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आज है शनि अमावस्या, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

भोपाल। हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का बड़ा महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि अमावस्या तिथि को श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान इत्यादि से पितरों की नाराजगी दूर होती है। साथ ही पितृ दोष और काल सर्प दोषों से भी मुक्ति मिलती है। इस समय चैत्र का महीना चल रहा है। चैत्र माह की अमावस्या 29 […]

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Shani Amavasya
  • March 29, 2025 5:32 am IST, Updated 6 days ago

भोपाल। हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का बड़ा महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि अमावस्या तिथि को श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान इत्यादि से पितरों की नाराजगी दूर होती है। साथ ही पितृ दोष और काल सर्प दोषों से भी मुक्ति मिलती है। इस समय चैत्र का महीना चल रहा है। चैत्र माह की अमावस्या 29 मार्च को है।

शनि अमावस्या का शुभ मुहूर्त

इस दिन शनिवार पड़ने के कारण इसे शनिश्चरी अमावस्या भी कहा जाएगा। कहा जाता है कि शनिश्चरी अमावस्या के दौरान पितरों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने से पितरों के साथ शनिदेव की कृपा भी साधक पर बनी रहती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। शनि अमावस्या पर चैत्र कृष्ण अमावस्या की शुरूआत 7 बजकर 55 मिनट पर शुरू होगी। जिसकी समाप्ति 4 बजकर 27 मिनट पर होगी। वहीं स्नान-दान का शुभ मुहूर्त पूरे दिन है।

शनिश्चरी अमावस्या की पूजा विधि

शनि अमावस्या पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए। अगर किसी नदी या सरोवर में जाकर स्नान करते है तो बहुत अच्छा होगा। स्नान के बाद घर के मंदिर में दीया जलाएं। मंदिर में दीया जलाने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें। आप चाहे तो इस दिन भी व्रत रख सकते हैं। इस दिन पितर संबंधित कार्य करना चाहिए। इस दिन हो सके तो भगवान का ध्यान करें। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से खास लाभ की प्राप्ति होती है।

पितरों का श्राद्ध करें

शनि अमावस्या पर पवित्र नदी में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। शनि अमावस्या के दिन श्राद्ध-तर्पण करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। साथ ही कुंडली में ढैय्या, साढे़साती और शनि की बुरी दृष्टि से छुटकारा मिलता है।


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