भोपाल। चंबल में भ्रूण लिंग की जानकारी के लिए शिविर लगाए जा रहे थे। हरियाणा से मुरैना आई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 2 लोगों को अरेस्ट करवा दिया। आरोपी भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए महिलाओं से 40-40 हजार रुपए वसूला करते थे। आरोपी ये भी जानकारी देते थे कि कौन सा डॉक्टर अबॉर्शन करेगा। यानी पूरा एक रैकेट इस काम में लिप्त है। स्थानीय अधिकारियों को इसके बारे में पता तक नहीं था।
बानमोर पुलिस ने क्या कहा?
बानमोर पुलिस ने जानकारी दी कि आरोपी नरेंद्र कुमार निवासी कोसीकलां और सचिन निवासी बानमौर को कोर्ट ने शनिवार को 3 दिन की रिमांड पर भेज दिया है। आरोपियों से पूछताछ में पता लगा है कि मुरैना का धीरज प्रजापति सोनोग्राफी मशीन से गर्भवती महिलाओं के भ्रूण के लिंग की जानकारी देता था। इसके लिए अलग-अलग कस्बों में शिविर का आयोजन किया जा रहा था।
कब लगा था शिविर?
बताया जा रहा है कि 3 मार्च को बानमौर में शिविर लगाया गया था। इसके लिए जैतपुर में लाखन सिंह गुर्जर के मकान के एक कमरे को किराए पर लिया गया था। यहां दलालों के माध्यम से दोपहर 12 बजे तक 12 गर्भवती महिलाएं भ्रूण लिंग चेक करवाने के लिए आई थीं।
हरियाणा की टीम को कैसे मिला इनपुट?
हरियाणा के फरीदाबाद और पलवल की पीसीपीएनडीटी टीम को जानकारी हाथ लगी थी कि भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए वहां के दलाल महिलाओं को मुरैना जिले में लेकर जा रहे हैं। हरियाणा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कुछ दिन पहले ऐसे ही एक रैकेट को पकड़ा था। गिरोह के एक सदस्य से सवाल जवाब में पता चला कि उनकी टीम आगरा, धौलपुर और मुरैना में भ्रूण परीक्षण का कार्य करती है। अगला शिविर मुरैना में लगाया जाना है।
कुछ आशा कार्यकर्ता भी हैं लिप्त
आरोप यह भी लगाया जा रहा है कि जिला अस्पताल में अभी तैनात और पूर्व में तैनात रह चुकी कुछ आशा कार्यकर्ता भी इस रैकेट में शामिल हैं। वे अस्पताल आने वाली महिलाओं को अपने लिंग का परीक्षण करवाने के लिए तैयार करती हैं। इसके बाद उन्हें दलालों और अबॉर्शन करने वाले डॉक्टर के पास भी ले जाती हैं। महिलाओं से वसूली जाने वाली रकम में सभी का हिस्सा निर्धारित होता है।