त काफी अच्छे होने वाले हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>लाभ – सुबह 9:24 से 10:56 तक<br>अमृत – सुबह 10:56 से दोपहर 12:00 का 27 मिनट तक<br>शुभ – दोपहर 1: 59 से 3:31 तक</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>ऐसे करें होलिका दहन</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>होलिका दहन सूर्यास्त के बाद किया जाता है। इस दिन लोग होलिका जलाते हैं और मंत्रों का जाप करने के साथ पारंपरिक लोकगीत भी गाते हैं। होलिका दहन से पूर्व होली पर रोली, अक्षत, फूल कच्चे सूत का धागा, मूंग दाल, बताशा, हल्दी के टुकड़े, नारियल और गुलाल चढ़ाकर पूजा की जाती है। इसके पश्चात हाथों में जल लेकर होलिका की परिक्रमा की जाती है। इस दौरान घर परिवार की सुख समृद्धि की कामना भी की जाती है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/holika-dahan-2024-holika-dahan-today-know-the-correct-time-and-method-of-worship/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[मध्य प्रदेश: बाबा अचल नाथ ने भी खेली होली, इतने क्विंटल गुलाल का हुआ इस्तेमाल]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/madhya-pradesh-baba-achal-nath-also-played-holi-so-many-quintals-of-gulal-were-used/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। इंदौर की तर्ज पर ग्वालियर में भी रंग पंचमी का उत्सव बड़े ही धूमधाम के साथ सेलिब्रेट किया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग एक दूसरे के साथ होली खेलते हुए दिखाई दिए. वहीं भगवान अचलनाथ भी अपने अन्य देवी-देवताओं के साथ होली खेलने के लिए मंदिर से बाहर निकले थे. विशाल चल [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल। </strong>इंदौर की तर्ज पर ग्वालियर में भी रंग पंचमी का उत्सव बड़े ही धूमधाम के साथ सेलिब्रेट किया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग एक दूसरे के साथ होली खेलते हुए दिखाई दिए. वहीं भगवान अचलनाथ भी अपने अन्य देवी-देवताओं के साथ होली खेलने के लिए मंदिर से बाहर निकले थे. विशाल चल समारोह के तौर पर भगवान अलग-अलग मंदिरों में पहुंचे और वहां अन्य देवी-देवताओं के साथ रंगपंचमी का पर्व मनाया. होली के चलते लगभग 2 क्विंटल फूल और लगभग 1 क्विंटल गुलाल का इस्तेमाल हुआ. भगवान अचलनाथ रविवार को पालकी में सवार होकर अपने मंदिर से बाहर निकले थे. इस दौरान बड़ी संख्या में शिवगढ़ के रूप में शहरवासी उनके साथ थे. रास्ते भर फूल और गुलाल भक्तजन द्वारा उड़ाया गया था. जिसमें सभी शहरवासी सराबोर दिखाई दिए.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2>बाबा अचल नाथ ने उड़ाया रंग</h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>आपको बता दें कि पालकी में सवार होकर बाबा अचल नाथ सबसे पहले अपने आराध्य भगवान श्री राम के द्वार राममंदिर में होली मनाने पहुंचे. जहां उन्होंने भक्तों के साथ भगवान श्री राम के साथ होली का पर्व मनाया. इसके बाद वे गिर्राज देव मंदिर पहुंचे और वहां गिर्राज जी महाराज के साथ जमकर रंगोत्सव मनाया. तब सनातन धर्म मंदिर में पहुंचकर वहां भगवान चक्रधर के साथ भी भक्तों के साथ भव्य होली देखने का अवसर मिला. इस उत्सव में बड़ी संख्या में लोग सम्मिलित हुए. तो वहीं भगवान भी रंग गुलाल में सराबोर होकर बड़े ही मनमोहक रूप में भक्तों को दर्शन देते हुए दिखाई पड़े.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2>शहर के अन्य स्थानों पर भी हुए होली के आयोजन</h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बताते चलें कि रंगपंचमी के अवसर पर शहर में अन्य स्थानों पर भी होली के आयोजन हुए थे. वाष्णेय समाज ने मारवाड़ी धर्मशाला में होली का आयोजन किया. जहां फूलों से धूमधाम से होली खेली गई. वहीं गंगादास की शाला में भी शाम के वक्त रागायन की प्रस्तुति हुई. जो शाला के महंत स्वामी रामसेवक दास जी महाराज की अध्यक्षता में हुआ. इस दौरान विशेष रूप से होली के गीतों का भी गायन किया गया.</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/madhya-pradesh-baba-achal-nath-also-played-holi-so-many-quintals-of-gulal-were-used/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[मध्य प्रदेश: रंग पंचमी पर भी बाबा महाकाल प्राकृतिक रंग से खेलेंगे होली, पढ़िए पूरी ख़बर]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/festival/madhya-pradesh-baba-mahakal-will-play-holi-with-natural-colors-even-on-rang-panchami-read-full-news/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। ऐसा कहा जाता है कि भारत में हर त्यौहार की शुरुआत मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित बाबा महाकाल के मंदिर से होती है. हिन्दू धर्म में अब वो चाहे होली और दिवाली ही क्यों न हो। फिलहाल 6 फरवरी को बाबा के मंदिर में होलिका दहन किया गया और 7 मार्च को होली खेली [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-25-1.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>भोपाल।</strong> ऐसा कहा जाता है कि भारत में हर त्यौहार की शुरुआत मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित बाबा महाकाल के मंदिर से होती है. हिन्दू धर्म में अब वो चाहे होली और दिवाली ही क्यों न हो। फिलहाल 6 फरवरी को बाबा के मंदिर में होलिका दहन किया गया और 7 मार्च को होली खेली गई. खास बात तो यह रही कि महाकाल को हर्बल गुलाल अर्पित किया गया. हर साल की तरह रंग पंचमी पर बाबा हर्बल गुलाल से ही रंगे हुए दिखाई देंगे। यहाँ रंग पंचमी मनाने का अपना एक अलग महत्व है. बता दें, रंगोत्सव के लिए तीन क्विंटल टेसू के फूल मंगवाए गए हैं। शनिवार से मंदिर परिसर में फूलों से रंग तैयार किए जाएंगे। रविवार को भस्म आरती में परंपरा के रंग बिखेरे जाएंगे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2>महाकाल मंदिर में रंग खेलने की है परंपरा</h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>आपको बता दें कि महाकाल मंदिर में रंगपंचमी पर रंग खेलने की अपनी परंपरा है और भगवान महाकाल फूलों के प्राकृतिक रंग यानि हर्बल गुलाल से होली खेलते हैं। हर बार की तरह इस बार भी भारी मात्रा में फूल मंगवाए गए हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2>शनिवार से रंग तैयार करने का काम होगा शुरू</h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>मंदिर में पुजारी महेश गुरु के मार्गदर्शन में शनिवार से रंग तैयार करने का काम शुरू हो जाएगा। इस रंग में प्राकृतिक सुगंधित द्रव्य का मिश्रण भी किया जाएगा। रविवार तड़के चार बजे भस्म आरती में इसी प्राकृतिक सुगंधित रंग से भगवान के साथ रंग पंचमी का उत्सव मनाया जाएगा। दर्शनार्थी भी भक्ति के रंग में रंग जाएंगे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2>प्राकृतिक रंग है पर्यावरण के लिए सुरक्षित</h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>महाकालेश्वर मंदिर के पुजारियों ने कहा कि होली का पर्व प्राकृतिक रंगों से और भी खूबसूरत हो जाता है. महाकालेश्वर मंदिर से हर साल फूलों से तैयार होने वाले रंग से होली खेल कर प्रकृति प्रेम और स्वच्छ पर्यावरण का संदेश दिया जाता है. इस बार भी मंदिर में प्राकृतिक फूलों से ही होली खेली गई है और रंग पंचमी पर भी इन्ही रंगो से होली खेलने की तैयारी चल रही है.</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 29, 2025, 8:46 am</pubDate>
                    <guid>https://mp.inkhabar.com/festival/madhya-pradesh-baba-mahakal-will-play-holi-with-natural-colors-even-on-rang-panchami-read-full-news/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
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