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                    <title><![CDATA[पहली बार नीलाम होगा भारत का दुर्लभ ब्लू हीरा, कीमत जानकर उड़ जाएंगे होश]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/business/indias-rare-blue-diamond-will-be-auctioned-for-the-first-time-you-will-be-shocked-to-know-its-price/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। भारत की शाही विरासत से जुड़ा 23.24 कैरेट का ऐतिहासिक ‘गोलकोंडा ब्लू’ हीरा नीलामी के लिए रखा जाएगा। जिनेवा में 14 मई को पहली बार ब्लू हीरा नीलामी में रखा जाएगा। इस नीले हीरे की अनुमानित कीमत 300 से 430 करोड़ रुपये बताई गई है। 14 मई को होगी नीलामी भारत की शाही विरासत [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-2025-04-15T135047.872.jpg"/><strong>भोपाल।</strong> भारत की शाही विरासत से जुड़ा 23.24 कैरेट का ऐतिहासिक ‘गोलकोंडा ब्लू’ हीरा नीलामी के लिए रखा जाएगा। जिनेवा में 14 मई को पहली बार ब्लू हीरा नीलामी में रखा जाएगा। इस नीले हीरे की अनुमानित कीमत 300 से 430 करोड़ रुपये बताई गई है।
<h2><strong>14 मई को होगी नीलामी</strong></h2>
भारत की शाही विरासत का गोलकोंडा ब्लू हीरा 14 मई को जिनेवा में क्रिस्टीज के मैग्नीफिसेंट ज्वेल्स सेल में पहली बार नीलामी के लिए रखा जाएगा। जिनेवा के फोर सीजन्स होटल डेस बर्गेस में यह नीलामी लाइव होगी। पेरिस के मशहूर डिजाइनर जेएआर ने इस चमकीले ऐतिहासिक नीले हीरे को एक आकर्षक आधुनिक अंगूठी में जड़ा है। गोलकुंडा खदानों से खोजे गए इस हीरे पर कभी इंदौर और बड़ौदा के महाराजाओं का स्वामित्व रहा है।
<h2>दुनिया का सबसे दुर्लभ हीरा</h2>
क्रिस्टी के अंतर्राष्ट्रीय आभूषण के प्रमुख राहुल कडाकिया ने बताया कि शाही विरासत संजोए हुए द गोलकोंडा ब्लू असाधारण रंग और आकार की वजह से दुनिया के सबसे दुर्लभ नीले हीरों में से एक है। यह नीलामी इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका संबंध भारतीय राजघराने से है। यह हीरा तेलंगाना की गोलकुंडा खदानों से मिला है, जहां से दुनिया के प्रसिद्ध हीरों का खनन होता है। उन्होंने बताया कि अपने 259 साल के इतिहास में क्रिस्टी को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण गोलकोंडा हीरा पेश करने का सम्मान मिला है।
<h2><strong>इंदौर के सम्राट का स्वामित्व</strong></h2>
इसमें प्रिंसी, आर्चड्यूक जोसेफ और विटल्सबैक शामिल हैं। द गोलकोंडा ब्लू पर कभी इंदौर के सम्राट महाराजा यशवंत राव होल्कर द्वितीय का स्वामित्व था। महाराजा होल्कर 1920 और 1930 के दशकों में अपनी आधुनिक सोच और अंतर्राष्ट्रीय जीवनशैली के लिए जाने जाते थे। 1923 में महाराजा के पिता ने फ्रांसीसी घराने चौमेट से इस हीरे का कंगन बनवाया। इससे पहले उन्होंने उसी जौहरी से दो गोलकोंडा इंदौर पीयर्स हीरे भी खरीदे थे।]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 15, 2025, 8:21 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[महंगी कार और मकान खरीदने वालों की बल्ले-बल्ले, EMI की सस्ती दर पर मिलेंगी चीजें]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/business/those-who-buy-expensive-cars-and-houses-will-be-in-luck-they-will-get-things-at-a-cheaper-rate-on-emi/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के मकसद से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आरबीआई ने लगातार दूसरी बार प्रमुख ब्याज दर रेपो रेट को कम किया है। रेपो रेट को 0.25 प्रतिशत घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि &#8216;6 सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-2025-04-15T135047.872.jpg"/><strong>भोपाल।</strong> भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के मकसद से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आरबीआई ने लगातार दूसरी बार प्रमुख ब्याज दर रेपो रेट को कम किया है। रेपो रेट को 0.25 प्रतिशत घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि '6 सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने आम सहमति से कटौती करने का यह फैसला लिया गया है।'
<h2>क्या है रेपो रेट?</h2>
बता दें कि मौद्रिक नीति समिति में तीन सदस्य केंद्रीय बैंक से, वहीं तीन सदस्य बाहर से होते हैं। मल्होत्रा ​​नेने कहा कि आरबीआई ने अपने नीतिगत रुख को ‘तटस्थ' से बदलकर ‘उदार' में बदल दिया है। संभावना है कि आरबीआई आने वाले समय में जरूरत पड़ने पर नीतिगत दर में और कटौती कर सकता है। रेपो वह ब्याज दर है, जिस पर कमर्शियल बैंक अपनी इमिडिएट नीड्स को पूरा करने के लिए केंद्रीय बैंक से कर्जाकर्ज लेते हैं। आरबीआई इन्फ्लेशन को नियंत्रित रखने के लिए इस दर का इस्तेमाल किया जाता है।
<h2><strong>महंगी चीजों की EMI में कमी</strong></h2>
रेपो दर में कमी करने का मतलब है कि मकान, वाहन समेत विभिन्न लोन पर ईएमआई में कमी आ सकती है। आरबीआई ने नीतिगत दर में कटौती ऐसे समय पर की है, जब अमेरिका ने निर्यात किए जाने वाले भारतीय उत्पादों पर 26 प्रतिशत का टैरिफ टैक्स लगाया है। अमेरिकी शुल्क से अनिश्चितताएं बढ़ी हैं। कुछ अर्थशास्त्रियों ने 1 अप्रैल से शुरू हुए चालू वित्त वर्ष में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि में 0.2 से 0.4 प्रतिशत की गिरावट की संभावना जताई थी।
<h2><strong>साल 2020 के बाद पहली कटौती</strong></h2>
इसी के चलते आरबीआई ने भी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आर्थिक वृद्धि के अपने अनुमान को 6.7 प्रतिशत से घटाकर 6.5 फीसदीप्रतिशत कर दिया है। इसके अलावा मुद्रास्फीति के अनुमान को भी घटाकर 4 प्रतिशत कर दिया है। इससे खुदरा महंगाई का अनुमान आरबीआई के लक्ष्य के अनुरूप हो गया है। आरबीआई ने इससे पहले इस साल की शुरुआत फरवरी में मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी। यह मई, 2020 के बाद पहली कटौती और ढाई साल के बाद पहला संशोधन था।]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 15, 2025, 8:21 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[IRFC और IRCTC को मिला नवरत्न का दर्जा, रेल मंत्री ने दी बधाई]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/business/irfc-and-irctc-got-navratna-status-railway-minister-congratulated/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। केंद्र सरकार ने भारतीय रेलवे वित्त निगम (IRFC) को &#8216;नवरत्न&#8217; का दर्जा देने की मंजूरी दी है। &#8216;नवरत्न&#8217; का मतलब है कि इसे अब कुछ खास अधिकार दिए जाएंगे, जिससे ये अधिक स्वतंत्रता के साथ काम कर सकेगा। इससे पहले IRFC इस दर्जे से बाहर हो गया था। अब यह भारतीय रेलवे से जुड़ा [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-2025-04-15T135047.872.jpg"/><strong>भोपाल।</strong> केंद्र सरकार ने भारतीय रेलवे वित्त निगम (IRFC) को 'नवरत्न' का दर्जा देने की मंजूरी दी है। 'नवरत्न' का मतलब है कि इसे अब कुछ खास अधिकार दिए जाएंगे, जिससे ये अधिक स्वतंत्रता के साथ काम कर सकेगा। इससे पहले IRFC इस दर्जे से बाहर हो गया था। अब यह भारतीय रेलवे से जुड़ा 26वां 'नवरत्न' बन गया है।
<h2><strong>6,412 करोड़ का कमाया मुनाफा</strong></h2>
IRFC एक सरकारी कंपनी है जो भारतीय रेलवे के लिए पैसे का प्रबंधन करती है। इसका काम रेलवे को वित्तीय सहायता प्रदान करना है ताकि रेल परियोजनाओं को पूरा किया जा सके। वित्तीय वर्ष 2023-24 में IRFC ने 26,644 करोड़ रुपये का कारोबार (टर्नओवर) किया और 6,412 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। इसके पास कुल 49,178 करोड़ रुपये की संपत्ति (नेट वर्थ) है। 'नवरत्न' का दर्जा मिलने से IRFC को अपने फैसले खुद लेने में ज्यादा स्वतंत्रता होगी।
<h3><strong>IRFC को दी बधाई</strong></h3>
यह सरकारी कंपनी अब और बेहतर तरीके से काम कर पाएगी। यह रेलवे के विकास के लिए अब और ज्यादा प्रभावी ढंग काम करेगी। इससे भारतीय रेलवे के लिए अधिक संसाधन जुटाए जा सकेंगे। साथ ही रेलवे के विस्तार में मदद मिलेगी। रेल मंत्री ने इस उपलब्धि पर IRCTC और IRFC की टीम को बधाई दिया हैं। उन्होंने अपने ऑफिशियल एक्स अकाउंट पर लिखा, ''आईआरसीटीसी और आईआरएफसी की टीम को नवरत्न का दर्जा मिलने पर बधाई।'
<h3><strong>IRCTC की नेटवर्थ</strong></h3>
रेलवे के सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) IRCTC को नवरत्न का दर्जा मिलने के बाद अब ये सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज़ कंपनियों में 25वीं नवरत्न कंपनी में शामिल हो गई है। IRCTC का सालाना टर्न ओवर ₹4,270.18 करोड़ रूपए है। साल 2020-24 में इसकी नेटवर्थ ₹3,229.97 Cr आंकी गई है।
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">Thank you, Sir. The achievement of Navratna status for IRCTC is a testament to your invaluable guidance and inspiration. With this recognition comes greater responsibility and IRCTC remains steadfast in its commitment to enhancing services and delivering excellence to its valued… <a href="https://t.co/z3Cqa7XnHg">https://t.co/z3Cqa7XnHg</a></p>
— IRCTC (@IRCTCofficial) <a href="https://twitter.com/IRCTCofficial/status/1896542381169840485?ref_src=twsrc%5Etfw">March 3, 2025</a></blockquote>
<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 15, 2025, 8:21 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[शेयर बाजार में महिलाएं कर रही जमकर निवेश, निवेशकों की संख्या में हुई वृद्धि]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/business/women-are-investing-heavily-in-the-stock-market-the-number-of-investors-has-increased/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। शेयर बाजार में निवेश करना इन दिनों महिलाओं को काफी लुभा रहा है। ऐसे में भारत में महिला निवेशकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। महिलाएं बड़े स्तर पर म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने के लिए आगे आ रही हैं। महिलाओं के भारी निवेश के चलते उनका एसेट्स अंडर मैनेजमेंट मार्च [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-2025-04-15T135047.872.jpg"/><strong>भोपाल।</strong> शेयर बाजार में निवेश करना इन दिनों महिलाओं को काफी लुभा रहा है। ऐसे में भारत में महिला निवेशकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। महिलाएं बड़े स्तर पर म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने के लिए आगे आ रही हैं। महिलाओं के भारी निवेश के चलते उनका एसेट्स अंडर मैनेजमेंट मार्च 2019 में 4.59 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर मार्च 2024 में 11.25 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
<h2>निवेशकों में 33 फीसदी हिस्सेदारी</h2>
महिलाओं ने इस बार डबल निवेश किया है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया ने क्रिसिल के साथ साझेदारी कर रिपोर्ट पेश की है। रिपोर्ट में कहा गया कि महिला निवेशक अब कुल व्यक्तिगत निवेशकों के एयूएम का 33 फीसदी हिस्सेदारी का प्रतिनिधित्व करती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाली महिलाओं की संख्या में इजाफा हो रहा है। अब प्रत्येक चार निवेशकों में से एक महिला है। इसके अतिरिक्त महिलाओं के निवेश पोर्टफोलियो के औसत आकार में तेजी देखी गई है।
<h3><strong>स्मॉलकैप फंड में निवेश</strong></h3>
मार्च 2019 और मार्च 2024 के बीच उनके फोलियो आकार में 24 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। वहीं पुरुषों के लिए यह वृद्धि केवल 6 फीसदी ही रही है। रिपोर्ट में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान्स (एसआईपी) में भी मजबूत वृद्धि देखी गई, जिसमें स्मॉलकैप फंड टॉप परफार्मर के रूप में उभरे है। जिनका इस श्रेणी के कुल एयूएम में आधे से ज्यादा की हिस्सेदारी है। इसके अतिरिक्त, मिडकैप फंडों में भी एसआईपी में वृद्धि हुई है। इस श्रेणी में एयूएम का लगभग 46 फीसदी नियमित निवेश से आता है।
<h3><strong>युवाओं में एसआईपी का क्रेज</strong></h3>
अधिकांश इक्विटी श्रेणियों में वृद्धि के बावजूद, थीमैटिक, सेक्टोरल और डिविडेंड यील्ड श्रेणियों में एसआईपी एयूएम की हिस्सेदारी में गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक एसआईपी एयूएम में 300 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। यह मार्च 2024 में बढ़कर 10.62 लाख करोड़ रुपये की हो गई है, जो कि मार्च 2019 में 2.66 लाख करोड़ रुपये की थी। रिपोर्ट के मुताबिक इस बढ़त की वजह एसआईपी का बढ़ता क्रेज है। 18-34 साल के आयुवर्ग में एसआईपी का क्रेज ज्यादा देखने को मिल रहा है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 15, 2025, 8:21 am</pubDate>
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                  </item><item>
                    <title><![CDATA[इस बैंक पर RBI ने लगाया लाखों का जुर्माना, नियमों का नहीं किया था पालन]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/tech/rbi-imposed-a-fine-of-lakhs-on-this-bank-it-did-not-follow-the-rules/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा कि बड़े जोखिम ढांचे से संबंधित निर्देशों का पालन न करने सिटीबैंक पर जुर्माना लगाया गया है। सीआईसी को क्रेडिट जानकारी प्रस्तुत करने में देरी करने के मामले में पेनाल्टी लगाई गई है। सिटीबैंक एन.ए. पर 39 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। बैंक का वैधानिक निरीक्षण किया [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-2025-04-15T135047.872.jpg"/><strong>भोपाल।</strong> भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा कि बड़े जोखिम ढांचे से संबंधित निर्देशों का पालन न करने सिटीबैंक पर जुर्माना लगाया गया है। सीआईसी को क्रेडिट जानकारी प्रस्तुत करने में देरी करने के मामले में पेनाल्टी लगाई गई है। सिटीबैंक एन.ए. पर 39 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है।
<h2><strong>बैंक का वैधानिक निरीक्षण किया गया</strong></h2>
जानकारी के मुताबिक RBI ने कहा कि बैंक के पर्यवेक्षी मूल्यांकन के लिए वैधानिक निरीक्षण किया गया है। यह निरीक्षण 31 मार्च, 2023 तक इसकी वित्तीय स्थिति के संदर्भ में किया गया था।
RBI के निर्देश का पालन न करने के पर्यवेक्षी निष्कर्षों और उस संबंध में संबंधित पत्राचार के आधार पर, सिटीबैंक एन.ए. को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में देरी का कारण बताने के लिए कहा गया था। आरबीआई ने नोटिस में पूछा कि उक्त निर्देशों का पालन करने में विफल होने पर उन पर जुर्माना क्यों न लगाया जाए।
<h3><strong>नोटिस में बताया जुर्माने का कारण</strong></h3>
नोटिस पर बैंक के जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान किए गए मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद नोटिस जारी किया है। आरबीआई ने पाया कि बैंक ने बड़े जोखिम सीमाओं में कुछ उल्लंघनों की देरी से रिपोर्ट दी है। इसने क्रेडिट सूचना कंपनियों से अस्वीकृति रिपोर्ट प्राप्त होने के 7 दिनों के भीतर कुछ सेगमेंट से संबंधित सुधारित डेटा अपलोड नहीं किया। आरबीआई ने 'गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी- हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (रिजर्व बैंक) निर्देश, 2021' के कुछ प्रावधानों का पालन न करने के लिए भी पेनाल्टी लगाई थी।
<h3><strong>इन कंपनियों पर लगा था जुर्माना</strong></h3>
जेएम फाइनेंशियल होम लोन्स लिमिटेड पर 1.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। कुछ प्रावधानों का पालन न करने के लिए आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड पर 6.20 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई गई थी। सभी मामलों में, आरबीआई ने कहा कि जुर्माना नियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य संस्थाओं द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर फैसला सुनाना नहीं है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 15, 2025, 8:21 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[भारत में बॉर्बन व्हिस्की के आयात में आई कमी, समझौते के बीच उठाया यह कदम]]></title>
                    <link>https://mp.inkhabar.com/business/decrease-in-import-of-bourbon-whiskey-in-india-this-step-was-taken-amidst-the-agreement/</link>
                    <description><![CDATA[भोपाल। भारत ने बॉर्बन व्हिस्की पर आयात शुल्क घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया है। अमेरिका के साथ व्यापक व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करने की योजना की घोषणा के बीच यह कदम उठाया गया है। बॉर्बन व्हिस्की पर सीमा शुल्क में कटौती की अधिसूचना 13 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://mp.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-2025-04-15T135047.872.jpg"/>भोपाल। भारत ने बॉर्बन व्हिस्की पर आयात शुल्क घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया है। अमेरिका के साथ व्यापक व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करने की योजना की घोषणा के बीच यह कदम उठाया गया है। बॉर्बन व्हिस्की पर सीमा शुल्क में कटौती की अधिसूचना 13 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ वार्ता से ठीक पहले की गई थी। हालांकि, अन्य शराबों के आयात पर मूल सीमा शुल्क में कोई कमी नहीं की गई है। उन पर 100 प्रतिशत शुल्क लगता रहेगा।
<h2><strong>बॉर्बन व्हिस्की का प्रमुख निर्यातक</strong></h2>
&nbsp;

अमेरिका भारत को बॉर्बन व्हिस्की का प्रमुख निर्यातक है और भारत में आयात की जाने वाली ऐसी सभी शराब का लगभग एक-चौथाई हिस्सा अमेरिका से आता है। बॉर्बन अमेरिका की प्रसिद्ध व्हिस्की है बॉर्बन व्हिस्की अमेरिका की सबसे प्रसिद्ध और पारंपरिक व्हिस्की में से एक है। यह मुख्य रूप से मकई से बनाई जाती है और अपने मीठे, धुएँदार और वेनिला जैसे स्वादों के लिए प्रसिद्ध है। अगर आपको व्हिस्की का मीठा और चिकना स्वाद पसंद है, तो बॉर्बन आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। चाहे आप इसे सीधे पिएँ या कॉकटेल में, यह हमेशा एक बेहतरीन अनुभव देता है।
<h3><strong>बॉर्बन व्हिस्की के नियम</strong></h3>
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बॉर्बन एक तरह की अमेरिकी व्हिस्की है, जिसे खास तौर पर कम से कम 51% मकई से डिस्टिल्ड किया जाता है। इसे चार्ड ओक बैरल (जले हुए लकड़ी के बैरल) में रखा जाता है, जिससे इसका स्वाद और रंग विकसित होता है। असली बॉर्बन व्हिस्की कहलाने के लिए कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है। इसे कम से कम 51% मकई से बनाना जरूरी है, बाकी अनाज जौ, राई या गेहूं हो सकता है। राजस्व विभाग ने एक अधिसूचना में कहा कि बॉर्बन व्हिस्की के आयात पर अब 150 प्रतिशत के बजाय 50 प्रतिशत तक सीमा शुल्क लगेगा। भारत ने 2023-24 में 2.5 मिलियन डॉलर की बॉर्बन व्हिस्की का आयात किया। इसके प्रमुख निर्यातक देशों में अमेरिका, यूएई, सिंगापुर और इटली शामिल हैं। भारत और अमेरिका ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना से अधिक करके 500 बिलियन डॉलर करने का संकल्प लिया है।

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                    <pubDate>April 15, 2025, 8:21 am</pubDate>
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                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
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